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🌞सुप्रभातम🌞
⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️
दिनांक:- 27/07/2026, सोमवार
⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️
*त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष,*
*आषाढ*
(समाप्ति काल)
तिथि------ त्रयोदशी 16:14:16. तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र----------- मूल 10:27:33
योग---------- वैधृति 22:53:41
करण--------- तैतुल 16:14:16
करण------------ गर 29:18:16
वार--‐------------------ सोमवार
माह--------------------- आषाढ
चन्द्र राशि------------------- धनु
सूर्य राशि------------------- कर्क
रितु------------------------ वर्षा
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर) ----------------रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127
सूर्योदय------------- 05:40:58
सूर्यास्त-------------- 19:10:14
दिन काल----------- 13:29:16
रात्री काल----------- 10:31:15
चंद्रोदय-------------- 17:50:10
चंद्रास्त-------------- 28:10:44
लग्न---- कर्क 9°47', 99°47'
सूर्य नक्षत्र------------------ पुष्य
चन्द्र नक्षत्र------------------ मूल
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र
*💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩*
भी---- मूल 10:27:33
भू----पूर्वाषाढा 17:09:29
धा---- पूर्वाषाढा 23:50:35
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 09°12 , पुष्य 2 हे
चन्द्र= धनु 10°30 , मूल 4 भी
बुध = मिथुन 22°52 ' पुनर्वसु 1 के
शु क्र= कर्क 24°05, पूoफाo 4 टू
मंगल= वृषभ 25°17 मृगशिरा 1 वे
गुरु= कर्क 11°33 पुष्प , 3 हो
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 07°03शतभिषा , 1 गो
केतु= (व) सिंह 07°03 मघा 3 मू
============================
*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*
राहू काल 07:22 - 09:03 अशुभ
यम घंटा 10:44 - 12:26 अशुभ
गुली काल 14:07 - 15:48 अशुभ
अभिजित 11:59 - 12:53 शुभ
दूर मुहूर्त 12:53 - 13:47 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:34 - 16:28 अशुभ
वर्ज्यम 08:40 - 10:28 अशुभ
प्रदोष 19:10 - 21:18 शुभ
गंड मूल 05:41 - 10:28 अशुभ
💮चोघडिया, दिन
अमृत 05:41 - 07:22 शुभ
काल 07:22 - 09:03 अशुभ
शुभ 09:03 - 10:44 शुभ
रोग 10:44 - 12:26 अशुभ
उद्वेग 12:26 - 14:07 अशुभ
चर 14:07 15:48 शुभ
लाभ 15:48 - 17:29 शुभ
अमृत 17:29 19:10 शुभ
🚩चोघडिया, रात
चर 19:10 - 20:29 शुभ
रोग 20:29 - 21:48 अशुभ
काल 21:48 23:07 अशुभ
लाभ 23:07 24:26* शुभ
उद्वेग 24:26* - 25:45* अशुभ
शुभ 25:45* - 27:04* शुभ
अमृत 27:04* - 28:23* शुभ
चर 28:23* - 29:42* शुभ
💮होरा, दिन
चन्द्र 05:41- 06:48
शनि 06:48- 07:56
बृहस्पति 07:56 -09:03
मंगल 09:03 -10:11
सूर्य 10:11- 11:18
शुक्र 11:18 -12:26
बुध 12:26- 13:33
चन्द्र 13:33- 14:40
शनि 14:40 -15:48
बृहस्पति 15:48- 16:55
मंगल 16:55- 18:03
सूर्य 18:03 -19:10
🚩होरा, रात
शुक्र 19:10- 20:03
बुध 20:03 -20:55
चन्द्र 20:55- 21:48
शनि 21:48 -22:41
बृहस्पति 22:41- 23:33
मंगल 23:33 -24:26
सूर्य 24:26-25:18
शुक्र 25:18-26:11
बुध 26:11- 27:04
चन्द्र 27:04-27:56
शनि 27:56-28:49
बृहस्पति 28:49 -29:42
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
कर्क > 05:08 से 07:24 तक
सिंह > 07:24 से 09:40 तक
कन्या > 09:40 से 11:56 तक
तुला > 11:56 से 14:08 तक
वृश्चिक > 14:08 से 16:32 तक
धनु > 16:32 से 18:36 तक
मकर > 18:36 से 20:18 तक
कुम्भ > 20:18 से 21:58 तक
मीन > 21:58 से 23:26 तक
मेष > 23:26 से 01:04 तक
वृषभ > 01:04 से 02:50 तक
मिथुन > 02:50 से 05:02 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
13 + 2 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शनि ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष
वृषाभारूढ = शुभ कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*जया पार्वती व्रत*
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
लालनाद् बहवो दोषास्ताडनाद् बहवो गुणाः ।
तस्मात्पुत्रं च शिष्यं च ताडयेन्नतुलालयेत् ।।
।।चाoनीo।।
लाड-प्यार से बच्चों मे गलत आदते ढलती है, उन्हें कड़ी शिक्षा देने से वे अच्छी आदते सीखते है, इसलिए बच्चों को जरुरत पड़ने पर दण्डित करें, ज्यादा लाड ना करें।
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9
यान्ति देवव्रता देवान्पितृन्यान्ति पितृव्रताः।
भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम्॥
देवताओं को पूजने वाले देवताओं को प्राप्त होते हैं, पितरों को पूजने वाले पितरों को प्राप्त होते हैं, भूतों को पूजने वाले भूतों को प्राप्त होते हैं और मेरा पूजन करने वाले भक्त मुझको ही प्राप्त होते हैं। इसीलिए मेरे भक्तों का पुनर्जन्म नहीं होता (गीता अध्याय 8 श्लोक 16 में देखना चाहिए)
।।25।।
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। लाभ के मौके बार-बार प्राप्त होंगे। विवेक का प्रयोग करें। बेकार बातों में समय नष्ट न करें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में तरक्की के योग हैं। व्यापार की गति बढ़ेगी। लाभ में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।
🐂वृषभ
कोई बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। किसी विशेष क्षेत्र में सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे।
👫मिथुन
व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लाभ में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। कोर्ट व कचहरी के अटके कामों में अनुकूलता आएगी।
🦀कर्क
जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे बाद में पछताना पड़े। जोखिम न लें। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। प्रतिद्वंद्विता कम होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे।
🐅सिंह
व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा। सभी काम पूर्ण होंगे। जल्दबाजी न करें। कोर्ट व कचहरी में लंबित कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा।
🙎♀️कन्या
संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझ्कर निवेश करें। संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। झंझटों से दूर रहें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। रोजगार में वृद्धि तथा बेरोजगारी दूर होगी। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे।
⚖️तुला
विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। प्रमाद न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी।
🦂वृश्चिक
प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में कमी रह सकती है। दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। बेवजह विवाद की स्थिति बन सकती है। दूसरों के उकसाने में न यू आकर महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लें, लाभ होगा।
🏹धनु
कुंआरों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। प्रमाद न करें। जल्दबाजी में कोई काम न करें। पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे।
🐊मकर
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में मनोनुकूल लाभ होगा। प्रमाद न करें। किसी भी निर्णय को लेने में जल्दबाजी न करें। भ्रम की स्थिति बन सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। थकान व कमजोरी महसूस होगी।
🍯कुंभ
घर-बाहर सहयोग प्राप्त होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। बेरोजगारी दूर होगी। अचानक कहीं से लाभ के आसार नजर आ सकते हैं। किसी बड़ी समस्या से निजात मिलेगी। निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है।
🐟मीन
चिंता तथा तनाव रहेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। जोखिम न लें। आंखों को चोट व रोग से बचाएं। हल्की हंसी-मजाक किसी से भी न करें। नकारात्मकता रहेगी। अकारण क्रोध होगा। फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तु गुम हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।
*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*
You Tube:
आपके बच्चे की सेहत आपके हाथ! मोटापा,हाई बीपी और डायबिटीज का कारण जंक फूड, हर तीसरा बच्चा जंक फूड का शिकार,
जंक फूड को वैज्ञानिक भाषा में HFSS (High Fat, Sugar and Salt) कहा जाता है. यानी ऐसे खाने की चीजें जिनमें फैट, चीनी और नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. चिप्स, पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, मोमो, कोल्ड ड्रिंक और पैकेट बंद स्नैक्स में न्यूट्रिशन ना के बराबर होता है और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है. इन्हें रोज खाने से वजन तेजी से बढ़ता है. आगे चलकर यही मोटापा डायबिटीज, दिल की बीमारी, हाई बीपी और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों की वजह बनता है.
रिपोर्ट बताती है कि भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का मार्केट बहुत तेजी से फैला है. साल 2006 में जो बाजार सिर्फ 0.9 अरब डॉलर का था, वह 2019 तक बढ़कर 37.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया. 2009 से 2023 के बीच ऐसे अनहेल्दी खाने की बिक्री में 150 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है.
अब भारत सरकार क्या कर सकती है?
कौन सा जंक फूड देता है कौन सी बीमारी?
World Health Organization (WHO) यह रिपोर्ट बताती है कि मीठे पेय और जंक फूड पर हेल्थ टैक्स लगाने से लोगों की खान-पान की आदतें कैसे सुधारी जा सकती हैं.
मेडिकल जर्नल 'द लैनसेट' की इस स्टडी अनुसार, 1990 से 2022 के बीच दुनिया भर के बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर चार गुना से अधिक बढ़ गई है. इस दौरान भारत में भी पांच से 19 वर्ष की आयु के लगभग 1.25 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे या अत्यधिक वजन की समस्या से पीड़ित पाए गए.
बिजली के बिल में नाम कैसे बदलें? जानिए BRPL और BYPL की आसान ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रिया-दिल्ली
अगर आपने दिल्ली में नया मकान या दुकान खरीदा है और BSES बिजली के बिल में नाम बदलवाना चाहते हैं, तो यह काम अब बेहद आसान हो गया है. आप घर बैठे ऑनलाइन या नजदीकी BSES कार्यालय जाकर आसानी से Name Transfer करा सकते हैं. जानिए आवश्यक दस्तावेज, सीए नंबर (CA Number) के जरिए आवेदन करने की प्रक्रिया और फीस से जुड़ी पूरी जानकारी.
BSES rajdhani name change online: दिल्ली में संपत्ति खरीदने या पारिवारिक हस्तांतरण के बाद बिजली के बिल में सही मालिक का नाम दर्ज होना बेहद जरूरी है. यदि आप BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) या BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के उपभोक्ता हैं, तो अब आपको नाम बदलवाने (Name Transfer) के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है.
दरअसल, BSES ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है. आप अपनी सुविधा के मुताबिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए या नजदीकी डिवीजन ऑफिस जाकर नाम ट्रांसफर करा सकते हैं. आइए इसकी पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया जानते हैं.
अगर आप अपने बिजली के कनेक्शन में नाम बदलवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी जरूरी कागजातों की स्कैन कॉपी (PDF या JPEG फॉर्मेट) अपने पास जरूर रख लें. दरअसल, बिजली के बिल में नाम बदलवाने के लिए बिजली कंपनियां आवेदन के साथ कुछ दस्तावेजों की भी मांग करती है, जिसकी पूरी लिस्ट नीचे दी गई है.
ऑनलाइन नाम बदलने की प्रक्रिया
आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट नंबर (Acknowledgement Number) मिलेगा. इसके बाद आवेदन के मुताबिक, दस्तावेजों के भौतिक या डिजिटल सत्यापन के बाद 20 से 30 दिनों के भीतर आने वाले नए बिल में नया नाम अपडेट होकर आ जाएगा.
यदि आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई तकनीकी परेशानी आ रही है, तो आप ऑफलाइन तरीका भी चुन सकते हैं. इसके लिए ऊपर बताए गए सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति और स्व-सत्यापित फोटोकॉपी साथ रखें. इसके बाद अपने क्षेत्र के नजदीकी BSES कस्टमर केयर सेंटर पर जाएं. वहां हेल्पडेस्क से 'Name Change Application Form' हासिल करें, उसे पूरा भरें और दस्तावेजों के साथ काउंटर पर जमा कर दें.
सत्यापन पूरा होने पर आपका आवेदन स्वीकार कर लिया जाएगा और अगली बिलिंग साइकिल में नाम अपडेट कर दिया जाएगा.
रेलकर्मियों के मनचाहे ट्रांसफर पर गुड न्यूज, घर के बगल में मिल जाएगी पोस्टिंग, जानिए किन्हें मिलेगा फायदा
Railway Transfer Policy: रेलवे में काम करने वाले रेलकर्मियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. अपने घर, होमटाउन, राज्य से दूर नौकरी कर रहे रेलकर्मी अब अपने घर के करीब नौकरी कर सकते हैं. उनका ट्रांसफर ऐसी जगह हो सकता है, जो उनके घर के पास हो. या फिर ऐसी जगह, जहां वो वर्षों से जाना चाहते थे, वहीं उन्हें पोस्टिंग मिल सकती है. जी हां, रेलकर्मियों के लिए रेलवे बोर्ड ने ऑन-रिक्वेस्ट ट्रांसफर पॉलिसी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के महाप्रबंधकों (GM) को पत्र भेजकर जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं. नई व्यवस्था के तहत हर महीने HRMS पोर्टल पर ट्रांसफर की योग्यता रखनेवाले कर्मचारियों की प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी.
पूर्व मध्य रेलवे में 23 साल से कार्यरत एक अनुभवी रेलकर्मी ने बताया कि देशभर में हजारों ऐसे रेल कर्मचारी हैं जो 20-22 साल या उससे ज्यादा भी, अपने घर से काफी दूर सेवा देने के बावजूद अपने घर के पास यानी गृह मंडल में ट्रांसफर का इंतजार करते रहते हैं और रिटायर भी हो जाते हैं. एक उम्र के बाद रेलकर्मियों को भी घर के पास पोस्टिंग की जरूरत होती है, ताकि जरूरत पड़ने पर वो घर पर भी समय बिता पाएं. रेलवे की इस पॉलिसी में बदलाव का उद्देश्य ऐसे कर्मियों को राहत देना है.
रेलवे ने दूर-दराज क्षेत्रों में वर्षों से काम कर रहे वैसे रेलकर्मियों के लिए ऑनरिक्वेस्ट ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किया है जो 20 साल या उससे ज्यादा सेवा पूरी कर चुके हैं. यानी कम से कम 20 साल सर्विस कर चुके अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया है.
रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से अपने गृह मंडल या घर-परिवार के पास ट्रांसफर का इंतजार कर रहे रेल कर्मचारियों को राहत देना है. रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर संजय कुमार ने सभी जोन के GMs को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश दिए हैं.
नई व्यवस्था के तहत HRMS पोर्टल यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम वेबसाइट पर हर महीने, 20 वर्ष+ सेवा दे चुके कर्मचारियों की अलग प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी. इस लिस्ट में सबसे ज्यादा सर्विस कर चुके रेलकर्मी को सबसे पहले ट्रांसफर का मौका दिया जाएगा.
नए सिस्टम की खासियत ये भी है कि ट्रांसफर स्वीकृत (Accept) होने के बाद किसी तरह के NOC यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी. HRMS के माध्यम से ही ऑटोमैटिकली ट्रांसफर का आदेश जारी हो जाएगा.
पॉलिसी में बदलाव को लेकर बताया जा रहा है कि ट्रांसफर आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित रेलकर्मी की रिलीविंग यानी उन्हें कार्यमुक्त करना जरूरी होगा.
बहुत जरूरी हुआ तो भी विशेष परिस्थिति में कर्मचारी को एक महीने से ज्यादा समय तक नहीं रोका जा सकेगा और उन्हें रोकने के लिए भी संबंधित DRM यानी मंडल के रेल प्रबंधक की स्वीकृति चाहिए होगी.
रेलवे कर्मचारी संगठनों ने बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है. बताया गया कि ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव की अधिसूचना, जारी होने के 2 महीने बाद से HRMS पोर्टल पर प्रभावी होगी.