किराए पर मिलते हैं हैंडसम लड़के, तय होता है रेट, अब घंटों के हिसाब से मिलेगा साथ, दिल्ली-एनसीआर में है खूब डिमांड
किराए पर मिलते हैं, हैंडसम लड़के, तय होता है रेट, अब घंटों के हिसाब से मिलेगा साथ, दिल्ली-एनसीआर में है खूब डिमांड
Relationship Trends Of Rental boyfriend : भारत में हर ट्रेंड हिट हो जाता है और युवाओं में इन दिनों रेंटल बॉयफ्रेंड का ट्रेंड पॉपुलर हो रहा है. दिल्ली-एनसीआर में लड़के और लड़कियों में हिट हो चुका है.
Rental Boyfriend : अगर कोई आपसे कहे कि अब बॉयफ्रेंड भी ओला-उबर की तरह बुक हो सकता है, तो शायद आप हंस पड़ेंगे. लेकिन रुकिए... ये मजाक नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक नया ट्रेंड है. अब कुछ घंटों के लिए मूवी देखने, शॉपिंग करने, कॉफी पीने या किसी शादी में साथ जाने के लिए लोग ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड' बुक कर रहे हैं. रेंटल वाइफ की तर्ज पर अब फेसबुक, इंस्टाग्राम और कई वेबसाइट्स के जरिए रेंटल बॉयफ्रेंड आसानी से मिल रहे हैं. ये पूरा मामला क्या है और लोग इसके लिए पैसे क्यों खर्च कर रहे हैं? आइए जानते हैं.
डेट नहीं... फिर आखिर किराए का बॉयफ्रेंड क्यों?
नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहला सवाल आता है कि क्या ये डेटिंग सर्विस है? जवाब है- जरूरी नहीं. इन प्लेटफॉर्म्स का दावा है कि यहां आप किसी रोमांटिक रिश्ते के लिए नहीं, बल्कि कुछ घंटों के लिए एक साथी बुक करते हैं. अगर आपको अकेले मूवी देखने का मन नहीं है, शॉपिंग में कोई साथ देने वाला चाहिए, अस्पताल जाना है या किसी पार्टी में अकेले नहीं जाना चाहते, तो ये ‘बॉयफ्रेंड' आपके साथ चलता है. यानी यहां पैसे प्यार के नहीं, बल्कि एक अच्छी कंपनी के लिए दिए जाते हैं. यही वजह है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर साफ रूल्स भी बनाए गए हैं. होटल नहीं, फिजिकल रिलेशनशिप नहीं और इस किराए के बॉयफ्रेंड के साथ पूरी मुलाकात पब्लिक प्लेस पर ही होती है.
जापान से शुरू हुआ ये अजीब ट्रेंड
इस अनोखे आइडिया की शुरुआत जापान में हुई. वहां लोग सिर्फ बॉयफ्रेंड ही नहीं, बल्कि शादी में साथ जाने वाला पार्टनर, रिश्तेदार बनने वाला शख्स या सिर्फ अपनी बातें सुनने वाला साथी भी किराए पर लेने लगे थे. धीरे धीरे इसी कॉन्सेप्ट ने ‘रेंटल गर्लफ्रेंड' और ‘रेंटल बॉयफ्रेंड' का रूप ले लिया. जापान की बिजी लाइफ, अकेलेपन और कम सोशल मेल मुलाकात वाले माहौल ने इसे बिजनेस बना दिया.
सोशल मीडिया ने बना दिया वायरल ट्रेंडपहले ये सिर्फ जापान तक सीमित था, लेकिन फिर यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक ने इसे पूरी दुनिया में पहुंचा दिया. कई इन्फ्लुएंसर्स ने वीडियो बनाए कि उन्होंने किराए पर बॉयफ्रेंड लिया, उसके साथ कॉफी पी, घूमे, तस्वीरें खिंचवाईं और पूरा एक्सपीरियंस शेयर किया.
भारत में भी शुरू हो गया 'रेंट ए बॉयफ्रेंड' गेम
अगर आपको लगता है कि ये सब सिर्फ विदेशों में होता है, तो ऐसा नहीं है. भारत में भी फेसबुक ग्रुप्स, इंस्टाग्राम पेज और कुछ वेबसाइट्स खुद को ‘कंपैनियन सर्विस' या ‘सोशल सपोर्ट सर्विस' बताकर लोगों को जोड़ रही हैं. इन प्लेटफॉर्म्स पर मूवी पार्टनर, शॉपिंग बडी, क्लबिंग पार्टनर और मेडिकल सपोर्ट जैसी सर्विसेज के लिए प्रति घंटे की फीस तय की गई है. कई जगह लोग अपनी प्रोफाइल बनाकर खुद को ‘रेंटेड बॉयफ्रेंड' के तौर पर पेश कर रहे हैं.
कितना लगता है चार्ज?
भारत में अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतें भी अलग हैं. कहीं मूवी देखने के लिए करीब 2,000 रुपए प्रति घंटा मांगे जा रहे हैं, तो कहीं शॉपिंग या क्लबिंग के लिए भी लगभग इतनी ही फीस है. अस्पताल साथ जाने जैसी सर्विसेज के लिए भी अलग चार्ज तय किए गए हैं. यानी अगर कोई सिर्फ दो घंटे की आउटिंग प्लान करे, तो हजारों रुपए आसानी से खर्च हो सकते हैं.
कौन ले रहा है ये सर्विस?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहरों में रहने वाली कई महिलाएं सिर्फ इसलिए ऐसी सर्विस ले रही हैं, ताकि उन्हें किसी इवेंट, मूवी या शॉपिंग के दौरान अकेलापन महसूस न हो. कुछ लोग सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए इसे आजमाते हैं, तो कुछ सिर्फ नया एक्सपीरियंस लेने के लिए. ये काम करने वाले ज्यादातर युवा, कॉलेज स्टूडेंट या नौकरीपेशा लोग हैं, जो इसे एक्स्ट्रा इनकम का जरिया मान रहे हैं. अच्छी बातचीत करना, समय पर पहुंचना और सामने वाले को कंफर्टेबल फील कराना उनकी सबसे बड़ी स्किल मानी जाती है.
प्यार नहीं... अकेलेपन का बिजनेस?
सबसे दिलचस्प बात यही है कि ये ट्रेंड प्यार से ज्यादा अकेलेपन की कहानी कहता है. बड़े शहरों में लोग नौकरी के लिए घर-परिवार से दूर रहते हैं. दोस्त अपने-अपने काम में व्यस्त होते हैं. ऐसे में कई लोगों को सिर्फ किसी के साथ कॉफी पीने, फिल्म देखने या बातचीत करने के लिए भी साथी नहीं मिलता. यहीं से ऐसे प्लेटफॉर्म्स को मौका मिलता है. वो कहते हैं कि हम रिश्ता नहीं बेच रहे, सिर्फ कुछ घंटों का साथ दे रहे हैं. लेकिन ‘बॉयफ्रेंड' शब्द इस पूरी सर्विस को ज्यादा दिलचस्प बना देता है.
क्या आने वाले समय में बढ़ेगा ये ट्रेंड?
फिलहाल भारत में ये बाजार छोटा है और पूरी तरह ऑर्गेनाइज्ड भी नहीं है. लेकिन जिस तरह सोशल मीडिया पर इसका चलन बढ़ रहा है. उससे लगता है कि आने वाले समय में ऐसे प्लेटफॉर्म्स और ज्यादा दिखाई दे सकते हैं.



