News
[news][column2]
101 गुमशुदा मोबाइल किए बरामद, 28 लाख रुपए के लगभग, नवरात्रि की पूर्व संध्या पर कानपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी,
27.88 लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को किए गए सुपुर्द, खोए फोन वापस पाकर खिले लोगों के चेहरे
दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को दक्षिण जोन सर्विलांस टीम एवं विभिन्न थानों पर नियुक्त CEIR पोर्टल टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल पर उपलब्ध ट्रेसेबिलिटी संबंधी जानकारी के आधार पर लगातार प्रयास करते हुए गुमशुदा मोबाइल फोन का पता लगाया।
इस पूरी कार्रवाई में दक्षिण जोन सर्विलांस टीम तथा विभिन्न थानों की CEIR टीम ने आपसी समन्वय के साथ कार्य किया। तकनीकी संसाधनों और लगातार निगरानी के माध्यम से गुमशुदा मोबाइल फोन का पता लगाने में सफलता मिली।
मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। इस कार्रवाई से न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत मिली, बल्कि पुलिस की तकनीकी कार्यप्रणाली और जनहित में किए जा रहे प्रयासों के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ।
नवरात्रि से पहले कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई को आमजन के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
बूथ संख्या 334 पर पन्ना प्रमुखों का गठन, नवनियुक्त कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान
कानपुर। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यों को गति देने और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जूही मंडल के परमपुरवा वार्ड-16 स्थित कैंब्रिज कॉन्वेंट शक्ति केंद्र के बूथ संख्या 334 पर पन्ना प्रमुखों के गठन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में शक्ति केंद्र प्रभारी एवं भाजपा जूही मंडल मंत्री डॉ. समरदीप पांडेय ने नवनियुक्त पन्ना प्रमुखों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया तथा उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
डॉ. समरदीप पांडेय ने कहा कि संगठन की मजबूती में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पन्ना प्रमुख संगठन और आम जनता के बीच संपर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सक्रियता से जनसंपर्क को मजबूत बनाने और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नवनियुक्त पन्ना प्रमुख अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान देंगे।
कार्यक्रम में सेक्टर अध्यक्ष कौशल कुमार, बूथ अध्यक्ष राहुल अग्रहरि सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बर्रा में सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते चार आरोपी गिरफ्तार, 1,540 रुपये और ताश के पत्ते बरामद
पुलिस के अनुसार, पुलिस आयुक्त एवं अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 8 अक्टूबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर बर्रा पुलिस ने जे-ब्लॉक स्थित सिलेंडर पार्क के पास छापेमारी की। इस दौरान कथित रूप से जुआ खेल रहे चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
यश यादव (21),
अनुज भारती उर्फ अनुज नागर (26),
राजू नागर (40) और
सनी (21)
के रूप में हुई है। सभी बर्रा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध थाना बर्रा में मुकदमा संख्या 0334/2026, धारा 13 सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजू नागर का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास दर्ज है।
इन पुलिसकर्मियों की रही विशेष भूमिका
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक क्षितिज कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अंकुर मलिक, गगन मिश्रा, पवन कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, मनीष कुमार शर्मा, रूप किशोर तथा आरक्षी अरबाज खां और अनिल कुमार सहित पुलिस टीम शामिल रही।
रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था हुक्का बार, बर्रा पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
यूपी 78 होटल/रेस्टोरेंट से 9 हुक्के, 6 चिलम समेत तंबाकू उत्पाद बरामद
कानपुर नगर। शहर के बर्रा थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट की आड़ में कथित रूप से हुक्का बार संचालित किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 9 हुक्के, 6 चिलम, 5 पाइप समेत हुक्का बार में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है।पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बर्रा पुलिस टीम ने यूपी 78 होटल/रेस्टोरेंट में कार्रवाई की। इस दौरान आकाश तिवारी (28 वर्ष), निवासी साकेत नगर, जूही कॉलोनी, थाना किदवई नगर और अभिषेक कुमार (23 वर्ष), निवासी भीम नगर कच्ची बस्ती, जूही कला, थाना बर्रा को गिरफ्तार किया गया।मौके से ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 हुक्के, 6 चिलम, 5 पाइप, एक खुला कोयला पैकेट, फ्लेवरयुक्त तंबाकू का एक खुला पैकेट, 7 क्लाउड, 2 प्लकर और एक खुला नोजल पैकेट बरामद किया है।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 0335/2026 के तहत सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 की धारा 4/6 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक क्षितिज कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक बादाम सिंह, जितेंद्र कुमार, राकेश कुमार यादव, अमित पचौरी, महिला उपनिरीक्षक स्मृति वर्मा व सुनीता यादव समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
नाना पाटेकर को पहले से ही हो गया था मौत का पूर्वाभास, फार्महाउस पर रखी थी सूखी लकड़ियां, करीबी देख कर रह गया था हैरान
नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड सेलेब्स ही नहीं फैंस भी शॉक्ड हैं. 75 वर्ष की उम्र में दिवंगत एक्टर की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई. हालांकि अभी इस मामले में पूछताछ होनी बाकी है क्योंकि गोवा पुलिस ने एक्टर की मौत का अननेचुरल डेथ केस दर्ज किया है. लेकिन क्या आपको पता है कि नाना पाटेकर ने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी पहले ही कर दी थी, जिसका किस्सा हाल ही में मशहूर फोटोग्राफर अतुल कस्बेकर ने नाना को याद करते हुए सुनाया. इंस्टाग्राम पर नाना के साथ बिताए पलों को याद करते हुए अतुल ने बताया कि नाना ने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी खुद कर ली थी, जो कि हैरान कर देने वाला था.
अतुल कस्बेकर ने लिखा, नाना साहब. क्या आदमी थे. कितना बड़ा नुकसान है. नाना पाटेकर के साथ मेरा रिश्ता बहुत ही आत्मीय था. हम उतनी बार नहीं मिल पाते थे जितना मैं चाहता था, लेकिन जब भी मिलते थे, तो ऐसा लगता था जैसे कल ही मिले हों. उन्हें इस बात पर बहुत गर्व था कि महाराष्ट्र के ही एक व्यक्ति ने फोटोग्राफी में अपना नाम बनाया है. वे हमेशा हौसला बढ़ाने वाली बात कहते थे और साथ ही उनका तीखा मजाक भी जरूर होता था. अप्रत्याशित. जोशीले. अपनी अलग पहचान रखने वाले. नाना साहब सिर्फ कमरे में आते नहीं थे. वे उस जगह पर छा जाते थे. उनकी मौजूदगी और उनकी पर्सनैलिटी बहुत ही जबरदस्त थी.फार्म पर हुई थी आखिरी मुलाकात
आगे उन्होंने लिखा, उनकी यादों में से एक सबसे प्यारी याद उनके आखिरी औपचारिक पोर्ट्रेट सेशन में से एक की है, जब मैंने अपनी प्रदर्शनी 'ऑनेस्ट: पोर्ट्रेट्स ऑफ कैरेक्टर' के लिए उनकी तस्वीरें खींची थीं. उन्होंने जोर दिया था कि मैं तस्वीरें लेने के लिए पुणे के पास उनके फार्म पर आऊं. शूट से पहले, वे ठीक-ठीक जानना चाहते थे कि कितने लोग आ रहे हैं. इसलिए नहीं कि उन्हें क्रू के साइज की चिंता थी बल्कि इसलिए क्योंकि लंच परोसा जाना था. और क्या शानदार लंच था. घर का बना, ढेर सारा और स्वादिष्ट महाराष्ट्रीयन खाना.
बिना किसी वॉर्म अप के किए पुशअप
अतुल ने लिखा, मेरे असिस्टेंट और स्पॉट बॉय से लेकर ड्राइवर तक, हर किसी को उनके मुख्य डाइनिंग एरिया में बिठाकर खाना खिलाया गया. और वहां खुद नाना साहब मौजूद थे, जो टेबल के बीच घूम रहे थे और हर किसी को खुद एक और पूरी और अपना मशहूर मटन परोस रहे थे. कोई ऊंच-नीच नहीं. कोई दिखावा नहीं. बस एक ऐसे आदमी की जबरदस्त मेहमाननवाजी, जो अपनी एक भौंह उठाकर पूरे फिल्म सेट पर रौब जमा सकता था. लंच के बाद वो गर्व के साथ मुझे अपनी बड़ी सी प्रॉपर्टी घुमाने ले गए, जिसमें उनका जिम भी शामिल था, जहां उन्होंने बिना किसी तैयारी के एक दर्जन ट्राइसेप डिप्स किए. बिना किसी वॉर्म-अप के.
अंतिम संस्कार की तैयारी ने डराया
अतुल कस्बेकर ने आगे लिखा, उस उम्र में, जब ज्यादातर लोग सोफे से उठने को ही काफी अच्छी कसरत मानते हैं और फिर एक ऐसा पल आया जिसमें बहुत ही अजीब और डरावना मजाक था, जो सिर्फ नाना ही कर सकते थे. उन्होंने मुझे लकड़ी का एक करीने से लगाया हुआ ढेर दिखाया, जिसे उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए तैयार रखा था. मुझे लगा कि वो मजाक कर रहे हैं. लेकिन वह मजाक नहीं था. उन्होंने पूरी गंभीरता से बताया कि लकड़ी को बहुत ध्यान से सूखा के रखा था क्योंकि गीली लकड़ी से बहुत ज्यादा धुआं निकलता है. और वह नहीं चाहते थे कि उनके अंतिम संस्कार में लोग इसलिए रोएं क्योंकि धुआं उनकी आंखों में जा रहा था! मैं हंसते-हंसते लोटपोट हो गया. सिर्फ नाना साहब ही अपने अंतिम संस्कार की योजना बना सकते थे और उसे किसी तरह कॉमेडी का रूप दे सकते थे.
नाना पाटेकर की अनोखी थी पर्सनैलिटी
आगे उन्होंने लिखा, एक जबरदस्त एक्टर. एक ऐसी आवाज, जिसने एक पीढ़ी की पहचान बनाई. एक बिल्कुल अनोखी पर्सनैलिटी और उस मशहूर, सख्त दिखने वाले बाहरी रूप के पीछे, एक बेहद दरियादिल और मजबूत इंसान. उनके गुजर जाने का दुख बहुत निजी लग रहा हैय जैसे पेट में जोरदार मुक्का लगा हो. मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि मुझे उनके पोर्ट्रेट बनाने का मौका मिला. लेकिन उससे भी ज्यादा शुक्रगुज़ार उन घंटों के लिए जो हमने साथ बिताए उन बातचीत, हंसी-मजाक और उस महान कलाकार के पीछे के असली इंसान को जानने के सौभाग्य के लिए. मल्हार, नीलू जी और उन सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं जो उन्हें प्यार करते थे. आराम से सोइए, नाना साहब. आप जैसा दूसरा कोई कभी नहीं होगा.