चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने से क्या फायदा होता है? स्किन एक्सपर्ट से जान लें
चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने से क्या फायदा होता है? स्किन एक्सपर्ट से जान लें
चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने से क्या फायदा होता है? स्किन एक्सपर्ट से जान लें
डर्मेटोलॉजिस्ट बताती हैं, ग्लिसरीन एक ह्यूमेक्टेंट है. आसान भाषा में समझें तो ये स्किन में नमी खींचकर उसे बनाए रखने में मदद करती है. किसी भी मॉइस्चराइजर में आमतौर पर तीन तरह के इंग्रीडिएंट्स काम करते हैं- ह्यूमेक्टेंट, इमोलिएंट और ऑक्लूसिव.
डॉक्टर वड़ैच बताती हैं, ग्लिसरीन स्किन की ऊपरी परत तक नमी पहुंचाने में मदद करती है. इससे त्वचा ज्यादा मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस हो सकती है. इसके अलावा, ये स्किन के बैरियर फंक्शन को बेहतर बनाने में भी मदद करती है. यही वजह है कि कई मॉइस्चराइजिंग प्रोडक्ट्स में भी ग्लिसरीन का इस्तेमाल किया जाता है.
हमारे रिपोर्टर के पूॅछने पर स्किन एक्सपर्ट कहती हैं, ग्लिसरीन आपके चेहरे के लिए अच्छी है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय मौसम और हवा में मौजूद नमी का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. अगर वातावरण में नमी बहुत कम है, तो ग्लिसरीन का इस्तेमाल अकेले करना सही नहीं होता है. नमी कम होने पर ग्लिसरीन स्किन को और ड्राई कर सकती है. इसलिए ग्लिसरीन को हमेशा किसी दूसरे मॉइस्चराइजिंग इंग्रीडिएंट्स के साथ मिलाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए.
खासकर 100% शुद्ध ग्लिसरीन को चेहरे पर लगाने से जलन या एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में आप ग्लिसरीन को थेड़े गुलाब जल के साथ मिलाकर अपने चेहरे पर लगा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि गुलाब जल अच्छी क्वालिटी का और शुद्ध हो.
इस बात का भी रखें ध्यान
डर्मेटोलॉजिस्ट कहती हैं, कई लोग ग्लिसरीन में नींबू मिलाकर चेहरे पर लगाते हैं. ऐसा करने से बचें. नींबू त्वचा में जलन और सेंसिटिविटी बढ़ा सकता है. इसलिए कभी भी स्किन पर नींबू न लगाएं. आप रात को सोने से पहले थोड़ी मात्रा में ग्लिसरीन और थोड़ी मात्रा में गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं. इससे स्किन में नमी बनी रहेगी, जिससे चेहरा ज्यादा सॉफ्ट और ग्लोइंग नजर आ सकता है.
यहां देखें वीडियो-
रेलवे ने दशकों बाद रिजर्वेशन टिकट में किया बड़ा बदलाव, PNR सीरीज बदली, अब सभी ट्रेन में होगा लागू
दिसंबर महीने से देश की सभी ट्रेनों के टिकट बुक करने पर मिलने वाले PNR नंबर की शुरुआत 1, 3, 5 या 7 अंकों से होगी. दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक देश की सभी ट्रेनों में नई PNR व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.
भारतीय रेलवे ने दशकों बाद ट्रेन टिकट में बड़ा बदलाव किया है. रेलवे ने पुराने कंप्यूटरीकृत रिजर्वेशन सिस्टम को मॉर्डन बनाने की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव किया है. रेलवे ने रिजर्वेशन टिकटों पर प्रिंट होने वाले 10 अंकों के पैसेंजर नाम रिकॉर्ड (PNR) की पुरानी सीरीज को बदलकर 'माइग्रेटेड पीएनआर' में बदलने की तैयारी कर ली है. इस नए अपग्रेडेशन के बाद, आगामी दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक देश की सभी ट्रेनों में नई PNR व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.फिलहाल, रेलवेन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश के लखनऊ से चलने वाली ट्रेन संख्या 14210 के PNR सीरीज में बदलाव किया है, इस ट्रेन के टिकट पर अब PNR 500 सीरीज से शुरू हो रहे हैं.
रेलवे की ओर मिली जानकारी के अनुसार, दिसंबर महीने से देश की सभी ट्रेनों के टिकट बुक करने पर मिलने वाले PNR नंबर की शुरुआत 1, 3, 5 या 7 अंकों से होगी. अब तक पुरानी व्यवस्था में देश के चार प्रमुख डेटाबेस सेंटरों के हिसाब से नंबर तय होते थे, जैसे दिल्ली सेंटर से बुक ट्रेनों के PNR 2 से, कोलकाता के PNR 6 से, मुंबई के PNR 8 से और चेन्नई सेंटर की ट्रेनों के PNR 4 अंक से शुरू होते थे. अब यह दशकों पुरानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी. यानी पहले PNR नंबर इवेन नंबर से शुरू होते थे अब यह ODD नंबर से शुरू होंगे.
बताया गया है कि सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) ने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को 'नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम' में अपग्रेड किया है. इस नए सिस्टम से काउंटर और ऑनलाइन टिकट बुकिंग की रफ्तार काफी बढ़ गई है. टिकट बनाते समय गलत नाम होने पर तुरंत करेक्शन, सीटों की अवेलेबिलिटी, लोअर बर्थ पोजीशन, सटीक किराया जैसी जानकारियों एक क्लिक पर मिल जाती है.
इसके अलावा यह भी बताया गया है कि पुराने सीरीज के नंबर इस मॉर्डन सॉफ्टवेयर के संचालन में बाधा बन रहे थे, इसलिए नंबरों को माइग्रेट किया जा रहा है.
अगर किसी यात्री ने पुराने सिस्टम के तहत एडवांस में टिकट बुक कराया है और वह यात्रा की तारीख में बदलाव (मॉडिफिकेशन) नए सिस्टम के आने के बाद करना चाहता है, तो उन्हें अपना पुराना टिकट कैंसिल कराकर नए सिरे से टिकट बनवाना होगा. ऐसे में पुराने टिकट बुक कराने वालों को परेशानी हो सकती है.
स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग ने संभाली कमान, मैथा ब्लॉक सहित पूरे जिले में जन जागरूकता अभियानों की --कानपुर देहात
खबर शिवराज सिंह चौहानइस संयुक्त पहल के तहत धरातल पर निम्नलिखित मुख्य गतिविधियां चलाई जा रही हैं:
• संचारी रोग नियंत्रण अभियान: संक्रामक बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया) के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें मैथा ब्लॉक के गांवों में एक्टिव हैं। आशा बहुओं और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों द्वारा घर-घर जाकर जलभराव रोकने, साफ-सफाई रखने और फुल आस्तीन के कपड़े पहनने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
• 'पोषण भी, पढ़ाई भी' चौपाल: बाल विकास पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण बस्तियों में विशेष चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें धात्री माताओं और गर्भवती महिलाओं कोRecipe-आधारित नए पुष्टाहार (जैसे हलवा, बर्फी और खिचड़ी) के फायदों के बारे में बताया जा रहा है, साथ ही बच्चों की शुरुआती शिक्षा पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।
• स्कूल चलो और स्वच्छता रैली: परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और बच्चों द्वारा ग्रामीण इलाकों में रैलियां निकालकर अभिभावकों को स्वच्छता अपनाने और बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि इन जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
पुलिस कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन, पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर किया स्वैच्छिक रक्तदान
कानपुर नगर, 05 अक्टूबर 2026। मानवता एवं जनसेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस कार्यालय, कानपुर नगर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
रक्तदान शिविर के दौरान पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए रक्तदान किया। इस अवसर पर रक्तदान को मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त कानपुर नगर श्री रघुबीर लाल, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा तथा अपर पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय श्री संकल्प शर्मा उपस्थित रहे। अधिकारियों ने रक्तदान करने वाले पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जिससे जरूरतमंद लोगों को जीवन बचाने में सहायता मिलती है। पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए इस स्वैच्छिक रक्तदान से समाज में मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश गया।
किदवई नगर में चिकित्सक ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी, उपचार के दौरान मौत
कानपुर। थाना किदवई नगर क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 2 बजे एक चिकित्सक द्वारा अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से स्वयं को गोली मार लेने की घटना से हड़कंप मच गया। गोली लगने के बाद परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य संकलित किए।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया घरेलू विवाद के कारण घटना घटित होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस द्वारा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
बाइट— सहायक पुलिस आयुक्त, बाबूपुरवा श्री वीरेन्द्र विक्रम
BJP ने जारी की UP राज्यसभा चुनावों के उम्मीदवारों की लिस्ट, 8 में से 2 महिलाओं को मिला टिकट
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार को लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी 10 में से 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है. मौजूदा संख्याबल के आधार पर बीजेपी 7 सीटें आसानी से जीत सकती हैं, जबकि 8वीं सीट जीतने के लिए जोड़-तोड़ करने होगी.
1. धर्मपाल सिंह
2. राधाकांत ओझा
3. प्रकाश पाल
4. विद्यासागर सोनकर
5. गोपी कृष्णा पांडे
6. प्रियंका सिंह रावत
7. राम प्रताप सिंह चौहान
8. श्रुति गंगवार
बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए इस बार जातिगण समीकरणों का खास ख्याल रखा है. पार्टी ने 3 ओबीसी, 2 दलित, 2 ब्राह्मण और 1 ठाकुर समुदाय के प्रतिनिधि को टिकट दिया है.
403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में अभी 397 विधायक हैं. 6 सीटें खाली हैं. इनमें एनडीए के पास 288 विधायक हैं. भाजपा के 255, अपना दल (सोनेलाल) के 14, राष्ट्रीय लोक दल के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक शामिल हैं.
वहीं, सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक हैं, जिनमें 101 विधायक सपा के हैं. जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो और तीन निर्दलीय विधायक हैं.
इन तीन निर्दलीय विधायकों में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री मनोज कुमार पांडेय भी शामिल हैं. ये तीनों विधायक सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे, लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी से उनकी दूरियां बढ़ गई थीं.
यूपी की एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कुल 37 विधायकों के वोट चाहिए. ऐसे में बीजेपी 259 वोटों से अपने 7 सांसद जिता लेगी, वहीं सपा 74 विधायकों के वोट से दो सांसद आसानी से जिता लेगी.