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 महंगे रिचार्ज का झंझट खत्म 44 रुपये में Jio सिम रहेगा साल भर एक्टिव, आते रहेंगे कॉल और OTP, समझें पूरा गणित

महंगे रिचार्ज का झंझट खत्म 44 रुपये में Jio सिम रहेगा साल भर एक्टिव, आते रहेंगे कॉल और OTP, समझें पूरा गणित

जब रिचार्ज प्लान लगातार महंगे हो रहे हैं, तो ऐसे में आप सिर्फ 44 रुपये में अपने सिम को साल भर एक्टिव रख सकते हैं। ध्यान रहें कि यह तरीका सिम को सिर्फ एक्टिव रखने के काम आएगा। कहने का मतलब है कि कंपनी आपके नंबर को बंद करके किसी और के नाम पर अलॉट नहीं करेगी और आप इनकमिंग कॉल्स और OTP पा सकेंगे। हालांकि इसके जरिए कॉल्स नहीं की जा सकेंगी। यह उन लोगों के लिए ठीक है जो अपने एक्स्ट्रा नंबर को सिर्फ एक्टिव रखना चाहते हैं।

क्या आप मानेंगे कि सिर्फ 44 रुपये में आप अपने Jio सिम को एक्टिव रख सकते हैं। दरअसल अगर आप अपने Jio नंबर को रिचार्ज नहीं कराते, तो कंपनी 90 दिनों के बाद आपके नंबर को बंद करके उसे किसी और को अलॉट कर सकती है। ऐसे में लोगों को अपने नंबर पर मजबूरन महंगे रिचार्ज कराने पड़ते हैं। हालांकि आप चाहें, तो सिर्फ 44 रुपये में भी अपने जियो सिम को पूरे साल एक्टिव रख सकते हैं और उस पर इनकमिंग कॉल और OTP पाना जारी रख सकते हैं। चलिए इस बारे में डिटेल में समझते हैं।
जैसा कि हमने बताया कि अगर जियो सिम को 90 दिनों तक रिचार्ज न कराया जाए, तो कंपनी नंबर को बंद करके किसी और को अलॉट कर सकती है। ऐसे में जरूरत है कि आप 90 दिनों के भीतर 11 रुपये के डेटा पैक रिचार्ज कराएं। इस डेटा पैक के लिए किसी बेस प्लान की भी जरूरत नहीं है, इसलिए इस प्लान से आप अपने सिम को सालभर एक्टिव बनाए रख सकते हैं।

आपको अपने जियो नंबर में 11 रुपये का रिचार्ज कराना होगा। इस प्लान के तहत आपको 1 घंटे के लिए 10GB हाई स्पीड इंटरनेट मिलेगा और इसी के साथ अगले 90 दिनों के लिए आप नंबर को रिचार्ज कराने की चिंता से मुक्त हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि 11 रुपये का रिचार्ज दिखाता है कि आपका नंबर एक्टिव है और उसे रिचार्ज करके इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह साल भर अपने नंबर को एक्टिव रखने के लिए आपको 4 बार 11 रुपये का रिचार्ज कराना होगा।
11 रुपये का रिचार्ज कराने से क्या होगा?
11 रुपये का रिचार्ज पैक एक डेटा पैक है, जिसमें आपको 1 घंटे के लिए 10GB डेटा मिलता है। इस रिचार्ज पैक को इस्तेमाल करके आपका नंबर अगले 90 दिनों के लिए इस चिंता से मुक्त हो जाता है कि कंपनी उसे बंद करके किसी और को अलॉट कर देगी। साथ ही अगर आप अपने नंबर पर सिर्फ इनकमिंग कॉल और OTP पाना चाहते हैं, तो वह भी लगातार अगले 90 दिनों तक आपको मिलते रहेंगे। ऐसे में अगर आप जियो को एक एक्स्ट्रा नंबर की तरह इस्तेमाल करते हैं, तो सिर्फ 44 रुपये खर्च करके अपना नंबर साल भर एक्टिव रख सकते हैं।

ध्यान रखने वाली बातें

अगर आप 44 रुपये खर्च करके अपने नंबर को एक्टिव रखने में रूचि रखते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले तो आपको हर बार 11 रुपये का रिचार्ज कराने के बाद अगला रिचार्ज 90 दिनों से पहले कराना होगा। ऐसे में आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप रिचार्ज को समय से कराएं। इसके अलावा रिचार्ज कराने के बाद कुछ जीबी डेटा का इस्तेमाल भी जरूर करें, ताकि यह रजिस्टर हो सके कि आपका नंबर एक्टिव है और इस्तेमाल हो रहा है।

कंपनी की पॉलिसी का रखें ध्यान

आने वाले समय में हो सकता है कि कंपनी अपनी पॉलिसी को अपडेट करे और इस तरह से सिर्फ 11 रुपये का प्लान रिचार्ज कराना नंबर एक्टिव रखने के लिए काफी न रहे। इसके अलावा कंपनी प्लान को बंद या प्लान में इस तरह के बदलाव कर सकती है, जिसके तहत इस प्लान को इस्तेमाल करने के लिए बेस प्लान के रिचार्ज होने की शर्त को जोड़ दिया जाए। ऐसे में तब इस तरीके से फोन नंबर एक्टिव रख पाना संभव नहीं होगा। हालांकि ऐसा कुछ भी होने से पहले आप 44 रुपये में अपना जियो नंबर एक्टिव रख पाएंगे।

2026 में किसका बढ़ेगा गुडलक और शनि किसे करेंगे परेशान, समझें वार्षिक राशिफल 2026 

बीते वर्ष 2025 के मुकाबले कैसा रहेगा आपके लिए साल 2026? नये साल में ग्रह-गोचर से किन राशियों की पलटेगी किस्मत और कौन होगा मालामाल? आपके लिए किस माह में ​खुलेंगे किस्मत के बंद दरवाजे और आपको कब रहना होगा सावधान? करियर से लेकर कारोबार तक, प्रोफशनल लाइफ से लेकर पर्सनल लाइफ तक का पूरा हाल जानने के लिए जरूर पढ़ें वार्षिक राशिफल 2026.

पंडित जी बताते हैं, नये साल में जनवरी महीने की पहली तारीख हर किसी के लिए उम्मीद की वह किरण होती है, जिसके प्रकाश में वह अपने सुख-सौभाग्य का रास्ता तलाशने का प्रयास करता है. हर कोई चाहता है कि बीते साल के मुकाबले नया साल उसके लिए कहीं ज्यादा सुख, सुविधा, सफलता और समृद्धि लिए हुए है. आइए जाने-माने पंडित जी से जानते हैं कि साल 2026 में ग्रह-नक्षत्र किस राशि के लिए सुख-सौभाग्य और सफलता का संकेत दे रहे हैं और किन राशियों को कर रहे हैं सावधान. पढ़ें मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का वार्षिक राशिफल 2026 (Yearly Horoscope 2026).

मेष राशि का वार्षिक राशिफल 2026

मेष राशि के जातकों के लिए साल 2026 का पहला महीना जनवरी शुभ साबित होगा. इसमें मेष राशि वालों को सभी प्रकार की सुख-शांति उपलब्ध होगी. पारिवारिक सुख भी मिलेगा और उनके मन को अच्छे लगने वाले जितने भी कार्य हैं, जिन्हें वह करना चाहते हैं, वह इस महीने में पूरा कर पाएंगे. वरिष्ठ लोगों से सहयोग प्राप्त होगा. समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी. आप जो भी कार्य कर रहे हैं, उसमें भी विस्तार होगा. फरवरी महीने में भी लगातार सुख-शांति और लाभ की स्थिति बनी रहेगी. व्यावसायिक प्रगति होगी और सारे पिछले रुके हुए काम पूरे होंगे. जीवन से जुड़े जो भी कष्ट हैं, उनसे छुटकारा मिलेगा.

मेष राशि के जातकों के लिए मार्च 2026 का महीना थोड़ा सा तनाव को बढ़ाने वाला तथा मन में तमाम प्रकार के शक और संदेह पैदा करने वाला रहेगा. सेहत नरम रहेगी. जिसके कारण अन्य कार्य भी प्रभावित होंगे. 26 मार्च में शुरू होकर पूरे अप्रैल माह में कुछ ऐसी ही स्थिति रहेगी. इस दौरान विवाद से बचें. स्वजनों से बैर भावना बढ़ेगी. महत्वपूर्ण कार्य कहीं ना कहीं थोड़ी बहुत रूकावटों के बाद सफलता मिलेगी. जून का महीना मध्यम फलदायी कहा जाएगा. इस मास में नेत्र कष्ट और पेट से संबंधित पीड़ा हो सकती है. कार्यों के प्रति लापरवाही और आलस्य आ सकता है.

पंडित जी के अनुसार मेष राशि के जातक जुलाई माह में अपनी मेहनत के दम पर और भाग्य के सहारे उन्नति को प्राप्त होंगे. शेयर या दूसरे प्रकार के सेविंग से जुड़े कार्यों को करने पर लाभ होगा. अगस्त की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन इस महीने के उत्तरार्ध में मेष राशि के जातकों के लिए अधिक श्रम और संघर्ष करना पड़ सकता है. मेष राशि के जातकों के लिए सितंबर और अक्टूबर का महीना थोड़ा सा भारी कहलाएगा. इस दौरान अनावश्यक विवाद, पारिवारिक उलझनें और बेवजह के खर्च आदि से मन परेशान रहेगा. रोजी रोजगार में भी असंतोष रहेगा. इस माह में विश्वासपात्र लोगों से भी धोखा मिल सकता है. स्वजनों के साथ तनाव रह सकता है. चोट-चपेट की आशंका रहेगी. आमदनी की अपेक्षा खर्च कुछ ज्यादा होंगे.

अक्टूबर महीने के उत्तरार्ध में लगभग सितंबर जैसे ही फल मिलेंगे, लेकिन 14 अक्टूबर 2026 के बाद से थोड़ा सा रिलीफ मिलना शुरू हो जाएगा. इस दौरान कार्य सफल होंगे और आरोग्य भी प्राप्त होगा, लेकिन नवंबर और दिसंबर यानि साल 2026 के आखिरी दो महीने मेष राशि के जातकों के लिए बहुत अनुकूल फल देने वाले होंगे.

वृषभ राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार वृषभ राशि के जातकों के लिए साल 2026 अत्यंत ही शुभ रहने वाला है. साल के दो महीनों को यदि छोड़ दें तो चीजें पूरे साल आपके अनुकूल रहने वाली हैं. साल के पहले तीन महीने - जनवरी, फरवरी और मार्च तीनों ही आपको आपके लिए अच्छे कहे जाएंगे. इस दौरान आपके आवश्यक कार्य सिद्ध होंगे. लंबी दूरी की यात्राएं होंगी. खेती, व्यापार या फिर नौकरी जो भी कार्य आप करते हैं, उसमें आपको मनचाही सफलता और लाभ की प्राप्ति होगी. आपके यश और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. मार्च महीने में आप अपनी वाणी और चातुर्य से कोई बड़ा कार्य पूरा करने में कामयाब होंगे. शत्रुओं पर विजय मिलेगी. अप्रैल में वृषभ राशि यदि अपने क्रोध पर काबू रखें तो परिवार में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा.

मई महीने में आपको सेहत का ख्याल रखना होगा. इस माह आपका कोई पुराना रोग उभर सकता है. परिवार के सदस्यों के साथ मतभेद होने के कारण मानसिक तनाव या विपरीत लिंग के व्यक्तियों से टकराव हो सकता है. इस दौरान आपके लिए शक्ति की साधना यादि दुर्गा जी की पूजा करना शुभप्रद साबित होगा. जून महीने में चीजें एक बार फिर आपके लिए अनुकूल हो जाएंगी. पूर्व महीने की नकारात्मकता दूर होगी और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होगी. प्रभावी लोगों के संबंध बनेंगे और लाभ की प्राप्ति होगी. सुख-साधनों की वृद्धि होगी. शुभ समाचार प्राप्त होगा. प्रगति के नये अवसर मिलेंगे.

जुलाई, अगस्त और सितंबर भी आपके लिए अच्छे कहे जाएंगे. इसमें जुलाई और सितंबर का महीना अत्यधिक शुभ फल देने वाला साबित होगा. अगस्त के महीने में थोड़ा बहुत सामाजिक मान प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ेगा. इस दौरान आपको परिवार से जुड़ी कोई समस्या परेशान कर सकती है. वहीं अक्टूबर का महीना नई कार्यप्रणाली विकसित करने वाला होगा. इस दौरान आपको आर्थिक अभाव तो नहीं होगा, लेकिन संचित धन को आप किसी कार्य विशेष के लिए खर्च कर सकते हैं. नवंबर और दिसंबर के महीने वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छे रहने वाले हैं. इस दौरान जितने भी रुके हुए काम होंगे, वे पूरे होंगे और आपको लाभ की प्राप्ति होगी. यदि आप राजनीतिक क्षेत्र में हैं तो आपको आपके कद एवं पद में वृद्धि होगी.

मिथुन राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार मिथुन राशि के जातकों के लिए 2026 में ग्रह गोचर शुभ फल देने वाले हैं. आपकी शैक्षणिक प्रगति, नैतिक कार्यों में रुचि और जरूरी कामों में व्यवहार कुशलता देखने को मिलेगी. इसके परिणाम स्वरुप आप मनचाही सफलता प्राप्त करेंगे. फरवरी 2026 में मिथुन राशि के जातक व्यावसायिक क्षेत्र में पुराने मित्रों का सहयोग प्राप्त करेंगे. परिवार के किसी सदस्य की तरफ से शुभ समाचार प्राप्त होगा. तनाव दूर होगा और मानसिक शांति मिलेगी. मार्च के महीने में यह शांति और सुकून और बढ़ेगा और आप अपने कार्य को बेहतर तरीके से करेंगे.

अप्रैल 2026 में मिथुन राशि के लिए थोड़ा प्रतिकूल कहा जाएगा. इस दौरान आपको अपने विरोधियों से सावधान रहना होगा. शत्रुओं की वृद्धि होगी और सरकारी कार्यों में बाधा आ सकती है. इस दौरान आपको अपनी दिनचर्या और खानपान सही रखना होगा. अप्रैल के उत्तरार्ध में एक बार आप फिर गणपति की कृपा से तमाम समस्याओं से उबर कर सुख और सफलता को प्राप्त करेंगे. मई माह में आपका गुडलक और बढ़ता हुआ नजर आएगा. पूर्व में चले आ रहे कष्ट दूर होंगे और महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी.

जुलाई महीने में आपको कामकाज के सिलसिले में अधिक भागदौड़ करनी पड़ सकती है. इस दौरान आप जितना परिश्रम करेंगे आपको उतनी सफलता नहीं मिलेगी, जिसकी वजह से आपको थोड़ा मानसिक तनाव और शारीरिक थकान जैसी समस्या से जूझना पड़ सकता है. इस दौरान अपने सीनियर के साथ वाद-विवाद से बचना होगा. अगस्त 2026 का महीना मिथुन राशि के जातकों के लिए जबरदस्त बदलाव लाने वाला साबित होगा. इस दौरान आप एक सफल व्यक्ति के रूप में स्थापित होंगे. आपके कामकाज की प्रशंसा होगी.

सितंबर और अक्टूबर दोनों महीने में मिथुन राशि के जातकों के लिए अच्छे कहे जाएंगे. सेहत सामान्य रहेगी और पारिवारिक विवाद दूर होंगे. मित्रों और परिजनों का विशेष सहयोग प्राप्त होगा. आर्थिक लाभ होगा. नवंबर और दिसंबर महीने में एक बार फिर आपको थोड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा. इस दौरान जीवनसाथी या फिर संतान से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान स्वयं की सेहत का भी ख्याल रखना होगा.

कर्क राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार कर्क राशि के जातकों के लिए साल 2026 बड़ी सफलता दिलाने वाला वाला साबित होगा. यदि 2026 के 2 महीने मई और जून को छोड़ दें तो पूरे साल आपके साथ सुख और सौभाग्य बना रहेगा. साल की शुरुआत किसी नये कार्य के शुभारंभ के साथ होगी. बीते साल से चली आ रही समस्याओं का समाधान निकलेगा. फरवरी के महीने में आपका प्रतिष्ठित लोगों के साथ संपर्क बढ़ेगा. अनुभवी लोगों से मिली सलाह आपके लिए लाभप्रद साबित होगी. सौभाग्य में वृद्धि होगी. धर्म-कर्म के कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा. कारोबार में विशेष लाभ और प्रगति होगी. अप्रैल का महीना सामान्य रहने वाला है. हालांकि इस माह आपको कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ सकता है.

कर्क राशि के जातकों के लिए मई और जून का महीना थोड़ा प्रतिकूल रहने वाला है. इस दोरान आप किसी चिंता से ग्रस्त रह सकते हैं. करियर और घर आदि में बदलाव हो सकता है. छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान आ सकता है. कारोबार में लाभ की प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करना होगा. इस दौरान धन सोच-समझकर खर्च करें अन्यथा आर्थिक दिककतें झेलनी पड़ सकती है. जुलाई और अगस्त 2026 के दो महीने आपकी खुशियों को लौटाने आएंगे. इस दौरान धन लाभ और मित्रों का साथ मिलेगा. परिवार के सदस्यों के साथ सुखद समय बिताएंगे. इस महीने आपको मनचाही चीजें प्राप्त हो सकती हैं. आपका बौद्धिक तथा शैक्षिक विकास होगा. व्यापारिक लाभ होगा. दांपत्य जीवन सुखमय बना रहेगा.

सितंबर के महीने में अचानक से कोई बड़ी समस्या आ जाएगी लेकिन आप अपने विवेक से उसका समाधान निकालने में कामयाब रहेंगै. इस दौरान आप चीजों को सुलझाने की कोशिश करेंगे लेकिन आपको धीरे-धीरे सफलताएं मिलेंगी. अक्टूबर 2026 में कर्क राशि के जातक नए कार्य और व्यवसाय के लिए आतुर दिखेंगे. इस दौरान ईमानदारी और निष्ठा से काम करने पर मनचाहे फल प्राप्त होंगे. कर्क राशि के जातकों के लिए नवंबर और दिसंबर का महीना बड़ी उपलब्धियों को लिए रहने वाला है. इन दो महीने में आपको ढेर सारी खुशियां और सफलता मिलेगी. आप व्यापार और सरकारी नौकरी में उन्नति कर सकेंगे. आपके परिश्रम और प्रयास की प्रशंसा होगी. दिसंबर के महीने में आप अपने कार्य में खूब व्यस्त जरूर रहेंगे लेकिन सफलताएं लगातार प्राप्त करते हुए शिखर तक पहुंच सकेंगे.

सिंह राशि का वार्षिक राशिफल 2026

सिंह राशि के जातकों के लिए वर्ष 2026 मिश्रित फलदायी कहा जाएगा, हालांकि शनि की शांति करने तथा सूर्य को बलवान बनाने और हनुमत साधना करने से नकारात्मक फल से बचाव और शुभता प्राप्त होगी. साल 2026 के जनवरी-फरवरी माह में सिंह राशि वालों के लिए शुरुआत अच्छी कही जाएगी. इस दौरान पदोन्नति की संभावनाएं बनेंगी. अपने साथियों से सहयोग मिलेगा, लेकिन जरूरी है कि हम कार्य व्यवहार में सचेत रहें और यह सावधानी रखें कि हमें अपने सहयोगियों की अपेक्षा नहीं करनी है. परिस्थितियों अनुकूल होंगी. कारोबार में वृद्धि का योग बनेगा. फरवरी माह में थोड़ी बहुत धनागम में कमी आ सकती है. परिवार में थोड़ी अशांति हो सकती है. इस दौरान स्थान परिवर्तन की संभावनाएं भी बनती हैं.

पंडित जी के अनुसार मार्च 2026 में सिंह राशि के जातक अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहेंगे. इस दौरान उन्हें अपने कार्य सावधानी के साथ करने होंगे. वहीं अप्रैल, मई और जून के महीने थोड़े विपरीत फल देने वाले रहेंगे. इस दौरान सिंह राशि पर झूठे आरोप लगत सकते हैं. इस दौरान अपने विरोधियों से सावधान रहें तथा धन का निवेश और खर्च को समझदारी से करें. हालांकि मई का महीना लगते ही आपकी चीजें एक बार फिर पटरी पर आने लगेगीं.

सिंह राशि के जातकों के लिए जुलाई 2026 का महीना सामान्य रहने वाला है. इस दौरान आपको कारोबार में न तो लाभ और न ही हानि वाली स्थिति रहेगी. सेहत की दृष्टि से आपको इस दौरान सावधानी बरतनी होगी तथा क्रोध करने से बचना होगा. इस दौरान सूर्य साधना और ध्यान करने से ग्रह-गोचर को अनुकूल बना सकते हैं. सिंह राशि के जातकों को अगस्त के महीने में सट्टा-शेयर जैसी चीजों से दूर रहना उचित रहेगा.

अक्टूबर 2026 में सिंह राशि के जातक थोड़ा सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव के फलस्वरुप कार्यों को सिद्ध कर सकेंगे. सफलताओं की ओर बढ़ेंगे. इस दौरान आप आर्थिक परेशानियों से भी निजात पा जाएंगे. नवंबर और दिसंबर 2026 सिंह राशि के जातकों के लिए जांच परख कर कार्य करने वाला साबित होगा. इस दौरान आपकोअपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने का प्रयास करना चाहिए. साल के आखिरी महीने यानि दिसंबर में सिंह राशि के जातकों को संभल कर कार्य करने होंगे. इस दौरान जोखिम भरे निवेश से बचें तथा बड़े निर्णय सावधानी के साथ करें. ज्योतिष का सर्वमान्य नियम है कि शनि की ढैया में किसी भी प्रकार का नीतिगत निर्णय नहीं करना चाहिए अर्थात जैसा चल रहा है उसी को और अच्छे ढंग से वृद्धि करके प्राप्त करें.

कन्या राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार कन्या राशि वाले लोगों के लिए वर्ष 2026 मिला-जुला असर रखता है. साल के आरंभ में अर्थात जनवरी-फरवरी में इस राशि के जातक शुभ कार्यों का संपादन कर सकेंगे. श्रम संघर्ष की अधिकता आएगी और दैनिक कार्यों में थोड़े-बहुत व्यवधान भी होंगे लेकिन अंतत: आपको सफलता मिलेगी. आर्थिक लाभ के पूरे योग हैं. श्रेष्ठ जनों का मार्गदर्शन आपको मिलेगा. जीवन के भौतिक पदार्थों में वृद्धि कर सकेंगे. कन्या राशि के जातक मार्च 2026 में अपना आत्मविश्वास अर्जित करेंगे. इस दौरान परिस्थितियों को अपने पक्ष में करेंगे. पूर्व नियोजित कार्यों को निपटाने में सफलता प्राप्त करेंगे. आर्थिक पक्ष को मजबूती प्रदान करने के लिए भी आपके पास पर्याप्त संसाधन बन पड़ेंगे.

कन्या राशि के जातकों के लिए अप्रैल, मई और जून के 3 महीने बहुत महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. इस दौरान आपकी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी. यदि आपकी शेयर बाजार में रुचि है और इससे जुड़ाव बना है तो आप इस दौरान सफलता प्राप्त करेंगे. व्यापारिक संबंधों का विस्तार होगा. जून के महीने में कोई मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी. जिससे आपका काफी प्रसन्न रहेगा. इस दौरान अपनी दयालुता विनम्रता के कारण आप किसी जरूरत से ज्यादा चालाक व्यक्ति के शिकार बन सकते हैं. अतः आपको सावधानी रखनी चाहिए.

कन्या राशि के जातक जुलाई के महीने से धीरे-धीरे प्रगति के पथ की ओर अग्रसर होंगे. योग्य व्यवहार से व्यावसायिक लाभ की प्राप्ति होगी. धर्मपत्नी या जीवनसाथी के रोग बाधा का निवारण होगा. इस दौरान सूर्य उपासना और बुध ग्रह की आराधना से आप अपने सभी रुके हुए काम पूरे कर सकेंगे अगस्त और सितंबर 2026 कन्या राशि के जातकों के लिए अनुकूल साबित होंगे. इस दौरान विशेष स्नेही जनों से आपकी मुलाकात होगी. व्यापार और व्यवसाय में उतार-चढ़ाव जरूर आएगा लेकिन अंतत सफलता प्राप्त होगी.

अक्टूबर माह में आपकी नैतिक कामों में आपकी रुचि बढ़ेगी. शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होगी. सुख और आनंद की अनुभूति होगी. नवंबर 2026 का महीना कन्या राशि के जातकों के लिए थोड़ा मन को बेचैनी दिलाने वाला है, लेकिन आपको इस दौरान कर्म का पूरा फल मिलेगा. इस दौरान यात्राएं थोड़ी अधिक करनी पड़ सकती हैं, लेकिन उनसे आपको लाभ ही होगा जबकि दिसंबर 2026 में कन्या राशि के जातक कृषि व्यापार नौकरी की स्थिति में बहुत सुधार कर लेंगे. इस माह में आपके पद-प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी होगी.

तुला राशि का वार्षिक राशिफल 2026

तुला राशि के जातकों के लिए साल 2026 के प्रमुख ग्रह-गोचर 75 प्रतिशत तक अनुकूल रहने वाले हैं, सिर्फ 25 प्रतिशत ही प्रतिकूल रहेंगे. इस तरह देखा जाए तो आपके लिए ग्रह योग अच्छे कहे जाएंगे. हालांकि इस साल श्रम और संघर्ष के पश्चात ही मनचाही सफलता प्राप्त होगी. तुला राशि के लिए शनि और राहु का गोचर वर्ष 2026 में छठवें होंगे जो ऋण रोग और शत्रुता का नाश करने वाले होंगे तथा शत्रुहन्ता योग भी बनाएंगे.

पंडित जी के अनुसार तुला राशि के लिए उच्च के गुरु वर्ष 2026 में बहुत अच्छे फल देने वाले हैं, फलस्वरुप आध्यात्मिक कार्यों में वृद्धि तथा तीर्थाटन या फिर दूसरे प्रकार के आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होंगे. माता-पिता गुरु की सेवा के लिए मन प्रेरित होगा और उसका लाभ भी होगा. इसके साथ ही साथ नैतिक कार्यों से धनागम में वृद्धि होगी और संसार की ओर से मन थोड़ा दूसरे कार्यों की ओर भी प्रेरित होगा, जिनमें प्रमुख रूप से अध्ययन-अध्यापन और आध्यात्मिक उन्नति होगी.

यदि हम तुला राशि के जीवन से जुड़े कृष्णपक्ष की बात करें तो तुला राशि के लिए वर्ष 2026 के पूर्वार्ध में केतु 12वें होंगे जो कि व्ययकारी हैं, इसलिए मानसिक शांति, धन से जुड़ी समस्या आदि के लिए संक्षिप्त उपाय करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है. केतु की गोचर संबंधी प्रतिकूलता से निजात पाने के लिए कुत्ते को रोटी खिलाने का उपाय आपके लिए लाभप्रद साबित होगा. इसके साथ दुर्गा जी की उपासना से भी विशेष लाभदायी रहेगी.

यदि बात करें साल 2026 के उत्तरार्ध की तो इस दौरान शनि और राहु राशि परिवर्तन करके वक्री गति को तय करते हुए अपनी पिछली राशि कुंभ में आ जाएंगे और केतु भी सिंह से कर्क राशि में आएंगे. गुरु के साथ हो जाएंगे शनि राहु की युति रहेगी. गुरु केतु भी युति में आएंगे. यह स्थिति तुला राशि के लिए तुलनात्मक दृष्टि से अच्छी होगी. यूं कहा जा सकता है कि तुला राशि के लिए वर्ष 2026 का उत्तरार्ध अधिक लाभदायक पर मनोवांछित फल देने वाला है.

वृश्चिक राशि का वार्षिक राशिफल 2026

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए साल 2026 के पहले छह महीने मिश्रित फल प्रदान करने वाले हैं. कहने का तात्पर्य यह है कि इन छह महीने में आपको अधिक संघर्ष और परिश्रम करना पड़ सकता है. हालांकि आपके कार्य बनेंगे, लेकिन उसके लिए कार्य की अधिकता से परिणाम की न्यूनता प्राप्त होगी. शनि और राहु आपके सुख में कमी करेंगेत्र इस दौरान वृश्चिक राशि के लोगों को निरर्थक यात्राएं करनी पड़ सकती है. तमाम तरह की कठिन परिस्थितियों से बचते हुए वृश्चिक राशि के जातकों को हनुमान जी की आराधना करके इस प्रतिकूल समय को अनुकूल में बदलने का प्रयास करना चाहिए.

हालांकि जून 2026 के पश्चात वृश्चिक राशि के जातकों की स्थिति बहुत अनुकूल रहने वाली है. वृश्चिक राशि के संदर्भ में यदि हम वर्ष 2026 में होने वाले चार महत्वपूर्ण ग्रहण के गोचर को देखें तो गुरु वृश्चिक राशि के लिए आरंभिक 6 माह में नवम रहेंगे और बाद के छह माह में दसवें हो जाएंगे गुरु के यह दोनों ही गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुभ फल देने वाले हैं एक और जहां भाग्य की वृद्धि होगी वहीं दूसरी ओर आजीविका व्यापार नौकरी इत्यादि में अप्रत्याशित उन्नति के योग भी बनेंगे

गृह परिषद में न्यायाधीश की संज्ञा प्राप्त शनि ग्रह का गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए अच्छा फल देने वाला है. वर्ष 2026 में रजत पद से शनि का गोचर होने के कारण वृश्चिक राशि के जातकों के सभी प्रयास सफल होंगे. आय के नए-नए साधन बनेंगे और अपने परिचय क्षेत्र में आने वाले व्यक्तियों से सहयोग भी प्राप्त होगा. इस प्रकार आपकी आजीविका में वृद्धि होगी. ठीक इसी तरह केतु भी वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दसवें होने से बहुत शुभ फल देंगे. अपने स्वयं के विवेक कौशल और चतुर से सभी कामों को अंजाम दे पाएंगे और जीवन से नकारात्मकता कम होकर सकारात्मक की ओर अग्रसर होंगे.

मानसिक तनाव से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करें. उल्लेखनीय की वर्ष 2026 के उत्तरार्ध में ग्रह वक्री होकर राशि परिवर्तन करेंगे तो जिन व्यक्तियों के ग्रह जन्म के समय वक्री थे, उन्हें अपेक्षाकृत अधिक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा, परंतु हनुमान चालीसा का पाठ मंगलवार को करने व नित्य प्रति हनुमान चालीसा तथा हनुमान जी का दर्शन करने से लाभ होगा.

धनु राशि का वार्षिक राशिफल 2026

वर्ष 2026 में ग्रहों हम प्रमुख चार ग्रह अर्थात गुरु शनि राहु और केतु को भी लेते हैं और ग्रहों की वक्रता को भी यदि ध्यान में रखें तो वर्ष 2026 धनु राशि के जातकों को नये साल में कठिन परीक्षा देनी पड़ सकती है. सामान्य पाराशरीय ज्योतिष के दृष्टिकोण से वर्तमान में सिंह और धनु दोनों ही राशियों पर शनि का ढैय्या चली रही है. शनि और राहु के प्रतिकूल होने के साथ-साथ गुरु भी प्रतिकूल हैं, क्योंकि वह गोचर में धनु राशि के लिए अष्टम हो जाते हैं. इसके साथ ही साथ शनि राहु चतुर्थ हो जाते हैं. चौथे और आठवें होने के कारण यह अपनी पूरी प्रतिकूलता को प्रकट करने का प्रयास करते हैं और व्यक्तियों को नाना प्रकार से कष्ट देते हैं. केवल केतु का गोचर उनके लिए अनुकूल है. ऐसे में आध्यात्मिक व्यक्तियों के संपर्क और सलाह से धनु राशि के कार्य सिद्ध होंगे.

धनु राशि के जातकों के लिए यह प्रतिकूलता वर्ष 2026 के प्रथम छह माह में अधिक रहेगी. उसके बाद के जो 6 माह हैं, जिसे हम उत्तरार्ध की संज्ञा दे रहे हैं, उनमें अपेक्षाकृत आरामदायक स्थिति रहेगी. गुरु और केतु के परिणाम स्वरूप पूर्वार्ध के 6 माह में हुए सभी प्रकार की क्षति की पूर्ति व्यक्ति साहस और पराक्रम में हुई वृद्धि तथा विभिन्न प्रकार के संपर्क और प्रयासों से दूर हो सकेगी. बुरे समय को अच्छे समय में बदल सकेंगे. उल्लेखनीय की धनु राशि के जातकों का स्वामी गुरु होता है, वह भी उत्तरार्ध में अनुकूल हो जाएंगे.

बृहस्पति देव के अनुकूल होने से सभी प्रकार के काम आसानी से बनने आरंभ हो जाएंगे, लेकिन आरंभ के छह माह में गुरु जो है धनु राशि के लिए भले ही आठवे स्थान पर हैं परंतु है केंद्र में और वह भी उच्च के तो यहां हमें प्राचीन ज्योतिष के इस नियम को अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि जिसके केंद्र में उच्च का गुरु होता है उसके अन्य सभी ग्रह भी मिलकर कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं. जिस प्रकार हाथियों का झुंड भी मिलकर शेर का कुछ नहीं बिगाड़ सकता.

धनु राशि के जातकों को आध्यात्मिक और वैदिक कार्यों से संलग्न रहकर जहां तक हो सके अपने आचरण को पवित्र रखना चाहिए. साथ ही साथ प्रतिदिन देव स्थान पर जाकर इष्ट देव भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. धनु राशि के जातकों के द्वारा श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से भी अच्छे फल प्राप्त होंगे

मकर राशि का वार्षिक राशिफल 2026

मकर राशि के स्वामी शनि हैं जो कि उनके लिए लाभप्रद अर्थात द्वितीय भाव में बैठे हैं और जो विद्या बुद्धि वाणी के माध्यम से सभी प्रकार के कार्यों को सफलतापूर्वक संपादित करने वाले हैं. वर्ष के प्रारंभिक 6 महीने में यह तृतीय रहेंगे और तृतीय रहने के कारण शौर्य और पराक्रम में वृद्धि करेंगे साहस की वृद्धि होगी. मकर राशि वाले अपने शत्रु पक्ष पर अच्छी तरह विजय प्राप्त कर सकेंगे. इसके साथ ही साथ गुरु भी मकर राशि के जातकों के लिए सातवें होने से केंद्रस्थ गुरु होने का फल देंगे और उनका परचम सदैव लहराता रहेगा. उनके द्वारा हाथ में लिए गए समस्त कार्य पूर्णता को भी प्राप्त होंगे. इतना ही नहीं अपितु सातवें गुरु के साथ-साथ नवे भाव का केतु मोक्षदायक भी होगा और वह बहुत अच्छे फल दिलाने वाला साबित होगा.

ऐसे में हमें चाहिए कि हम किसी भी प्रकार का भय अपने मन में ना रखें कि यह ग्रह हमारे लिए कोई प्रतिकूलता देने वाले हैं. वर्ष 2026 मकर राशि के जातकों के लिए पूरी तरह से शुभ फल देने वाला साबित होगा. मकर राशि में जन्मे जातकों को साल 2026 में जमीन के नीचे से निकले पदार्थ का व्यापार करने से भी लाभ होगा. सभी प्रकार के कार्यों में स्थिरता आएगी. बार-बार काम बदलने की प्रवृत्ति उनमें नहीं होनी चाहिए क्योंकि एक बार सोच समझकर गंभीरतापूर्वक लिया गया निर्णय उनके लिए वरदान साबित होगा, लेकिन यदि वह अपने निर्णय को बार-बार बदलते हैं तो ऐसी स्थिति में हानि हो सकती है. ऐसे में मकर राशि के लोगों को अपनी पूरी सूझबूझ और योग्यता के आधार पर एक बार किसी भी आजीविका के साधन को हाथ में लें तो उसे पूर्णता तक पहुंचाएं.

पंडित जी के अनुसार यदि किसी ग्रह की महादशा, अंतर्दशा बहुत खरष्टक योग कारक है, तब हमें विशिष्ट प्रकार के उपायों की आवश्यकता होगी. जिनमें प्रमुख रूप से शनिवार का व्रत, मंत्र, स्तोत्र और शनिवार को पीपल के वृक्ष पर जल और शाम को तेल का दीपक चढ़ाना लाभदायक होगा. इसके साथ हनुमान जी की पूजा भी विशेष फलदायी रहेगी.

कुंभ राशि का वार्षिक राशिफल 2026

साल 2026 की शुरुआत होते ही कुंभ राशि के लिए सफलताओं का दौर आरंभ हो जाएगा, हालांकि कुंभ राशि के लिए वर्ष 2026 में शनि की साढ़ेसाती चल रही होगी परंतु हम याद रखें कि यह शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण होगा. कहने का तात्पर्य यह कि ढाई-ढाई वर्ष के तीन क्रम में अंतिम कालखंड होगा जो कि अच्छा फल देने वाला साबित होगा. इसमें जितना कुंभ राशि के जातकों को पूर्व में हानि हुई है, उनकी वह श्रम संघर्ष करके और अच्छे ग्रहण का लाभ उठा करके भरपाई कर सकते हैं.

कुंभ राशि के जातकों के लिए नए कार्य हाथ में लेना अच्छा रहेगा. इसके साथ ही साथ ऐसे व्यक्ति जो अपने कार्य व्यापार को संपादित कर रहे हैं, उसमें बढ़ोतरी होगी. विद्यार्थियों को शैक्षणिक क्षेत्र में उन्नति प्राप्त होगी. जो लोग आजीविका के लिए नौकरी करते हैं उन्हें भी वर्ष 2026 में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे और नई-नई चुनौतियां मिलेगी जिनको वह सफलतापूर्वक पूरा कर सकेंगे और इसके द्वारा उन्हें यश मान सम्मान और प्रतिष्ठा भी प्राप्त होगी.

कुंभ राशि के जातकों का खास बात यह होती है कि उनकी राशि का स्वामी ही शनि है और वही शनि की साढ़ेसाती का प्रमुख कारक होता है, इसलिए वह जो हानि भी पहुंचाता है, उसमें भी जातक का भला रहता है. बिल्कुल वैसे ही जैसे कोई मां-बाप अपने पुत्र को या फिर कोई गुरु अपने शिष्य को यदि किसी प्रकार का दंड देता है तो उसे सुधारने के लिए करता है. साथ ही साथ वह दंड की सीमा रखता है, ताकि उसको किसी प्रकार की स्थाई क्षति न हो. कुल मिलाकर शनि की साढ़ेसाती होते हुए भी कुंभ राशि के जातक वर्ष 2026 में अपनी खोई हुई यश मांग प्रतिष्ठा तथा खो चुके धन को भी अर्जित कर सकेंगे. लोकप्रियता हासिल कर सकेंगे

कुंभ राशि के जातकों के लिए दुर्गा जी की उपासना तथा शनि ग्रह की शांति करवाना शुभ साबित होगा. शनिवार को प्रातः पीपल पर जल तथा शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं तथा दुर्गा सप्तशती में से दुर्गा जी के 108 नाम का पाठ या फिर दुर्गा जी के 32 नाम और सिद्ध कुंजिका स्त्रोत का पाठ करके भी लाभ उठा सकते हैं.

मीन राशि का वार्षिक राशिफल 2026

ज्योतिष शास्त्र में शनि राहु की युति अर्थात उनका एक भाव में बैठना पितृ दोष अथवा पिशाच योग के नाम से जाना जाता है. गौरतलब है कि वर्ष 2026 में आरंभ के छह माह में मीन राशि पर ही शनि राहु की युति अर्थात पिशाच योग बनेगा. जिसका थोड़ा खामियाजा मीन राशि के जातकों को भी उठाना पड़ेगा क्योंकि इसका परिणाम सदैव नकारात्मक ही होता है. खास बात ये कि इस पर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि भी नहीं है, अतः मीन राशि के जातकों को संभल करके निर्णय लेने होंगे. वाहन इत्यादि को चलाने में सावधानी बरतनी होगी.

12वें घर के शनि राहु व्यर्थ का अपव्यय बहुत करते हैं जिसके फलस्वरूप आमदनी कम और व्यय अधिक होने से वित्तीय स्थिति बिगड़ने लगती है. फलस्वरूप मनुष्य के मानसिक संताप और पारिवारिक क्लेश का कारण भी बनती है. इसके कारण कभी-कभी कुछ ऐसी क्षति भी हो जाती हैं जो कि स्थाई हो जाती है. उदाहरण के लिए यदि मीन राशि के जातक अपने बच्चों की पढ़ाई इत्यादि करवा रहे हैं और उन्हें अच्छे संस्थान में पढ़ाना चाहते हैं, परंतु वर्तमान में धन की कमी होने के कारण ऐसा नहीं कर पाए तो वह स्थायित्व में बदल जाता है. ऐसे में सलाह यह है कि उतना ही व्यय करें, जितना आप आगे चलकर के उसकी भरपाई कर सकें. बहुत अधिक कर्ज मीन राशि के जातकों को नहीं लेना चाहिए. साथ ही साथ वर्ष 2026 के पूर्वार्ध में मीन राशि पर ही शनि राहु रहेंगे और सातवें केतु होंगे.

मीन राशि के लोगों को सेहत से संबंधित सावधानियां भी रखनी होगी. किसी भी प्रकार के शारीरिक विकार के संकेत मिलने पर दुआ और दवा दोनों का सहारा लेते हुए उस दोष को दूर करने का उपाय समय पर करना होगा. वर्ष 2026 के उत्तरार्ध में जब शनि और राहु वक्री होकर कुंभ में जाएंगे, अर्थात अपनी पिछली राशि में जाएंगे, तब भी वह मीन राशि के लिए 12वें होंगे. अतः प्रतिकूल परिणाम ही देंगे, परंतु उसे समय एक अच्छी स्थिति यह बनेगी की कर्क राशि से गुरु भी वक्री होकर सिंह में पहुंच जाएंगे. फलस्वरुप में कुछ अनुकूल प्रभाव देंगे. मीन राशि के जातकों की साढ़ेसाती का बीच वाला ढैय्या 2 जून 2027 तक चलेगा, इसके पश्चात अंतिम ढैया जो होगा, वह बहुत अच्छा फल देने वाला रहेगा. किसी भी संकट से बचने के लिए हनुमान जी की उपासना अवश्य करें और शनि की परोक्ष रूप से शांति भी कराएं.

                                                            आज का पञ्चांग,दिन,गुरुवार,दिनांक 01/01/2026,




               *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 01/01/2026, गुरुवार


*जय श्री राम*

*त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष,*
*पौष*
(समाप्ति काल)

तिथि---------- त्रयोदशी 22:21:34.      तक 
पक्ष-------------------------- शुक्ल
नक्षत्र---------- रोहिणी 22:47:24
योग--------------- शुभ 17:11:30
करण----------- कौलव 12:05:26
करण------------ तैतुल 22:21:34
वार------------------------ गुरूवार
माह--------------------------- पौष
चन्द्र राशि------------------    वृषभ
सूर्य राशि---------------------    धनु
रितु------------------------- शिशिर
आयन------------------- दक्षिणायण
संवत्सर------------------- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) --------------सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082 
गुजराती संवत-------------- 2082 
शक संवत------------------ 1947 
कलि संवत------------------ 5126
सूर्योदय---------------- 07:11:05
सूर्यास्त--------------- 17:34:32
दिन काल-------------- 10:23:26
रात्री काल-------------- 13:36:48
चंद्रोदय----------------- 15:14:54
चंद्रास्त----------------- 30:01:43
लग्न----  धनु 16°25' , 256°25'
सूर्य नक्षत्र----------------- पूर्वाषाढा
चन्द्र नक्षत्र------------------ रोहिणी
नक्षत्र पाया------------------- लोहा

*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*

वा---- रोहिणी 12:09:12

वी---- रोहिणी 17:28:29

 वु---- रोहिणी 22:47:24

वे---- मृगशिरा 28:06:09

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

धनु     > 06:04  से  08:06     तक
मकर   > 08:06 से  09:46     तक
कुम्भ   > 09:46  से  11:26     तक
मीन    > 11:26  से  12:50     तक
मेष     > 12:50  से  14:26     तक     
वृषभ   > 14:26 से  16:20     तक
मिथुन  > 16:20 से 18:50      तक
कर्क    > 18:50  से 21:00    तक
सिंह    > 21:00 से  11:10      तक
कन्या  > 11:10  से   01:36    तक
तुला   >  01:36  से  03:38    तक
वृश्चिक > 03:38 से  06:04     तक
=======================

राहू काल 13:41 - 14:59 अशुभ
यम घंटा 07:11 - 08:29 अशुभ
गुली काल 09:47 - 11:05 अशुभ 
अभिजित 12:02 - 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 10:39 - 11:20 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:48 - 15:30 अशुभ
वर्ज्यम 15:42 - 17:07 अशुभ
प्रदोष 17:35 - 20:21.    शुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 07:11 - 08:29 शुभ
रोग 08:29 - 09:47 अशुभ
उद्वेग 09:47 - 11:05 अशुभ
चर 11:05 12:23 शुभ
लाभ 12:23 13:41 शुभ
अमृत 13:41 - 14:59 शुभ
काल 14:59 16:17 अशुभ
शुभ 16:17 - 17:35 शुभ

🚩चोघडिया,रात 

अमृत 17:35 - 19:17 शुभ
चर 19:17 - 20:59 शुभ
रोग 20:59 - 22:41 अशुभ
काल 22:41 24:23* अशुभ
लाभ 24:23* - 26:05* शुभ
उद्वेग 26:05* - 27:47* अशुभ
शुभ 27:47* - 29:29* शुभ
अमृत 29:29* - 31:11* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 07:11 -08:03
मंगल 08:03- 08:55
सूर्य 08:55- 09:47
शुक्र 09:47- 10:39
बुध 10:39- 11:31
चन्द्र 11:31- 12:23
शनि 12:23 -13:15
बृहस्पति 13:15- 14:07
मंगल 14:07 -14:59
सूर्य 14:59- 15:51
शुक्र 15:51 -16:43
बुध 16:43 -17:35

🚩होरा, रात

चन्द्र 17:35 -18:43
शनि 18:43- 19:51
बृहस्पति 19:51 -20:59
मंगल 20:59- 22:07
सूर्य 22:07- 23:15
शुक्र 23:15 -24:23
बुध 24:23-25:31
चन्द्र 25:31-26:39
शनि 26:39-27:47
बृहस्पति 27:47-28:55
मंगल 28:55-30:03
सूर्य 30:03-31:11

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

धनु     > 06:04  से  08:06     तक
मकर   > 08:06 से  09:46     तक
कुम्भ   > 09:46  से  11:26     तक
मीन    > 11:26  से  12:50     तक
मेष     > 12:50  से  14:26     तक     
वृषभ   > 14:26 से  16:20     तक
मिथुन  > 16:20 से 18:50      तक
कर्क    > 18:50  से 21:00    तक
सिंह    > 21:00 से  11:10      तक
कन्या  > 11:10  से   01:36    तक
तुला   >  01:36  से  03:38    तक
वृश्चिक > 03:38 से  06:04     तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

  13 + 5 + 1 = 19  ÷ 4 = 3 शेष
 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

 13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 =  3 शेष

वृषभारूढ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

 *प्रदोष व्रत  (शिव पूजन)*

*रोहिणी व्रत*

*आंग्ल नूतन वर्ष प्रारंभ*

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

काष्ठं कल्पतरुः सुमेरुरचलश्चिन्तामणिः प्रस्तरः
सूर्यस्तीव्रकरः शशीक्षयकरः क्षारोहि वारां निधिः ।
कामो नष्टतनुर्बलिदितिसुतो नित्यं पशुः कामगाः
नैस्तांस्ते तुलयामि भो रघुपते कस्योपमादीयते ।।
।।चाo नीo।।

   कल्प तरु तो एक लकड़ी ही है. सुवर्ण का सुमेर पर्वत तो निश्छल है. चिंता मणि तो एक पत्थर है. सूर्य में ताप है. चन्द्रमा तो घटता बढ़ता रहता है. अमर्याद समुद्र तो खारा है. काम देव का तो शरीर ही जल गया. महाराज बलि तो राक्षस कुल में पैदा हुए. कामधेनु तो पशु ही है. भगवान् राम के समान कौन है.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  कर्मयोग अo-3

तस्मात्त्वमिन्द्रियाण्यादौ नियम्य भरतर्षभ।
 पाप्मानं प्रजहि ह्येनं ज्ञानविज्ञाननाशनम्‌॥

इसलिए हे अर्जुन! तू पहले इन्द्रियों को वश में करके इस ज्ञान और विज्ञान का नाश करने वाले महान पापी काम को अवश्य ही बलपूर्वक मार डाल
 ॥41॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी।

🐂वृष
पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा।

👫मिथुन
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।

🦀कर्क
फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।

🐅सिंह
भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें। शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है।

🙎‍♀️कन्या
प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।

⚖️तुला
नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी। घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें।

🦂वृश्चिक
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा। विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है।

🏹धनु
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है।

🐊मकर
भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है। चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी।

🍯कुंभ
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।

🐟मीन
धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*








You Tube: 
1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtu.be/RwbixOslOhI

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


PLEASE:-
भारत माता की जय


                                                           आज का पञ्चांग,दिन,बुद्धवार,दिनांक 31/12/2025,




               *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 31/12/2025, बुद्धवार


*जय श्री राम*


*द्वादशी, शुक्ल पक्ष,*
*पौष*
(समाप्ति काल)

तिथि----------- द्वादशी 25:47:16.   तक 
पक्ष-------------------------- शुक्ल
नक्षत्र---------- कृत्तिका 25:28:59
योग-------------- साध्य 21:12:27
करण--------------- बव 15:25:47
करण----------- बालव 25:47:16
वार‐----------------------- बुधवार
माह-------------------------- पौष
चन्द्र राशि-------    मेष 09:22:01
चन्द्र राशि------------------    वृषभ
सूर्य राशि---------------------    धनु
रितु------------------------- शिशिर
आयन------------------- दक्षिणायण
संवत्सर------------------- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)-------------- सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082 
गुजराती संवत-------------- 2082 
शक संवत----‐------------- 1947 
कलि संवत----------------- 5126
सूर्योदय---------------- 07:10:49
सूर्यास्त----------------- 17:33:52
दिन काल-------------- 10:23:03
रात्री काल-------------- 13:37:13
चंद्रोदय----------------- 14:19:30
चंद्रास्त----------------- 28:50:32
लग्न ----  धनु 15°24' , 255°24'
सूर्य नक्षत्र----------------- पूर्वाषाढा
चन्द्र नक्षत्र------------------कृत्तिका
नक्षत्र पाया-------------------- स्वर्ण 

*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*

अ---- कृत्तिका 09:22:01

ई---- कृत्तिका 14:45:25

उ---- कृत्तिका 20:07:42

ए---- कृत्तिका 25:28:59

ओ---- रोहिणी 30:49:25

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

धनु     > 06:08  से  08:10     तक
मकर   > 08:10 से  09:50     तक
कुम्भ   > 09:50  से  11:30     तक
मीन    > 11:30  से  12:54     तक
मेष     > 12:54  से  14:30     तक     
वृषभ   > 14:30 से  16:24     तक
मिथुन  > 16:24 से 18:54      तक
कर्क    > 18:54  से 21:04    तक
सिंह    > 21:04 से  11:14      तक
कन्या  > 11:14  से   01:40    तक
तुला   >  01:40  से  03:42    तक
वृश्चिक > 03:42 से  06:10     तक
=======================

राहू काल 12:22 - 13:40 अशुभ
यम घंटा 08:29 - 09:47 अशुभ
गुली काल 11:04 - 12:22 अशुभ 
अभिजित 12:02 - 12:43 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:02 - 12:43 अशुभ
वर्ज्यम 14:45 - 16:11 अशुभ
प्रदोष 17:34 - 20:20      शुभ

💮चोघडिया, दिन

लाभ 07:11 - 08:29 शुभ
अमृत 08:29 - 09:47 शुभ
काल 09:47 11:04 अशुभ
शुभ 11:04 12:22 शुभ
रोग 12:22 - 13:40 अशुभ
उद्वेग 13:40 - 14:58 अशुभ
चर 14:58 16:16 शुभ
लाभ 16:16 17:34 शुभ

🚩चोघडिया, रात

उद्वेग 17:34 - 19:16 अशुभ
शुभ 19:16 20:58 शुभ
अमृत 20:58 - 22:40 शुभ
चर 22:40 - 24:22* शुभ
रोग 24:22* - 26:05* अशुभ
काल 26:05* - 27:47* अशुभ
लाभ 27:47* - 29:29* शुभ
उद्वेग 29:29* - 31:11* अशुभ

💮होरा, दिन

बुध 07:11 -08:03
चन्द्र 08:03- 08:55
शनि 08:55- 09:47
बृहस्पति 09:47 -10:39
मंगल 10:39- 11:30
सूर्य 11:30- 12:22
शुक्र 12:22- 13:14
बुध 13:14- 14:06
चन्द्र 14:06- 14:58
शनि 14:58- 15:50
बृहस्पति 15:50- 16:42
मंगल 16:42- 17:34

🚩होरा, रात

सूर्य 17:34- 18:42
शुक्र 18:42 -19:50
बुध 19:50- 20:58
चन्द्र 20:58 -22:06
शनि 22:06 -23:14
बृहस्पति 23:14 -24:22
मंगल 24:22-25:31
सूर्य 25:31- 26:39
शुक्र 26:39-27:47
बुध 27:47-28:55
चन्द्र 28:55-30:03
शनि 30:03-31:11

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

धनु     > 06:08  से  08:10     तक
मकर   > 08:10 से  09:50     तक
कुम्भ   > 09:50  से  11:30     तक
मीन    > 11:30  से  12:54     तक
मेष     > 12:54  से  14:30     तक     
वृषभ   > 14:30 से  16:24     तक
मिथुन  > 16:24 से 18:54      तक
कर्क    > 18:54  से 21:04    तक
सिंह    > 21:04 से  11:14      तक
कन्या  > 11:14  से   01:40    तक
तुला   >  01:40  से  03:42    तक
वृश्चिक > 03:42 से  06:10     तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

  12 + 4 + 1 =  17 ÷ 4 = 1 शेष
 पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

   12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 =  1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


*सर्वार्थ सिद्धि योग*

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

धर्मे तत्परता मुखे मधुरता दाने समुत्साहता
मित्रेऽवंचकता गुरौ विनयता चित्तेऽतिगम्भीरता ।
आचारे शुचिता गुणे रसिकता शास्त्रेषु विज्ञातृता
रूपे सुन्दरता शिवे भजनता त्वय्यस्तिभी राघवः ।।
।।चाo नीo।।

   भगवान राम में ये सब गुण है. 
१. सद्गुणों में प्रीती. 
२. मीठे वचन 
३. दान देने की तीव्र इच्छा शक्ति. 
४. मित्रो के साथ कपट रहित व्यवहार. 
५. गुरु की उपस्थिति में विनम्रता 
६. मन की गहरी शान्ति. 
६. शुद्ध आचरण 
७. गुणों की परख 
८. शास्त्र के ज्ञान की अनुभूति 
८. रूप की सुन्दरता 
९. भगवत भक्ति.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  कर्मयोग अo-3

इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते।
 एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमावृत्य देहिनम्‌॥

इन्द्रियाँ, मन और बुद्धि- ये सब इसके वासस्थान कहे जाते हैं। यह काम इन मन, बुद्धि और इन्द्रियों द्वारा ही ज्ञान को आच्छादित करके जीवात्मा को मोहित करता है।
 ॥40॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
पुराने संगी-साथी व रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। कार्यों में गति आएगी। विवेक का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी।

🐂वृष
मेहनत सफल रहेगी। बिगड़े काम बनेंगे। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। आय में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने के अवसर मिलेंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। धनार्जन होगा।

👫मिथुन
लेन-देन में सावधानी रखें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। शोक संदेश मिल सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। किसी के उकसाने में न आएं। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦀कर्क
मेहनत का फल पूरा नहीं मिलेगा। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन मिल सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पारिवारिक मांगलिक कार्य हो सकता है। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।

🐅सिंह
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। प्रॉपर्टी ब्रोकर्स के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकता है। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार में वृद्धि के योग हैं। स्वास्थ्‍य कमजोर रहेगा। आय में वृद्धि होगी। व्यस्तता रहेगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे।

🙍‍♀️कन्या
शत्रुओं का पराभव होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। कारोबार से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कोई बड़ा कार्य करने की योजना बन सकती है। कार्यसिद्धि होगी। सुख के साधनों पर व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग से हानि की आशंका है, सावधानी रखें। दूसरों के झगड़ों में हस्तक्षेप न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्षोभ होगा। फालतू की बातों पर ध्यान न दें। व्यापार ठीक चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।

🦂वृश्चिक
तीर्थदर्शन हो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय सहयोग से कार्य पूर्ण व लाभदायक रहेंगे। कारोबार मनोनुकूल रहेगा। शेयर मार्केट में जोखिम न लें। नौकरी में चैन रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। ध्यान रखें।

🏹धनु
आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा कार्य कर पाएंगे। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। कार्य पूर्ण होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जोखिम न लें। भाइयों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।

🐊मकर
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लंबी यात्रा हो सकती है। लाभ होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। प्रशंसा मिलेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रमाद न करें।

🍯कुंभ
व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। किसी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। विवाद से बचें। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। व्यापार ठीक चलेगा। आय होगी। विवेक का प्रयोग करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

🐟मीन
रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। कोई बड़ा कार्य हो जाने से प्रसन्नता रहेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। विवाद से बचें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*










You Tube: 
1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtu.be/RwbixOslOhI

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


PLEASE:-
भारत माता की जय


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NEWSBIN24

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