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बरसात में लगाएं ये पौधे, हरियाली से भर जाएगा आपका घर, गार्डन में दिखेगी ग्रीनरी

बरसात का मौसम पौधे लगाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन हर पौधा इस मौसम के लिए सही नहीं होता. जानिए कौन से पौधे बारिश में तेजी से बढ़ते हैं, बिना धूप के कौन से पौधे लगाए जा सकते हैं और किन पौधों को लगाने से बचना चाहिए.
बरसात में ऐसे पौधे लगाने से बचें, जिन्हें सूखी मिट्टी और तेज धूप पसंद होती है.

Monsoon Gardening Tips : बरसात का मौसम सिर्फ ठंडक और हरियाली ही नहीं लाता, बल्कि नए पौधे लगाने का भी सबसे अच्छा समय माना जाता है. इस मौसम में मिट्टी में नमी बनी रहती है, इसलिए कई पौधे जल्दी जड़ पकड़ लेते हैं और तेजी से बढ़ते हैं. लेकिन हर पौधा बारिश के लिए सही नहीं होता. कुछ पौधों को ज्यादा पानी नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि कुछ बिना तेज धूप के भी आसानी से बढ़ जाते हैं. अगर आप भी अपने घर की बालकनी, छत या गार्डन को हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो पहले ये जान लेना जरूरी है कि बरसात में कौन से पौधे लगाने चाहिए, कौन से पौधे कम धूप में अच्छे रहते हैं और किन पौधों को इस मौसम में लगाने से बचना चाहिए.

बरसात में लगाने के लिए अच्छे पौधे (Best Plants For Monsoon)

बरसात में तुलसी, मोगरा, गुड़हल, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, एलोवेरा और फर्न जैसे पौधे अच्छी ग्रोथ करते हैं. मिट्टी में नमी मिलने से इनकी जड़ें मजबूत होती हैं और ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं पड़ती. अगर जगह खुली है तो केले, हल्दी और अदरक जैसे पौधे भी लगाए जा सकते हैं.

बरसात में लगाएं ये पौधे, हरियाली से भर जाएगा आपका घर, गार्डन में दिखेगी ग्रीनरी


बिना धूप के कौन से पौधे लगाएं (Plants For Low Light)

अगर आपके घर में सीधी धूप नहीं आती, तब भी कई पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं. मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पीस लिली, ज़ीज़ी प्लांट और फर्न कम रोशनी में भी अच्छे से बढ़ते हैं. बस इन पौधों में पानी जरूरत के हिसाब से दें, क्योंकि लगातार गीली मिट्टी इनकी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है.

किन पौधों को लगाने से बचें (Plants To Avoid In Monsoon)

बरसात में ऐसे पौधे लगाने से बचना चाहिए, जिन्हें सूखी मिट्टी और तेज धूप पसंद होती है. कई कैक्टस और दूसरे सक्युलेंट पौधों में ज्यादा पानी भरने से जड़ सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे पौधों को इस मौसम में लगाने की बजाय पहले से लगे पौधों को भी बारिश के ज्यादा पानी से बचाकर रखना बेहतर होता है.

पौधे लगाते समय रखें ये बातें (Gardening Tips)

बरसात में हमेशा अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें. गमलों में पानी जमा न होने दें और समय-समय पर पौधों की पत्तियां भी जांचते रहें. अगर पौधों को सही जगह और सही देखभाल मिले, तो बरसात का मौसम आपके घर को लंबे समय तक हरा-भरा बना सकता है.

चेहरा है सुन्दर, और दॉत हैं पीले, तो जानिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से, दांतों को चमकाने का 1400 साल पुराना नुस्खा, जानें पीले दांतों को सफेद करने के लिए क्या करें

चेहरा है सुन्दर, और दॉत हैं पीले, तो जानिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से, दांतों को चमकाने का 1400 साल पुराना नुस्खा, जानें पीले दांतों को सफेद करने के लिए क्या करें
कई लोगों कि शिकायत होती है कि रोज ब्रश करने के बाद भी दांतों से पीलापन साफ नहीं होता है या सांसों से दुर्गंध आती है. इसके लिए आप एक खास नुस्खा आजमा सकते हैं.

पीले, गंदे दांत आपकी स्माइल को फीका कर सकते हैं. ऐसे में हर कोई चाहता है कि उनके दांत हमेशा साफ और सफेद नजर आएं. हालांकि, कई लोगों कि शिकायत होती है कि रोज ब्रश करने के बाद भी या ओरल हाइजीन (Oral hygiene) का ख्याल रखने के बाद भी दांतों से पीलापन साफ नहीं होता है और सांसों से दुर्गंध आती है. ऐसे में फिर वे महंगे टूथपेस्ट और ट्रीटमेंट का सहारा लेने पर मजबूर हो जाते हैं. जबकि आप इसके लिए कुछ असरदार घरेलू नुस्खे भी आजमा सकते हैं. हाल ही में मशहूर आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम जैदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसा ही नुस्खा शेयर किया है. डॉक्टर बताते हैं, ये नुस्खा न केवल दांतों का पीलापन साफ करने में मदद करेगा, बल्कि आपकी ओवरऑल ओरल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है. आइए जानते हैं इसके बारे में-

पीले दांतों को सफेद बना देगी ये चीज 

इसके लिए डॉक्टर जैदी मिस्वाक (Miswak) का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किए गए वीडियो में वे बताते हैं, दांतों के लिए मिस्वाक बेहद असरदार होता है. ये एक 1400 साल पुराना नुस्खा है, जो न केवल दांतों को सफेद बनाता है, बल्कि गम्स यानी मसूड़ों को हेल्दी रखता है और सांस की दुर्गंध को भी दूर करता है.

कैसे फायदेमंद है मिस्वाक?

डॉक्टर जैदी के अनुसार, मिस्वाक एक एंटी-बैक्टीरियल (Anti-bacterial) प्राकृतिक ब्रश है. यह दांतों में बैक्टीरिया को खत्म करता है, जिससे कैविटी और सेंसिटिविटी की समस्या कम होती है. इतना ही नहीं, नियमित रूप से मिस्वाक का इस्तेमाल करने से दांतों पर जमा पीलेपन की परत धीरे-धीरे साफ हो जाती है और दांत स्वाभाविक रूप से चमकने लगते हैं.

कैसे करें मिस्वाक का इस्तेमाल?

  • इसके लिए लगभग 15-20 सेंटीमीटर लंबी मिस्वाक की डंडी लें.
  • इसका ऊपरी छिलका थोड़ा छील दें.
  • ऊपर के सिरे को हल्का चबाएं जब तक कि उसमें ब्रश जैसी रेशे न बन जाएं.
  • अब, इन रेशों से दांतों को हल्के गोलाकार मोशन में साफ करें.
  • आयुर्वेदिक डॉक्टर इससे दिन में 2-3 बार दांतों को साफ करने की सलाह देते हैं. 

ऐसे में अगर आप पीले दांतों की समस्या से परेशान हैं, तो इस नुस्खे को आजमाकर देख सकते हैं. ये तरीका पूरी तरह से नेचुरल है और इसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होता है. . 

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. B.I.News (www.newsbin24.com) इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

दुबले-पतले शरीर में भरना है मांस तो भुने चने के साथ खा लें ये एक चीज, तेजी से बढ़ने लगेगा वजन

दुबले-पतले शरीर में भरना है मांस तो भुने चने के साथ खा लें ये एक चीज, तेजी से बढ़ने लगेगा वजन
अगर आप भी अपने दुबले-पतले शरीर से परेशान हैं और वजन को बढ़ाना चाहते हैं, तो आप भुने चने के साथ इन चीज को खा सकते हैं.

मोटापा आज के समय की एक बड़ी समस्या में से एक है. वजन को कम करने के लिए हमें काफी जानकारी मिल जाती है. लेकिन जब वजन को बढ़ाने की बात आती है, तो हमें उतनी जानकारी नहीं मिल पाती जितनी हमें चाहिए होती है. क्या आप भी अपने वजन को बढ़ाने के लिए जतन पर जतन करते जा रहे हैं लेकिन, फर्क कुछ भी नजर नहीं आ रहा है. तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं. आज हम आपको ऐसे फूड के बारे में बता रहे हैं जिसे डाइट में शामिल कर वजन को बढ़ाने में मदद मिल सकती है. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं वजन को बढ़ाने के लिए क्या खाएं.








वजन को बढ़ाने के लिए क्या खाएं-

अगर आप कम समय में हेल्दी तरीके से वजन को कम करना चाहते हैं, तो आप खजूर और चना को साथ में खा सकते हैं. इन दोनों ही चीजों को पोषण का खजाना कहा जाता है.

कैसे करें खजूर और चने का सेवन- 

आप वजन को बढ़ाने के लिए खजूर और चने का कई तरह से सेवन कर सकते हैं. इसे आप अपनी स्मूदी में मिलाकर खा सकते हैं. इसके अलावा आप इसका शेक बना सकते हैं या ऐसे ही इसे खाया जा सकता है.

भुने चने खाने के फायदे-

भुने चने के सेवन से आसानी से वजन बढ़ सकता है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मददगार है.

खजूर खाने के फायदे- 

खजूर को स्वाद और सेहत का खजाना कहा है. खजूर में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर, विटामिन, और मिनरल जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो वजन को हेल्दी तरीके से बढ़ाने में मददगार है

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. B.I.NEWS (www.newsbin) इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

हल्दी से कैसे साफ करें पीले दांत? डॉक्टर बताया इन 2 तरीकों से साफ हो जाएगी दांतों की पीली परत, मोती जैसे दिखेंगे दांत
हल्दी से कैसे साफ करें पीले दांत? डॉक्टर बताया इन 2 तरीकों से साफ हो जाएगी दांतों की पीली परत, मोती जैसे दिखेंगे दांत

आयुर्वेद विशेषज्ञ के मुताबिक, हल्दी में मौजूद कुछ तत्व दांतों से पीलापन हटाकर उन्हें चमकदार बनाने में भी असर दिखाते हैं.

 दांतों का पीलापन आपकी स्माइल को फीका करने का काम करता है. इसके अलावा कई बार ये शर्मिंदगी का कारण भी बन जाता है. ऐसे में फिर पीले पड़ चुके दांतों को साफ करने या दांतों से प्लाक को हटाने के लिए लोग तमाम तरह के महंगे टूथ व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स खरीदने पर मजबूर हो जाते हैं. हालांकि, कई बार इन व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल फायदे की बजाय उल्टा नुकसान पहुंचाने लगते हैं और दांतों की सेंसिटिविटी को बढ़ा देते हैं. ऐसे में पीले दांतों की सफाई करने के लिए आप कुछ नेचुरल तरीके आजमा सकते हैं. डॉक्टर हंसाजी के नाम से मशहूर योग और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Dr. Hansaji Yogendra) ने हाल ही में एक ऐसा तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-

कैसे साफ करें पीले दांत?

मामले को लेकर योग गुरु ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में डॉक्टर हंसाजी हल्दी का इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ के मुताबिक, हल्दी में कर्क्यूमिन (Curcumin) नाक का एक शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी तत्व होता है. ये मुंह के रोगों जैसे मसूड़ों की सूजन, कैविटी, प्लाक और ओरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है. इसके साथ ही कर्क्यूमिन दांतों से पीलापन हटाकर उन्हें चमकदार बनाने में भी असर दिखाता है. हल्दी एक माइल्ड एब्रेसिव है, जो दांतों की सतह से दाग-धब्बे हटाकर सफेदी लौटाती है.

हल्दी से कैसे साफ करें दांत?

इसके लिए आप दो तरीके फॉलो कर सकते हैं. 

नंबर 1- हल्दी का पेस्ट 
  • 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर में कुछ बूंदें पानी की मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें,
  • इस पेस्ट को अपने टूथब्रश पर लगाएं और हल्के हाथों से लगभग 2 मिनट तक ब्रश करें. 
  • इसके बाद अच्छे से कुल्ला कर लें.
  • डॉक्टर हफ्तें में 2 से 3 बार ऐसा करने की सलाह देती हैं. 
  • कुछ ही हफ्तों में आपको अपने दांतों की चमक में फर्क नजर आने लगेगा.
नंबर 2- हल्दी और नारियल तेल 
  • 1 चम्मच नारियल तेल में 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर डालकर अच्चे से मिक्स कर लें.
  • इन दोनों को मिलाकर माउथवॉश की तरह 5-10 मिनट तक मुंह में घुमाएं फिर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें.  
  • नारियल तेल में मौजूद लॉरिक एसिड मुंह से हानिकारक बैक्टीरिया हटाता है और जब इसे हल्दी के साथ मिलाया जाता है, तो यह दांतों को प्राकृतिक रूप से सफेद बनाने के साथ-साथ मुंह की बदबू और सूजन को भी दूर करता है.

डॉक्टर हंसाजी बताती हैं, इन उपाय की मदद से आप बिना किसी साइड इफैक्ट के पीले दांतों को साफ कर सकते हैं, साथ ही ओरल हेल्थ से जुड़ी और भी कई परेशानियों से निजात पा सकते हैं. 

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. B.I.News (www.newsbin24.com) इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

गर्दन बहुत ज्‍यादा काली है तो बस 2 रुपये की यह चीज रगड़ लीज‍िए, हट जाएगा सारा मैल
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अगर आप प्राकृतिक तरीके से गर्दन पर जमे कालेपन को हटाना चाहते हैं तो इंस्टाग्राम पर पास्ट  इस आसान उपाय को आजमा सकते हैं.

नेक एरिया के आसपास डेड स्किन जमना और उस एरिया का ब्लैक नजर आना आम समस्या है. इस परेशानी के कारण औरतें कई बार बालों में नॉट नहीं बनाना चाहती हैं. यह परेशानी बैक नेक एरिया में ज्यादा होती है. इसका कारण धूप और डेड स्किन दोनों ही हो सकते हैं. आमतौर पर पसीना, धूल-मिट्टी, सही स्किन केयर की कमी और डेड स्किन सेल्स के जमने के कारण यह परेशानी काफी ज्यादा बढ़ जाती है. इस एरिया को साफ रखने के अधिकतर उपाय (Gardan Ka Mail Hataye Ke Upay) काम के साबित नहीं होते हैं. अगर आप प्राकृतिक तरीके से गर्दन पर जमे कालेपन को हटाना चाहते हैं तो इंस्टाग्राम पर kailashayogastodiorishikesh अकाउंट से पोस्ट इस आसान उपाय को आजमा (Gardan Ka Mail Kaise Hataye) सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे आसान और कम खर्च वाले इस उपाय की मदद से गर्दन पर जमे कालेपन (Kaise Kare Kale Gardan Ki Safai) से पाया जा सकता है छुटकारा.

गर्दन का मेल छुटाने के घरेलू उपाय (Home Remedies To Clean Neck And Back)

नींबू और शैंपू का उपाय

गर्दन के पीछे जमे कालेपन को दूर करने के लिए नींबू और शैंपू का उपाय आजमाया जा सकता है. इसके लिए आधा कटे नींबू पर हल्दी, कॉफी पाउडर, कुछ बूंद नारियल तेल और थोड़ा सा शैम्पू डालें. अब आधे नींबू की मदद से नेक एरिया को हल्के हाथों से स्क्रब करें. दो तीन मिनट नेक के आसपास सफाई करें और फिर गुनगुने पानी से धो लें. सप्ताह में तीन से चार बार इस उपाय को आजमाने से कुछ ही समय के बाद काली पड़ी गर्दन साफ हो जाएगी

नींबू और शैंपू का उपाय कैसे करता है काम 

इस उपाय में नींबू, हल्दी, कॉफी पाउडर, नारियल तेल और शैंपू का यूज किया गया है. ये सभी चीजें स्किन की गहराई से सफाई करने का काम करते हैं. नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड स्किन की गहराई से सफाई कर डेड स्किन हटाने में मदद करता है. हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह स्किन को साफ और चमकदार बनाती है. कॉफी पाउडर स्क्रबिंग एजेंट की तरह काम करता है और डेड स्किन को हटाता है. कोकोनट ऑयल स्किन को मॉइश्चराइज करता है. जिससे गर्दन मुलायम और हाइड्रेटेड बनी रहती है. शैंपू गंदगी और एक्स्ट्रा ऑयल को हटाने में सहायक होता है.

इन उपायों से भी मिलेगी मदद

  • एक चम्मच बेसन में एक चम्मच नींबू का रस डालें. इस पेस्ट को नेक एरिया पर लगाएं और 10 से 15 मिनट के लिए सूखने के लिए छोड़ दें. इसके बाद इसे स्क्रब करते हुए साफ कर लें. 
  • एक चम्मच शहद नींबू का रस मिलाएं और इस पेस्ट को हल्के हाथों से गर्दन पर अप्लाई करें. 15 मिनट तक नेक एरिया पर लगा रहने दें. इस के बाद इसे नॉर्मल पानी से वॉश कर लें. 
  • कच्चे दूध में चुटकी भर हल्दी मिलाएं और डार्क नेक एरिया पर अप्लाई करें. सूखने के बाद स्क्रब करें और वॉश कर लें. 
  • एक चम्मच दही, दो चुटकी हल्दी, दो से तीन बूंदे नींबू का रस मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें. इसे गर्दन पर अच्छे से लगाएं और आधे घंटे बाद साफ करें. 

नेक एरिया को साफ रखने के लिए क्या करें?

हर दिन नहाते समय नेक एरिया को अच्छी तरह से साफ करें और नहाने के बाद मॉइश्चराइजर लगाएं. बहुत ज्यादा समय तक धूप में रहने से बचें. अगर धूप में जाना पड़े तो नेक को ढककर रखें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. हर दिन आठ से दस गिलास पानी पिंए. इससे स्किन को हाइड्रेटेड रहने में मदद मिलेगी.  

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. B.I.News (www.newsbin24.com) इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

हरसिंगार पौधा एक, लाभ अनेक

हरसिंगार पौधा एक, लाभ अनेक

साइटिका जैसे खतरनाक रोगों की अचूक औषधि

हरसिंगार  एक किसिम के फूल वाला पौधा है जे भारतीय उपमहादीप (दक्खिन एशिया) दक्खिन-पुरुब एशिया के मूल पौधा है।

सनातन धर्म के ग्रंथों में कई दैवीय पौधों का ज‍िक्र क‍िया गया है। ज‍िन्‍हें केवल प्रणाम करने, पूजा करने या फ‍िर छूने मात्र से ही सारी तकलीफें दूर हो जाती हैं और मनोवांछ‍ित सभी कामनाओं की पूर्ति भी होती है। ऐसे ही एक पौधे का ज‍िक्र हम इस लेख में कर रहे हैं। आपको जानकार हैरानी होगी क‍ि इस पौधे का स्‍पर्श ही आपकी सारी थकान चुटक‍ियों में दूर कर सकता है। 

हम ज‍िसे पौधे की बात कर रहे हैं उसे हरसिंगार या फ‍िर पारिजात कहते हैं। इसका वानस्‍पतिक नाम ‘निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस’ है। वहीं, अंग्रेजी में इसे नाइट जैस्मीन कहते हैं। कहते हैं क‍ि वनवास काल के दौरान माता सीता पारिजात के पुष्‍पों के हार बनाकर पहनती थीं। इसलिए ही इसका एक नाम श्रृंगार हार भी पड़ा। इसकी उत्‍पत्ति को लेकर कथा म‍िलती है क‍ि इसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी और यह देवताओं को मिला था। स्वर्ग में इंद्र ने अपनी वाटिका में इसे रोप दिया था। मान्यता के अनुसार नरकासुर के वध के पश्चात इंद्र ने श्रीकृष्ण को पारिजात का पुष्प भेंट किया, जिसे उन्होंने देवी रुक्मिणी को दे दिया। देवी सत्यभामा को देवलोक से देवमाता अदिति ने चिरयौवन का आशीर्वाद दिया था। लेकिन पारिजात पुष्प के प्रभाव से देवी रुक्मिणी भी चिरयौवन हो गईं, जिसे जानकर सत्यभामा क्रोधित हो गईं और श्रीकृष्ण से पारिजात वृक्ष लाने की जिद करने लगीं। इसके बाद श्रीकृष्ण को पारिजात धरती पर लाना पड़ा।

वास्‍तु शास्‍त्र के अनुसार, पारिजात को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है। मान्‍यता है क‍ि पारिजात का वृक्ष जिसके भी घर में या फ‍िर आस-पास भी होता है उसके घर के सभी तरह के वास्तुदोष दूर हो जाते हैं। इसके अलावा आपको जानकार हैरानी होगी क‍ि पारिजात के फूलों को खासतौर पर भगवान व‍िष्‍णु और माता लक्ष्मी के पूजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन केवल उन्हीं फूलों को इस्तेमाल किया जाता है, जो अपने आप पेड़ से टूटकर नीचे गिर जाते हैं। जबकि दूसरे फूलों को लेकर यह कहा जाता है क‍ि जमीन पर ग‍िरे हों तो उन्‍हें पूजा में प्रयोग नहीं कर सकते हैं। कहा जाता है क‍ि जहां भी यह पौधा होता है वहां माता लक्ष्‍मी का साक्षात् न‍िवास होता है।

वास्‍तु शास्‍त्र के अनुसार, हरस‍िंगार के फूलों की सुगंध से सारा स्‍ट्रेस दूर हो जाता है। साथ ही घर में जहां तक इसकी खुशबू जाती है वहां तक सकारात्‍मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। मान्‍यता है क‍ि ज‍िस भी स्‍थान पर यह पौधा लगाया जाता है वहां नकारात्‍मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं। इसके प्रभाव से घर-पर‍िवार में रहने वाले सभी जातकों की सेहत भी अच्‍छी रहती है और मान्‍यताओं के अनुसार लंबी आयु भी म‍िलती है।

हरस‍िंगार न केवल पूजा.पाठ या फिर सुख-समृद्धि के ल‍िहाज से ही नहीं बल्कि सेहत के ल‍िए भी अत्‍यंत लाभकारी है। आयुर्वेद के अनुसार पारिजात के 15 से 20 फूलों या इसके रस का सेवन करने से हृदय संबंधित परेशान‍ियों से राहत म‍िलती है। इसके अलावा कहते हैं क‍ि इसकी पत्तियों को पीसकर पीने से इम्‍युन‍िटी भी स्‍ट्रॉन्‍ग होती है। लेक‍िन यह उपाय क‍िसी आयुर्वेद‍िक च‍िक‍ित्‍सक की सलाह पर ही अपनाएं।

आयुर्वेद के अनुसार पारिजात या हरसिंगार एक औषधीय पौधा है.

आयुर्वेद के अनुसार पारिजात या हरसिंगार एक औषधीय पौधा है. इसके पत्ते में कई गुण मौजूद होते हैं. भारत में इस पौधे को पवित्र माना जाता है. मान्यता के अनुसार पारिजात पौधे को देवराज इंद्र ने स्वर्ग में लगाया था. पारिजात का दूसरा नाम हरसिंगार है. हरसिंगार के फूल बेहद सुगन्धित, छोटे पखुड़ियों वाले और सफेद रंग के होते हैं. फूल के बीच में चमकीला नारंगी रंग इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है. 

यह फूल सिर्फ रात को ही खिलता है, इसलिए इसे नाइट ब्लूमिंग जैस्मीन ( night-blooming jasmine) भी कहते हैं. इसे रात की रानी भी बोला जाता है. इस पौधे के पत्ते, फूल और छाल में कई गुण पाए जाते हैं. इससे साइटिका और ऑर्थराइटिस के दर्द को ठीक किया जा सकता है. इसके अलावा इसके पत्ते में पेट के कीड़ों की मारने की क्षमता होती है. साथ ही इसके पत्ते सर्दी-खांसी में बेहद फायदेमंद होते हैं. एचटी की खबर के मुताबिक पारिजात में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो कई बीमारियों से लड़ने में मददगार होते हैं. तो आइए जानते हैं पारिजात से किस-किस चीज का इलाज किया जा सकता है.

ढेरों फूलों वाले पारिजात का पौधा जानें कैसे उगाएं व कैसे रखें ध्यान

सुगंधित फूलों वाला पारिजात, जिसे हरसिंगार या रात की रानी के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू मान्यताओं में इसे स्वर्ग से आया हुआ पौधा भी कहा जाता है। इसकी खुशबू बहुत ज्यादा पसंद की जाती है और इसका इस्तेमाल पारंपरिक दवाओं में भी किया जाता है। पारिजात के मात्र एक पौधे से ही ढेरों फूल मिल जाते हैं। 

परिजात के फूल रात के समय खिलते हैं और सुबह ज़मीन पर गिरे मिलते हैं। यानी अगर आपके घर में यह पौधा है और सुबह आपको फूलों की ज़रूरत हो, तो आपको इन्हें तोड़ना नहीं पड़ेगा। सूरत की रहनेवाली मीनल पंड्या परिजात के पेड़ के नीचे रात को ही एक कपड़ा रख देती हैं, जिससे सारे फूल उस कपड़े में ही गिरते हैं और फिर वह सुबह इन फूलों को इस्तेमाल के लिए इकट्ठा कर लेती हैं। 

वह कहती हैं कि इसके फूल के साथ पत्ते भी बड़े काम के होते हैं। सर्दी, बुखार सहित कई बिमारियों में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। सबसे अच्छी बात है कि यह पौधा आराम से लग जाता है और बिना ज्यादा देखभाल के अच्छे से विकसित भी होता है। 

इसे बस अच्छी धूप चाहिए होती है। इसे बीज और कटिंग के ज़रिए भी लगाया जा सकता है, लेकिन मीनल के अनुसार नर्सरी से एक मदर प्लांट लाकर इसे लगाना सबसे आसान तरीका है।  

कैसे लगाएं पारिजात का पौधा?

यूं तो इसे सीधा ज़मीन पर लगाना सबसे बेहतर होता है, इससे यह जल्द ही एक बड़ा पेड़ बन जाएगा।  लेकिन अगर इतनी जगह नहीं है, तो आप इसे 15 से 20 इंच के गमले में भी लगा सकते हैं।  

पौधा लगाने के लिए आप अपने पास की नर्सरी से एक अच्छी क्वालिटी का पौधा चुनकर लाएं। जानकार कहते हैं कि आप नर्सरी वाले से साल भर फूल उगने वाला पौधा ही मांगे।  

इसके लिए आप मिट्टी, रेत और खाद (कोई भी ऑर्गेनिक खाद) को समान मात्रा में मिलाकर पॉटिंग मिक्स तैयार करें।  पौधा लगाने के लिए ऐसी जगह चुनें, जहां दिन के चार घंटे धूप आती हो। बोगनवेलिया की तरह इसे भी अच्छी धूप की ज़रूरत होती है। अब आप पौधे को  ज़मीन या 20 इंच के गमले में लगा दें। इसे ज्यादा पानी देने से बचें। लेकिन नियमित रूप से पानी देते रहें। इस पौधे को बढ़ने के लिए ज्यादा खाद आदि की ज़रूरत नहीं होती। अगर आपको पौधे को अच्छा घना करना है, तो समय-समय पर कटिंग करते रहें।  मीनल का कहना है कि यह पौधा बहुत जल्दी बढ़ता है, इसलिए कटिंग करना जरूरी हो जाता है। छह महीने में पौधा अच्छा बड़ा हो जाएगा और एक साल के अंदर तो इसमें ढेरों फूल आने लगेंगे। मानसून के मौसम में इसे बीज से भी लगाना आसान होगा। लेकिन अगर आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना, तो इसका छोटा पौधा खरीदना ही सही होगा। तो अगर आपके घर के गार्डन में पारिजात का पेड़ नहीं है, तो देर किस बात की,  इस मानसून अपने घर में एक पारिजात का पौधा ज़रूर लगाएं। 

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