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भाजपा जूही मंडल मंत्री और गरीबों के मसीहा डॉ. समरदीप पांडेय का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।
भाजपा जूही मंडल मंत्री डॉ. समरदीप पांडेय का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।

कानपुर। भारतीय जनता पार्टी जूही मंडल के मंडल मंत्री डॉ. समरदीप पांडेय का जन्मदिन गोविंद नगर स्थित मिथिलेश क्लीनिक, एस ब्लॉक में बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भाजपा जूही मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. समरदीप पांडेय को माल्यार्पण कर शुभकामनाएं दीं और केक काटकर उनका जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया। उपस्थित नेताओं ने उन्हें एक युवा, कर्मठ और संघर्षशील भाजपा नेता बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

भाजपा जूही मंडल मंत्री और गरीबों के मसीहा डॉ. समरदीप पांडेय का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर जूही मंडल अध्यक्ष दीपू पासवान, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप सिंह, अनिल त्रिपाठी, अवध बिहारी अवस्थी, मंडल महामंत्री मनीष गंगवानी, मंडल उपाध्यक्ष राजीव अवस्थी, सुशील दीक्षित, जसपाल भगत, निराला नगर मंडल उपाध्यक्ष डॉ. ब्रज शरण मिश्रा, भाजपा नेता विनय मालवीय, पंडित प्रदीप चतुर्वेदी, पंडित प्रमोद शास्त्री, सतीश अवस्थी, सत्यदीप पांडेय, संदीप सिंह, किशन सिंह सहित कई भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभी ने डॉ. समरदीप पांडेय के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल राजनीतिक जीवन की कामना की।

अगर चाहें तो मैं इसे और भी ज्यादा प्रोफेशनल अखबार स्टाइल (दैनिक जागरण / अमर उजाला स्टाइल) में भी बना सकता हूँ, जिससे यह सीधे समाचार पत्र में भेजने लायक हो जाएगा।

                                                                    आज का पञ्चांग,दिन,शुक्रवार,दिनांक 06/03/2026,




               *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 06/03/2026, शुक्रवार 

*तृतीया, कृष्ण पक्ष,*
*चैत्र*
(समाप्ति काल)

तिथि----------- तृतीया 17:52:46.      तक 
पक्ष-------------------------- कृष्ण
नक्षत्र------------- हस्त 09:28:54
योग------------- गण्ड 07:04:31
करण------- विष्टि भद्र 17:52:46
करण-------------- बव 30:30:36
वार----------------------- शुक्रवार
माह-------------------------- चैत्र
चन्द्र राशि-------कन्या 22:17:41
चन्द्र राशि------------------    तुला
सूर्य राशि-------------------   कुम्भ
रितु‐------------------------- वसंत
आयन------------------- उत्तरायण
संवत्सर------------------ विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)------------- सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082 
गुजराती संवत-------------- 2082 
शक संवत------------------ 1947 
कलि संवत----------------- 5126
सूर्योदय--------------- 06:39:56
सूर्यास्त---------------- 18:21:20
दिन काल------------- 11:41:24
रात्री काल------------- 12:17:32
चंद्रास्त---------------- 08:00:25
चंद्रोदय--------------- 21:10:28
लग्न----कुम्भ 21°15' , 321°15'
सूर्य नक्षत्र------------ पूर्वाभाद्रपद
चन्द्र नक्षत्र--‐----------------- हस्त
नक्षत्र पाया------------------- रजत 

*🚩💮🚩 पद, चरण  🚩💮🚩*

ठ---- हस्त 09:28:54

पे---- चित्रा 15:52:15

पो---- चित्रा 22:17:41

रा---- चित्रा 28:45:09

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
============================
सूर्य=  कुम्भ 21°10 , पूoफाo     1      से 
चन्द्र= कन्या  21°30 ,     हस्त.   4     ठ 
बुध = कुम्भ 24°52 '     पूo भाo  2       सो 
शु क्र= मीन 05°05,     उo भाo  1       दू
मंगल= कुम्भ 08°12°03शतभिषा   1       के 
गुरु= मिथुन  20°33    पुनर्वसु,     1       के 
शनि=मीन 08°13 '     उoभा o  , 2       थ
राहू=(व) कुम्भ 14°38  शतभिषा,      3  सी 
केतु= (व) सिंह 14°38   पूoफाo   1      मो
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 11:03 - 12:31 अशुभ
यम घंटा 15:26 - 16:54 अशुभ
गुली काल 08:08 - 09:35 अशुभ 
अभिजित 12:07 - 12:54 शुभ
दूर मुहूर्त 09:00 - 09:47 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:54 - 13:41 अशुभ
वर्ज्यम 18:01 - 19:43 अशुभ
प्रदोष 18:21 - 20:51      शुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 06:40 08:08 शुभ
लाभ 08:08 - 09:35 शुभ
अमृत 09:35 - 11:03 शुभ
काल 11:03 12:31 अशुभ
शुभ 12:31 13:58 शुभ
रोग 13:58 - 15:26 अशुभ
उद्वेग 15:26 - 16:54 अशुभ
चर 16:54 18:21 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 18:21 - 19:54 अशुभ
काल 19:54 21:26 अशुभ
लाभ 21:26 22:58 शुभ
उद्वेग 22:58 - 24:30* अशुभ
शुभ 24:30* -26:02* शुभ
अमृत 26:02* - 27:34* शुभ
चर 27:34*- 29:07* शुभ
रोग 29:07* - 30:39* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 06:40- 07:38
बुध 07:38- 08:37
चन्द्र 08:37- 09:35
शनि 09:35 -10:34
बृहस्पति 10:34- 11:32
मंगल 11:32 -12:31
सूर्य 12:31 -13:29
शुक्र 13:29 -14:28
बुध 14:28 -15:26
चन्द्र 15:26 -16:24
शनि 16:24- 17:23
बृहस्पति 17:23- 18:21

🚩होरा, रात

मंगल 18:21 -19:23
सूर्य 19:23- 20:24
शुक्र 20:24- 21:26
बुध 21:26- 22:27
चन्द्र 22:27- 23:29
शनि 23:29 -24:30
बृहस्पति 24:30-25:32
मंगल 25:32 -26:33
सूर्य 26:33-27:34
शुक्र 27:34-28:36
बुध 28:36-29:37
चन्द्र 29:37-30:39

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

कुम्भ   > 05:34  से  07:14   तक
मीन    > 07:14  से  08:38   तक
मेष     > 08:38  से  10:14   तक     
वृषभ   > 10:14 से  12:12   तक
मिथुन  > 12:12 से 15:38    तक
कर्क    > 15:38  से 16:48   तक
सिंह    > 16:48 से  18:54    तक
कन्या  > 18:54  से  21:14   तक
तुला   >  21:14 से  23:33   तक
वृश्चिक > 23:36 से  01:46   तक
धनु     > 01:46  से  03:36   तक
मकर   > 03:36 से  05:32   तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

 15 + 3 + 6 + 1 = 25 ÷ 4 = 1 शेष
 पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 =  6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

 सांय 17:53 समाप्त 

पाताल लोक  =  धनलाभ कारक 

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

  *चतुर्थी व्रत चंद्रोदय 21:12*

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

पठन्ति चतुरो वेदान् धर्मशास्त्राण्यनेकशः ।
आत्मानं नैव जानन्ति दवी पाकरसं यथा ।।
।।चाoनीo।।

   एक व्यक्ति को चारो वेद और सभी धर्मं शास्त्रों का ज्ञान है. लेकिन उसे यदि अपने आत्मा की अनुभूति नहीं हुई तो वह उसी चमचे के समान है जिसने अनेक पकवानों को हिलाया लेकिन किसी का स्वाद नहीं चखा.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  कर्मसांख्ययोग अo-5

तद्‍बुद्धयस्तदात्मानस्तन्निष्ठास्तत्परायणाः।
 गच्छन्त्यपुनरावृत्तिं ज्ञाननिर्धूतकल्मषाः॥

जिनका मन तद्रूप हो रहा है, जिनकी बुद्धि तद्रूप हो रही है और सच्चिदानन्दघन परमात्मा में ही जिनकी निरंतर एकीभाव से स्थिति है, ऐसे तत्परायण पुरुष ज्ञान द्वारा पापरहित होकर अपुनरावृत्ति को अर्थात परमगति को प्राप्त होते हैं
 ॥17॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। नए विचार दिमाग में आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।

🐂वृष
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। दूसरे आपसे अधिक की अपेक्षा करेंगे व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है।

👫मिथुन
प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। लाभ होगा।

🦀कर्क
व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगा।अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं।

🐅सिंह
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश मनोनकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। किसी कार्य के प्रति चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है।

🙍‍♀️कन्या
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर में अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता तथा उत्साह बने रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। आलस्य हावी रहेगा। प्रमाद न करें। विवेक का प्रयोग करें।

⚖️तुला
यात्रा में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। हंसी-मजाक में हल्कापन न हो, ध्यान रखें। कीमती वस्तुएं इधर-उधर हो सकती हैं, संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🦂वृश्चिक
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़े काम की रुकावट दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें।

🏹धनु
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। थकान रहेगी। किसी कार्य की चिंता रहेगी।

🐊मकर
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई बड़ा काम करने की इच्‍छा जागृत होगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। प्रमाद न करें।

🍯कुंभ
स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्य में राहत मिलेगी। चिंता दूर होगी। नौकरी में रुतबा बढ़ेगा।

🐟मीन
धनहानि की आशंका है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। थकान व कमजोरी रह सकती है। व्यापार व व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩**🚩जय श्री सीताराम जी की* 🚩
             *बाल काँण्ड* 
*आप सभी श्री सीतारामजीके भक्तों को प्रणाम करता हूँ*
🌹🙏🙏🙏🙏🙏🌹

*अगुन सगुन दुइ ब्रह्म सरूपा।*
 *अकथ अगाध अनादि अनूपा॥*
*मोरें मत बड़ नामु दुहू तें।* 
*किए जेहिं जुग ‍निज बस निजबूतें।।*

भावार्थ:-निर्गुण और सगुण ब्रह्म के दो स्वरूप हैं। ये दोनों ही अकथनीय, अथाह, अनादि और अनुपम हैं। मेरी सम्मति में नाम इन दोनों से बड़ा है, जिसने अपने बल से दोनों को अपने वश में कर रखा है॥1॥

*प्रौढ़ि सुजन जनि जानहिं जन की।*
 *कहउँ प्रतीति प्रीति रुचि मन की॥*
*एकु दारुगत देखिअ एकू।* 
*पावक सम जुग ब्रह्म बिबेकू॥2॥*

भावार्थ:-सज्जन व्यक्ति इस बात को मुझ दास की धृष्टता या कल्पना न समझें, मैं अपने मन के विश्वास, प्रेम और रुचि की बात कहता हूँ। निर्गुण ब्रह्म का ज्ञान उस अप्रकट अग्नि के समान है, जो लकड़ी के अंदर है परन्तु दिखती नहीं है और सगुण ब्रह्म उस प्रकट अग्नि के समान है, जो प्रत्यक्ष दिखलाई देती है।2

*उभय अगम जुग सुगम नाम तें।*
 *कहेउँ नामु बड़ ब्रह्म राम तें॥*
*ब्यापकु एकु ब्रह्म अबिनासी।* 
*सत चेतन घन आनँद रासी॥3॥*

भावार्थ:-निर्गुण और सगुण ब्रह्म दोनों ही जानने में सुगम नहीं हैं, लेकिन नाम जप से दोनों को आसानी से जाना जा सकता हैं, इसी कारण मैंने, राम नाम को निर्गुण ब्रह्म और सगुण ब्रह्म राम से बड़ा कहा है, जबकि ब्रह्म एक ही है जो कि व्यापक, अविनाशी, सत्य, चेतन और आनंद की खान है।3

*अस प्रभु हृदयँ अछत अबिकारी*।
 *सकल जीव जग दीन दुखारी॥*
*नाम निरूपन नाम जतन तें।* 
*सोउ प्रगटत जिमि मोल रतन तें॥4*॥

भावार्थ:-ऐसे विकाररहित प्रभु के हृदय में रहते भी जगत के सब जीव दीन और दुःखी हैं। नाम का निरूपण करके (नाम के यथार्थ स्वरूप, महिमा, रहस्य और प्रभाव को जानकर) नाम का जतन करने से (श्रद्धापूर्वक नाम जप रूपी साधन करने से) वही ब्रह्म ऐसे प्रकट हो जाता है, जैसे रत्न के जानने से उसका मूल्य॥4॥

*दोहा निरगुन तें एहि भाँति बड़*
*नाम प्रभाउ अपार*।
*कहउँ नामु बड़ राम तें* 
*निज बिचार अनुसार॥23॥*

भावार्थ:-इस प्रकार निर्गुण से नाम का प्रभाव अत्यंत बड़ा है। अब अपने विचार के अनुसार कहता हूँ, कि नाम (सगुण) राम से भी बड़ा है॥23॥क्रमशः ',,,,,,,,,,
*🚩जय श्री सीताराम जी की*🚩








You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

                                                                    आज का पञ्चांग,दिन,गुरुवार,दिनांक 05/03/2026,




               *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 05/03/2026, गुरुवार


 *जय श्री राम*
*"मैं भगवान का हूँ और भगवान मेरे हैं" इस अपनेपन के समान योग्यता, पात्रता, अधिकार आदि कोई भी नहीं है, यह सम्पूर्ण साधनों का सार है।*
*सुप्रभात......
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
      
    
*द्वितीया, कृष्ण पक्ष,*
*चैत्र*
(समाप्ति काल)

तिथि---------- द्वितीया 17:03:04.      तक 
पक्ष-------------------------- कृष्ण
नक्षत्र--------- उoफाo 08:16:42
योग-------------- शूल 07:44:34
करण-------------- गर 17:03:04
करण---------- वणिज 29:23:32
वार------------------------ गुरूवार
माह-------------------------- चैत्र
चन्द्र राशि-----------------    कन्या
सूर्य राशि------------------    कुम्भ
रितु-------------------------- वसंत
आयन------------------- उत्तरायण
संवत्सर------------------ विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)------------- सिद्धार्थी
विक्रम संवत---------------- 2082 
गुजराती संवत-------------- 2082 
शक संवत-------------------1947 
कलि संवत------------------5126
सूर्योदय--------------- 06:40:58
सूर्यास्त---------------- 18:20:45
दिन काल------------- 11:39:46
रात्री काल------------- 12:19:10
चंद्रास्त---------------- 07:30:53
चंद्रोदय--------------- 20:14:29
लग्न----कुम्भ 20°15' , 320°15'
सूर्य नक्षत्र------------ पूर्वाभाद्रपद
चन्द्र नक्षत्र--------- उत्तरा फाल्गुनी
नक्षत्र पाया------------------- रजत 

*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*

पी---- उत्तरा फाल्गुनी 08:16:42

पू---- हस्त 14:31:34

ष---- हस्त 20:48:33

ण---- हस्त 27:07:40

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
============================
सूर्य=  कुम्भ 20°10 , पूoफाo     1      से 
चन्द्र= कन्या  09°30 ,     उoफाo 4      पी 
बुध = कुम्भ 24°52 '     पूo भाo  2       सो 
शु क्र= मीन 04°05,     उo भाo  1       दू
मंगल= कुम्भ 07°12°03शतभिषा   1       के 
गुरु= मिथुन  20°33    पुनर्वसु,     1       के 
शनि=मीन 08°13 '     उoभा o  , 2       थ
राहू=(व) कुम्भ 14°40  शतभिषा,      3  सी 
केतु= (व) सिंह 14°40   पूoफाo   1      मो
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 13:58 - 15:26 अशुभ
यम घंटा 06:41 - 08:08 अशुभ
गुली काल 09:36 - 11:03 अशुभ 
अभिजित 12:08 - 12:54 शुभ
दूर मुहूर्त 10:34 - 11:21 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:14 - 16:01 अशुभ
वर्ज्यम 17:02 - 18:43.  अशुभ
प्रदोष 18:21 - 20:51       शुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 06:41 - 08:08 शुभ
रोग 08:08 - 09:36 अशुभ
उद्वेग 09:36 - 11:03 अशुभ
चर 11:03 12:31 शुभ
लाभ 12:31 13:58 शुभ
अमृत 13:58 - 15:26 शुभ
काल 15:26 16:53 अशुभ
शुभ 16:53 18:21 शुभ

🚩चोघडिया, रात 

अमृत 18:21 - 19:53 शुभ
चर 19:53 21:26 शुभ
रोग 21:26 - 22:58 अशुभ
काल 22:58 24:30* अशुभ
लाभ 24:30* - 26:03* शुभ
उद्वेग 26:03* - 27:35* अशुभ
शुभ 27:35* - 29:08* शुभ
अमृत 29:08* - 30:40* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 06:41 -07:39
मंगल 07:39 -08:38
सूर्य 08:38 -09:36
शुक्र 09:36 -10:34
बुध 10:34- 11:33
चन्द्र 11:33- 12:31
शनि 12:31- 13:29
बृहस्पति 13:29- 14:27
मंगल 14:27 -15:26
सूर्य 15:26- 16:24
शुक्र 16:24 -17:22
बुध 17:22- 18:21

🚩होरा, रात

चन्द्र 18:21- 19:22
शनि 19:22- 20:24
बृहस्पति 20:24 -21:26
मंगल 21:26- 22:27
सूर्य 22:27 -23:29
शुक्र 23:29 -24:30
बुध 24:30-25:32
चन्द्र 25:32-26:34
शनि 26:34-27:35
बृहस्पति 27:35-28:37
मंगल 28:37-29:38
सूर्य 29:38-30:40

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

कुम्भ   > 05:38  से  07:18   तक
मीन    > 07:18  से  08:42   तक
मेष     > 08:42  से  10:18   तक     
वृषभ   > 10:18 से  12:16   तक
मिथुन  > 12:16 से 15:42    तक
कर्क    > 15:42  से 16:52   तक
सिंह    > 16:52 से  18:58    तक
कन्या  > 198:58  से  21:18   तक
तुला   >  21:18 से  23:36   तक
वृश्चिक > 23:36 से  01:46   तक
धनु     > 01:46  से  03:40   तक
मकर   > 03:40 से  05:36   तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

 15 + 2 + 5 + 1 = 23  ÷ 4 = 3 शेष
 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

चन्द्र ग्रह मुखहुति 8:17 तक 
उपरान्त मंगल 

*💮    शिव वास एवं फल -:*

   17 + 17 + 5 = 39 ÷ 7 =  4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

रात्रि 29:18 से प्रारंभ 

पाताल लोक  =  धनलाभ कारक 

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

*संत तुकाराम जयंती*

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

दूरागतं पथि श्रान्तं वृथा च गृहमागतम् ।
अनर्चयित्वा यो भुङ्क्ते स वै चाण्डाल उच्यते ।।
।।चाoनीo।।

   वह आदमी चंडाल है जो एक दूर से अचानक आये हुए थके मांदे अतिथि को आदर सत्कार दिए बिना रात्रि का भोजन खुद खाता है.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  कर्मसांख्ययोग अo-5

ज्ञानेन तु तदज्ञानं येषां नाशितमात्मनः।
 तेषामादित्यवज्ज्ञानं प्रकाशयति तत्परम्‌॥

परन्तु जिनका वह अज्ञान परमात्मा के तत्व ज्ञान द्वारा नष्ट कर दिया गया है, उनका वह ज्ञान सूर्य के सदृश उस सच्चिदानन्दघन परमात्मा को प्रकाशित कर देता है
 ॥16॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
योजना फलीभूत होगी। कार्यपद्धति में सुधार होगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। मेहनत सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। शेयर मार्केट में जल्दबाजी से बचें। विवेक का प्रयोग करें। भाग्य का साथ मिलेगा। वरिष्ठ व्यक्तियों का मार्गदर्शन मिलेगा।

🐂वृष
अध्यात्म में रुचि रहेगी। किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेने का मौका हाथ आएगा। सुख-शांति बने रहेंगे। कारोबार मनोनुकूल चलेगा। मित्रों का सहयोग लाभ में वृद्धि करेगा। लंबित कार्य पूर्ण होंगे। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रमाद न करें।

👫मिथुन
वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। कारोबार से लाभ होगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। आय बनी रहेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। अज्ञात भय रहेगा। अनहोनी की आशंका रहेगी।

🦀कर्क
काम में मन नहीं लगेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। इच्‍छाशक्ति प्रबल करें। फालतू खर्च होगा। शत्रुओं से सावधानी आवश्यक है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कोई भी निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। वाणी पर नियंत्रण रखें।

🐅सिंह
डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। नए काम हाथ में आएंगे। कारोबारी वृद्धि से प्रसन्नता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अज्ञात भय रहेगा। पारिवारिक सहयोग से प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

🙍‍♀️कन्या
नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। नए काम मिल सकते हैं। कार्य से संतुष्टि रहेगी। प्रसन्नता तथा उत्साह का वातावरण बनेगा। कारोबार लाभदायक रहेगा। निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। प्रमाद से बचें।

⚖️तुला
भूमि व भवन की खरीद-फरोख्त लाभदायक रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। कुसंगति से बचें। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेशादि शुभ रहेंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी बड़े काम में हाथ डाल पाएंगे।

🦂वृश्चिक
राजकीय सहयोग से कार्य पूर्ण होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। समय की अनुकूलता मिलेगी। आलस्य हावी रहेगा। घर में सुख-शांति रहेगी। लाभ होगा।

🏹धनु
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। प्रसन्नता तथा मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। भाइयों से सहयोग मिलेगा। कुसंगति से हानि होगी। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। जल्दबाजी न करें। जोखिम व जमानत के कार्य बि‍लकुल न करें।

🐊मकर
समय पर बाहर से धन नहीं मिलने से निराशा रहेगी। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। नौकरी में अधिकारी अधिक की अपेक्षा करेंगे। मातहतों का साथ नहीं मिलेगा। थकान रहेगी। व्यवसाय-व्यापार से मनोनुकूल लाभ होगा। बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। मेहनत अधिक होगी। लाभ के अवसर टलेंगे।

🍯कुंभ
पुराने साथियों तथा रिश्तेदारों से मुलाकात सुखद रहेगी। अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। मान बढ़ेगा। किसी नए उपक्रम को प्रारंभ करने पर विचार होगा। लंबी यात्रा की इच्छा रहेगी। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी न करें।

🐟मीन
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। धन प्राप्ति सु्गम होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सभी काम समय पर होने से प्रशंसा प्राप्त होगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। पारिवारिक चिंताओं में कमी होगी। प्रमाद न करें।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*
*🚩जय श्री सीताराम जी की* 🚩


*बाल काँण्ड* 
*आप सभी श्री सीतारामजीके भक्तों को प्रणाम करता हूँ*
🌹🙏🙏🙏🙏🙏🌹

*समुझत सरिस नाम अरु नामी।*
 *प्रीति परसपर प्रभु अनुगामी॥*
*नाम रूप दुइ ईस उपाधी।*
*अकथ अनादि सुसामुझि साधी॥1॥*

भावार्थ:-समझने में नाम और नामी दोनों एक से हैं, किन्तु दोनों में परस्पर स्वामी और सेवक के समान प्रीति है (अर्थात्‌ नाम और नामी में पूर्ण एकता होने पर भी जैसे स्वामी के पीछे सेवक चलता है, उसी प्रकार नाम के पीछे नामी चलते हैं। प्रभु श्री रामजी अपने 'राम' नाम का ही अनुगमन करते हैं (नाम लेते ही वहाँ आ जाते हैं)। नाम और रूप दोनों ईश्वर की उपाधि हैं, ये (भगवान के नाम और रूप) दोनों अनिर्वचनीय हैं, अनादि हैं और सुंदर (शुद्ध भक्तियुक्त) बुद्धि से ही इनका (दिव्य अविनाशी) स्वरूप जानने में आता है॥1॥

*को बड़ छोट कहत अपराधू।*
*सुनि गुन भेदु समुझिहहिं साधू॥*
*देखिअहिं रूप नाम आधीना।*
*रूप ग्यान नहिं नाम बिहीना॥2*॥

भावार्थ:-इन (नाम और रूप) में कौन बड़ा है, कौन छोटा, यह कहना तो अपराध है। इनके गुणों का तारतम्य (कमी-बेशी) सुनकर साधु पुरुष स्वयं ही समझ लेंगे। रूप नाम के अधीन देखे जाते हैं, नाम के बिना रूप का ज्ञान नहीं हो सकता॥2॥

*रूप बिसेष नाम बिनु जानें।*
 *करतल गत न परहिं पहिचानें॥*
*सुमिरिअ नाम रूप बिनु देखें।*
 *आवत हृदयँ सनेह बिसेषें॥3*॥

भावार्थ:-कोई सा विशेष रूप बिना उसका नाम जाने हथेली पर रखा हुआ भी पहचाना नहीं जा सकता और रूप के बिना देखे भी नाम का स्मरण किया जाए तो विशेष प्रेम के साथ वह रूप हृदय में आ जाता है॥3॥

*नाम रूप गति अकथ कहानी*। 
*समुझत सुखद न परति बखानी॥*
*अगुन सगुन बिच नाम सुसाखी।*
 *उभय प्रबोधक चतुर दुभाषी॥4*॥

भावार्थ:-नाम और रूप की गति की कहानी (विशेषता की कथा) अकथनीय है। वह समझने में सुखदायक है, परन्तु उसका वर्णन नहीं किया जा सकता। निर्गुण और सगुण के बीच में नाम सुंदर साक्षी है और दोनों का यथार्थ ज्ञान कराने वाला चतुर दुभाषिया है॥4॥

*दोहा÷ राम नाम मनिदीप धरु*
*जीह देहरीं द्वार।*
*तुलसी भीतर बाहेरहुँ*
*जौं चाहसि उजिआर॥21॥*

भावार्थ:-तुलसीदासजी कहते हैं, यदि तू भीतर और बाहर दोनों ओर उजाला चाहता है, तो मुख रूपी द्वार की जीभ रूपी देहली पर रामनाम रूपी मणि-दीपक को रख॥21॥

*नाम जीहँ जपि जागहिं जोगी।*
 *बिरति बिरंचि प्रपंच बियोगी॥*
*ब्रह्मसुखहि अनुभवहिं अनूपा।*
 *अकथ अनामय नाम न रूपा॥1॥*

भावार्थ:-ब्रह्मा के बनाए हुए इस प्रपंच (दृश्य जगत) से भलीभाँति छूटे हुए वैराग्यवान्‌ मुक्त योगी पुरुष इस नाम को ही जीभ से जपते हुए (तत्व ज्ञान रूपी दिन में) जागते हैं और नाम तथा रूप से रहित अनुपम, अनिर्वचनीय, अनामय ब्रह्मसुख का अनुभव करते हैं॥1॥

*जाना चहहिं गूढ़ गति जेऊ*। 
*नाम जीहँ जपि जानहिं तेऊ॥*
*साधक नाम जपहिं लय लाएँ।*
 *होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएँ॥2॥*

भावार्थ:-जो परमात्मा के गूढ़ रहस्य को (यथार्थ महिमा को) जानना चाहते हैं, वे (जिज्ञासु) भी नाम को जीभ से जपकर उसे जान लेते हैं। (लौकिक सिद्धियों के चाहने वाले अर्थार्थी) साधक लौ लगाकर नाम का जप करते हैं और अणिमादि (आठों) सिद्धियों को पाकर सिद्ध हो जाते हैं॥2॥

*जपहिं नामु जन आरत भारी।*
 *मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥*
*राम भगत जग चारि प्रकारा।*
 *सुकृती चारिउ अनघ उदारा॥3॥*

भावार्थ:-(संकट से घबड़ाए हुए) आर्त भक्त नाम जप करते हैं, तो उनके बड़े भारी बुरे-बुरे संकट मिट जाते हैं और वे सुखी हो जाते हैं। जगत में चार प्रकार के (1- अर्थार्थी-धनादि की चाह से भजने वाले, 2-आर्त संकट की निवृत्ति के लिए भजने वाले, 3-जिज्ञासु-भगवान को जानने की इच्छा से भजने वाले, 4-ज्ञानी-भगवान को तत्व से जानकर स्वाभाविक ही प्रेम से भजने वाले) रामभक्त हैं और चारों ही पुण्यात्मा, पापरहित और उदार हैं॥3॥

*चहू चतुर कहुँ नाम अधारा।*
*ग्यानी प्रभुहि बिसेषि पिआरा॥*
*चहुँ जुग चहुँ श्रुति नाम प्रभाऊ।*
 *कलि बिसेषि नहिं आन उपाऊ॥4॥*

भावार्थ:-चारों ही चतुर भक्तों को नाम का ही आधार है, इनमें ज्ञानी भक्त प्रभु को विशेष रूप से प्रिय हैं। यों तो चारों युगों में और चारों ही वेदों में नाम का प्रभाव है, परन्तु कलियुग में विशेष रूप से है। इसमें तो (नाम को छोड़कर) दूसरा कोई उपाय ही नहीं है॥4॥

*दोहा ÷सकल कामना हीन जे*
*राम भगति रस लीन।*
*नाम सुप्रेम पियूष ह्रद*
*तिन्हहुँ किए मन मीन॥22॥*

भावार्थ:-जो सब प्रकार की (भोग और मोक्ष की भी) कामनाओं से रहित और श्री रामभक्ति के रस में लीन हैं, उन्होंने भी नाम के सुंदर प्रेम रूपी अमृत के सरोवर में अपने मन को मछली बना रखा है (अर्थात्‌ वे नाम रूपी सुधा का निरंतर आस्वादन करते रहते हैं, क्षणभर भी उससे अलग होना नहीं चाहते)॥22॥ क्रमशः 
*🚩जय श्री सीताराम जी की*🚩









You Tube: 
1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtu.be/RwbixOslOhI

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


PLEASE:-
भारत माता की जय


                                         

आज का पांचांग दिन बुधवार दिनांक 04/03/2026

                                     

                  🌞सुप्रभातम🌞 

      ⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️

       दिनांक:-  04/03/2026, बुधवार 

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

*जय श्री राम*

*प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष,*

*चैत्र*

(समाप्ति काल)


तिथि-------- प्रतिपदा 16:48:21.    तक 

पक्ष------------------------- कृष्ण

नक्षत्र--- पूर्वा फाल्गुनी 07:38:03

योग---‐---------- धृति 08:51:25

करण---------- कौलव 16:48:21

करण--‐---‐-----तैतुल 28:51:23

वार------------------------ बुधवार

माह-‐-------‐---------------- चैत्र

चन्द्र राशि------   सिंह 13:44:40

चन्द्र राशि-----‐‐----------    कन्या

सूर्य राशि--------------‐---    कुम्भ

रितु-------------------------- वसंत

आयन------------------- उत्तरायण

संवत्सर--------‐--------- विश्वावसु

संवत्सर (उत्तर)------------- सिद्धार्थी

विक्रम संवत----------‐----- 2082 

गुजराती संवत-------------- 2082 

शक संवत------------------1947 

कलि संवत---------------- 5126

सूर्योदय--------------- 06:42:01

सूर्यास्त------------‐-- 18:20:10

दिन काल------------- 11:38:09

रात्री काल------------- 12:20:48

चंद्रास्त---------------- 07:01:16

चंद्रोदय--------------- 19:17:58

लग्न----कुम्भ 19°14' , 319°14'

सूर्य नक्षत्र--------------- शतभिषा

चन्द्र नक्षत्र-----------पूर्वा फाल्गुनी

नक्षत्र पाया------------------- रजत 


*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*


 टू----पूर्वा फाल्गुनी 07:38:03


टे---- उत्तरा फाल्गुनी 13:44:40


टो---- उत्तरा फाल्गुनी 19:53:17


पा---- उत्तरा फाल्गुनी 26:03:57


*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*


        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद

============================

सूर्य=  कुम्भ 19°10 , शतभिषा      4      सू

चन्द्र= सिंह  26°30 ,        पूoफाo 4      टू

बुध = कुम्भ 25°52 '     पूo भाo  2       सो 

शु क्र= मीन 02°05,      पूo भाo 4       दी

मंगल= कुम्भ 06°12°03शतभिषा   1       के 

गुरु= मिथुन  20°33    पुनर्वसु,     1       के 

शनि=मीन 07°13 '     उoभा o  , 2       थ

राहू=(व) कुम्भ 14°44  शतभिषा,      3  सी 

केतु= (व) सिंह 14°44   पूoफाo   1      मो

============================


*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*


राहू काल 12:31 - 13:58 अशुभ

यम घंटा 08:09 - 09:37 अशुभ

गुली काल 11:04 - 12:31 अशुभ 

अभिजित 12:08 - 12:54 अशुभ

दूर मुहूर्त 12:08 - 12:54 अशुभ

वर्ज्यम 14:58 - 16:36 अशुभ

प्रदोष 18:20 - 20:51     शुभ


💮चोघडिया, दिन


लाभ 06:42 - 08:09 शुभ

अमृत 08:09 - 09:37 शुभ

काल 09:37 11:04 अशुभ

शुभ 11:04 - 12:31 शुभ

रोग 12:31 - 13:58 अशुभ

उद्वेग 13:58 - 15:26 अशुभ

चर 15:26 16:53 शुभ

लाभ 16:53 18:20 शुभ


🚩चोघडिया, रात


उद्वेग 18:20 - 19:53 अशुभ

शुभ 19:53 - 21:25 शुभ

अमृत 21:25 - 22:58 शुभ

चर 22:58 24:31* शुभ

रोग 24:31* - 26:03* अशुभ

काल 26:03*27:36* अशुभ

लाभ 27:36* - 29:08* शुभ

उद्वेग 29:08* - 30:41* अशुभ 


💮होरा, दिन


 बुध 06:42- 07:40

चन्द्र 07:40 -08:38

शनि 08:38 -09:37

बृहस्पति 09:37 -10:35

मंगल 10:35- 11:33

सूर्य 11:33- 12:31

शुक्र 12:31- 13:29

बुध 13:29 -14:27

चन्द्र 14:27 -15:26

शनि 15:26 -16:24

बृहस्पति 16:24 -17:22

मंगल 17:22 -18:20


🚩होरा, रात


सूर्य 18:20 -19:22

शुक्र 19:22- 20:24

बुध 20:24 -21:25

चन्द्र 21:25- 22:27

शनि:27 -23:29

 बृहस्पति 23:29 -24:31

मंगल24:31-25:32

सूर्य 25:32-26:34

शुक्र 26:34-27:36

बुध 27:36-28:38

चन्द्र 28:38-29:39

शनि 29:39-30:41


*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 


कुम्भ   > 05:42  से  07:22   तक

मीन    > 07:22  से  08:46   तक

मेष     > 08:46  से  10:22   तक     

वृषभ   > 10:22 से  12:20   तक

मिथुन  > 12:20 से 15:46    तक

कर्क    > 15:46  से 16:56   तक

सिंह    > 16:56 से  19:02    तक

कन्या  > 19:02  से  21:22   तक

तुला   >  21:22 से  23:40   तक

वृश्चिक > 23:40 से  01:50   तक

धनु     > 01:50  से  03:44   तक

मकर   > 03:44 से  05:40   तक

=======================


*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*


       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट


*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।


*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*


*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*


 15 + 1 + 4 + 1 =  21 ÷ 4 = 1 शेष

 पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l


*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*


सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है


चन्द्र ग्रह मुखहुति


*💮    शिव वास एवं फल -:*


  16 + 16 + 5 = 37 ÷ 7 =  2 शेष


गौरी सन्निधौ = शुभ कारक


*🚩भद्रा वास एवं फल -:*


*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


*गणगौर पूजन*


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


 अनन्तंशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः

अल्पं च कालो बहुविघ्नता च ।

यत्सारभूतं तदुपासनीयं,

हंसो यथा क्षीरमिवम्बुमध्यात् ।।

।।चाoनीo।।


शास्त्रों का ज्ञान अगाध है. वो कलाए अनंत जो हमें सीखनी छाहिये. हमारे पास समय थोडा है. जो सिखने के मौके है उसमे अनेक विघ्न आते है. इसीलिए वही सीखे जो अत्यंत महत्वपूर्ण है,उसी प्रकार जैसे हंस पानी छोड़कर उसमे मिला हुआ दूध पी लेता है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:  कर्मसांख्ययोग अo-5


नादत्ते कस्यचित्पापं न चैव सुकृतं विभुः।

 अज्ञानेनावृतं ज्ञानं तेन मुह्यन्ति जन्तवः॥


सर्वव्यापी परमेश्वर भी न किसी के पाप कर्म को और न किसी के शुभकर्म को ही ग्रहण करता है, किन्तु अज्ञान द्वारा ज्ञान ढँका हुआ है, उसी से सब अज्ञानी मनुष्य मोहित हो रहे हैं

 ॥15॥


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें।


🐂वृष

वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।


👫मिथुन

रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।


🦀कर्क

अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी।


🐅सिंह

तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।


🙍‍♀️कन्या

संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।


⚖️तुला

चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।


🦂वृश्चिक

घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा।


🏹धनु

घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी। प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है।


🐊मकर

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।


🍯कुंभ

पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी।


🐟मीन

शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी। आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा।


*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*









You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

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NEWSBIN24

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