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 UP में राहत राशि दोगुनी : प्राकृतिक आपदा में मौत पर अब 8 लाख, योगी सरकार गरीब-किसान के नुकसान की करेगी भरपाई

UP सरकार ने आपदा राहत सहायता के मानकों में बड़ा बदलाव करते हुए प्राकृतिक आपदा में मौत पर मिलने वाली सहायता राशि 4 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी है. किसानों की फसल, पशुधन और मकान नुकसान पर भी मुआवजा बढ़ाया गया है.

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत राशि में बड़ा इजाफा करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य आपदा मोचन निधि और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के तहत सहायता के नए मानक लागू किए गए हैं. इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अब 4 लाख रुपये की जगह 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. फसलों, पशुधन, कृषि भूमि और मकानों को हुए नुकसान पर भी राहत राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है.

10 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फायदा

NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार राहत राशि में बढ़ोतरी का लाभ प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों को मिलेगा. सरकार ने कहा कि नए मानक 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच हुई क्षति पर भी लागू होंगे, जिससे प्रभावित लोगों को अतिरिक्त राहत मिल सकेगी.

मृत्यु और पशुधन हानि पर बढ़ी सहायता

प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अब परिजनों को 4 लाख रुपये के बजाय 8 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. पशुधन नुकसान की स्थिति में भी राहत राशि बढ़ाई गई है.

  • बड़े पशुओं की मौत पर सहायता 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये
  • बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं पर 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये
  • घोड़े, खच्चर जैसे भारवाहक पशुओं पर 20,000 से बढ़ाकर 25,400 रुपये
  • मुर्गीपालकों को प्रति पक्षी 100 रुपये की जगह 130 रुपये सहायता

फसल नुकसान पर 30 फीसदी तक बढ़ोतरी

कृषि क्षेत्र में राहत राशि में भी बड़ा संशोधन किया गया है. अब सिंचित भूमि में फसल नुकसान पर 17,000 से बढ़ाकर 22,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 8,500 से बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, बारहमासी फसल और कृषि वानिकी के नुकसान पर 22,500 से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि मिलेगी. इसके अलावा रेशम उत्पादक किसानों को भी अधिक सहायता दी जाएगी. एरी, शहतूत और टसर रेशम उत्पादन पर 6,000 से बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर, मूगा रेशम उत्पादन पर 7,500 से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर किया गया है.

कृषि भूमि और प्राकृतिक क्षति पर मदद

योगी सरकार ने कृषि भूमि के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए भी सहायता राशि बढ़ा दी है.

  • खेतों से गाद हटाने पर 18,000 से बढ़ाकर 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
  • भूस्खलन और हिमस्खलन से भूमि क्षति पर 47,000 से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर

सूखे की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में 90 दिनों तक पेयजल सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है.

मकान और संस्थागत भवनों के लिए नए मानक

पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता राशि भी बढ़ाई गई है.

  • मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान पर 1.85 लाख रुपये
  • पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्ण क्षति पर 2.06 लाख रुपये
  • मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों पर 93 हजार रुपये सहायता

इसके अलावा स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए भी नए मानक तय किए गए हैं. प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी. माध्यमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 26 लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है. वहीं आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

"कर्मभूमि एक्सप्रेस" की 4 बोगियां धू-धू कर जलीं, अमृतसर के पास ट्रेन में लगी आग, , मचा हड़कंप

ट्रेन में आग लगने की खबर फैलते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया. स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही सभी बाहर की ओर दौड़ पड़े. आग लगने के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है. रेलवे मामले की जांच कर रहा है.

पंजाब के अमृतसर के पास शुक्रवार को एक हादसा हो गया. अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक आग लग गई. राजपुरा में आग लगने की खबर फैलते ही वहां अफरातफरी मच गई. ट्रेन को राजपुरा से 15 km दूर बसंतपुरा स्टेशन के पास रोक दिया गया. इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है. सूत्रों के मुताबिक, अमृतसर से निकली ट्रेन आग लगने की सूचना के बाद बसंतपुरा रेलवे स्टेशन पर रोक दी गई.

  1. घटना स्थल: पंजाब के राजपुरा से लगभग 15 किलोमीटर दूर बसंतपुरा स्टेशन के पास।
  2. ट्रेन का विवरण: यह ट्रेन अमृतसर से कटिहार की ओर जा रही थी। [1]
  3. सुरक्षा स्थिति: समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
  4. आग का कारण: प्राथमिक जानकारी के अनुसार धुआं और लपटें उठने के बाद आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए। 

दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर  सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 12508 कर्मभूमि एक्सप्रेस (अमृतसर - न्यू जलपाईगुड़ी) के इंजन से पांचवें कोच में आग लग गई है, गाड़ी को तुरंत सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के पास मध्य सरहिंद -राजपुरा के बीच रोक दिया गया.

ट्रेन के चार डिब्बों में लगी आग

ट्रेन में आग लगते ही कुछ बोगियां धू-धूकर जलने लगीं. यात्रियों को जैसे ही पता चला कि ट्रेन में आग लग गई है. वहां हड़कंप मच गया. गनीमत ये रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं, किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.ट्रेन से धुआं निकलता देखा जा सकता है. आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, ये जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है.

चार बोगियां जलकर हुईं राख

कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में बसंतपुर स्टेशन के पास आग लगने की ये घटना हुई. बसंतपुरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही सभी यात्री बाहर दौड़ पड़े. ट्रेन में आग की खबर सुनकर आसपास के लोग भी वहां इकट्ठा हो गए. इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बोगियों को जलते और धुआं उठते देखा जा सकता है. वहीं दूर खड़ी भीड़ भी वीडियो में दिखाई दे रही है. आग कितनी तेज रहीववहोगी इसका अंदाजा बोगियों का हाल देखकर ही लगाया जा सकता है.

कानपुर में हाईवे किनारे मिला अज्ञात युवती का शव, शिनाख्त के प्रयास में जुटी पुलिस
कानपुर। कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर महोली स्थित एक कोल्ड स्टोरेज के सामने शुक्रवार सुबह एक अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की उम्र लगभग 28 से 30 वर्ष बताई जा रही है। राहगीरों द्वारा हाईवे किनारे शव पड़े होने की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। 
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में महिला कांस्टेबल के माध्यम से मृतका के शव का निरीक्षण कराया गया, जिसमें प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान या अन्य संदिग्ध मार्क्स दिखाई नहीं दिए हैं। 
मृतका ने हरे रंग की कुर्ती और काले रंग का पायजामा पहन रखा था।
पुलिस द्वारा आसपास के लोगों और स्थानीय स्तर पर काफी प्रयास किए जाने के बावजूद अभी तक मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई है। उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। फिलहाल, शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेज दिया गया है। 
पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) श्री सत्यजीत गुप्ता का बयान:
"थाना महाराजपुर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि एक युवती (उम्र लगभग 28-30 वर्ष) का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच की गई। मृतका की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। महिला कांस्टेबल के माध्यम से शव का निरीक्षण कराया गया है, जिसमें शुरुआती तौर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम हेतु मॉर्चरी भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।" 

कानपुर में सनसनी: ACEME पब्लिक स्कूल के गेट से दो नाबालिग छात्र लापता, पुलिस महकमे में हड़कंप

कानपुर में सनसनी: ACEME पब्लिक स्कूल के गेट से दो नाबालिग छात्र लापता, पुलिस महकमे में हड़कंप
कानपुर नगर। थाना गुजैनी क्षेत्र के जरौली फेस-2 स्थित ACEME पब्लिक स्कूल के गेट से बीते गुरुवार (05 नवंबर 2026) को दो नाबालिग छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सुबह 08:40 बजे मिली जानकारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना सुबह की है जब बच्चे रोज की तरह स्कूल के लिए निकले थे। करीब 08:40 बजे स्कूल के टीचर ने परिजनों और पुलिस को सूचित किया कि दोनों छात्र आज स्कूल नहीं पहुंचे हैं।
सीसीटीवी में अकेले जाते दिखे छात्र
लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आई। जब स्कूल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो दोनों छात्र स्कूल गेट से कुछ दूरी तक अकेले पैदल जाते हुए दिखाई दिए हैं। इसके बाद वे कहाँ गए, इसका सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
घटनास्थल पर पहुंचे डीसीपी, सर्विलांस सेल सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (दक्षिण) ने भारी पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने खुद सीसीटीवी फुटेज चेक की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बच्चों की तलाश के लिए पुलिस की सर्विलांस सेल को भी एक्टिव कर दिया गया है, जो मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुराग जुटा रही है।
शीघ्र बरामदगी के लिए टीमों का गठन, दबिश जारी
डीसीपी दक्षिण ने संबंधित पुलिस टीमों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस की कई टीमें बच्चों की शीघ्र सकुशल बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस प्रशासन का दावा है कि जल्द ही बच्चों को ढूंढ निकाला जाएगा।
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दीपावली पर घर में स्वयं बनाएं समृद्धि की पोटली, जानिए आचार्य श्री दिनेश नारायण पाण्डेय जी से 

दीपावली पर घर में स्वयं बनाएं समृद्धि की पोटली, जानिए आचार्य दिनेश नारायण पाण्डेय जी से


शुभ वस्तुओं का महत्व और बनाने की संपूर्ण विधि ।।

क्या आप चाहते हैं कि दीपावली के दिन आपके घर में माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष कृपा बनी रहे?

 धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार दीपावली पर बनाई जाने वाली समृद्धि की पोटली को धन, सुख-समृद्धि, आर्थिक स्थिरता और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

इस पोटली में 11 विशेष वस्तुएं रखी जाती हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से तैयार की गई यह पोटली घर के पूजा स्थान पर रखने से सकारात्मकता और समृद्धि का भाव बना रहता है।

आइए जानते हैं समृद्धि की पोटली में कौन-कौन सी वस्तुएं रखनी चाहिए और इसे बनाने की संपूर्ण विधि।






1. समृद्धि की पोटली में रखने वाली 11 शुभ वस्तुएं:

1. पीली कौड़ियां (3 से 5)

कौड़ियों को प्राचीन काल से धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। माता लक्ष्मी की पूजा में कौड़ियों का विशेष महत्व बताया गया है। पीली कौड़ियां धन-संपन्नता और शुभता की पारंपरिक प्रतीक मानी जाती हैं।

2. लाल, सफेद और काली गुंजा (3-5 दाने प्रत्येक)

गुंजा के दानों का पारंपरिक धार्मिक और तांत्रिक मान्यताओं में उल्लेख मिलता है। इन्हें पोटली में प्रतीकात्मक रूप से रखा जाता है।

ध्यान दें: गुंजा के दाने जहरीले हो सकते हैं। इन्हें कभी भी मुंह में न डालें और बच्चों तथा पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें।

3. एक पंचमुखी रुद्राक्ष

रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। पंचमुखी रुद्राक्ष आध्यात्मिक शांति, साधना और सकारात्मकता से जुड़ा हुआ है। इसे पोटली में रखना शुभ माना जाता है।

4. कमल के बीज (3 से 5)

कमल माता लक्ष्मी का प्रिय पुष्प माना जाता है। कमल के बीज सृजन, पवित्रता और समृद्धि के प्रतीक हैं। इन्हें पोटली में रखने की परंपरा है।

5. एक छोटा नारियल

नारियल को श्रीफल कहा जाता है। हिंदू धर्म में इसे शुभता, पूर्णता और मंगल कार्यों का प्रतीक माना जाता है। पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में इसका विशेष महत्व है।

6. मौली में बंधी एक सुपारी

सुपारी को पूजा में गणेश जी के प्रतीक के रूप में भी स्थापित किया जाता है। इसे लाल मौली से बांधकर पोटली में रखें। यह मंगल कार्य और शुभ संकल्प का प्रतीक है।

7. गोमती चक्र (3 से 5)

गोमती चक्र को धार्मिक मान्यताओं में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से संबंधित शुभ वस्तु माना जाता है। इसे घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना से रखा जाता है।

8. एक मरौड़ शंख या मरौड़ फली

चित्र में दर्शाई गई इस पारंपरिक वस्तु को भी समृद्धि पोटली में शामिल किया गया है। इसे स्थानीय नाम और उपलब्धता के अनुसार पहचानकर ही खरीदें।

9. एक लक्ष्मी यंत्र और एक कुबेर यंत्र

माता लक्ष्मी को धन, वैभव और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, जबकि भगवान कुबेर धन के अधिपति माने जाते हैं।

इसलिए पोटली में लक्ष्मी यंत्र और कुबेर यंत्र रखने की परंपरा है। यंत्र स्वच्छ और पूजा योग्य होने चाहिए।

10. रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले 3 से 5 सिक्के

सिक्के धन और आर्थिक लेन-देन के प्रतीक हैं। पोटली में कुछ साफ सिक्के रखें। इन्हें आर्थिक स्थिरता और धन के सदुपयोग के संकल्प के साथ रखें।

11. एक पिरामिड नोट

चित्र में दर्शाए गए पिरामिड नोट को भी इस पोटली में शामिल किया गया है। इसे पारंपरिक वास्तु एवं समृद्धि संबंधी मान्यताओं के अनुसार प्रतीकात्मक रूप से रखा जाता है।

2. समृद्धि की पोटली बनाने की संपूर्ण विधि

👉पहला चरण: पोटली के लिए कपड़ा तैयार करें

एक साफ लाल या पीले रंग का कपड़ा लें। इसे अच्छी तरह साफ करके पूजा के स्थान पर बिछा दें। लाल रंग को शक्ति, मंगल और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

👉दूसरा चरण: लक्ष्मी और कुबेर यंत्र रखें

कपड़े के मध्य में एक लक्ष्मी यंत्र और एक कुबेर यंत्र रखें। इनके साथ पंचमुखी रुद्राक्ष और अन्य पूजा सामग्री व्यवस्थित करें।

👉तीसरा चरण: सभी शुभ वस्तुएं रखें

अब क्रमशः कौड़ियां, गुंजा, कमल के बीज, नारियल, मौली में बंधी सुपारी, गोमती चक्र, मरौड़ शंख या फली, सिक्के और पिरामिड नोट रखें।

सभी वस्तुओं को साफ-सुथरे तरीके से व्यवस्थित करें।

👉चौथा चरण: पोटली बांधें

अब लाल या पीले कपड़े के चारों कोनों को एक साथ लाकर पोटली बना लें। इसे लाल मौली या सुनहरे धागे से अच्छी तरह बांध दें।

पोटली बांधते समय माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का स्मरण करें।

👉पांचवां चरण: दीपावली के दिन पूजा करें

दीपावली के दिन शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करें। भगवान कुबेर का भी पूजन करें।

समृद्धि की पोटली को पूजा स्थान पर रखकर धूप, दीप, पुष्प और अक्षत अर्पित करें।


इसके बाद माता लक्ष्मी से घर में सुख, शांति, धन-धान्य और परिवार की उन्नति की प्रार्थना करें।


3. समृद्धि की पोटली कहां रखें?


पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के बाद इस पोटली को निम्न स्थानों पर रखा जा सकता है:

घर के मंदिर में।

धन रखने वाली अलमारी या तिजोरी में।

पूजा के लिए निर्धारित स्वच्छ और सुरक्षित स्थान पर।

इसे ऐसी जगह रखें जहां इसकी पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे।

4. पोटली बनाते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें

सभी वस्तुएं साफ और अच्छी स्थिति में होनी चाहिए।

पोटली बनाने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

पूजा सामग्री को श्रद्धा और सम्मान के साथ रखें।

गुंजा के दानों को बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।

पोटली में रखी वस्तुओं को खाने-पीने की सामग्री न समझें।

अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार सामग्री में बदलाव किया जा सकता है।


5. समृद्धि पोटली का आध्यात्मिक संकल्प

पोटली बांधते समय माता लक्ष्मी का स्मरण करते हुए यह प्रार्थना करें:

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

हे माता महालक्ष्मी! हमारे घर में सुख, शांति, सद्बुद्धि, धन-धान्य और समृद्धि बनाए रखें। 

परिवार के सभी सदस्यों को सद्कर्म करने की शक्ति दें। हमारे जीवन से दरिद्रता, कलह और नकारात्मकता दूर करें।

 वास्तविक समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी की कृपा के साथ मेहनत, ईमानदारी, बचत और सद्कर्म भी आवश्यक हैं।

आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

माता महालक्ष्मी आप सभी के घर में सुख-समृद्धि और मंगल बनाए रखें।

।। शुभ दीपावली ।।

🪔 शुभ धनतेरस एवं धन्वंतरि जयंती 🪔

माता लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लाए। आपके घर में सदा धन-धान्य की वर्षा हो और पूरा परिवार दीर्घायु व निरोगी रहे।

आपको और आपके पूरे परिवार को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं! 

विशेष निवेदन: समृद्धि की पोटली एक पारंपरिक धार्मिक मान्यता और श्रद्धा से जुड़ी विधि है। इसे रखने से B.I.News/www.newsbin24.com धन लाभ या आर्थिक सफलता की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। इसे केवल एक पारंपरिक धार्मिक मान्यता और श्रद्धा से जुड़ी विधि ही माना जायगा 





                               आज का पञ्चांग, दिन शुक्रवार दिनांक 06/11/2026


                                     

                  🌞सुप्रभातम🌞 

      ⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️

       दिनांक:-  06/11/2026, शुक्रवार                  

जय श्री राम

यदि कोई दूसरे को दोष लगाता है कि 'अमुक ने मेरे को दुःख दिया।' तो यह उसकी दुर्बुद्धि है क्योंकि अभिमानपूर्वक किये हुए कर्मरूपी सूत्र में जीव बँधा हुआ है और अपने कर्मों का फल सुख-दुःख के रूप में भोगता है।

सुख तथा दुःख देने वाला दूसरा कोई नहीं है। प्रारब्ध कर्म किसी भी प्रकार मिट नहीं सकता।

आपका दिन मंगलमय हो।। 

जय मां लक्ष्मी जी । 

*🌞 सुप्रभातम🌞*

 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹                 


आज का पञ्चांग

दिनाँक:-06/11/2026,शुक्रवार

द्वादशी, कृष्ण पक्ष,

कार्तिक

(समाप्ति काल)


तिथि‐------ द्वादशी 10:29:56.      तक 

पक्ष------------------------ कृष्ण

नक्षत्र----------- हस्त 28:42:26

योग------- विश्कुम्भ 28:09:06

करण--------- तैतुल 10:29:56

करण------------ गर 22:35:47

वार--------------------- शुक्रवार

माह--------------------- कार्तिक

चन्द्र राशि----------------- कन्या

सूर्य राशि------------------- तुला 

ऋतु----------------------- हेमंत

आयन---------------- दक्षिणायन

संवत्सर----------------- पराभव

संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र

विक्रम संवत------------- 2083 

गुजराती संवत------------ 2082 

शक संवत---------------- 1948 

कलि संवत--------------- 5127 

सूर्योदय------------- 06:34:23

सूर्यास्त-------------- 17:30:53

दिन की अवधि------ 10:56:29

रात की अवधि-------13:04:13

चंद्रास्त-------------- 15:34:22

चंद्रोदय-------------- 28:35:10

लग्न----तुला 19°23', 199°23'

सूर्य नक्षत्र‐---------------- स्वाति

चन्द्र नक्षत्र----------------- हस्त

नक्षत्र पाया---------------- रजत 


🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩


पू---- हस्त 10:04:51


ष---- हस्त 16:16:02


ण---- हस्त 22:28:34


ठ---- हस्त 28:42:26


💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮


        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद

============================

सूर्य=  तुला 19°30 ,       स्वाति  4      ता 

चन्द्र= कन्या 11°30 , उoफाo ,  1      पू

बुध = तुला    16°52 '  स्वाति  3      रो

शु क्र= कन्या 29°05,      चित्रा     2      पो

मंगल= कर्क  26°17    आश्लेषा   4      डो 

गुरु= सिंह  00°33   उoभाo,    1       मा

शनि=मीन 14°10 '    उoभाo  , 4       ञ 

राहू=(व) कुम्भ 01°38  धनिष्ठा ,   3      गु

केतु= (व) सिंह 01°38      मघा   1      मा

============================


🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩


राहू काल 10:41 - 12:03 अशुभ

यम घंटा 14:47 - 16:09 अशुभ

गुली काल 07:56 - 09:19 अशुभ 

अभिजित 11:41 - 12:25 शुभ

दूर मुहूर्त 08:46 - 09:29 अशुभ

दूर मुहूर्त 12:25 - 13:08 अशुभ

वर्ज्यम 12:36 - 14:15 अशुभ

प्रदोष 17:31 - 20:10.    शुभ


🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:51* - 29:43* शुभ


💮चोघडिया, दिन


चर 06:34 07:56 शुभ

लाभ 07:56 - 09:19 शुभ

अमृत 09:19 - 10:41 शुभ

काल 10:41 12:03 अशुभ

शुभ 12:03 - 13:25 शुभ

रोग 13:25 - 14:47 अशुभ

उद्वेग 14:47 - 16:09 अशुभ

चर 16:09 17:31 शुभ


🚩चोघडिया, रात


रोग 17:31 - 19:09 अशुभ

काल 19:09 20:47 अशुभ

लाभ 20:47 - 22:25 शुभ

उद्वेग 22:25 - 24:03* अशुभ

शुभ 24:03* - 25:41* शुभ

अमृत 25:41* - 27:19* शुभ

चर 27:19* - 28:57* शुभ

रोग 28:57* - 30:35* अशुभ


💮होरा, दिन


शुक्र 06:34‐ 07:29

बुध 07:29‐ 08:24

चन्द्र 08:24 ‐09:19

शनि 09:19‐ 10:13

बृहस्पति 10:13‐ 11:08

मंगल 11:08 ‐12:03

सूर्य 12:03‐ 12:57

शुक्र 12:57‐ 13:52

बुध 13:52‐ 14:47

चन्द्र 14:47 ‐15:41

शनि 15:41‐ 16:36

बृहस्पति 16:36 -17:31


🚩होरा, रात


मंगल 17:31 -18:36

सूर्य 18:36- 19:42

शुक्र 19:42- 20:47

बुध 20:47- 21:52

चन्द्र 21:52 -22:58

शनि 22:58- 24:03

बृहस्पति 24:03 -25:08

मंगल 25:08-26:14

सूर्य 26:14-27:19

शुक्र 27:19-28:24

बुध 28:24-29:30

चन्द्र 29:30-30:35


🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩 

     

तुला   >  05:16 से  07:24  तक

वृश्चिक > 07:24 से  09:52   तक

धनु     > 09:52  से  11:44   तक

मकर   > 11:44 से  13:36   तक

कुम्भ   > 13:36  से  15:14  तक

मीन    > 15:14  से  17:10   तक

मेष     >  17:10 से  17:20  तक

वृषभ   > 17:20 से  20:10   तक

मिथुन  > 20:10 से 22:22    तक

कर्क    > 22:22  से 00:36   तक

सिंह    > 00:36 से  03:00   तक

कन्या  > 03:00  से  05:10 तक

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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार


       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट


नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।


💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l

भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll


🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,

चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।

दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,

नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।

 महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त, 

राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,

 अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।


  15 + 12 + 6 + 1 = 34 ÷ 4 = 2 शेष

 आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l


🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩


सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है


केतु ग्रह मुखहुति


💮    शिव वास,फल एवं परिहार -:


श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।

शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।

हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।

सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।

शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।

नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।


 27 + 27 + 5 = 59 ÷ 7 =  3 शेष


वृषाभारूढ = शुभ कारक


🚩भद्रा वास एवं फल -:


स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।

मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।


💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮



प्रदोष व्रत (शिव पूजन)


धन त्रयोदशी (धन्वन्तरि जयंती)


यम दीपदान


💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮


त्यज दुर्जनसंसर्ग भज साधुसमागमम् ।

कुरु पुण्यमहोरात्रं स्मर नित्यमनित्यतः ।।

।।चाoनीo।।


   कुसंग का त्याग करे और संत जानो से मेलजोल बढाए. दिन और रात गुणों का संपादन करे. उसपर हमेशा चिंतन करे जो शाश्वत है और जो अनित्य है


🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩


गीता -:  भक्ति योग योग अo-1


ये तु सर्वाणि कर्माणि मयि सन्नयस्य मत्पराः।

 अनन्येनैव योगेन मां ध्यायन्त उपासते॥


परन्तु जो मेरे परायण रहने वाले भक्तजन सम्पूर्ण कर्मों को मुझमें अर्पण करके मुझ सगुणरूप परमेश्वर को ही अनन्य भक्तियोग से निरन्तर चिन्तन करते हुए भजते हैं। 

 ॥6॥


💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

दफ्तर में कार्य समय पर पूरे होंगे, बॉस प्रसन्न रहेंगे। व्यापार में दीर्घकालिक योजनाओं पर काम शुरू होगा। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, परिवार का साथ मिलेगा। भाग्य का साथ मिलेगा, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ताजगी महसूस करेंगे। भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।


🐂वृषभ

दफ्तर में सजग रहें, गोपनीय बातें किसी से शेयर न करें। व्यापारिक सौदों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। ससुराल पक्ष से संवाद में सौम्यता बनाए रखें। अचानक कोई अनपेक्षित खर्च सामने आ सकता है। सेहत का ध्यान रखें, बाहर का खाने से बचें। केले के वृक्ष का पूजन करें और जल चढ़ाएं।


👫मिथुन

कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा से सभी प्रभावित होंगे। व्यापारिक साझेदारी में लाभ के स्पष्ट योग हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता और खुशहाली बनी रहेगी। आय के नए स्रोत बनेंगे, वित्तीय पक्ष सुदृढ़ होगा। सेहत बहुत अच्छी रहेगी, प्रसन्नता बनी रहेगी। मंदिर में चने की दाल और गुड़ का दान करें।


🦀कर्क

विरोधी आपके खिलाफ सक्रिय हो सकते हैं, सावधान रहें। व्यापार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। विवादों से दूर रहें, परिजनों से तालमेल रखें। फिजूलखर्च पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, नियमित व्यायाम करें। माता दुर्गा की पूजा करें और चालीसा पढ़ें।


🐅सिंह

रचनात्मक कार्यों में बड़ी सफलता मिलने के योग हैं। व्यवसाय में नया निवेश भविष्य में बड़ा फायदा देगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी, मधुरता बढ़ेगी। धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे, बचत बढ़ेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, स्फूर्ति महसूस करेंगे। मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।


🙎‍♀️कन्या

दफ्तर में माहौल शांतिपूर्ण रहेगा, काम आसान होगा। भूमि या वाहन से जुड़े व्यापार में लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में सौहार्द और खुशहाली रहेगी। संपत्ति में वृद्धि के योग हैं, आर्थिक स्थिति सुधरेगी। सेहत अच्छी रहेगी, पर्याप्त नींद और विश्राम लें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।


⚖️तुला

कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव और मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक और फलदायी सिद्ध होगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा, संबंध मधुर होंगे। धन आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा, लाभ होगा। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा, ताजगी बनी रहेगी। किसी बुजुर्ग या गुरु का आशीर्वाद लें।


🦂वृश्चिक

दफ्तर में आपकी सलाह से काम में प्रगति होगी। व्यापार में धन लाभ के योग हैं, बिक्री बढ़ेगी। परिवार में उत्सव जैसा खुशनुमा माहौल रहेगा। फंसा हुआ पैसा वापस मिलेगा, आर्थिक राहत होगी। सेहत सामान्य और उत्तम बनी रहेगी। हल्दी का दान किसी मंदिर में करें।


🏹धनु

नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो तरक्की लाएंगी। व्यापार में बड़ा मुनाफा हो सकता है, विस्तार होगा। समाज और परिवार में मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। वित्तीय मामलों में बड़ा सुधार होगा, लाभ मिलेगा। शारीरिक ऊर्जा बनी रहेगी, सेहत अच्छी रहेगी। भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें या पूजा करें।


🐊मकर

दफ्तर में कार्यों को समय पर पूरा करने का दबाव रहेगा। व्यापारिक लेन-देन में बेहद सतर्कता बरतें। पारिवारिक मामलों में संयम और धैर्य से काम लें। बजट प्रभावित हो सकता है, अनावश्यक व्यय टालें। थकावट या जोड़ों में दर्द हो सकता है, ध्यान दें। पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।


🍯कुंभ

सहकर्मियों के सहयोग से बड़ा कार्य सिद्ध होगा। व्यापार में नए सौदों से मनचाहा लाभ मिलेगा। मित्रों के साथ सुखद पल बिताने का मौका मिलेगा। आय में वृद्धि होगी, वित्तीय स्थिति मजबूत बनेगी। सेहत बहुत अच्छी रहेगी, मन में प्रसन्नता रहेगी। साईं बाबा या गुरुदेव का ध्यान करें।


🐟मीन

अधिकारियों से सराहना मिलेगी, पदोन्नति का योग है। व्यापारिक गतिविधियों में बड़ा आर्थिक लाभ संभव है। पारिवारिक माहौल शांतिपूर्ण और आनंददायक रहेगा। आर्थिक योजनाएं सफल होंगी, आय बढ़ेगी। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस करेंगे। तुलसी पत्र जल में डालकर भगवान विष्णु को अर्पित करें।


🚩आपका दिन मंगलमय हो 🚩









You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं 

- दिपेन्द्र नाथ चौधरी DCP साऊथ


कानपुर नगर।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर आमजन की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर कानपुर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त दक्षिण एवं सहायक पुलिस आयुक्त बाबूपुरवा ने थाना गोविंद नगर क्षेत्र अंतर्गत पटाखा मार्केट का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक गोविंद नगर के साथ अधिकारियों ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।



निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पटाखा विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि कोई भी दुकानदार अपनी दुकान में खाना नहीं बनाएगा। दुकान के अंदर अथवा आसपास बीड़ी, सिगरेट या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई।

इसके साथ ही अग्निशमन पुलिस बल को निर्देशित किया गया कि सभी अग्निशमन वाहनों के टैंकर पानी से पूरी तरह भरे रहें और अग्निशमन उपकरण हमेशा क्रियाशील अवस्था में रखे जाएं। अग्निशमन कर्मियों को निर्धारित स्थान पर मुस्तैदी से तैनात रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट किया कि पटाखा मार्केट की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहारों के दौरान आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए।

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