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यहॉ जो रुक गया शायद ही वो कभी वापस आया- मुरैना का वो तिलिस्म 

मुरैना का ये मंदिर कभी था 'तांत्रिक यूनिवर्सिटी', गर्भ गृह में हैं एक साथ 2 शिवलिंग; इसके डिजाइन पर बनी है भारत की पुरानी संसद

मुरैना में एक ऐसा मंदिर है जिसके डिजाइन पर हमारा पुराना संसद भवन बना था? बिना छत वाले इस तांत्रिक यूनिवर्सिटी के 64 कमरों से आखिर देवियों की मूर्तियां कहां गायब हो गईं, पढ़ें इस अनसुलझे रहस्य का सच.

यहॉ जो रुक गया शायद ही वो कभी वापस आया- मुरैना का वो तिलिस्म
मुरैना (मितावली). ग्वालियर से करीब 40 किलोमीटर दूर, मुरैना जिले का यह छोटा सा गांव है मितावली. यहां दूर-दूर तक पसरे सन्नाटे और छोटे-छोटे पहाड़ों के बीच एक ऐसा राज दफ्न है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. स्थानीय लोग कहते हैं कि इस पहाड़ी पर सूरज ढलने के बाद जो रुक गया, वो शायद कभी लौटकर नहीं आया. यह है देश का सबसे रहस्यमयी ठिकाना मितावली के चौसठ योगिनी मंदिर. प्राचीन भारत में इसे कभी तंत्र-मंत्र की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी कहा जाता था. ऐसा भी माना जाता है कि भारत की पुरानी संसद भवन का डिजाइन भी मुरैना के इसी मंदिर से लुटियंस ने लिया था. क्योंकि दोनों के डिजाइन लगभग समान हैं.

खास बातें:
  • स्थान: यह मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में चंबल संभाग का मुख्यालय है।
  • सीमा: यह शहर राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों की सीमा के पास स्थित है।
  • प्रसिद्ध स्थल: मुरैना अपने प्राचीन मंदिरों (जैसे मितावली का चौसठ योगिनी मंदिर, बटेश्वर मंदिर और ककनमठ मंदिर) तथा राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के लिए जाना जाता है।

इस मंदिर से जुड़े कुछ ऐसे रहस्यमयी पहलू हैं, जो आज भी वैज्ञानिकों और इतिहासकारों के लिए एक बड़ी पहेली बने हुए हैं. आइए जानते हैं इस अद्भुत मंदिर की वो अनकही दास्तान, जो आपको हैरत में डाल देगी.




100 फीट ऊंची पहाड़ी पर नंदी महाराज का कड़ा पहरा

इस रहस्यमयी सफर की शुरुआत मितावली गांव की एक शांत पहाड़ी से होती है. पहाड़ी की ऊंचाई करीब 100 फीट है, जहां तक पहुंचने के लिए पत्थरों को काटकर बनाई गई 108 कठिन सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं.  

लेकिन चढ़ाई शुरू करने से पहले ही मुख्य द्वार पर करीब 5 फीट ऊंची नंदी महाराज की भव्य प्रतिमा आपका रास्ता रोक लेती है. आर्किटेक्चर का अद्भुत नमूना देखिए यह विशाल मूर्ति किसी जोड़-तोड़ से नहीं, बल्कि एक ही सिंगल पत्थर को तराश कर बनाई गई है. मानो शिव का यह वाहन सदियों से मंदिर की रखवाली कर रहा हो.






आखिर कहां गईं 64 देवियों की मूर्तियां?

सीढ़ियों का इम्तिहान पास कर जैसे ही आप ऊपर पहुंचेंगे, आंखों के सामने एक अद्भुत, गोल पहिये जैसा ढांचा दिखाई देगा. यह आम मंदिरों की तरह शिखर वाला नहीं है, बल्कि पूरी तरह से खुले आसमान के नीचे बना हुआ है.

मंदिर के चारों तरफ एक गोलाकार गलियारा है, जिसमें 64 छोटे-छोटे कमरे बने हैं. कच्छपघात राजवंश के राजा देवपाल द्वारा सन 1323 में बनवाए गए इस मंदिर के हर कमरे में कभी योगिनी (अलौकिक शक्तियों वाली देवियों) की मूर्तियां हुआ करती थीं. लेकिन आज स्थिति अलग है.

आज इन 64 कमरों में देवियों की जगह सिर्फ शिवलिंग स्थापित हैं. इतिहासकारों का मानना है कि चंबल के डाकुओं और अंतरराष्ट्रीय मूर्ति तस्करों की काली नजरों से बचाने के लिए सरकार ने मूल मूर्तियों को यहां से हटाकर सुरक्षित संग्रहालयों (म्यूजियम) में रखवा दिया था.

यहॉ जो रुक गया शायद ही वो कभी वापस आया- मुरैना का वो तिलिस्म

एक साथ दो शिवलिंगों का रहस्य

इस गोलाकार मंदिर के ठीक केंद्र (सेंटर) में मुख्य गर्भ गृह स्थित है. आमतौर पर किसी भी शिव मंदिर में एक गर्भ गृह के भीतर एक ही शिवलिंग होता है. लेकिन मितावली के इस मंदिर में एक बड़ा और एक छोटा शिवलिंग एक साथ स्थापित हैं.





तंत्र शास्त्र के जानकारों के अनुसार, यह कोई साधारण पूजा स्थल नहीं था. मुख्य गर्भ गृह ब्रह्मांडीय ऊर्जा को आकर्षित करने का केंद्र था. यहां दो शिवलिंगों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि प्राचीन समय में यहां विशेष तांत्रिक अनुष्ठान और गुप्त सिद्धियां की जाती थीं, जहां मुख्य यजमान के लिए विशेष अभिषेक की व्यवस्था होती थी. 

वहीं, प्रसिद्ध इतिहासकारों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के शोधकर्ताओं का मानना है कि यह मंदिर केवल तंत्र साधना का केंद्र नहीं था, बल्कि यह खगोल विज्ञान (Astronomy) की एक उन्नत प्रयोगशाला भी था.

मंदिर की छत न होने का सबसे बड़ा कारण यह था कि प्राचीन साधक रात के समय तारों, नक्षत्रों और ग्रहों की चाल को सीधे देख सकें. माना जाता है कि 64 की संख्या केवल देवियों की नहीं, बल्कि साल के खास नक्षत्रों और चक्रों को दर्शाती है. सूर्य की देशांतर रेखाओं को ध्यान में रखकर ही इसके गोलाकार कमरों का निर्माण किया गया था. 

यहॉ जो रुक गया शायद ही वो कभी वापस आया- मुरैना का वो तिलिस्म

इसी मंदिर की नकल है हमारा पुराना संसद भवन?

इस मंदिर का सबसे बड़ा और चर्चित विवाद इसके डिजाइन को लेकर है. यदि आप दिल्ली में स्थित भारत के पुराने संसद भवन की तस्वीर और इस मंदिर की तस्वीर को एक साथ देखेंगे, तो दोनों में कोई अंतर नजर नहीं आएगा.

दोनों का गोलाकार ढांचा, गलियारा और खंभों (Pillars) की कतार बिल्कुल एक जैसी है. हालांकि, ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस की किसी भी डायरी या सरकारी दस्तावेज में इस बात का आधिकारिक प्रमाण नहीं है कि उन्होंने इस मंदिर की नकल की थी. लेकिन दोनों की अविश्वसनीय समानता को देखकर यह साफ हो जाता है कि लुटियंस इस प्राचीन भारतीय वास्तुकला से गहरे प्रभावित थे.

यहॉ जो रुक गया शायद ही वो कभी वापस आया- मुरैना का वो तिलिस्म

रात ढलते ही वीरान हो जाता है ये मंदिर?

स्थानीय लोगों और मंदिर के पुजारियों की मानें तो इस मंदिर में सूर्यास्त के बाद रुकना सख्त मना है. लोक मान्यताओं के अनुसार, आज भी अमावस्या की रात को दूर-दूर से अघोरी, तांत्रिक और यहां तक कि विदेशी सैलानी भी यहां गुप्त तांत्रिक क्रियाएं करने आते हैं.

मंदिर के संकरे गलियारे और छोटे दरवाजे इस तरह बनाए गए हैं कि कोई भी कितना भी शक्तिशाली इंसान क्यों न हो, उसे गर्भगृह में नतमस्तक होकर ही प्रवेश करना पड़ता है.

                                                                                              आज का पञ्चांग,दिन,रविवार ,दिनांक 20/09/2026,




              *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 20/09/2026, रविवार  

                       
*जय श्री राम*

                   
*नवमी, शुक्ल पक्ष,*
*भाद्रपद*
(समाप्ति काल)

तिथि--------- नवमी 17:50:53.     तक 
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र------ पूर्वाषाढा 28:33:44
योग-------- सौभाग्य 15:21:38
करण-------- कौलव 17:50:53
वार---------------------- रविवार
माह--------------------  भाद्रपद
चन्द्र राशि------------------- धनु
सूर्य राशि------------------ कन्या
रितु------------------------ शरद
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर) ----------------रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत----------- 2082 
शक संवत--------------- 1948
कलि संवत-------------- 5127 
सूर्योदय------------- 06:07:46
दिन काल----------- 12:09:21
चंद्रोदय-------------- 14:24:18
सूर्यास्त-------------- 18:17:08
रात्री काल----------- 11:51:05
चंद्रास्त-------------- 24:47:19
लग्न----कन्या 2°51', 152°51'
सूर्य नक्षत्र-------- उत्तरा फाल्गनी
चन्द्र नक्षत्र------------- पूर्वाषाढा
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र 

*💮🚩💮  पद, चरण  💮🚩💮*

भू---- पूर्वाषाढा 08:26:07

धा---- पूर्वाषाढा 15:09:34

फा---- पूर्वाषाढा 21:52:10

ढा---- पूर्वाषाढा 28:33:44

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
============================
सूर्य=  कन्या 02°30  , उoफाo      2      टो
चन्द्र= धनु      15°30 ,  उoषाo  1       भू
बुध = कन्या  20°52 '    हस्त   4        ठ
शु क्र= तुला 11°05,      स्वाति     2      रे
मंगल= कर्क  00°17    पुनर्वसु   4      ही
गुरु= कर्क  23°33   आश्लेषा ,    3       डे
शनि=मीन 18°10 '        रेवती  , 1       दे 
राहू=(व) कुम्भ 04°08  धनिष्ठा ,   4      गे
केतु= (व) सिंह 04°08      मघा   2      मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 16:46 - 18:17 अशुभ
यम घंटा 12:12 - 13:44 अशुभ
गुली काल 15:15 - 16:46 अशुभ 
अभिजित 11:48 - 12:37 शुभ
दूर मुहूर्त 16:40 - 17:29 अशुभ
वर्ज्यम 12:28 - 14:16 अशुभ
प्रदोष 18:17 - 20:41.    शुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 06:08 - 07:39 अशुभ
चर 07:39 - 09:10 शुभ
लाभ 09:10 10:41 शुभ
अमृत 10:41 - 12:12 शुभ
काल 12:12 13:44 अशुभ
शुभ 13:44 - 15:15 शुभ
रोग 15:15 - 16:46 अशुभ
उद्वेग 16:46 - 18:17 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 18:17 - 19:46 शुभ
अमृत 19:46 - 21:15 शुभ
चर 21:15 - 22:44 शुभ
रोग 22:44 - 24:13* अशुभ
काल 24:13* - 25:42* अशुभ
लाभ 25:42* - 27:10* शुभ
उद्वेग 27:10* - 28:39* अशुभ
शुभ 28:39* - 30:08* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 06:08- 07:09
शुक्र 07:09 -08:09
बुध 08:09- 09:10
चन्द्र 09:10 -10:11
शनि 10:11- 11:12
बृहस्पति 11:12 -12:12
मंगल 12:12 -13:13
सूर्य 13:13- 14:14
शुक्र 14:14- 15:15
बुध 15:15 -16:16
चन्द्र 16:16- 17:16
शनि 17:16- 18:17
चन्द्र 16:16 -17:16
शनि 17:16- 18:17

🚩होरा, रात

बृहस्पति 18:17 -19:16
मंगल 19:16- 20:16
सूर्य 20:16 -21:15
शुक्र 21:15- 22:14
बुध 22:14- 23:13
चन्द्र 23:13 -24:13
शनि 24:13-25:12
बृहस्पति 25:12-26:11
मंगल 26:11 -27:10
सूर्य 27:10-28:10
शुक्र 28:10-29:09
बुध 29:09-30:08

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 
     
कन्या  > 06:04  से  08:20 तक
तुला   >  08:20 से  10:28  तक
वृश्चिक > 10:28 से  12:56   तक
धनु     > 12:56  से  14:56   तक
मकर   > 14:56 से  16:42   तक
कुम्भ   > 16:42  से  18:20  तक
मीन    > 18:20  से  19:50   तक
मेष     >  19:50 से  21:24  तक
वृषभ   > 21:24 से  23:14   तक
मिथुन  > 23:14 से 01:26    तक
कर्क    > 01:26  से 03:36   तक
सिंह    > 03:36 से  06:00   तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

 9 + 1 + 1 = 11  ÷ 4 = 3 शेष
 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

  9 + 9 + 5 = 23 ÷ 7 =  2 शेष

गौरी सन्निध्यौ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

*सर्वार्थ सिद्धि योग 28:34 से* 

*चंद्र नवमी*

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

न देवो विद्यते काष्ठे न पाषाणे न मृण्मये ।
भावे हि विद्यते देवस्तस्माद्भावो हि कारणम् ।।
।।चाoनीo।।

  देवता न काठ में, पत्थर में, और न मिट्टी ही में रहते हैं वे तो रहते हैं भाव में। इससे यह निष्कर्ष निकला कि भाव ही सबका कारण है।

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  विश्वरूपदर्शन योग अo-11

अनेकवक्त्रनयनमनेकाद्भुतदर्शनम्‌।
 अनेकदिव्याभरणं दिव्यानेकोद्यतायुधम्‌॥
 दिव्यमाल्याम्बरधरं दिव्यगन्धानुलेपनम्‌।
 सर्वाश्चर्यमयं देवमनन्तं विश्वतोमुखम्‌॥

अनेक मुख और नेत्रों से युक्त, अनेक अद्भुत दर्शनों वाले, बहुत से दिव्य भूषणों से युक्त और बहुत से दिव्य शस्त्रों को धारण किए हुए और दिव्य गंध का सारे शरीर में लेप किए हुए, सब प्रकार के आश्चर्यों से युक्त, सीमारहित और सब ओर मुख किए हुए विराट्स्वरूप परमदेव परमेश्वर को अर्जुन ने देखा
 ॥10-11॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
नवम भाव का चंद्रमा भाग्य का पूरा समर्थन दिलाएगा। अटके हुए काम गति पकड़ेंगे। व्यापारिक यात्राएं अत्यधिक सफल और लाभदायक रहेंगी। लव पार्टनर के साथ धार्मिक या आध्यात्मिक स्थल की यात्रा हो सकती है। आर्थिक स्थिति में बड़ा उछाल आएगा, रुका धन मिलेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, मन में सकारात्मकता रहेगी।

🐂वृषभ
अष्टम भाव में चंद्रमा होने से काम में थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। व्यापार में उधारी या बड़ा जोखिम लेने से बचें, दस्तावेजों की जांच करें। लव पार्टनर के साथ बातचीत में सौम्यता बनाए रखें। अचानक अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं, बजट संभालें। थकान, जोड़ों का दर्द या सिरदर्द हो सकता है, विश्राम करें।

👫मिथुन
सप्तम भाव का चंद्रमा व्यापार और दांपत्य जीवन में खुशहाली लाएगा। नया बिजनेस पार्टनर मिल सकता है, सौदे लाभदायक रहेंगे। लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा, अविवाहितों के लिए रिश्ता आ सकता है। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, धन आवक बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, ऊर्जा बनी रहेगी।

🦀कर्क
छठे भाव का चंद्रमा नौकरी-पेशा लोगों को बड़ी सफलता दिलाएगा। प्रतिस्पर्धियों पर आपकी बढ़त बनी रहेगी, रुके काम पूरे होंगे। लव पार्टनर की छोटी बातों को नजरअंदाज करें, शांत रहें। पुरानी देनदारियों से मुक्ति मिलने का रास्ता साफ होगा। खानपान का ध्यान रखें, पेट से जुड़ी समस्या से बचें।

🐅सिंह
पंचम भाव का चंद्रमा बुद्धि, कला और निवेश से बड़ा लाभ दिलाएगा। कारोबार में नए प्रयोग सफल होंगे, बड़ा मुनाफा संभव है। प्रेम संबंधों में नयापन और गहराई आएगी, दिन सुखद बीतेगा। आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे, शेयर बाजार में फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, मानसिक रूप से ताजगी रहेगी।

🙎‍♀️कन्या
चतुर्थ भाव का चंद्रमा पारिवारिक सुख और संपत्ति के मामलों में लाभ देगा। रियल एस्टेट व ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा होगा। परिवार और पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा। वाहन या मकान से जुड़े मद में निवेश हो सकता है। माता की सेहत का ध्यान रखें, स्वयं भी समय पर आराम करें।

⚖️तुला
तृतीय भाव का चंद्रमा आपके पराक्रम और संपर्क सूत्र को बढ़ाएगा। मार्केटिंग, मीडिया और आईटी क्षेत्र के कारोबारियों को बड़ा मुनाफा होगा। लव पार्टनर के साथ सुखद यात्रा के योग हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, व्यायाम को दिनचर्या में रखें।

🦂वृश्चिक
द्वितीय भाव का चंद्रमा धन संचय और वाणी से सफलता दिलाएगा। व्यापार में अटकी हुई पेमेंट वापस मिलेगी। परिवार और लव पार्टनर के साथ संबंध और प्रगाढ़ होंगे। संचित धन में वृद्धि होगी, वित्तीय योजनाएं सफल होंगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, खानपान में सात्विकता रखें।

🏹धनु
आपकी ही राशि में चंद्रमा का गोचर होने से आपका आत्मविश्वास और प्रभाव बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र और व्यापार में आपकी बातें और योजनाएं सराही जाएंगी। लव लाइफ बेहद खुशनुमा रहेगी, जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा। धन लाभ के अच्छे योग हैं, नया निवेश फायदेमंद रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ताजगी और स्फूर्ति बनी रहेगी।

🐊मकर
द्वादश भाव का चंद्रमा अनावश्यक खर्च और भागदौड़ दे सकता है। विदेश या ऑनलाइन व्यापार करने वालों को लाभ होगा। लव पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर गलतफहमी से बचें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें, बजट बनाकर चलें। नींद पूरी लें, आंखों में भारीपन हो सकता है।

🍯कुंभ
एकादश भाव का चंद्रमा धन वर्षा और बड़ी इच्छाओं की पूर्ति कराएगा। व्यापार में बड़ा मुनाफा और नए अनुबंध होने की प्रबल संभावना है। लव पार्टनर से मनचाहा सरप्राइज या सहयोग मिल सकता है। आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत होगी, नए वित्तीय स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा, मन प्रसन्न रहेगा।

🐟मीन
दशम भाव का चंद्रमा करियर में नई ऊंचाइयां और मान-सम्मान दिलाएगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी के योग हैं, बिजनेस चमकेगा। परिवार और पार्टनर आपके फैसलों का समर्थन करेंगे। धन आवक में अप्रत्याशित वृद्धि होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती बनी रहेगी।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*








You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

सरकार बिना गारंटी दे रही 300000 रुपये का लोन... 5 प्रतिशत का ब्याज, जानें कौन और कैसे ले सकता है लाभ

सरकार 3 लाख रुपये का लोन बिना किसी तरह के गारंटी पर दे देती है. वहीं लोन पर लिये जाने वाले ब्याज पर भी रियायत देती है.

सरकार बिना गारंटी दे रही 300000 रुपये का लोन... 5 प्रतिशत का ब्याज, जानें कौन और कैसे ले सकता है लाभ

आर्थिक तंगी की वजह से अगर आप अपना कारोबार शुरू नहीं कर पा रहे हैं तो आपके लिए ऐसी स्कीम है, जिसमें सरकार आपको खुद मदद करेगी. अगर आप में हुनर है और आप उस हुनर को कारोबार में इस्तेमाल करना चाहते हैं तो केंद्र सरकार आपकी मदद करेगी. केंद्र सरकार ऐसे लोगों को बिना गारंटी 300000 (3 Lakh) रुपये की लोन देती है. इसके जरिए आप अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं. इतना ही नहीं इस लोन पर सरकार ब्याज पर सब्सिडी भी देती है. जिससे आपको लोन को चुकाना भी आसान होता है.








केंद्र सरकार की इस योजना का नाम है पीएम विश्वकर्मा योजना, जिसे सरकार 3 साल से चला रही है. इसके तहत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को लोन दिया जाता है इस योजना में 18 व्यवसायों को शामिल किया गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को मदद मिलती है.



पीएम विश्वकर्मा योजना में इन 18 व्यवसाय को मिलता है लाभ

बढ़ई, नाव निर्माता, अस्त्र निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार और पत्थर तराशने वाला, पत्थर तोड़ने वाला, चमड़े का काम करने वाला, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाला / कॉयर बुनकर, पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई, माला बनाने वाला, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला पीएम विश्वकर्मा योजना में शामिल हैं.

दो चरणों में मिलता है 3 लाख का लोन

विश्वकर्मा योजना के तहत सरकार 3 लाख रुपये का लोन दो स्टेप में दिया जाता है. पहले चरण में कारोबार शुरू करने के लिए 1 लाख रुपये का लोन दिया जाता है. जिसे 18 महीने में चुकाने होते हैं. इसके बाद कारोबार के विस्तार के लिए 2 लाख रुपये का लोन दिया जाता है. जिसे चुकाने के लिए 30 महीने का समय दिया जाता है.

लोन के अलावा इसमें 18 ट्रेड में स्किल्ड लोगों को मास्टर ट्रेनरों के जरिए ट्रेनिंग भी दी जाती है. इसमें ट्रेनिंग के साथ 500 रुपये स्टाइपेंड भी दिया जाता है.

ब्याज का क्या है प्रावधान

3 लाख रुपये के लोन पर विश्वकर्मा योजना में ब्याज पर सब्सिडी दी जाती है और इसके लिए महज 5 प्रतिशत ब्याज देना होता है. खास बात यह है कि लोन देने के लिए किसी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं है.

लोन के लिए डॉक्यूमेंट और कैसे करें आवेदन

लोन के लिए आवेदन करने के साथ कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट देना जरूरी है. जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की कॉपी और वैध मोबाइल नंबर देना होता है. 

आवेदन करने के लिए 18 से 50 साल की उम्र होनी चाहिए. वहीं लोन के लिए आवेदन pmvishwakarma.gov.in वेबसाइट पर जाकर अप्लाई ऑप्शन पर क्लिक करें. यहां आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड आपके मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए भेजा जाएगा. इसके बाद आवेदन को अच्छी तरह से पढ़ कर पूरा भरें और दस्तावेज अटैच कर सबमिट कर दें.

41 दिन और 300 करोड़ पार,बिगड़ी बॉक्स ऑफिस की गणित  -हनुमान अंश 

हाँ जी हम बात कर रहे हैं हमारे आराध्य श्री नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश की जो अब बॉक्स ऑफिस की किंग बन चुकी है 

41 दिन और 300 करोड़ पार,बिगड़ी बॉक्स ऑफिस की गणित  -हनुमान अंश
नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश के 300 करोड़ की वर्ल्डवाइड कमाई पर पृथ्वीराज सुकुमारण ने कहा- "अगर किसी फिल्म का दायरा उसके बजट से तय होता तो आज हम 'हनुमान अंश' के बारे में बात नहीं कर रहे होते."

नई दिल्ली: नीम करोली बाबा पर बनीं हनुमान अंश दुनियाभर में 300 करोड़ पार कमाई 41 दिनों में हासिल कर चुकी है. वहीं फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है. इसी बीच मेघना गुलजार की दायरा में नजर आने को तैयार एक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन ने हनुमान अंश की तारीफ की है. उनसे जब पूछा गया कि अलग-अलग स्केल और बजट वाली फिल्मों में काम करते समय एक्टर्स शूटिंग की असलियतों के हिसाब से खुद को कैसे ढालते हैं, जिस पर उन्होंने कहा, "अब किसी फिल्म का दायरा उसके बजट से तय नहीं होता, बल्कि उसके कंटेंट से होता है. अगर बजट से दायरा तय होता, तो आज हम 'हनुमान अंश' के बारे में बात नहीं कर रहे होते."








हनुमान अंश की 41 दिनों में कमाई 300 करोड़ पार

दो करोड़ के बजट में बनीं हनुमान अंश के 41 दिनों के कलेक्शन की बात करें तो सैकनिल्क के अनुसार, 41वें दिन 9,203 शोज के साथ फिल्म ने 6 करोड़ का कलेक्शन हासिल किया है. वहीं इसके साथ भारत में नेट कलेक्शन 237.13 करोड़ पहुंचा है. जबकि ग्रॉस कलेक्शन 280 करोड़ जा पहुंची है. वहीं 41वें दिन 1.75 करोड़ ओवरसीज कमाई के साथ फिल्म ने वर्ल्डवाइड कमाई 300.25 करोड़ कर ली है, जिसमें 20.25 करोड़ ओवरसीज कलेक्शन है. 






तरण आदर्श ने की हनुमान अंश की तारीफ

तरण आदर्श ने NDTV से बातचीत में कहा, "तीसरे वीकेंड से ही फिल्म अचानक बेहतर प्रदर्शन करने लगी. दर्शक ही इसके ब्रांड एंबेसडर बन गए. उन्होंने सोशल मीडिया, WhatsApp और दोस्तों-परिवार के बीच इसकी तारीफ और प्रमोट करना शुरू कर दिया. जब लोग आपके ब्रांड एंबेसडर बन जाते हैं, तो आपको प्रमोशन की जरूरत नहीं पड़ती."

हनुमान अंश की कहानी

2026 में रिलीज हुई हनुमान अंश भक्ति-बायोपिक फिल्म है, जो प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा (महाराज जी) के बचपन और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है. फिल्म की कहानी 13 साल के लड़के लक्ष्मी नारायण शर्मा से शुरू होती है, जो ब्रज क्षेत्र के अकबरपुर गांव का रहने वाला है. वहीं मां के निधन के बाद वह भगवान राम को ढूंढने के लिए निकलता है ताकि वह अपनी माँ से दोबारा मिल सकेगा. इसके चलते वह हनुमान चालीसा पढ़कर वह सोचता है कि हनुमान जी ही उसे राम तक पहुंचा सकते हैं, क्योंकि हनुमान राम के सबसे बड़े भक्त हैं. इसी सोच के साथ वह घर छोड़कर अपने सफर निकल पड़ता है, जिसकी कहानी को फिल्म में दिखाया गया है. 

                                                                                             आज का पञ्चांग,दिन,शनिवार,दिनांक 19/09/2026,




               *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 19/09/2026, शनिवार                         
                      
*अष्टमी, शुक्ल पक्ष,*
*भाद्रपद*
(समाप्ति काल)

तिथि-------- अष्टमी 15:26:18.     तक 
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र----------- मूल 25:42:02
योग------ आयुष्मान 14:27:58
करण----------- बव 15:26:18
करण--------- बालव 28:39:39
वार--------------------- शनिवार 
माह--------------------  भाद्रपद
चन्द्र राशि------------------- धनु
सूर्य राशि------------------ कन्या
रितु------------------------ शरद
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)--------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083 
गुजराती संवत------------ 2082 
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127 
सूर्योदय------------- 06:07:19
सूर्यास्त-------------- 18:18:18
दिन काल----------- 12:10:58
रात्री काल----------- 11:49:28
चंद्रोदय-------------- 13:37:32
चंद्रास्त-------------- 23:51:31
लग्न----कन्या 1°53', 151°53'
सूर्य नक्षत्र-------- उत्तराफाल्गनी 
चन्द्र नक्षत्र-----------------  मूल
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र 

*💮🚩💮  पद, चरण  💮🚩💮*

यो---- मूल 12:12:51

भा---- मूल 18:57:32

भी---- मूल 25:42:02

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
============================
सूर्य=  कन्या 01°30  , उoफाo      2      टो
चन्द्र= धनु      00°30 ,     मूल  2       यो
बुध = कन्या  19°52 '    हस्त   3        ण
शु क्र= तुला 10°05,      स्वाति     2      रे
मंगल= कर्क  00°17    पुनर्वसु   4      ही
गुरु= कर्क  23°33   आश्लेषा ,    2       डू
शनि=मीन 18°10 '        रेवती  , 1       दे 
राहू=(व) कुम्भ 04°12  धनिष्ठा ,   4      गे
केतु= (व) सिंह 04°12      मघा   2      मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 09:10 - 10:41 अशुभ
यम घंटा 13:44 - 15:16 अशुभ
गुली काल 06:07 - 07:39 अशुभ 
अभिजित 11:48 - 12:37 शुभ
दूर मुहूर्त 07:45 - 08:34 अशुभ
वर्ज्यम 23:54 - 25:42* अशुभ
प्रदोष 18:18 - 20:42.      शुभ

🚩गंड मूल 06:07 - 25:42* अशुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 06:07 07:39 अशुभ
शुभ 07:39 - 09:10 शुभ
रोग 09:10 - 10:41 अशुभ
उद्वेग 10:41 - 12:13 अशुभ
चर 12:13 - 13:44 शुभ
लाभ 13:44 15:16 शुभ
अमृत 15:16 - 16:47 शुभ
काल 16:47 18:18 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 18:18 - 19:47 शुभ
उद्वेग 19:47 - 21:16 अशुभ
शुभ 21:16 - 22:44 शुभ
अमृत 22:44 - 24:13* शुभ
चर 24:13* - 25:42* शुभ
रोग 25:42* - 27:10* अशुभ
काल 27:10*28:39* अशुभ
लाभ 28:39* - 30:08* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 06:07- 07:08
बृहस्पति 07:08 -08:09
मंगल 08:09- 09:10
सूर्य 09:10- 10:11
शुक्र 10:11- 11:12
बुध 11:12- 12:13
चन्द्र 12:13 -13:14
शनि 13:14 -14:15
बृहस्पति 14:15- 15:16
मंगल 15:16- 16:16
सूर्य 16:16 -17:17
शुक्र 17:17- 18:18

🚩होरा, रात

बुध 18:18- 19:17
चन्द्र 19:17- 20:17
शनि 20:17-21:16
बृहस्पति 21:16- 22:15
मंगल 22:15- 23:14
सूर्य 23:14- 24:13
शुक्र 24:13-25:12
बुध 25:12- 26:11
चन्द्र 26:11- 27:10
शनि 27:10-28:10
बृहस्पति 28:10-29:09
मंगल 29:09-30:00

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 
     
कन्या  > 06:08  से  08:24 तक
तुला   >  08:24 से  10:32  तक
वृश्चिक > 10:32 से  13:00   तक
धनु     > 13:00  से  15:00   तक
मकर   > 15:00 से  16:46   तक
कुम्भ   > 16:46  से  18:24  तक
मीन    > 18:24  से  19:54   तक
मेष     >  19:54 से  21:28  तक
वृषभ   > 21:28 से  23:18   तक
मिथुन  > 23:18 से 01:30    तक
कर्क    > 01:30  से 03:40   तक
सिंह    > 03:40 से  06:08   तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

  8 + 7 + 1 = 16  ÷ 4 = 0 शेष
 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

  8 + 8 + 5 = 21 ÷ 7 =  0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

*सर्वेश्वरी श्री राधा रानी प्राकटयोत्सव एवं राधाष्टमी व्रत*

*श्री महालक्ष्मी व्रत*

*श्री स्वामी हरिदास जयन्ती*

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

 अग्निहोत्रं विना वेदाः न च दानं विना क्रियाः ।
न भावेनविना सिध्दिस्तस्माद्भावो हि कारणम् ।।
।।चाoनीo।।

  यह बाते बेकार है. वेद मंत्रो का उच्चारण करना लेकिन निहित यज्ञ कर्मो को ना करना. यज्ञ करना लेकिन बाद में लोगो को दान दे कर तृप्त ना करना. पूर्णता तो भक्ति से ही आती है. भक्ति ही सभी सफलताओ का मूल है.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  विश्वरूपदर्शन योग अo-11

 एवमुक्त्वा ततो राजन्महायोगेश्वरो हरिः।
 दर्शयामास पार्थाय परमं रूपमैश्वरम्‌॥

संजय बोले- हे राजन्‌! महायोगेश्वर और सब पापों के नाश करने वाले भगवान ने इस प्रकार कहकर उसके पश्चात अर्जुन को परम ऐश्वर्ययुक्त दिव्यस्वरूप दिखलाया
 ॥9॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
दिनभर अष्टम भाव का प्रभाव रहने से काम में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन रात के बाद भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार में दिन के समय जोखिम लेने से बचें। लव पार्टनर की सेहत का ध्यान रखें, संयम से बात करें। खर्चों पर काबू रखें। दिन में थोड़ी थकान रह सकती है, बाद में राहत मिलेगी।

🐂वृषभ
दिनभर व्यापार और जीवनसाथी के साथ तालमेल बहुत अच्छा रहेगा। रात के बाद थोड़ा संभलकर चलें। साझेदारी के कामों में दिन के समय बड़ा मुनाफा हो सकता है। लव लाइफ में दिनभर रोमांस बना रहेगा। वित्तीय लाभ के अच्छे योग हैं। रात के समय खानपान में लापरवाही न बरतें।

👫मिथुन
दिनभर विरोधियों पर आपकी बढ़त बनी रहेगी। रात के बाद व्यापार और दांपत्य जीवन में चमक आएगी। ऑफिस में रुके हुए काम पूरे होंगे। लव पार्टनर के साथ संवाद बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, रुका धन मिल सकता है। दिनभर ऊर्जा बनी रहेगी।

🦀कर्क
दिनभर बौद्धिक क्षमता से काम बनेंगे। विरोधियों पर सतर्कता जरूरी होगी। शेयर या ट्रेडिंग से जुड़े लोगों लाभ होगा। लव लाइफ में दिनभर मिठास रहेगी। धन आगमन सुचारू रहेगा। पेट का ध्यान रखें, बाहर के खाने से बचें।

🐅सिंह
दिनभर घरेलू सुख-सुविधाओं पर ध्यान रहेगा। निर्णय क्षमता और बौद्धिक लाभ बढ़ेगा। प्रॉपर्टी के सौदे फाइनल हो सकते हैं। लव पार्टनर से सुखद समाचार मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। माता की सेहत में सुधार होगा।

🙎‍♀️कन्या
दिनभर पराक्रम और नेटवर्किंग से काम बनेंगे। रात के बाद ध्यान परिवार पर रहेगा। व्यापारिक यात्राएं सफल होंगी। लव पार्टनर के साथ यात्रा या आउटिंग का प्लान बन सकता है। आर्थिक पक्ष संतुलित रहेगा। गर्दन या हाथों में थोड़ी थकान हो सकती है।

⚖️तुला
दिनभर धन लाभ और वाणी से प्रभाव बढ़ेगा। पराक्रम और नेटवर्किंग में तेजी आएगी। व्यापार में मुनाफा बढ़ेगा। लव लाइफ में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक संचय में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

🦂वृश्चिक
दिनभर आपकी ही राशि में चंद्रमा रहने से प्रभाव बढ़ेगा। धन लाभ के योग बनेंगे। बिजनेस में नए फैसले फायदेमंद साबित होंगे। लव लाइफ बहुत शानदार रहेगी। आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

🏹धनु
दिनभर खर्च और भागदौड़ रह सकती है। चंद्रमा आपकी ही राशि में आकर नया आत्मविश्वास देगा। उधारी से बचें, नए प्रोजेक्ट्स मिलेंगे। लव लाइफ में गलतफहमियां दूर होंगी। दिन में खर्च अधिक रहेगा, रात में स्थिति सुधरेगी। रात के बाद मानसिक तनाव समाप्त होगा।

🐊मकर
दिनभर जबरदस्त लाभ और नेटवर्किंग का माहौल रहेगा। रात के बाद खर्चों पर नियंत्रण रखें। व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने के योग हैं। लव पार्टनर से कोई प्यारा सरप्राइज मिल सकता है। धन आवक बहुत अच्छी रहेगी। दिनभर सेहत अच्छी रहेगी, रात में विश्राम करें।

🍯कुंभ
दिनभर कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा। बड़े आर्थिक लाभ के रास्ते खुलेंगे। नौकरी और बिजनेस दोनों में तरक्की के योग हैं। लव पार्टनर के साथ यादगार समय बीतेगा। आर्थिक पक्ष सुदृढ़ रहेगा। स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा।

🐟मीन
दिनभर भाग्य का साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापारिक विस्तार के लिए दिन उत्तम है। लव लाइफ में भावनात्मक निकटता बढ़ेगी। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*







You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

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