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ऐसा कौन करता है यार, वायरल पोस्ट देख हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

एक पोस्ट अभी सोशल मीडिया पर नजर आया जिसे देखने के बाद शायद ही कोई अपनी हंसी रोक पाएगा। आइए फिर आपको बताते हैं कि पोस्ट में आखिर ऐसा क्या दिख गया और ऐसा क्या लिखा है।

ऐसा कौन करता है यार, वायरल पोस्ट देख हंसी नहीं रोक पाएंगे आप



सोशल मीडिया हम सभी की जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। हम सभी लोग दिन में भले ही कुछ देर के लिए ही सही मगर सोशल मीडिया पर जाते जरूर हैं। आप भी जब सोशल मीडिया पर जाते होंगे तो आपकी फीड पर तरह-तरह के पोस्ट नजर आते होंगे और उन्हीं पोस्ट के बीच में कुछ ऐसे वीडियो या फोटो भी दिखते होंगे जो काफी यूनिक होते हैं और ध्यान खींचने लायक होते हैं। ऐसे ही कंटेंट सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं और अभी भी एक वायरल पोस्ट नजर आया। आइए आपको बताते हैं कि उस पोस्ट में आखिर ऐसा क्या है जो वो वायरल हुआ।

पोस्ट में क्या नजर आया?

हम जिस पोस्ट की बात कर रहे हैं उसमें एक फोटो नजर आ रही है और उस फोटो में एक बोर्ड दिखता है। आमतौर पर बोर्ड पर लोगों के लिए निर्देश होते हैं और इस पर भी निर्देश ही लिखा हुआ है मगर वो लोगों के लिए नहीं बल्कि कुत्तों के लिए है। बोर्ड पर लिखा है, 'कुत्तों से निवेदन है कि अपने मालिकों को इधर घुमाने न लाएं।' अब आमतौर पर तो लिखा होता है कि लोग अपने कुत्तों को यहां घुमाने न लाएं मगर यहां उल्टा है और यह वो कारण है कि फोटो वायरल हो रही है। अब यह किसने लिखा, वो तो पोस्ट से नहीं पता चल सकता मगर वायरल हो गया।


यहां देखें वायरल फोटो

आपने अभी जो फोटो देखी उसे एक्स प्लेटफॉर्म पर @aditiwari9111 नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। खबर लिखे जाने तक पोस्ट को कई हजार लोगों ने देख लिया है। ये देखने के बाद लोगों ने रिएक्ट भी किया है। एक यूजर ने लिखा- ये उल्टा पुल्टा कौन लिख रहा है। दूसरे यूजर ने लिखा- ये तो अलग ही है। तीसरे यूजर ने लिखा- बेइज्जती कर दी। एक अन्य यूजर ने लिखा- गजब बेइज्जती है।

नोट: इस खबर में आपको जो भी जानकारी दी गई है वो सोशल मीडिया पर किए गए दावों पर आधारित है और B.I.News (www.newsbin24.com)इनकी पुष्टि नहीं करता है।

क्या कूलर से हो रही है उमस वाली गर्मी? बस कमरे में करें ये छोटा सा बदलाव, AC भी हो जाएगी फेल
क्या कूलर से हो रही है उमस वाली गर्मी? बस कमरे में करें ये छोटा सा बदलाव, AC भी हो जाएगी फेल

अगर कूलर ठंडी हवा नहीं दे रहा और कमरे में उमस हो रही है तो जरूरी नहीं कि वह खराब हो. बंद कमरे में कूलर सही तरह काम नहीं करता. कमरे की एक खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखने से एयर सर्कुलेशन बेहतर होता है और कूलर ज्यादा ठंडी हवा देने लगता है.

गर्मियां अपने चरम पर हैं, तेज धूप, गर्म हवाओं ने लोगों के हाल-बेहाल कर रखे हैं. कई शहरों में तो टेंपरेचर 48 डिग्री तक पहुंच गया है. इस तरह में लोग घरों पर एसी और कूलर चलाने लग जाते हैं. ऐसे में जिन घरों में AC नहीं है, वहां कूलर ही सबसे बड़ा सहारा बनता है. लेकिन कूलर से साथ परेशानी तब आती है जब कूलर भी भीषण गर्मी में फेल हो जाता है. कूलर चलाने पर गर्मी तो कम नहीं होती है बल्कि उमस हो जाती है. उमस होने पर कमरे में बैठना भी मुश्किल हो जाता है. कमरे में गर्म हवा जैसी फील होने लगता है. कई लोग इसे कूलर की खराबी या फिर बढ़ी हुई गर्मी का असर मानते हैं, जबकि असली दिक्कत अक्सर कमरे की सेटिंग में होती है. 

अगर आपका कूलर भी ठंडी हवा नहीं दे रहा, तो हो सकता है कि आपके कमरे की सेटिंग और कूलर रखने की जगह सही न हो. चलिए आपको बताते हैं ऐसे चेंज जो बिना ज्यादा खर्च किए आपके कमरे को काफी ठंडा बना सकता है.

बंद कमरा बना देता है कूलर को बेकार

अगर आपने कूलर लगा रखा है तो आपको अपने कमरे को पूरी तरह से पैक कर लेते हैं. ये सबसे बड़ी गलती होती है. दरअसल कूलर को लगाते समय आपको वेटिंलेशन का पूरा ध्यान रखना चाहिए. जिससे कि कूलर कमरे को सही से ठंडा कर पाए.

बता दें कि कूलर AC की तरह काम नहीं करता है. कूलर हवा में नमी बढ़ाकर कमरे को ठंडा करता है. अगर कमरे में हवा आने और बाहर निकलने का रास्ता नहीं होगा तो कूलर ठंडा नहीं करेगा और कमरे में उमस हो जाएगी. कूलर की हवा भी गर्म लगने लगती है. इसलिए कूलर को हमेशा खुली जगह और बाहर की तरफ रखा जाता है.

बस ये छोटा बदलाव कर दीजिए

ध्यान रखें कि जब भी आप कूलर चलाएं तो कमरे की खिड़की या दरवाजें को थोड़ा सा खोल कर रखें. ऐसा करने से कमरे के अंदर की गर्म और नम हवा बाहर निकलती रहेगी और ताजी हवा आती रहेगी. यही एयर सर्कुलेशन की वजह से ही कूलर अच्छी कूलिंग करता है. 

कूलर की सही जगह

कूलर की सही ठंडक पाने के लिए जरूरी है कि आप उसको सही जगह पर रखें, कूलर को दीवार से चिपका कर या फिर दीवार से चिपका कर बिल्कुल ना रखें. कूलर को हमेशा खिड़की के पास या गेट के पास रखें, जिससे उसमें बाहर की हवा उसे मिलती रहे.

इन छोटी बातों का भी रखें ध्यान

  • कूलर की घास को समय-समय पर साफ करते रहें. 
  • घास पुरानी हो जाने पर उसको बदल दें. 
  • टैंक का पानी हमेशा साफ रखें.
  • अगर कूलर में भरा पानी बहुत गर्म हो गया है तो आप उसमें बर्फ डाल सकते हैं. 
  • पंखे के साथ कूलर चलाने से हवा पूरे कमरे में फैलती है.
  • दोपहर के समय में कमरे के पर्दे बंद रखें ताकि धूप सीधे कमरे में न आए.

क्यों जरूरी है एयर सर्कुलेशन?

कूलर सही से तभी काम करता है, जब कमरे में लगातार एयर फ्लो सही बना रहे. बंद कमरे में कूलर चलाने से नमी बढ़ने लगती है. जिससे पसीना नहीं सूख पाता, चिपचिपापन होता है और गर्मी भी ज्यादा महसूस होता है. 

विधायक व MLC अरुण पाठक ने समाजसेवी एवं  मंत्री   डा. समरदीप पांडेय के घर पहुंच दिया नव दम्पत्ति को आशीर्वाद 

विधायक व MLC अरुण पाठक ने समाजसेवी एवं  मंत्री   डा. समरदीप पांडेय के घर पहुंच दिया नव दम्पत्ति को आशीर्वाद
कानपुर, आज किदवई नगर विधानसभा के विधायक महेश त्रिवेदी व एम एल सी अरुण पाठक जी ने भाजपा जूही मंडल मंत्री डॉ समरदीप पांडेय के10 ब्लॉक गोविंद नगर स्थित निवास पर पहुंचकर उनके नव विवाहित जोड़े अनुज सत्यदीप पांडेय और बहु शिल्पा को आशीर्वाद दिया तथा सुखमय जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की। माननीयों ने डॉ समरदीप पांडेय के पिता आचार्य पंडित मदन मोहन पांडेय भाई अमर दीप पांडेय व माताजी से मुलाकात कर उनका कुशल क्षेम जाना परिवारजनों ने माननीयों के निवास आगमन पर उनका स्वागत व सम्मान किया। और बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया । इस मौके पर पार्टी के अवध बिहारी अवस्थी, विनय मालवी, भी उपस्थित रहे

                                                   

आज का पांचांग दिन बुधवार दिनांक 20/05/2026

                                     

                  🌞सुप्रभातम🌞 

      ⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️

       दिनांक:-  20/05/2026, बुधवार 

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

 *चतुर्थी, शुक्ल पक्ष,*

*अधिक ज्येष्ठ*

(समाप्ति काल)


तिथि----------- चतुर्थी 11:06:11.     तक 

पक्ष------------------------- शुक्ल

नक्षत्र----------- आर्द्रा 06:11:00

नक्षत्र---------- पुनर्वसु 28:11:10

योग-------------- शूल 14:09:00

करण------- विष्टि भद्र 11:06:11

करण-------------- बव 21:41:40

वार------------------------ बुधवार

माह----------------- अधिक ज्येष्ठ

चन्द्र राशि---    मिथुन 22:37:53

चन्द्र राशि------------------    कर्क

सूर्य राशि------------------    वृषभ

रितु------------------------- ग्रीष्म

आयन--------‐---------- उत्तरायण

संवत्सर------------------- पराभव

संवत्सर (उत्तर) ------------------रौद्र

विक्रम संवत--------------- 2083 

गुजराती संवत------------- 2082 

शक संवत----------------- 1948 

कलि संवत---------------- 5127

सूर्योदय--------------- 05:29:17

सूर्यास्त---------------- 19:02:31

दिन काल------------- 13:33:14

रात्री काल------------- 10:26:19

चंद्रोदय--------------- 08:38:29

चंद्रास्त---------------- 23:08:50

लग्न----   वृषभ 4°47' , 34°47'

सूर्य नक्षत्र----------------- कृत्तिका

चन्द्र नक्षत्र------------------ आर्द्रा 

नक्षत्र पाया------------------- लौह 


*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*


छ---- आर्द्रा 06:11:00


के---- पुनर्वसु 11:37:55


को---- पुनर्वसु 17:06:50


हा---- पुनर्वसु 22:37:53


ही---- पुनर्वसु 28:11:10


*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*


        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद

============================

सूर्य=  वृषभ 04°12  ,      कृतिका    3     उ

चन्द्र= मिथुन     19°30 ,  आर्द्रा    4   छ

बुध = वृषभ  11°52 '      रोहिणी   1     ओ

शु क्र= मिथुन  05°05,    आर्द्रा   1     कु

मंगल= मेष 05°23          अश्वनी   2     चे

गुरु= मिथुन  27°33    पुनर्वसु,     3       हा

शनि=मीन 17°30 '        रेवती  , 1       दे 

राहू=(व) कुम्भ 10°40  शतभिषा,      2  सा

केतु= (व) सिंह 10°40       मघा   4      मे 

============================


*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*


राहू काल 12:16 - 13:58 अशुभ

यम घंटा 07:11 - 08:53 अशुभ

गुली काल 10:34 - 12:16 अशुभ 

अभिजित 11:49 - 12:43 अशुभ

दूर मुहूर्त 11:49 - 12:43 अशुभ

वर्ज्यम 17:07 - 18:35 अशुभ

प्रदोष 19:03 - 21:09.       शुभ


💮चोघडिया, दिन


लाभ 05:29 - 07:11 शुभ

अमृत 07:11 - 08:53 शुभ

काल 08:53 10:34 अशुभ

शुभ 10:34 - 12:16 शुभ

रोग 12:16 - 13:58 अशुभ

उद्वेग 13:58 - 15:39 अशुभ

चर 15:39 17:21 शुभ

लाभ 17:21 19:03 शुभ


🚩चोघडिया, रात


उद्वेग 19:03 - 20:21 अशुभ

शुभ 20:21 - 21:39 शुभ

अमृत 21:39 - 22:57 शुभ

चर 22:57 - 24:16* शुभ

रोग 24:16* - 25:34* अशुभ

काल 25:34* - 26:52* अशुभ

लाभ 26:52* - 28:11* शुभ

उद्वेग 28:11* - 29:29* अशुभ


💮होरा, दिन


बुध 05:29- 06:37

चन्द्र 06:37- 07:45

शनि 07:45 -08:53

बृहस्पति 08:53 10:00

मंगल 10:00 -11:08

सूर्य 11:08- 12:16

शुक्र 12:16- 13:24

बुध 13:24 -14:31

चन्द्र 14:31- 15:39

शनि 15:39 -16:47

बृहस्पति 16:47- 17:55

मंगल 17:55- 19:03


🚩होरा, रात


सूर्य 19:03 -19:55

शुक्र 19:55 -20:47

बुध 20:47 -21:39

चन्द्र 21:39 -22:31

शनि 22:31- 23:23

बृहस्पति 23:23 -24:16

मंगल 24:16-25:08

सूर्य 25:08-26:00

शुक्र 26:00 -26:52

बुध 26:52-27:44

चन्द्र 27:44-28:37

शनि 28:37-29:29


*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

     

वृषभ   > 05:10 से  07:10   तक

मिथुन  > 07:10 से 09:24    तक

कर्क    > 09:24  से 11:44   तक

सिंह    > 11:44 से  14:00   तक

कन्या  > 14:00  से  16:14  तक

तुला   >  16:14 से  18:32   तक

वृश्चिक > 18:32 से  20:52   तक

धनु     > 20:52  से  22:56   तक

मकर   > 22:56 से  00:42   तक

कुम्भ   > 00:42  से  02:12  तक

मीन    > 02:12  से  03:38   तक

मेष     > 03:38 से  05:12   तक

=======================


*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*


       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट


*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।


*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*


*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*


  4  + 4 +  1 =  9 ÷ 4 = 1 शेष

 पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l


*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*


सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है


बुध ग्रह मुखहुति


*💮    शिव वास एवं फल -:*


  4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 =  6 शेष


क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक


*🚩भद्रा वास एवं फल -:*


*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*


11:06 तक  समाप्त 


स्वर्ग लोक  =  शुभ कारक 


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *विनायक चतुर्थी* 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गृहेषु च ।

व्यधितस्यौषधं मित्रं धर्मो मित्रं मृतस्य च ।।

।।चाoनीo।।


वर्षा के जल के समान कोई जल नहीं. खुदकी शक्ति के समान कोई शक्ति नहीं. नेत्र ज्योति के समान कोई प्रकाश नहीं. अन्न से बढ़कर कोई संपत्ति नहीं.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:  ज्ञान-विज्ञान योग अo-7


तेषां ज्ञानी नित्ययुक्त एकभक्तिर्विशिष्यते।

 प्रियो हि ज्ञानिनोऽत्यर्थमहं स च मम प्रियः॥


उनमें नित्य मुझमें एकीभाव से स्थित अनन्य प्रेमभक्ति वाला ज्ञानी भक्त अति उत्तम है क्योंकि मुझको तत्व से जानने वाले ज्ञानी को मैं अत्यन्त प्रिय हूँ और वह ज्ञानी मुझे अत्यन्त प्रिय है

 ॥17॥


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। व्यावसायिक समस्या का हल निकलेगा। नई योजना में लाभ की संभावना है। घर में मांगलिक आयोजन हो सकते हैं। जीवनसाथी से संबंध घनिष्ठ होंगे। रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी।


🐂वृष

शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान बढ़ेगा। स्वजनों से मेल-मिलाप होगा। नौकरी में ऐच्छिक पदोन्नति की संभावना है। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। किसी की आलोचना न करें। खानपान का ध्यान रखें। आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी।


👫मिथुन

गीत-संगीत में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। पुराना रोग उभर सकता है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अधूरे कामों में गति आएगी। व्यावसायिक गोपनीयता भंग न करें।


🦀कर्क

घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धनलाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। वाणी पर संयम आवश्यक है। जीवनसाथी से मदद मिलेगी। सामाजिक यश-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें।


🐅सिंह

परिवार के सहयोग से दिन उत्साहपूर्ण व्यतीत होगा। योजनानुसार कार्य करने से लाभ की संभावना है। आर्थिक सुदृढ़ता रहेगी। धनार्जन होगा। संतान के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। बेचैनी दूर होगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी।


🙎‍♀️कन्या

नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। कार्य में व्यय की अधिकता रहेगी। दांपत्य जीवन में भावनात्मक समस्याएँ रह सकती हैं। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। राजमान प्राप्त होगा।


⚖️तुला

व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। पारिवारिक उन्नति होगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वविवेक से कार्य करना लाभप्रद रहेगा।


🦂वृश्चिक

लाभ के अवसर मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। कुछ मानसिक अंतर्द्वंद्व पैदा होंगे। पारिवारिक उलझनों के कारण मानसिक कष्ट रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। धैर्य एवं संयम रखकर काम करना होगा। यात्रा आज न करें।


🏹धनु

भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बेरोजगारी दूर होगी। लाभ होगा। मान-प्रतिष्ठा में कमी आएगी। कामकाज में बाधाएं आ सकती हैं। कर्मचारियों पर व्यर्थ संदेह न करें। आर्थिक लाभ मिलने से एक्स्ट्रा खर्च उठा पाएंगे। शत्रु सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य कमजोर होगा।


🐊मकर

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। राजकीय कार्य में परिवर्तन के योग बनेंगे। आलस्य का परित्याग करें। आपके कामों की लोग प्रशंसा करेंगे। व्यापार लाभप्रद रहेगा। नई कार्ययोजना के योग प्रबल हैं। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। स्वास्थ्‍य कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें।


🍯कुंभ

व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कानूनी मामले सुधरेंगे। धन का प्रबंध करने में कठिनाई आ सकती है। आहार की अनियमितता से बचें। व्यापार, नौकरी में उन्नति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रखें।


🐟मीन

व्यापार-व्यवसाय सामान्य रहेगा। दूरदर्शिता एवं बुद्धि चातुर्य से कठिनाइयां दूर होंगी। राज्य तथा व्यवसाय में सफलता मिलने के योग हैं। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। पुराना रोग उभर सकता है। चोट व दुर्घटना से बचें। वस्तुएं संभालकर रखें। बाकी सामान्य रहेगा।


*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*








You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

                                                                                       


आज का पांचांग दिन मंगलवार दिनांक 19/05/2026



                  🌞सुप्रभातम🌞 

      ⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️

       दिनांक:- 19/05/2026, मंगलवार 


*जय श्री राम*

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

*तृतीया, शुक्ल पक्ष,*

*अधिक ज्येष्ठ*

(समाप्ति काल)

तिथि----------- तृतीया 14:17:57.    तक 

पक्ष------------------------- शुक्ल

नक्षत्र-------- मृगशिरा 08:40:47

योग-------------- धृति 17:47:40

करण-------------- गर 14:17:57

करण---------- वणिज 24:38:37

वार---------------------- मंगलवार

माह अधिक-------------------ज्येष्ठ

चन्द्र राशि----------------    मिथुन

सूर्य राशि------------------    वृषभ

रितु-------------------------- ग्रीष्म

आयन------------------- उत्तरायण

संवत्सर-------------------- पराभव

संवत्सर (उत्तर)------------------- रौद्र

विक्रम संवत---------------- 2083

गुजराती संवत-------------- 2082 

शक संवत-------------------1948 

कलि संवत----------------- 5127

सूर्योदय--------------- 05:29:45

सूर्यास्त-----------‐--- 19:01:57

दिन काल------------- 13:32:12

रात्री काल------------- 10:27:19

चंद्रोदय--------------- 07:28:21

चंद्रास्त---------------- 22:14:02

लग्न----   वृषभ 3°49' , 33°49'

सूर्य नक्षत्र----------------- कृत्तिका

चन्द्र नक्षत्र--------------- मृगशिरा 

नक्षत्र पाया------------------- लौहा 


*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*


की---- मृगशिरा 8:40:47


कु---- आर्द्रा 14:01:01


घ---- आर्द्रा 19:22:41


ङ---- आर्द्रा 24:45:58


*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*


        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद

============================

सूर्य=  वृषभ 03°12  ,      कृतिका    3     उ

चन्द्र= मिथुन     04°30 ,  मृगशिरा    4   की 

बुध = वृषभ  09°52 '       कृतिका   4     ए

शु क्र= मिथुन  05°05,    मृगशिरा 4     की 

मंगल= मेष 05°23          अश्वनी   2     चे

गुरु= मिथुन  27°33    पुनर्वसु,     3       हा

शनि=मीन 16°30 '     उoभा o  , 4       ञ

राहू=(व) कुम्भ 10°43  शतभिषा,      2  सा

केतु= (व) सिंह 10°43       मघा   4      मे 

============================


*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*


राहू काल 15:39 - 17:20 अशुभ


यम घंटा 08:53 - 10:34 अशुभ

गुली काल 12:16 - 13:57 अशुभ 

अभिजित 11:49 - 12:43 शुभ

दूर मुहूर्त 08:12 - 09:06 अशुभ

दूर मुहूर्त 23:13 - 24:07* अशुभ

वर्ज्यम 16:10 - 17:35 अशुभ

प्रदोष 19:02 - 21:09      शुभ


💮चोघडिया, दिन


रोग 05:30 - 07:11 अशुभ

उद्वेग 07:11 - 08:53 अशुभ

चर 08:53 10:34 शुभ

लाभ 10:34 12:16 शुभ

अमृत 12:16 - 13:57 शुभ

काल 13:57 15:39 अशुभ

शुभ 15:39 - 17:20 शुभ

रोग 17:20 - 19:02 अशुभ


🚩चोघडिया, रात


काल 19:02 - 20:20 अशुभ

लाभ 20:20 21:39 शुभ

उद्वेग 21:39 - 22:57 अशुभ

शुभ 22:57 - 24:16* शुभ

अमृत 24:16* - 25:34* शुभ

चर 25:34*- 26:52* शुभ

रोग 26:52* - 28:11* अशुभ

काल 28:11*29:29* अशुभ


💮होरा, दिन


मंगल 05:30- 06:37

सूर्य 06:37 -07:45

शुक्र 07:45 -08:53

बुध 08:53 -10:00

चन्द्र 10:00- 11:08

शनि 11:08- 12:16

बृहस्पति 12:16 -13:24

मंगल 13:24 -14:31

सूर्य 14:31 -15:39

शुक्र 15:39- 16:47

बुध 16:47 -17:54

चन्द्र 17:54 -19:02


🚩होरा, रात


शनि 19:02 -19:54

बृहस्पति 19:54 -20:47

मंगल 20:47 -21:39

सूर्य 21:39 -22:31

शुक्र 22:31 -23:23

बुध 23:23- 24:16

चन्द्र 24:16-25:08

शनि 25:08-26:00

बृहस्पति 26:00 -26:52

मंगल 26:52-27:45

सूर्य 27:45-28:37

शुक्र 28:37-29:29


*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

     

वृषभ   > 05:14 से  07:14   तक

मिथुन  > 07:14 से 09:28    तक

कर्क    > 09:28  से 11:48   तक

सिंह    > 11:48 से  14:04    तक

कन्या  > 14:04  से  16:18  तक

तुला   >  16:18 से  18:36   तक

वृश्चिक > 18:36 से  20:56   तक

धनु     > 20:56  से  23:00   तक

मकर   > 23:00 से  00:46   तक

कुम्भ   > 00:46  से  02:16   तक

मीन    > 02:16  से  03:42   तक

मेष     > 03:42 से  05:16   तक

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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*


       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट


*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।


*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*


*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*


  3 + 3 + 1 =  7 ÷ 4 = 3 शेष

 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l


*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*


सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है


सूर्य ग्रह मुखहुति


*💮    शिव वास एवं फल -:*


  3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 =  4 शेष


सभायां = संताप कारक


*🚩भद्रा वास एवं फल -:*


*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*


रात्रि 24:42 से  प्रारम्भ 


स्वर्ग लोक  =  शुभ कारक 


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


*तृतीय बड़ा मंगल*


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


तृणं ब्रह्मविदः स्वर्गस्तृणं शूरस्य जीवितम् ।

जिताक्षस्य तृणं नारी निःस्पृहस्य तृणं जगत् ।।

।।चाoनीo।।


समुद्र में होने वाली वर्षा व्यर्थ है. जिसका पेट भरा हुआ है उसके लिए अन्न व्यर्थ है. पैसे वाले आदमी के लिए भेट वस्तु का कोई अर्थ नहीं. दिन के समय जलता दिया व्यर्थ है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:  ज्ञान-विज्ञान योग अo-7


चतुर्विधा भजन्ते मां जनाः सुकृतिनोऽर्जुन।

 आर्तो जिज्ञासुरर्थार्थी ज्ञानी च भरतर्षभ॥


हे भरतवंशियों में श्रेष्ठ अर्जुन! उत्तम कर्म करने वाले अर्थार्थी (सांसारिक पदार्थों के लिए भजने वाला), आर्त (संकटनिवारण के लिए भजने वाला) जिज्ञासु (मेरे को यथार्थ रूप से जानने की इच्छा से भजने वाला) और ज्ञानी- ऐसे चार प्रकार के भक्तजन मुझको भजते हैं

 ॥16॥


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

कुबुद्धि हावी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद से दूर रहें। कुसंगति से बचें। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य का साथ रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी।


🐂वृष

यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में सोच-समझकर हाथ डालें। जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है।


👫मिथुन

व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। समय का अपव्यय होगा। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश होगा। काम में मन नहीं लगेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति विशेष से अनबन हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


🦀कर्क

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि नीचा देखना पड़े। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धनार्जन होगा।


🐅सिंह

शत्रु शांत रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर में प्रतिष्ठित अतिथियों का आगमन हो सकता है। व्यय होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। दुष्‍टजनों से दूर रहें। चिंता तथा तनाव रहेंगे।


🙍‍♀️कन्या

भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार प्राप्ति सहज ही होगी। व्यावसायिक यात्रा से लाभ होगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। निवेशादि शुभ रहेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। किसी बड़ी समस्या का हल प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।


⚖️तुला

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। ऐश्वर्य पर खर्च होगा।


🦂वृश्चिक

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। शुभ समाचार मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।


🏹धनु

आराम का समय मिलेगा। आशंका-कुशंका रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं, प्रयास करें। आय में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।


🐊मकर

यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। थकान महसूस होगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल रहेंगे। धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।


🍯कुंभ

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक शिथिलता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। किसी अपने का व्यवहार प्रतिकूल रहेगा। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। नौकरी में अपेक्षानुरूप कार्य न होने से अधिकारी की नाराजी झेलना पड़ेगी।


🐟मीन

कष्ट, भय व चिंता का वातावरण बन सकता है। विवेक से कार्य करें। समस्या दूर होगी। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। नौकरी में शांति रहेगी। सहकर्मियों का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।


*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*









You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

तरबूजे और खरबूजे के साथ भूलकर भी न खाएं ये चीजें, फायदा की जगह पहुंच सकता है नुकसान

गर्मियों का मौसम आते ही हममें से ज्यादातर लोग तरबूजे और खरबूजे को खाना पसंद करते हैं. इस आर्टिकल में जानें इन फलों को किन चीजों के साथ भूलकर भी नहीं खाना चाहिए.
तरबूजे और खरबूजे के साथ भूलकर भी न खाएं ये चीजें, फायदा की जगह पहुंच सकता है नुकसान


मई की इस चिलचिलाती गर्मी में जो सबसे ज्यादा भारत में खाया जाता है, वह है खरबूजा और तरबूज . ये शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और पानी की कमी नहीं होने देते, लेकिन इन फलों को गलत चीजों के साथ खाने से फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है. आयुर्वेद में कुछ चीजों को 'विरुद्ध आहार' कहा गया है, यानी ऐसी चीजें जिन्हें एक साथ खाने से पाचन बिगड़ सकता है. तरबूज या खरबूजे के साथ दूध, दही या अन्य डेयरी उत्पाद नहीं खाने चाहिए. ऐसा करने से पाचन क्रिया धीमी हो सकती है और गैस, भारीपन या पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.



1.फ्राई फूड्स- 

इसी तरह पानी वाले फलों के साथ तले-भुने फूड्स खाना भी नुकसानदायक माना जाता है. गर्मियों में शरीर पहले से ही गर्म रहता है और अगर ऐसे समय में भारी और ऑयली खाना खाया जाए तो अपच, एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है.

2. भारी खाना-

भारी खाना या ज्यादा अनाज के साथ भी तरबूज और खरबूजा खाने से बचना चाहिए. इससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और शरीर में सुस्ती, भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है.

3. ठंडी चीजें-

बहुत ठंडे ड्रिंक या आइस्ड ड्रिंक्स के साथ इन फलों का सेवन भी सही नहीं माना जाता. इससे आंतों की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और दस्त या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

कैसे करें इनका सेवन-

आयुर्वेद के अनुसार, तरबूज या खरबूजे जैसे पानी वाले फलों को हमेशा अकेले या फिर समान प्रकृति वाले फलों के साथ खाना बेहतर होता है. इससे शरीर को पोषण भी सही तरीके से मिलता है और पाचन भी अच्छा रहता है.

अगर आपको तरबूज या खरबूजा पसंद नहीं है या किसी वजह से आप नहीं खा सकते तो गर्मी के मौसम में नारियल पानी, बेल का शरबत, नींबू पानी और छाछ जैसी चीजें शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करती हैं. साथ ही, पर्याप्त आराम और संतुलित खानपान भी जरूरी है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. B.I.News (www.newsbin24.com) इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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