आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस इन आदतों से हो जाता है, खत्म पता भी नहीं चलता
कई बार हमारी अपनी आदतों के कारण हमारा आत्मविश्वास (confidence) धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है. ये आदतें भी इतनी सामान्य होती हैं कि हमें महसूस भी नहीं होता कि हम अपना ही नुकसान कर रहे हैं.कुछ बातें ऐसी होती हैं जो आत्मविश्वास के गिरे होने की संकेत हो सकती हैं. नजरअंदाज करने के बजाय इन्हें दूर करने के तरीके खोजने चाहिए. जानें वो संकेत या लक्षण जो बताते हैं कि कोई गिरते सेल्फ कॉन्फिडेंस का शिकार है.गिरते सेल्फ कॉन्फिडेंस की चपेट में आने वाला आसानी से इससे छुटकारा नहीं पा पाता. मैं किसी लायक नहीं हूं या मेरी कुछ नहीं हो सकता जैसे सवाल मन में उठने लगते हैं और एक दिन ये समस्या डिप्रेशन जैसी बीमारी के रूप में उभर कर सामने आती हैं. कभी-कभी काम में परेशानियां, घर में मनमुटाव जैसे कई हालात बनते हैं और इसे लोग जीवन में आने वाली परेशानियां समझकर झेलते रहते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि ये सेल्फ कॉन्फिडेंस यानी गिरते हुए आत्म सम्मान या आत्म विश्वास के डाउन होने को दर्शाता है.
इन आदतों से खत्म हो जाता है कॉन्फिडेंस
दूसरों से अपनी तुलना करना
जब हम दूसरों से अपनी तुलना करते हैं तो धीरे-धीरे खुद को कोसना शुरू कर देते हैं. हमारे मन में यही बात आने लगती है कि दूसरों की सफलता हमसे अधिक क्यों है, उनका लाइफस्टाइल हमसे बेहतर क्यों है आदि. हमारे अंदर हीन भावना पैदा होती है.
नेगेटिव सेल्फ-टॉक
नेगेटिव सेल्फ-टॉक का मतलब होता है खुद से नकारात्मक बातें करना. जैसे मैं ये नहीं कर सकता या मैं उतना अच्छा या अच्छी नहीं हूं. इस तरह के छोटे-छोटे विचार, धीरे-धीरे सोच को सीमित कर देते हैं.
जरूरत से ज्यादा सोचना
जरूरत से ज्यादा सोचना यानी ओवरथिंकिंग की आदत बहुत खराब होती है. ये ना केवल तनाव उत्पन्न कर सकती है बल्कि हर बात को बार-बार सोचने से दिमाग थक जाता है, हम निर्णय लेने में कमजोर पड़ जाते हैं. इससे आत्मविश्वास कम होता है.
खुद से किए वायदे तोड़ना
कई बार हम अपनी बेहतरी के लिए खुद से वायदे करते हैं कि हम ये काम करेंगे या नया स्किल सीखेंगे, कोई पुरानी आदत छोड़ देंगे. लेकिन उस वायदे को निभाते नही हैं. इससे आत्मविश्वास पर असर पड़ता है, क्योंकि हम खुद पर भरोसा खोने लगते हैं.
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