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मच्छर घर में ना आए इसके लिए क्या करें? मच्छर को भगाने के लिए क्या जलाना चाहिए

मच्छर घर में ना आए इसके लिए क्या करें? मच्छर को भगाने के लिए क्या जलाना चाहिए






अगर, आप भी शाम होते ही मच्छरों से परेशान हो जाते हैं और इनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो यहां जानिए मच्छर घर में ना आए इसके लिए क्या करें? मच्छर को भगाने के लिए क्या जलाना चाहिए.

रात का समय होते ही घर और बाहर हर जगह मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है. शाम ढलते ही मच्छर घर में घुसने लगते हैं और नींद तक हराम कर देते हैं. मच्छरों को भगाने के लिए लोग ज्यादातर बाजार में मिलने वाले केमिकल रिपेलेंट का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, इनसे कुछ समय तक तो मच्छरों से राहत रहती है वो भी जब तक इन केमिकल का असर रहता है, लेकिन इसके बाद फिर मच्छर परेशान करने लगते हैं. अगर, आप भी मच्छरों से परेशान रहते हैं तो घर में कुछ आसान तरीके से मच्छरों को दूर रख सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं मच्छर घर में ना आए इसके लिए क्या करें? मच्छर को भगाने के लिए क्या जलाना चाहिए.

मच्छरों को भगाने के लिए क्या जलाएं?

मच्छरों को भगाने के लिए नीम के सूखे पत्ते, लौंग, लहसुन और प्याज के पत्तों आपकी मदद कर सकते हैं. नीम के सूखे पत्ते, लौंग, लहसुन और प्याज के पत्तों को पीसकर एक मिश्रण तैयार करें. इसके बाद इसमें कपूर मिलाएं, फिर किसी तेल को गर्म करके इसे उसमें पकाएं. पकाते समय एक कपूर की गोली और डाल दें, जिससे इसकी खुशबू और अधिक बढ़ जाए.

मच्छर भगाने वाला उपाय

  • नीम के सूखे पत्ते, लौंग, लहसुन और प्याज के पत्ते लें
  • सभी चीजों को अच्छी तरह पीस लें
  • इसमें कपूर मिलाएं
  • तेल गर्म करके इस मिश्रण को उसमें पकाएं
  • मिश्रण ठंडा होने पर इसे छान लें

प्याज का दीपक बनाएं

मच्छरों को भगाने के लिए प्याज का दीपक बनाएं. एक प्याज लें और उसमें छोटा सा छेद कर दें. इस मिश्रण को प्याज के अंदर भरें और उसमें बत्ती लगाकर जला दें. इसकी गंध और धुआं मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकता है. इसे शाम के समय घर की किसी खुली जगह पर रख दें, ताकी महक पूरे घर में फैल सके.

मच्छर भगाने वाली मशीन

मच्छर भगाने वाली मशीन में भी इस मिश्रण का इस्तेमाल किया जा सकता है. तैयार तेल को छानकर खाली रिफिल बोतल में भरकर मच्छर भगाने वाली मशीन में भर दें. इससे घर में नेचुरल खुशबू फैलेगी और मच्छरो को दूर रखने में मदद मिल सकती है. 

नींबू ही नींबू आपके पेड़ में, गार्डिंग एक्सपर्ट ने बताया नींबू के पौधे में ज्यादा फल लाने के लिए क्या करें

गार्डनिंग एक्सपर्ट तुषार जोशी ने नींबू के पौधे की सही देखभाल करने का तरीका और पौधे पर फल बढ़ाने के लिए कुछ खास टिप्स शेयर की हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
नींबू ही नींबू आपके पेड़ में, गार्डिंग एक्सपर्ट ने बताया नींबू के पौधे में ज्यादा फल लाने के लिए क्या करें







अगर आपने अपने घर में नींबू का पौधा लगाया है, लेकिन इस पौधे पर नींबू ज्यादा आ नहीं रहे हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. कई बार पौधे पर फूल तो खूब आते हैं, पर कुछ दिनों बाद झड़ जाते हैं. ऐसे में पौधे पर फल नहीं लग पाते. इसे लेकर गार्डनिंग एक्सपर्ट तुषार जोशी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने नींबू के पौधे की सही देखभाल करने का तरीका और पौधे पर फल बढ़ाने के लिए कुछ खास टिप्स शेयर की हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में- 

नींबू के पौधे को कहां रखें?

गार्डनिंग एक्सपर्ट कहते हैं, अगर आप चाहते हैं कि आपके पौधे पर भर-भरकर नींबू आएं, तो सबसे पहले इसे सही जगह पर रखना जरूरी है. नींबू के पौधे की अच्छी बढ़त के लिए धूप बहुत जरूरी होती है. ऐसे में पौधे को उस जगह रखें, जहां इसे 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिल सके. 








नींबू के पौधे को कितना पानी देना चाहिए?

एक्सपर्ट के मुताबिक, इस पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. खासकर जब पौधे पर खूब फूल आने लगें, तो कुछ समय के लिए पानी रोककर मिट्टी को सूखने दें. जब पौधे की मिट्टी ऊपर से पूरी तरह सूखी हुई लगे, केवल तब ही पानी डालें. 






नींबू के पौधे की मिट्टी कैसी होनी चाहिए?

गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, नींबू के पौधे की मिट्टी का उपजाऊ होना बहुत जरूरी है. मिट्टी तैयार करने के लिए गार्डन की मिट्टी में 1 किलो वर्मी कंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद डालें. इसके बाद इसमें 20 ग्राम पोटाश, 20 ग्राम नीम की खली, 20 ग्राम बोन मील और 20 ग्राम माइक्रोन्यूट्रिएंट्स डालकर अच्छी तरह मिला लें. इतना करते ही आपकी मिट्टी एकदम तैयार हो जाएगी. 

अब, गमले की ऊपर की मिट्टी की करीब 2 इंच परत सावधानी से हटाएं. ध्यान रखें कि आपको पौधे की मिट्टी को बहुत ज्यादा नहीं खोदना है, साथ ही पौधे की जड़ों को भी नुकसान नहीं पहुंचाना है. बस ऊपर से थोड़ी सी मिट्टी हटाएं, इसके बाद इसमें थोड़ी मात्रा में तैयार खाद डालें और फिर ऊपर से मिट्टी को ढक दें. इसके बाद पौधे में अच्छी तरह पानी दें. 

गार्डनिंग एक्सपर्ट हर 15 दिन बाद ऐसा करने की सलाह देते हैं. इससे पौधे को अच्छी तरह पोषण मिलता है, जिससे ज्यादा नींबू आने लगेंगे. 

नींबू के पौधे को कीड़ों से कैसे बचाएं?

एक्सपर्ट आगे कहते हैं, नींबू के पौधे की पत्तियों पर कीड़े ज्यादा आते हैं. इनसे बचने के लिए आप 1 लीटर पानी में 3 मिलीलीटर नीम का तेल मिलाकर पत्तियों पर स्प्रे कर सकते हैं. बस ध्यान रखें कि आपको ये स्प्रे हमेशा शाम के वक्त करना है. इससे पौधे पर कीड़े नहीं आएंगे. 

इस तरह छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप अपने पौधे पर नींबू बढ़ा सकते हैं. 

चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने से क्या फायदा होता है? स्किन एक्सपर्ट से जान लें

फेमस डर्मेटोलॉजिस्ट एक्सपर्ट ने चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने का सही तरीका और इसके फायदे बताए हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
चेहरे पर ग्लिसरीन लगाने से क्या फायदा होता है? स्किन एक्सपर्ट से जान लें








अपनी स्किन को हेल्दी, ग्लोइंग और साफ बनाए रखने के लिए लोग अलग-अलग नुस्खे आजमाते हैं. इन्हीं नुस्खों में से एक है ग्लिसरीन का इस्तेमाल. ग्लिसरीन को स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. ऐसे में कुछ लोग रात को चेहरे पर ग्लिसरीन लगाकर सोते हैं. लेकिन क्या ऐसा करना ठीक है? क्या वाकई ग्लिसरीन लगाने से चेहरे पर कुछ होता है? इसे लेकर फेमस डर्मेटोलॉजिस्ट गुरवीन वड़ैच गरेकर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. आइए जानते हैं अपने इस वीडियो में एक्सपर्ट क्या कहती हैं- 


स्किन के लिए कितनी अच्छी है ग्लिसरीन?

डर्मेटोलॉजिस्ट बताती हैं, ग्लिसरीन एक ह्यूमेक्टेंट है. आसान भाषा में समझें तो ये स्किन में नमी खींचकर उसे बनाए रखने में मदद करती है. किसी भी मॉइस्चराइजर में आमतौर पर तीन तरह के इंग्रीडिएंट्स काम करते हैं- ह्यूमेक्टेंट, इमोलिएंट और ऑक्लूसिव.





  • ग्लिसरीन और हायलूरोनिक एसिड ह्यूमेक्टेंट की कैटेगरी में आते हैं. 
  • शिया बटर और कोकोआ बटर जैसे इंग्रीडिएंट्स इमोलिएंट होते हैं. 
  • वहीं, पेट्रोलियम जेली जैसे इंग्रीडिएंट्स ऑक्लूसिव होते हैं.








ग्लिसरीन स्किन के लिए कैसे काम करती है?

डॉक्टर वड़ैच बताती हैं, ग्लिसरीन स्किन की ऊपरी परत तक नमी पहुंचाने में मदद करती है. इससे त्वचा ज्यादा मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस हो सकती है. इसके अलावा, ये स्किन के बैरियर फंक्शन को बेहतर बनाने में भी मदद करती है. यही वजह है कि कई मॉइस्चराइजिंग प्रोडक्ट्स में भी ग्लिसरीन का इस्तेमाल किया जाता है. 

क्या चेहरे पर सीधे ग्लिसरीन लगाना ठीक है?

हमारे रिपोर्टर के पूॅछने पर  स्किन एक्सपर्ट कहती हैं, ग्लिसरीन आपके चेहरे के लिए अच्छी है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय मौसम और हवा में मौजूद नमी का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. अगर वातावरण में नमी बहुत कम है, तो ग्लिसरीन का इस्तेमाल अकेले करना सही नहीं होता है. नमी कम होने पर ग्लिसरीन स्किन को और ड्राई कर सकती है. इसलिए ग्लिसरीन को हमेशा किसी दूसरे मॉइस्चराइजिंग इंग्रीडिएंट्स के साथ मिलाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए.

खासकर 100% शुद्ध ग्लिसरीन को चेहरे पर लगाने से जलन या एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में आप ग्लिसरीन को थेड़े गुलाब जल के साथ मिलाकर अपने चेहरे पर लगा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि गुलाब जल अच्छी क्वालिटी का और शुद्ध हो.

इस बात का भी रखें ध्यान 

डर्मेटोलॉजिस्ट कहती हैं, कई लोग ग्लिसरीन में नींबू मिलाकर चेहरे पर लगाते हैं. ऐसा करने से बचें. नींबू त्वचा में जलन और सेंसिटिविटी बढ़ा सकता है. इसलिए कभी भी स्किन पर नींबू न लगाएं. आप रात को सोने से पहले थोड़ी मात्रा में ग्लिसरीन और थोड़ी मात्रा में गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं. इससे स्किन में नमी बनी रहेगी, जिससे चेहरा ज्यादा सॉफ्ट और ग्लोइंग नजर आ सकता है. 

यहां देखें वीडियो- 

गैस, अपच और ब्लोटिंग से राहत दिला सकता है अजवाइन-काला नमक वाला पानी, जानें कैसे

क्या आपको भी खाना खाने के बाद पेट में भारीपन लगता है, तो किचन में मौजूद अजवाइन और काले नमक का इस तरह से करें सेवन.

गैस, अपच और ब्लोटिंग से राहत दिला सकता है अजवाइन-काला नमक वाला पानी, जानें कैसे

आपने अक्सर कई लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि खाना खाने के बाद उन्हें पेट में भारीपन, गैस और ब्लोटिंग की परेशानी होने लगती है. क्या आपको भी ऐसा ही होता है. दरअसल यह संकेत है कि आपका पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर पड़ गया है. कई बार ज्यादा खा लेने के बाद पेट फूला-फूला सा महसूस होता है और कुछ भी करने का मन नहीं करता. ऐसे में किचन में रखा एक छोटा सा मसाला आपकी इस परेशानी को दूर कर सकता है. जी हां आपने बिल्कुल सही गेस किया, हम बात कर रहे हैं अजवाइन की.

​हाल ही में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च प्यूब्लिकेशन एंड रिव्यूज में छपी एक रिसर्च के मुताबिक, अगर अजवाइन के पानी में एक चुटकी काला नमक मिला दिया जाए, तो यह पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अजवाइन और काले नमक का यह मेल पाचन तंत्र पर बेहद असरदार तरीके से काम करता है. क्योंकि अजवाइन जहां पेट की अंदरूनी जलन को शांत करती है और गैस बनने से रोकती है, वहीं काला नमक पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणुओं को खत्म करने में मदद करता है. 

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Photo Credit: Freepik

अजवाइन-काला नमक वाला पानी कैसे बनाएं? (How To Make AJwain Black Salt Water)

सामग्री-

  • 1 गिलास गुनगुना पानी
  • 1/2 चम्मच अजवाइन
  • 1 चुटकी काला नमक









विधि-
  • एक गिलास पानी को हल्का गुनगुना कर लें.
  • उसमें 1/2 चम्मच अजवाइन डालें.
  • 5 से 10 मिनट तक ढककर रखें ताकि अजवाइन का अर्क पानी में उतर जाए.
  • अब पानी को छान लें.
  • इसमें 1 चुटकी काला नमक मिलाएं.
  • अच्छी तरह मिलाकर धीरे-धीरे पिएं.

इंस्टेंट तरीका-

  • 1/2 चम्मच अजवाइन को हल्का भूनकर पीस लें.
  • गुनगुने पानी में मिलाएं.
  • ऊपर से एक चुटकी काला नमक डालकर तुरंत पी लें.

ये पानी कैसे पहुंचाता है पेट को राहत-

​अजवाइन में थाइमोल (Thymol) नाम का एक खास यौगिक पाया जाता है, जो पेट की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है. इसके अलावा, यह पेट में पाचक रसों और एंजाइम को बढ़ाने का काम करता है, जिससे खाया हुआ खाना बहुत आसानी से पच जाता है.

पीले दांतों से हैं परेशान? सरसों का तेल और सेंधा नमक से कम हो सकता है पीलापन, 

पीले दांतों से परेशान हैं? जानिए डॉ. राम अवतार द्वारा बताए गए सरसों के तेल और सेंधा नमक के घरेलू उपाय के बारे में और समझें दांतों के पीलापन की वजह व जरूरी सावधानियां.

पीले दांतों से हैं परेशान? सरसों का तेल और सेंधा नमक से कम हो सकता है पीलापन,

पीले दांत सफेद कैसे करें? अगर दांतों का पीलापन आपकी मुस्कान और कॉन्फिडेंस दोनों को प्रभावित कर रहा है, तो आप अकेले नहीं हैं. आजकल चाय, कॉफी, तंबाकू, स्मोकिंग और खराब ओरल हाइजीन की वजह से दांत पीले होना एक आम समस्या बन गई है. ऐसे में कई लोग दांतों का पीलापन दूरकरने के लिए महंगे टूथपेस्ट, Teeth Whitening Products और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं.

क्या आप जानते हैं क‍ि पीले दांतों को सफेद करने मे एक आसान घरेलू उपाय भी मदद कर सकता है? योग, आयुर्वेद, नाड़ी विज्ञान और न्यूरोथेरेपी विशेषज्ञ  ने दांतों को साफ रखने और ओरल हेल्थ बेहतर बनाने के लिए सरसों का तेल और सेंधा नमक से जुड़ा एक पारंपरिक उपाय बताया है.

पीले दांत सफेद कैसे करें? क्या आप भी हंसते समय अपने पीले दांत छिपाने की कोशिश करते हैं? चाय, कॉफी, तंबाकू और खराब ओरल हाइजीन की वजह से दांतों पर जमा पीलापन कई लोगों का कॉन्फिडेंस कम कर देता है. लेकिन क्या आपकी रसोई में रखी सिर्फ दो चीजें इस समस्या में मदद कर सकती हैं? 

दांतों का पीलापन क्यों होता है?

डॉक्टर साहब ने बताया कि आजकल का खान-पान और हमारी कुछ छोटी-छोटी आदतें ही इसके लिए जिम्मेदार हैं. चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन, गुटखा या स्मोकिंग करना, और सही तरह से ब्रश न करना, इन सब वजहों से दांतों के ऊपर एक पीली परत (प्लैक) जमने लगती है.

"लोग अक्सर महंगे-महंगे टूथपेस्ट और केमिकल वाले ट्रीटमेंट के पीछे भागते हैं, जबकि आयुर्वेद में इसका इलाज बहुत सरल और सुरक्षित तरीकों से मौजूद है."

पीले दांतों को सफेद करने का घरेलू उपाय: सरसों का तेल और सेंधा नमक

दांतों का पीलापन दूर करने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी चीज लाने की जरूरत नहीं है. आपके रसोईघर में रखी दो चीजें ही कमाल कर सकती हैं- सरसों का तेल और सेंधा नमक.

सरसों का तेल और सेंधा नमक कैसे इस्तेमाल करें?

1. आधा चम्मच शुद्ध सरसों का तेल लें.
2. इसमें एक चुटकी पिसा हुआ सेंधा नमक मिला लें.
3. अब इस पेस्ट को अपनी उंगली से दांतों और मसूड़ों पर हल्के हाथों से मसाज करें.
4. करीब 2 से 3 मिनट तक हल्के-हल्के मलें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ला (रिन्स) कर लें.

सरसों का तेल और सेंधा नमक कैसे काम करते हैं?

डॉक्टर ने बाताया कि सेंधा नमक में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों पर जमे जिद्दी पीलेपन को साफ करने में मदद करते हैं. वहीं, सरसों का तेल मसूड़ों को मजबूत बनाता है और मुंह की बदबू को खत्म करता है.

डॉ. राम अवतार के अनुसार, अगर आप हफ्ते में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ ही दिनों में आपको फर्क साफ दिखने लगेगा. आपके दांत न सिर्फ सफेद होंगे, बल्कि मसूड़े भी पहले से ज्यादा स्वस्थ हो जाएंगे.

पीले दांतों का पीलापन कम करने के लिए सरसों के तेल और सेंधा नमक का मिश्रण पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार हफ्ते में 2-3 बार हल्की मसाज से दांत और मसूड़ों की सफाई में मदद मिल सकती है.



Teeth Whitening Home Remedies: दांत साफ करने का घरेलू तरीका.

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?

"नमक का इस्तेमाल रोजाना बहुत जोर-जोर से घिसकर न करें. इसे हफ्ते में दो या तीन बार ही इस्तेमाल करना काफी है, वरना दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को नुकसान पहुंच सकता है."
इसके अलावा, दिन में दो बार ब्रश करने की आदत डालें और रात को सोने से पहले कुल्ला करना न भूलें.

क्या सरसों का तेल और नमक दांत साफ करने में मदद कर सकते हैं?

सरसों का तेल और सेंधा नमक का मिश्रण पारंपरिक रूप से दांतों और मसूड़ों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि इसके प्रभाव व्यक्ति विशेष पर निर्भर कर सकते हैं.

किन लोगों को यह उपाय नहीं करना चाहिए?

हालांकि सरसों का तेल और सेंधा नमक का मिश्रण पारंपरिक रूप से दांतों और मसूड़ों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह उपाय हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता. एक्सपर्ट की सलाह के बिना इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

  1. जिनके दांतों में पहले से ज्यादा संवेदनशीलता (Sensitivity) हो.
  2. जिनके मसूड़ों से खून आता हो या मसूड़ों की बीमारी (Gum Disease) हो.
  3. जिनके दांतों का इनेमल (Enamel) कमजोर या घिस चुका हो.
  4. जिनके मुंह में छाले, घाव या हाल ही में कोई डेंटल ट्रीटमेंट हुआ हो.
  5. बच्चों में बिना डेंटिस्ट की सलाह के ऐसे घरेलू उपाय नहीं अपनाने चाहिए.

सलाह दी है कि नमक को रोजाना जोर-जोर से नहीं रगड़ना चाहिए क्योंकि इससे दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है.

डेंटिस्ट क्या सलाह देते हैं?

  1. दिन में दो बार ब्रश करें.
  2. फ्लॉसिंग करें.
  3. तंबाकू और स्मोकिंग से बचें.
  4. आवश्यकता होने पर डेंटिस्ट से प्रोफेशनल क्लीनिंग करवाएं.
     

अक्‍सर पूछे जाने वाले सवाल 

दांत पीले क्यों हो जाते हैं?

चाय, कॉफी, तंबाकू, धूम्रपान, खराब ओरल हाइजीन और बढ़ती उम्र दांतों के पीलेपन की आम वजह हैं.

क्या रोज नमक से दांत साफ करना चाहिए?

नहीं. नमक का ज्यादा इस्तेमाल करने से दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को नुकसान पहुंच सकता है.

दांत सफेद करने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?

नियमित ब्रशिंग, फ्लॉसिंग और जरूरत पड़ने पर डेंटिस्ट की सलाह सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं.

क्या पीले दांत किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं?

कुछ मामलों में दांतों का रंग बदलना दवाओं, इनेमल की समस्या या अन्य दंत स्थितियों से जुड़ा हो सकता है.

"सिर्फ 2 रोटी खाता हूं, फिर भी क्यों निकल रहा है पेट?" जानिए कहां हो रही है गलती

क्या आप भी सिर्फ 2 रोटी खाते हैं, फिर भी पेट और तोंद कम नहीं हो रही? इसकी वजह सिर्फ रोटी नहीं, बल्कि आपकी पूरी लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी, प्रोटीन इंटेक, नींद और रोजमर्रा की आदतें भी हो सकती हैं. जानिए पेट कम करने का सही तरीका.
"सिर्फ 2 रोटी खाता हूं, फिर भी क्यों निकल रहा है पेट?" जानिए कहां हो रही है गलती
क्या आप भी सिर्फ 2 रोटी खाते हैं, फिर भी पेट और तोंद कम नहीं हो रही? इसकी वजह सिर्फ रोटी नहीं, बल्कि आपकी पूरी लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी, प्रोटीन इंटेक, नींद और रोजमर्रा की आदतें भी हो सकती हैं. जानिए पेट कम करने का सही तरीका.

प्लेट में प्रोटीन कम है तो भी दिक्कत

अगर आपकी प्लेट में सिर्फ रोटी और सब्जी है, लेकिन दाल, दही, पनीर, अंडा या दूसरी प्रोटीन वाली चीजें कम हैं, तो जल्दी भूख लग सकती है. इससे बार-बार कुछ न कुछ खाने की आदत बन जाती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है.

यही नहीं, अगर रोज पर्याप्त नींद नहीं मिलती या तनाव लगातार बना रहता है, तो इसका असर शरीर के हार्मोन पर पड़ सकता है. कई रिसर्च बताती हैं कि ऐसी स्थिति में पेट के आसपास चर्बी जमा होने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए सिर्फ खाना कम करना काफी नहीं, अच्छी नींद और तनाव पर कंट्रोल भी उतना ही जरूरी है.

उम्र बढ़ने के साथ लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी

जैसे जैसे उम्र बढ़ती है शरीर की कैलोरी खर्च करने की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसलिए पहले जितना खाना खाते थे, वही अब वजन बढ़ाने की वजह बन सकता है. ऐसे में सिर्फ रोटी कम करने की बजाय पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.

तो अगर आप सच में पेट कम करना चाहते हैं, तो सिर्फ रोटी गिनना छोड़िए. संतुलित डाईट लें, प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं, रोज एक्टिव रहें, अच्छी नींद लें और बार-बार स्नैकिंग से बचें. याद रखिए, पेट सिर्फ दो रोटी से नहीं बढ़ता, बल्कि कई छोटी-छोटी आदतों का नतीजा होता है.

ट्रेन‍िंग के साथ म‍िलेंगे 200 रुपये/ दिन, हुनर है तो ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना का उठा लें लाभ, यह सौदा है जैकपॉट 

उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के तहत स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को 10 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रशिक्षण के दौरान 200 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी मिलता है.
ट्रेन‍िंग के साथ म‍िलेंगे 200 रुपये/ दिन, हुनर है तो ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना का उठा लें लाभ, यह सौदा है जैकपॉट
अगर आपके अंदर किसी प्रकार का हुनर है या फिर अपने हुनर को नई पहचान देना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. इस योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, कारीगरों के कौशल विकास और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. साथ ही लाभार्थियों को मुफ्त प्रशिक्षण के साथ आधुनिक टूलकिट भी उपलब्ध कराई जा रही है. योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट msme.up.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है.

क्या है ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना?

उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा संचालित यह योजना राज्य के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है. इसके जरिए कारीगरों और उद्यमियों को नई तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रक्रिया और बाजार की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है.

योजना का उद्देश्य क्या है?

जानकारी के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाना है. इसके अलावा कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और छोटे उद्योगों को मजबूत करना भी इसका लक्ष्य है.

योजना के तहत क्या-क्या लाभ मिलते हैं?

  1. चयनित लाभार्थियों को 10 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है.
  2. प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होता है.
  3. यह गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है.
  4. प्रशिक्षण अवधि के दौरान 200 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिया जाता है.
  5. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है.
  6. नई तकनीकों और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी जाती है 

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं.

  1. आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए.
  2. वह अपने जिले के ODOP उत्पाद के निर्माण कार्य से जुड़ा हो.
  3. आवेदक ने केंद्र या राज्य सरकार की किसी समान योजना का लाभ पहले न लिया हो.

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

यह योजना खासतौर पर बुनकरों, कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक उत्पाद बनाने वाले लोगों के लिए लाभदायक है. इससे वे अपने व्यवसाय को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ा सकते हैं और आय में वृद्धि कर सकते हैं.



अगर आप कर रहे है WhatsApp का प्रयोग तो यह खबर आपके लिए है 

WhatsApp पर आ रहे अनजान कॉल्स से हो जाइए अलर्ट, तुरंत ऑन करें ये 5 सेफ्टी फीचर्स, वरना अकाउंट हो जाएगा हैक

अगर आप कर रहे है WhatsApp का प्रयोग तो यह खबर आपके लिए है


अगर आपके व्हाट्सऐप पर भी लगातार अनजान नंबरों से कॉल आती हैं, तो सतर्क हो जाइए. स्कैमर्स अक्सर इंटरनेशनल नंबरों या फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं.


नई द‍िल्‍ली : आज के समय में व्हाट्सऐप सिर्फ चैटिंग ऐप नहीं, बल्कि लोगों की निजी जिंदगी, बैंकिंग जानकारी और जरूरी डेटा का बड़ा हिस्सा बन चुका है. यही वजह है कि अब साइबर स्कैमर्स सबसे ज्यादा इसी प्लेटफॉर्म को निशाना बना रहे हैं. कभी फर्जी वीडियो कॉल, कभी स्क्रीन शेयरिंग, तो कभी बैंक अधिकारी बनकर भेजे गए नकली मैसेज, ठग हर दिन नए तरीके अपना रहे हैं. कई लोग छोटी सी गलती की वजह से अपना अकाउंट, पर्सनल जानकारी और यहां तक कि बैंक से जुड़ी डिटेल्स तक गंवा बैठते हैं. लेकिन राहत की बात यह है कि व्हाट्सऐप अपने यूजर्स को ऐसे फ्रॉड से बचाने के लिए कई खास सेफ्टी फीचर्स देता है. अगर इन्हें समय रहते ऑन कर लिया जाए, तो बड़े ऑनलाइन स्कैम से बचना काफी आसान हो सकता है.

अनजान कॉल्स को तुरंत करें साइलेंट

अगर आपके व्हाट्सऐप पर भी लगातार अनजान नंबरों से कॉल आती हैं, तो सतर्क हो जाइए. स्कैमर्स अक्सर इंटरनेशनल नंबरों या फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं. ऐसे में ‘साइलेंट अननोन कॉलर्स' फीचर काफी मददगार साबित हो सकता है. इसे ऑन करने के बाद संदिग्ध और अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स अपने आप साइलेंट हो जाती हैं.हालांकि जरूरत पड़ने पर यूजर उन्हें कॉल टैब में देख और चेक कर सकता है. 

कांटैक्ट लिस्ट से तुरंत पहचानें फर्जी अकाउंट

व्हाट्सऐप का कांटैक्ट फीचर भी स्कैम पहचानने में काफी मदद करता है. इसके जरिए यूजर यह देख सकता है कि सामने वाला नंबर उसकी कांटैक्ट लिस्ट में सेव है या नहीं, क्या दोनों किसी कॉमन ग्रुप में जुड़े हैं और अकाउंट हाल ही में बनाया गया है या नहीं. अगर नंबर किसी दूसरे देश का हो या अकाउंट बिल्कुल नया दिखे, तो यह संभावित स्कैम का संकेत हो सकता है.

स्क्रीन शेयर करने से पहले मिलेगा अलर्ट

आजकल कई स्कैमर्स वीडियो कॉल पर लोगों को स्क्रीन शेयर करने के लिए दबाव डालते हैं. इसके जरिए वे बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी या दूसरी सेंसिटिव जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं. इसी खतरे को देखते हुए व्हाट्सऐप स्क्रीन शेयरिंग शुरू करने से पहले चेतावनी अलर्ट दिखाता है. यह फीचर यूजर्स को रुककर सोचने और संभावित फ्रॉड से बचने का मौका देता है.

डिवाइस लिंक करने की कोशिश पर तुरंत आएगा नोटिफिकेशन

अगर कोई आपके व्हाट्सऐप अकाउंट को किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से लिंक करने की कोशिश करता है, तो व्हाट्सऐप तुरंत नोटिफिकेशन भेजता है. इसमें यह भी बताया जाता है कि रिक्वेस्ट कहां से आई है. ऐसे में यूजर समय रहते सतर्क हो सकता है और अकाउंट को गलत हाथों में जाने से बचा सकता है.

टू-स्टेप वेरिफिकेशन लगाएगा सुरक्षा का डबल लॉक

साइबर एक्सपर्ट्स व्हाट्सऐप यूजर्स को टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन रखने की सलाह देते हैं. इस फीचर को एक्टिवेट करने के बाद अकाउंट लॉगिन या रीसेट करते समय छह अंकों का पिन डालना जरूरी हो जाता है. यानी अगर किसी के पास आपका सिम कार्ड या ओटीपी पहुंच भी जाए, तब भी बिना इस सीक्रेट पिन के अकाउंट एक्सेस करना आसान नहीं होगा.

तेज गर्मी में मोबाइल कर रहा है ओवरहीटिंग, Utility Tools करें ऑन म‍िनटों में कम हो जाएगा टेंपरेचर

गर्मी से पारा 40 पार हो गया है. इंसान ही नहीं, मोबाइल भी तप रहे हैं. अगर आपका मोबाइल भी ओवरहीटिंग कर रहा है तो बस ये करने से म‍िनटों में कम हो जाएगा मोबाइल टेंपरेचर.

तेज गर्मी में मोबाइल कर रहा है ओवरहीटिंग, Utility Tools करें ऑन म‍िनटों में कम हो जाएगा टेंपरेचर


Mobile Heating Problem : गर्मी का असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, अब स्मार्टफोन पर भी साफ दिखने लगा है. इन दिनों कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनका मोबाइल थोड़ी देर इस्तेमाल करते ही गर्म होने लगता है. खासकर गेम खेलते समय, लंबे वीडियो देखने पर या लगातार सोशल मीडिया चलाने के दौरान फोन तेजी से हीट होने लगता है. ऐसे में ज्यादातर लोग फोन का कवर निकाल देते हैं या उसे पंखे के नीचे रख देते हैं. लेकिन बहुत कम यूजर्स जानते हैं कि आजकल कई स्मार्टफोन्स में ऐसा खास फीचर पहले से मौजूद होता है, जो फोन के टेम्परेचर को कंट्रोल करने में मदद करता है और डिवाइस पर पड़ने वाला लोड कम कर देता है.

क्या है फोन कूलिंग फीचर

आजकल कई स्मार्टफोन्स में iManager जैसे ऐप्स के अंदर “Phone Cooling” फीचर दिया जाता है. ये फीचर फोन ज्यादा गर्म होने पर बैकग्राउंड में चल रहे भारी ऐप्स और प्रोसेस को कंट्रोल करता है. इससे CPU पर दबाव कम होता है और फोन धीरे-धीरे ठंडा होने लगता है. खास बात ये है कि ज्यादातर लोग इस फीचर के बारे में जानते ही नहीं हैं.

कैसे ऑन करें ये फीचर

इस फीचर को इस्तेमाल करना बेहद आसान है. सबसे पहले फोन में iManager ऐप खोलें. इसके बाद नीचे दिए गए “Utility Tools” सेक्शन में जाएं. यहां आपको “Phone Cooling” का ऑप्शन दिखाई देगा. इस पर टैप करते ही सिस्टम उन ऐप्स और प्रोसेस को पहचानने लगता है, जो फोन पर ज्यादा लोड डाल रहे होते हैं. इसके बाद फोन का तापमान धीरे-धीरे कम होने लगता है. ध्यान रखें कि फीचर ऑन करने के तुरंत बाद ऐप बंद करके बाहर न निकलें. कुछ देर उसी स्क्रीन पर रहने से इसका असर बेहतर दिखता है.

बार-बार गर्म होना क्यों है खतरनाक

कई लोग फोन के गर्म होने को छोटी समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ओवरहीटिंग फोन के लिए नुकसानदायक हो सकती है. इससे बैटरी जल्दी खत्म होने लगती है, फोन स्लो पड़ सकता है और कई बार अचानक स्विच ऑफ होने जैसी परेशानी भी सामने आ सकती है. लंबे समय तक ज्यादा गर्म रहने से फोन की लाइफ भी कम हो सकती है. ऐसे में अगर आपका मोबाइल बार-बार गर्म हो रहा है, तो सिर्फ कवर हटाना ही समाधान नहीं है. फोन में मौजूद ये छोटा सा फीचर कई बार बड़ी परेशानी से बचाने में मदद कर सकता है.

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