स्कूल खुलने से पहले बदल दें बच्चों की ये आदत, वरना सुबह उठाना होगा मुश्किल

स्कूल खुलने से पहले बदल दें बच्चों की ये आदत, वरना सुबह उठाना होगा मुश्किल

गर्मी की छुट्टियों के बाद बच्चों को सुबह जल्दी उठाना चुनौती बन जाता है. स्कूल खुलने से पहले अगर उनकी सोने और उठने की आदत को धीरे-धीरे ठीक कर लिया जाए, तो नई दिनचर्या अपनाना आसान हो सकता है.

स्कूल खुलने से पहले बदल दें बच्चों की ये आदत, वरना सुबह उठाना होगा मुश्किल

गर्मी की छुट्टियों में ज्यादातर बच्चों की पूरी दिनचर्या बदल जाती है. देर रात तक मोबाइल चलाना, टीवी देखना, खेलना और सुबह देर तक सोना आम बात है. लेकिन यही आदत स्कूल खुलने के बाद सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है. पहले दिन से ही बच्चों को जल्दी उठाना, तैयार करना और समय पर स्कूल भेजना कई घरों में रोज की जंग बन जाती है. अगर आप चाहते हैं कि स्कूल शुरू होते ही बच्चे बिना चिड़चिड़े हुए आसानी से उठ जाएं, तो अभी से उनकी एक आदत बदलना बहुत जरूरी है.

सबसे पहले ठीक करें सोने और उठने का समय

अगर बच्चा रात 11 या 12 बजे सो रहा है, तो स्कूल शुरू होने से एक-दो दिन पहले अचानक उसे रात 9 बजे सुलाना आसान नहीं होगा. इसलिए स्कूल खुलने से कम से कम एक हफ्ता पहले हर दिन थोड़ा जल्दी सुलाने और सुबह उसी हिसाब से जल्दी उठाने की कोशिश करें. इससे शरीर धीरे-धीरे नई दिनचर्या अपनाने लगता है और स्कूल खुलने के दिन तक बच्चे का रूटीन भी काफी हद तक ठीक हो जाता है.

डिनर और दोपहर की नींद पर भी दें ध्यान

सिर्फ सोने का समय बदलने से काम नहीं चलेगा. बच्चे का डिनर भी सही समय पर होना चाहिए. लेट डिनर करने से डाइजेशन पर असर पड़ता है और भारीपन की वजह से अच्छी नींद भी नहीं आती. कोशिश करें कि बच्चे को सोने से करीब दो घंटे पहले हल्का और हेल्दी डिनर दे दें.

अगर छुट्टियों में बच्चे दोपहर में दो-तीन घंटे सोने के आदी हो गए हैं, तो इस आदत को भी धीरे-धीरे बदलना शुरू करें. उनकी डे-नैप यानी दोपहर की एक्स्ट्रा नींद को पहले कुछ कम करें और फिर इसे बंद कर दें. इससे रात में जल्दी नींद आएगी और सुबह उठना भी आसान होगा.

सोने से पहले मोबाइल और टीवी से रखें दूरी

सोने से ठीक पहले मोबाइल, टैबलेट, टीवी या दूसरे स्क्रीन देखने से बच्चों को जल्दी नींद आने में दिक्कत हो सकती है. कोशिश करें कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन बंद कर दी जाए. इसकी जगह कहानी सुनना, किताब पढ़ना या हल्की बातचीत जैसी आदतें अपनाई जा सकती हैं. इससे बच्चों को आराम महसूस होता है और नींद भी जल्दी आती है.

सुबह जल्दी उठने की आदत कैसे बने?

अगर बच्चा सुबह उठने में आनाकानी करता है, तो उसे डांटने की बजाय कुछ आसान मगर प्रैक्टिकल तरीके अपनाएं. जैसे, सुबह उठने के बाद कमरे के पर्दे खोल दें, हल्की धूप आने दें. बच्चे को तुरंत नहाने या मुंह धोने के बजाय पहले थोड़ा चलने-फिरने दें. इससे शरीर जल्दी एक्टिव होता है. एक्टिव होने के बाद बच्चा नहाने-धोने और नाश्ता करने का काम भी कुछ जल्दी कर सकेगा.

पहले कुछ दिन रखें थोड़ा धैर्य

छुट्टियों के बाद नई दिनचर्या अपनाने में बच्चों को थोड़ा समय लगना बिल्कुल सामान्य है. ऐसे में अगर पहले कुछ दिन उन्हें जल्दी उठने में परेशानी हो, तो गुस्सा करने की बजाय उनका साथ दें. धीरे-धीरे जब सोने और उठने का समय नियमित हो जाएगा, तो स्कूल की सुबह भी पहले जैसी भागदौड़ वाली नहीं लगेगी.

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