जानें CM सुवेंदु अधिकारी की कितनी है शिक्षा? CM बनने पर कितनी मिलेगी सैलरी और सुविधाएं
जानें पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी कितने पढ़े-लिखे हैं. साथ ही पढ़ें मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें कितनी सैलरी, बंगला और लग्जरी गाड़ियां मिलेंगी.Suvendu Adhikari Education : पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं. आपको बता दें कि 2021 में नंदीग्राम सीट से और अब यानी 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर इतिहास रचने वाले सुवेंदु अधिकारी की इस जीत ने देशभर का ध्यान खींचा है. ऐसे में आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि बंगाल की कमान संभालने वाले सुवेंदु अधिकारी कितने पढ़े-लिखे हैं और बतौर मुख्यमंत्री उन्हें क्या वेतन और सरकारी सुविधाएं मिलेंगी.
सुवेंदु अधिकारी की शैक्षणिक योग्यता
सुवेंदु अधिकारी न केवल एक मंझे हुए राजनेता हैं, बल्कि शैक्षिक रूप से भी काफी समृद्ध हैं. उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार:
स्कूली शिक्षा उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कंठी हाई स्कूल से पूरी की. वहीं, कंठी के प्रभात कुमार कॉलेज (विद्यासागर विश्वविद्यालय) से कला स्नातक (BA) की डिग्री हासिल की. जबकि 2011 में रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA) की डिग्री प्राप्त की.
विधानसभा खुद तय करती है सीएम की सैलरी
बहुत से लोग मानते हैं कि देशभर के मुख्यमंत्रियों की सैलरी एक जैसी होती होगी, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है. भारत में मुख्यमंत्री की सैलरी केंद्र सरकार तय नहीं करती है. संविधान के अनुच्छेद 164(5) के तहत हर राज्य की विधानसभा अपने मुख्यमंत्री और मंत्रियों की सैलरी तय कर सकती है. यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में सीएम की तनख्वाह में बड़ा अंतर देखने को मिलता है.
मुख्यमंत्री बनने पर कितनी मिलेगी सैलरी?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का कुल मासिक वेतन लगभग 2,10,000 रुपये होता है. इसमें मूल वेतन के साथ-साथ निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और प्रतिपूरक भत्ता जैसे कई घटक शामिल होते हैं. इसके अलावा-
- कोलकाता के पॉश इलाके में सरकारी बंगला.
- सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ एक लग्जरी गाड़ी.
- मेहमानों के स्वागत और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए सालाना लगभग 51,600 रुपये का सत्कार भत्ता.
- एक विधायक के रूप में उन्हें कार्यालय प्रबंधन के लिए 48,000 रुपये प्रति वर्ष अलग से मिलेंगे
सिर्फ सैलरी से नहीं किया जा सकता आंकलन
मुख्यमंत्री को मिलने वाली कुल सुविधाओं का आंकलन सैलरी से नहीं किया जा सकता है. दरअसल, मुख्यमंत्री को सिर्फ हर महीने मिलने वाली तनख्वाह ही नहीं मिलती, बल्कि इसके साथ कई तरह की सरकारी सुविधाएं और भत्ते भी जुड़े होते हैं. इनमें सरकारी बंगला, सुरक्षा, स्टाफ, यात्रा सुविधा, मेडिकल सुविधा और दूसरे कई खास भत्ते शामिल होते हैं. कई राज्यों में ये सुविधाएं इतनी बड़ी होती हैं कि असली पैकेज सैलरी से कहीं ज्यादा हो जाता है.
तमिलनाडु, केरल, प. बंगाल और असम के सीएम की सैलरी
अगर हालिया चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे राज्यों की बात करें, तो पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की सैलरी लगभग एक-दूसरे के बेहद करीब मानी जाती है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को हर महीने करीब 2.10 लाख रुपए की सैलरी मिलती है. वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की सैलरी लगभग 2.05 लाख रुपए बताई जाती है. यानी दोनों के बीच ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है. केरल की बात करें तो वहां के सीएम की सैलरी करीब 1.85 लाख होटी है. असम के मुख्यमंत्री की सैलरी इन तीनों राज्यों से कुछ कम है. हालांकि अलग-अलग सोर्सेज और समय-समय पर हुए संशोधनों की वजह से आंकड़ों में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
इस राज्य के सीएम को मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी
अगर पूरे देश की बात करें तो तेलंगाना देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां मुख्यमंत्री को सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है. यहां सीएम की सैलरी और भत्ते मिलाकर रकम करीब 4 लाख रुपए महीने तक पहुंच जाती है. इसके अलावा दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी मुख्यमंत्रियों को ज्यादा सैलरी और सुविधाएं मिलती हैं. अगर पूरे देश की तस्वीर देखें तो भारत में मुख्यमंत्रियों की मंथली सैलरी करीब 1.25 लाख रुपए से लेकर 4 लाख रुपए तक पहुंचती है. अलग-अलग राज्यों में सैलरी और भत्ते अलग होने की वजह से यह अंतर काफी बड़ा दिखाई देता है.
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