गहने ले लो, पति को छोड़ दो... एक्सप्रेस वे पर गुहार लगाती रही महिला, फिर भी नहीं माने बदमाश

गहने ले लो, पति को छोड़ दो... एक्सप्रेस वे पर गुहार लगाती रही महिला, फिर भी नहीं माने बदमाश

आप अपनी कार से किसी एक्सप्रेस से गुजर रहे हो, रात का समय हो, अचानक कुछ लोग आपकी गाड़ी रोक दें, आपको उतारे और मारने-पीटने लगे, सोचिए तब क्या हालात होगी? कुछ ऐसा ही बेंगलुरु के सागर के साथ बीते दिनों हुआ. उन्होंने बताया कि पत्नी गहने-जेवर देने तक तैयार थी, लेकिन बदमाश पीटते रहे.
गहने ले लो, पति को छोड़ दो... एक्सप्रेस वे पर गुहार लगाती रही महिला, फिर भी नहीं माने बदमाश
बेंगलुरु: 'मेरे गहने ले लो, जो लेना हो ले लो, लेकिन मेरे पति को छोड़ दो...' यह गुहार एक महिला की है. जो अपने परिवार के साथ कार में यात्रा कर रही थी. कार में उसके पति, बच्चे के साथ परिवार की एक अन्य बुजुर्ग महिला भी थी. भारी ट्रैफिक के बीच कार की मामूली टक्कर के बाद कुछ बदमाशों ने इस परिवार की कार को रोककर उसमें सवार लोगों के साथ मारपीट की. मारपीट के दौरान महिला अपने पति को बचाने के लिए गहने-जेवरात देने तक की बात करती रही, लेकिन बदमाश उसकी आंखों के सामने पति को पीटते रहे. रोड रेज की यह शर्मनाक घटना बेंगलुरु-मैसुरु एक्सप्रेसवे की है, जो पीछे की कार के डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई. अब सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा. लोग रोड सेफ्टी नियमों की चर्चा करने लगे. 

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि अब भी कई आरोपी फरार हैं. दूसरी ओर जिस परिवार के साथ चलती सड़क पर यह मारपीट की घटना हुई, वह उस रात की घटना से उबरने की कोशिश में लगा है. 

रविवार रात की घटना, कार रोककर किया था हमला

दरअसल रविवार रात करीब 10:30 बजे कर्नाटक के मंड्या जिले में मड्डूर के पास बेंगलुरु-मैसुरु एक्सप्रेसवे पर कार से जा रहे एक परिवार को रोक कर हमला किया गया था. बाद में इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित सागर बेंगलुरु के निवासी हैं और घटना के समय पत्नी, बच्चों और एक बुजुर्ग महिला के साथ यात्रा कर रहे थे.

वायरल वीडियो में हाई वे पर दिखी थी गुंडागर्दी

वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग राजमार्ग के बीचों बीच सागर की कार को रोकते हैं, उनकी गाड़ी को घेर लेते हैं और उन्हें बाहर खींचते और उनके साथ मारपीट करते हैं. इसमें दिख रहा है कि सागर की पत्नी उन्हें बचाने कशिश करती है जबकि दूसरी गाड़ी में सवार एक व्यक्ति स्थिति को शांत करने की कोशिश में बीच-बचाव करता है. हालांकि, मारपीट जारी रहती है.

पुलिस ने बताया कि विवाद तब शुरू हुआ जब एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक के बीच सागर की कार एक दूसरी गाड़ी से टकरा गई. उसने बताया कि टक्कर के बाद दोनों गाड़ियों में सवार लोगों के बीच हुई बहस मारपीट में बदल गई.

पत्नी गहने देने की बात करती रही, फिर नहीं नहीं माने बदमाशः पीड़ित

पीड़ित सागर कुमार ने NDTV को बताया कि हाईवे पर करीब 9 लोगों ने हमारे परिवार पर हमला किया. इस हमले ने पत्नी को गहरे सदमे में डाल दिया है. अपनी चोटों से उबर रहे सागर ने कहा, 'उन्होंने मुझे, मेरी पत्नी और मेरे 10 महीने के बच्चे तक को नहीं छोड़ा. मेरी पत्नी ने हाथ जोड़कर उनसे विनती की कि हमारे साथ एक बच्चा है, हमें छोड़ दें. उसने यहां तक कहा, 'मेरा सोना ले लो, जो चाहिए ले लो, लेकिन हमें जाने दो.' लेकिन वे मुझे पीटते रहे.'

मामूली टक्कर के बाद किया गया था हमला

सागर ने कहा, 'मेरा परिवार सिर्फ इसलिए भाग्यशाली रहा क्योंकि पूरी घटना वीडियो में रिकॉर्ड हो गई. सोचिए, हाईवे पर ऐसी कितनी घटनाएं होती होंगी जिनका कोई सबूत नहीं होता. ऐसे पीड़ितों को आखिर न्याय कैसे मिलेगा?' हमले में घायल हुए सागर ने सोमवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

पीड़ित ने हाईवे पर सिक्योरिटी का मुद्दा उठाया

सागर ने हाईवे सहित अन्य सड़कों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग करते हुए कहा कि इस दिशा में तत्काल सुधार की जरूरत है. उन्होंने कहा, "हाईवे के कई हिस्सों में CCTV कैमरे नहीं हैं, जिसकी वजह से ऐसे हमलावर आसानी से बच निकलते हैं. इस दर्दनाक अनुभव और चोटों के बाद मेरा मानना है कि व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए, ताकि ऐसे अपराध अनदेखे न रह जाएं और दोषियों को सजा मिल सके.'

मालूम हो कि कुछ दिनों पहले रोड रेज से जुड़ी ऐसी ही एक घटना गुरुग्राम से सामने आई थी. जहां स्कॉर्पियो सवार दो छात्रों ने एक दूसरी गाड़ी पर हमला कर न केवल मारपीट की, बल्कि गाड़ी को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया था. इसका भी वीडियो वायरल हुआ था.

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