गंगा नदी पर तैरता 7-स्टार 'होटल', भागलपुर में रोके गए इस क्रूज में टूरिस्ट के लिए क्या-क्या सुविधाएं: ABN राजमहल
32 विदेशी सैलानियों को लेकर वाराणसी जा रहा लग्जरी क्रूज 'ABN राजमहल' भागलपुर से उल्टे लौट रहा है? जानिए पानी पर तैरते इस 7-स्टार महल की पूरी कहानी.
कोलकाता से वाराणसी जा रहा 'राजमहल क्रूज' को भागलपुर में रोक दिया गया है. ये क्रूज 26 अगस्त को 32 विदेशी टूरिस्ट को लेकर चला था. लेकिन भागलपुर के बरारी घाट पर पहुंचने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ गया. इससे क्रूज वह पक्के पुल को पार नहीं कर पा रहा था. अगर इस क्रूज की बात करें तो ये गंगा और हुगली की लहरों पर तैरता एक ऐसा राजमहल, जो आपको भारत के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और बेमिसाल विलासिता के दौर में ले जाता है. यह महज एक क्रूज नहीं, बल्कि पानी पर तैरता एक शाही अनुभव है नाम है 'ABN राजमहल'.
लहरों पर तैरता इंजीनियरिंग का अनोखा करिश्मा
जरा सोचिए, जहां पानी कम गहरा होने की वजह से आम जहाज आगे बढ़ने से कतराते हैं, वहीं यह 50-51 मीटर लंबा जहाज तीन शक्तिशाली इंजनों की ताकत के साथ आसानी से आगे निकल जाता है. कोलकाता में तैयार किए गए इस जहाज का खास डिजाइन (शैलो ड्राफ्ट) इसे बाकी तमाम क्रूज से अलग बनाता है. नतीजा यह कि यह उन दूरदराज और अनदेखे घाटों तक भी पहुंच जाता है, जहां पहुंचना दूसरों के लिए मुमकिन नहीं होता.
शाही ठाठ-बाट: हर केबिन से नदी का नजारा
इस तैरते महल में भीड़भाड़ की कोई जगह नहीं है. जहाज पर कुल 22 बेहद खास केबिन हैं, जहां हर मेहमान को मिलता है वीआईपी ट्रीटमेंट.
14 विशाल ट्विन/डबल केबिन अपर डेक पर, जहां से गंगा का विहंगम दृश्य दिखाई देता है.
14 विशाल ट्विन/डबल केबिन अपर डेक पर, जहां से गंगा का विहंगम दृश्य दिखाई देता है.






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