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क्या BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया, X के अपडेटेड बायो में ये लिखा
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक, जानकारी मिली है कि उन्होंने पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है. शहजाद पूनावाला ने कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया साइट एक्स पर किए गए पोस्ट में अपने प्रोफाइल का अपडेटेड बायो शेयर किया है. उनके नए बायो में कहीं भी बीजेपी का जिक्र नहीं है. शहजाद पूनावाला, बीजेपी के सबसे चर्चित चेहरों और प्राइम-टाइम प्रवक्ताओं में से एक के तौर पर पहचाने जाते थे.
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने अपने X बायो से 'नेशनल स्पोक्सपर्सन, बीजेपी' का पद हटा दिया है, जिससे उनके राजनीति छोड़ने की चर्चा शुरू हो गई है. इसके साथ ही, पूनावाला ने पुराने इंटरव्यू के क्लिप भी रीपोस्ट किए हैं, जिनमें वे एक्टिव पॉलिटिक्स छोड़ने पर विचार करने की बात कर रहे हैं. हालांकि, 38 वर्षीय नेता ने साफ तौर पर यह नहीं कहा है कि उन्होंने बीजेपी और सक्रिय राजनीति छोड़ने का फैसला किया है या नहीं.
गुरुवार को उन्होंने अपने अपडेटेड X बायो का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें लिखा था, "धर्म: इस्लाम, संस्कृति: हिंदू, विचारधारा: भारतीय. लेखक: GST की यात्रा. पीएम नरेंद्र मोदी के आजीवन अनुयायी." कैप्शन में बस इतना लिखा था, "मेरा अपडेटेड बायो."

एक वीडियो में उन्होंने कहा कि समाज सेवा सियासत से कहीं ज्यादा बड़ी चीज है. उसी क्लिप में उन्होंने यह भी बताया कि वह 2025 के लोकसभा चुनावों के बाद राजनीति छोड़ने के लिए तैयार थे. उन्होंने वीडियो में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद काफी भावुक दिखे थे. उनके हाव-भाव देखकर और यह जानते हुए कि उस समय बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे कुछ अहम चुनाव होने वाले थे, मैंने बने रहने का फैसला किया. मैंने इन चुनावों को जीतकर एक संदेश देने और फिर सक्रिय राजनीति से हट जाने के लिए कड़ी मेहनत करने का फैसला किया."
उन्होंने अपने अपडेटेड बायो का स्क्रीनशॉट शेयर करने के करीब दो घंटे बाद इन दोनों वीडियोज को रीशेयर किया.
कांग्रेस क्यों छोड़े थे शहजाद पूनावाला?
पूनावाला विपक्ष के मुखर आलोचक रहे हैं और अक्सर टीवी न्यूज शो, राजनीतिक मंचों और बहसों में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर नजर आते रहे हैं. साल 2021 में उन्हें दिल्ली में बीजेपी के सोशल मीडिया विंग का इंचार्ज बनाया गया था. पेशे से वकील और एक्टिविस्ट शहजाद पूनावाला (38) ने कांग्रेस के साथ अपना सियासी सफर शुरू किया था. वे 2017 में तब चर्चा में आए, जब उन्होंने पार्टी प्रमुख के तौर पर राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए वंशवादी राजनीति का विरोध करते हुए अपनी ही पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बगावत कर दी थी.
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दिनांक:- 31/07/2026, शुक्रवार
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भारतीय Hockey Team की जर्सी का रंग क्यों बदला गया? भगवा किट पर Hockey India ने दिया जवाब
Hockey India changed national team jerseys from blue to saffron: भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच विश्व कप में पारंपरिक नीली जर्सी नहीं बल्कि भगवा रंग की जर्सी पहनेगी, जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं, अब हॉकी इंडिया ने इस फैसले पर रिएक्ट किया है और बताया है कि आखिर जर्सी बदलने का फैसला क्यों लिया गया है.

हॉकी इंडिया ने इस बारे में कहा, "हम आपको बताना चाहते हैं कि जर्सी का रंग बदलने का फ़ैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सलाह और उनसे हुई विस्तृत बातचीत के आधार पर लिया गया था. मुख्य वजह तकनीकी थी. देखा गया कि नीले रंग की प्लेइंग यूनिफॉर्म, नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह के साथ घुल-मिल जाती थी. यह सतह अब इंटरनेशनल हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है. इस एक जैसे दिखने की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर साफ-साफ देखने में दिक्कत होती थी".
हॉकी इंडिया ने आगे कहा, "इसे देखते हुए, कोच और खिलाड़ियों ने पीले या केसरिया जैसे दूसरे रंगों का सुझाव दिया. अच्छी तरह सोचने-विचारने के बाद, केसरिया रंग को फाइनल किया गया. तकनीकी जरूरत पूरी करने के अलावा, केसरिया रंग का गहरा महत्व भी है क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में से एक है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है".
यह भी ध्यान दिया जा सकता है कि भारतीय हॉकी में जर्सी का रंग बदलना कोई नई बात नहीं है. समय-समय पर, जरूरत और अन्य कारणों से राष्ट्रीय टीम की प्लेइंग किट का रंग बदला जाता रहा है.

उदाहरण के लिए, 2014 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान टीम की जर्सी का रंग पीला कर दिया गया था और 2018 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान रंग बदलकर आसमानी नीला कर दिया गया था, साथ ही डिजाइन भी पूरी तरह से अलग था. केसरिया रंग में यह बदलाव कोच और खिलाड़ियों से मिले तकनीकी फ़ीडबैक और राष्ट्रीय ध्वज का हिस्सा होने के कारण इस रंग के प्रतीकात्मक महत्व, दोनों को ध्यान में रखकर किया गया था.
पीले दांतों से हैं परेशान? सरसों का तेल और सेंधा नमक से कम हो सकता है पीलापन,
पीले दांत सफेद कैसे करें? अगर दांतों का पीलापन आपकी मुस्कान और कॉन्फिडेंस दोनों को प्रभावित कर रहा है, तो आप अकेले नहीं हैं. आजकल चाय, कॉफी, तंबाकू, स्मोकिंग और खराब ओरल हाइजीन की वजह से दांत पीले होना एक आम समस्या बन गई है. ऐसे में कई लोग दांतों का पीलापन दूरकरने के लिए महंगे टूथपेस्ट, Teeth Whitening Products और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं.
क्या आप जानते हैं कि पीले दांतों को सफेद करने मे एक आसान घरेलू उपाय भी मदद कर सकता है? योग, आयुर्वेद, नाड़ी विज्ञान और न्यूरोथेरेपी विशेषज्ञ ने दांतों को साफ रखने और ओरल हेल्थ बेहतर बनाने के लिए सरसों का तेल और सेंधा नमक से जुड़ा एक पारंपरिक उपाय बताया है.
पीले दांत सफेद कैसे करें? क्या आप भी हंसते समय अपने पीले दांत छिपाने की कोशिश करते हैं? चाय, कॉफी, तंबाकू और खराब ओरल हाइजीन की वजह से दांतों पर जमा पीलापन कई लोगों का कॉन्फिडेंस कम कर देता है. लेकिन क्या आपकी रसोई में रखी सिर्फ दो चीजें इस समस्या में मदद कर सकती हैं?
डॉक्टर साहब ने बताया कि आजकल का खान-पान और हमारी कुछ छोटी-छोटी आदतें ही इसके लिए जिम्मेदार हैं. चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन, गुटखा या स्मोकिंग करना, और सही तरह से ब्रश न करना, इन सब वजहों से दांतों के ऊपर एक पीली परत (प्लैक) जमने लगती है.
"लोग अक्सर महंगे-महंगे टूथपेस्ट और केमिकल वाले ट्रीटमेंट के पीछे भागते हैं, जबकि आयुर्वेद में इसका इलाज बहुत सरल और सुरक्षित तरीकों से मौजूद है."
दांतों का पीलापन दूर करने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी चीज लाने की जरूरत नहीं है. आपके रसोईघर में रखी दो चीजें ही कमाल कर सकती हैं- सरसों का तेल और सेंधा नमक.
1. आधा चम्मच शुद्ध सरसों का तेल लें.
2. इसमें एक चुटकी पिसा हुआ सेंधा नमक मिला लें.
3. अब इस पेस्ट को अपनी उंगली से दांतों और मसूड़ों पर हल्के हाथों से मसाज करें.
4. करीब 2 से 3 मिनट तक हल्के-हल्के मलें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ला (रिन्स) कर लें.
डॉक्टर ने बाताया कि सेंधा नमक में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों पर जमे जिद्दी पीलेपन को साफ करने में मदद करते हैं. वहीं, सरसों का तेल मसूड़ों को मजबूत बनाता है और मुंह की बदबू को खत्म करता है.
डॉ. राम अवतार के अनुसार, अगर आप हफ्ते में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ ही दिनों में आपको फर्क साफ दिखने लगेगा. आपके दांत न सिर्फ सफेद होंगे, बल्कि मसूड़े भी पहले से ज्यादा स्वस्थ हो जाएंगे.
Teeth Whitening Home Remedies: दांत साफ करने का घरेलू तरीका.
सरसों का तेल और सेंधा नमक का मिश्रण पारंपरिक रूप से दांतों और मसूड़ों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि इसके प्रभाव व्यक्ति विशेष पर निर्भर कर सकते हैं.
हालांकि सरसों का तेल और सेंधा नमक का मिश्रण पारंपरिक रूप से दांतों और मसूड़ों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह उपाय हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता. एक्सपर्ट की सलाह के बिना इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
सलाह दी है कि नमक को रोजाना जोर-जोर से नहीं रगड़ना चाहिए क्योंकि इससे दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दांत पीले क्यों हो जाते हैं?
चाय, कॉफी, तंबाकू, धूम्रपान, खराब ओरल हाइजीन और बढ़ती उम्र दांतों के पीलेपन की आम वजह हैं.
क्या रोज नमक से दांत साफ करना चाहिए?
नहीं. नमक का ज्यादा इस्तेमाल करने से दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को नुकसान पहुंच सकता है.
दांत सफेद करने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?
नियमित ब्रशिंग, फ्लॉसिंग और जरूरत पड़ने पर डेंटिस्ट की सलाह सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं.
क्या पीले दांत किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं?
कुछ मामलों में दांतों का रंग बदलना दवाओं, इनेमल की समस्या या अन्य दंत स्थितियों से जुड़ा हो सकता है.