30 मिनट में लखनऊ, इंतजार की घड़ियाँ खत्म, UP का सबसे छोटा और VVIP एक्सप्रेसवे उद्घाटन को तैयार
30 मिनट में लखनऊ, इंतजार की घड़ियाँ खत्म, UP का सबसे छोटा और VVIP एक्सप्रेसवे उद्घाटन को तैयार
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद उत्तर प्रदेश को एक और नए एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने वाली है. पीएम मोदी 24 मई को इसका उद्घाटन कर सकते हैं. UP के सबसे महंगे एक्सप्रेसवे के बारे में जानें सबकुछ.
उत्तर प्रदेश को गंगा एक्सप्रेसवे के बाद एक और बड़े एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है. 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 24 मई 2026 को होने जा रहा है. पहले यह एक्सप्रेसवे अप्रैल में शुरू होना था लेकिन बाद में इसकी लॉन्च की डेट बदल दी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं, जिसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बारे में जानें.
कानपुर से लखनऊ का सफर सिर्फ 45 मिनट में
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने से यूपी की राजधानी लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर बहुत ही आसान हो जाएगा. साथ ही NH-27 पर भारी ट्रैफिक, जाम और देरी की समस्या से भी राहत मिलेगी. हैवी ट्रैफिक की वजह से आमतौर पर कानपुर से लखनऊ पहुंचने में 2.5 से 3 घंटे तक का समय लग जाता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद सिर्फ 30 से 45 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगेगा कितना टोल टैक्स?
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा लेकिन सबसे महंगा एक्सप्रेसवे है. इस पर चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं. कार से एक तरफ का टोल 275 रुपये चुकाना होगा. वहीं 24 घंटे के अंदर वापसी पर कुल 415 रुपये टोल टैक्स देना होगा. पहला टोल प्लाजा शिवपुर (हरौना-जुनाबगंज) के पास, दूसरा बनी, तीसरा अमरसास और चौथा आजाद चौराहा (गंगा पुल) के पास बना है.
हल्के कमर्शियल वाहन टोल
- सिंगल: 445 रुपये
- रिटर्न: 670 रुपये
बस और ट्रक का टोल
- सिंगल: 935 रुपये
- रिटर्न: 1405 रुपये
भारी कमर्शियल वाहन का टोल
- सिंगल: 1020 रुपये
- रिटर्न: 1530 रुपये
- सिंगल: 445 रुपये
- रिटर्न: 670 रुपये
- सिंगल: 935 रुपये
- रिटर्न: 1405 रुपये
- सिंगल: 1020 रुपये
- रिटर्न: 1530 रुपये
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के फायदे
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ से कानपुर जाने में समय की बचत के साथ ही बढ़िया सफर का अनुभव मिलेगा. यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को इससे काफी फायदा होगा. इसके शुरू होने से ट्रांसपोर्ट्रेशन आसान हो जाएगा, जिससे व्यापार में सुविधा होगी. अच्छे रोड होने से माल ढुलाई में तेजी आएगी और मौजूदा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा.
UP का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे यूपी का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, एक्सप्रेसवे की 63 किमी की सड़क बनाने में 4700 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आया है. यानी प्रति किमी 75 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. जबकि 594 किमी गंगा एक्सप्रेसवे बनाने में 37 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए यानी हर किमी 63 करोड़ रुपये का खर्च आया.
38 अंडरपास और 31 छोटे-बड़े पुल
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ लोगों के लिए 38 अंडरपास के साथ 31 छोटे-बड़े पुल बनाए गए हैं. इसमें 120 किमी की रफ्तार से वाहन दौड़ सकेंगे, नेशनल हाईवे की जगह ज्यादा हाईस्पीड विकल्प यात्रियों के पास होगा.
नीचे नेशनल हाईवे, ऊपर एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बहुत ही खास तरीके से बनाया गया है. लखनऊ की ओर करीब 13 किमी का हिस्सा और कानपुर आजाद मार्ग चौराहे का 5 किमी का हिस्सा एलिवेटेड होगा. इसे उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे के साथ कनेक्ट किया गया है. लखनऊ-कानपुर राजमार्ग NH-25 पर नीचे नेशनल हाईवे और ऊपर एक्सप्रेसवे देखने को मिलेगा. लखनऊ में अमौसी से दरोगाखेड़ा तक एक्सप्रेसवे 4 लेन का होगा. लखनऊ के बनी इलाके से एक्सप्रेसवे और हाईवे अलग-अलग होंगे.
हर 1 किमी. पर CCTV की नजर
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर लगभग हर एक किमी. पर सुरक्षा के लिहाज से CCTV लगाए गए हैं, जो घूमते रहेंगे. ये कैमरे किसी भी वाहन की गतिविधि को आसानी से कैप्चर कर लेंगे. बता दें कि वाहन चढ़ने या उतरने के लिए एक्सप्रेसवे पर छह इंटरचेंज हैं. पहला मुख्य टोल लखनऊ में शहीद पथ पर है. फिर लखनऊ में ही बनी और हरौनी में भी टोल हैं. उन्नाव में अजगैन और अमरसास में भी टोल प्लाजा बनाए गए हैं. कानपुर से आने वाले वाहनों का मुख्य टोल प्लाजा आजाद चौक पर है.







