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 Heat Wave लू में बाहर निकलना पड़ता है? ये 5 टिप्स रखेंगे आपको हेल्दी

Heat Wave में बाहर निकलना पड़ता है? ये 5 टिप्स रखेंगे आपको हेल्दी
गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है और आगे आने वाले दिनो में तेज धूप के साथ गर्म हवाएं भी चलेंगी जिन्हें लू कहा जाता है. हालांकि इस तरह की गर्म हवाओं से बचने के लिए घर में रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन हर किसी के लिए ऐसा करना पॉसिबल नहीं हो पाता हैण् काम के चलते चिलचिलाती धूप में भी बाहर जाना ही पड़ता हैण् लेकिन लू के दिनों में बाहर निकलना सच में शरीर के लिए खतरा बन सकता हैण् ऐसे में आपको इससे बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिएण् अगर आप समझदारी से कुछ बातों का ध्यान रखें तो आप खुद को बीमार होने से बचा सकते हैं


1. खूब पानी पिएं

गर्मियों में बॉडी से खूब पसीना निकलता है. इसलिए आपको पानी पीने में कोई कमी नहीं करनी चाहिए. आपको प्यास लगी हो या ना लगी हो थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. इसके साथ ही आप नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी भी फी सकते हैं, ये सभी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करते हैं. 

2. हल्के और ढीले कपड़े पहनें

गर्मियों में लाइट रंग और और हल्के कपड़े पहनें. आप कॉटन, लिनेनऔर मलमल फैब्रिक पहने, इनसे हवा आसानी से पास होती है और शरीर ठंडा रहता है.

3. सिर और आंखों को ढककर रखें

बाहर निकलने से पहले अपने सिर और आंखों को अच्छी तरह से ढ़क लें. आंखों को धूप से बचाने के लिए सनग्लासेस और सिर पर कॉटन का टुपट्टा या गमछा बांधें. इससे सीधी धूप का असर कम होता है और हीट स्ट्रोक का खतरा भी कम हो सकता है.

4. खाली पेट बाहर न निकलें

इस गर्मी में घर से खाली पेट ना निकलें, ये गलती आप पर भारी पड़ सकती है. बाहर निकलने से पहले कुछ हल्का जरूर खा लें. आप दही या फलों का सेवन कर सकते हैं. ये शरीर में एनर्जी बनाए रखते हैं और चक्कर आने की समस्या भी कम हो सकती है.

5. पीक टाइम पर निकलने से बचें

दोपहर 12 से 3 के बीच धूप सबसे ज्यादा तेज होती है. इसलिए कोशिश करें कि इस समय में बाहर निकलने से बचें. अगर इस समय पर निकलना भी है तो कोशिश करें की छांव में चलें और खुद को बहुत ज्यादा ना थकाएं.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. B.I.News इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

आज अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व से लेकर सोना खरीदने तक आज क्या-क्या करें

आज अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व से लेकर सोना खरीदने तक आज क्या-क्या करें

हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती मनाई जाती हैण् जानिए अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती पर शुभ मुहूर्तए पूजा विधिए महत्व और सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त के साथ.साथ आज दिनभर क्या.क्या करेंण्


अक्षय तृतीया एक बहुत ही शुभ पर्व हैए जिसे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता हैण् यह त्योहार हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता हैण् वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल यानी रविवार को मनाई जाएगीण् इस शुभ दिन पर लोग भगवान गणेशए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती हैण् इसी दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती हैण् अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता हैण् इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होतीण् मान्यता है कि आज के दिन किए गए कामए दान या निवेश का फल कभी खत्म नहीं होताण् यह लगातार बढ़ता रहता हैण् चलिए आपको बताते हैं अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती पर शुभ मुहूर्तए पूजा विधिए महत्व और सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त के साथ.साथ आज दिनभर क्या.क्या करेंण्

अक्षय तृतीया 2026 तिथि और समय

तृतीया तिथि शुरू- 19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे

तृतीया तिथि समाप्त- 20 अप्रैल 2026, सुबह 7:27 बजे

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त- 10:49 बजे से 12:20 बजे तक

परशुराम जयंती 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त

तृतीया तिथि प्रारंभ: 19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे

तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल 2026, सुबह 07:27 बजे

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर खरीदे ये चीजें

मिट्टी का बर्तन- यह मंगल ग्रह को मजबूत करता है, कर्ज मुक्ति और अड़चनों से राहत दिलाता है.

रूई- शुक्र ग्रह से संबंधित, माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है और दरिद्रता दूर होगी है.

हल्दी की गांठ- यह गुरु ग्रह को बल देती है, जीवन में स्थिरता और सम्मान बढ़ाती है.

पीली सरसों- दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा दूर करती है.

पीली कौड़ी- धन, संपत्ति और समृद्धि को आकर्षित करती है.

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का महत्व

अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि इस दिन सोना लेने से घर में धन, सुख‑समृद्धि और खुशहाली आती है. इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना जरूरी माना जाता है. माना जाता है कि इससे देवी‑देवताओं का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में उन्नति होती है.

Akshaya Tritiya 2026 LIVE: मां लक्ष्मी पूजा मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ॥

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे, विष्णुपत्नी च धीमहि, तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्त्वदर्चनात्॥



बांके बिहारी जी की लीला अपरम्पार है

 बांके बिहारी जी की लीला अपरम्पार है 

आनंद नाम का एक लड़का रेलगाड़ी में साफ-सफाई करता था और उससे मिलने वाले पैसों से अपने घर का गुजारा करता था। उसके परिवार में एक बूढ़ी माँ, एक छोटी बहन और बीमार पिता थे।

एक दिन गाड़ी में सीटों के नीचे सफाई करते समय उसे एक पर्स मिला। पर्स हाथ में आते ही उसके हाथ कांपने लगे। उसे लगा कि इसमें बहुत सारे पैसे होंगे। उसने झटपट पर्स उठाकर अपनी जेब में डाल लिया। वह बेसब्री से गाड़ी रुकने का इंतज़ार करने लगा ताकि देख सके कि इसमें कितने पैसे हैं। वह उन पैसों से घर के लिए राशन और पिता के लिए दवाई लेना चाहता था।

स्टेशन आते ही वह उतरा और एक एकांत जगह जाकर पर्स खोला। देखते ही उसके होश उड़ गए; पर्स बिल्कुल खाली था। उसकी सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। तभी पर्स की पिछली जेब में उसे एक भगवान की तस्वीर दिखी। उस तस्वीर को देखते ही उसके भीतर एक अजीब सी हलचल हुई और उसकी आँखों से दो मोटे आँसू निकलकर तस्वीर के चरणों में जा गिरे। ये आँसू खाली पर्स के दुख के थे या उस छवि के प्रति भक्ति के, वह समझ न पाया।

वह थके हुए कदमों से घर की ओर चल दिया। वह सोच रहा था कि आज घर में खाने को कुछ नहीं है, माँ-बहन भूखी हैं और पिता को दवाई के लिए भोजन चाहिए। तभी गली के नुक्कड़ पर एक सेठ शादी का बचा हुआ खाना बाँट रहा था। आनंद भी लाइन में लग गया और उसे खाने के दो-तीन पैकेट मिल गए। वह बहुत खुश हुआ। घर जाकर जब उसने माँ को खाना दिया, तो माँ ने बताया कि बहन भूख से रो रही थी।

आनंद हैरान था कि जो सेठ उसे देखकर मुँह सिकोड़ता था, आज उसने खुद उसे खाना दिया। उसने जेब से वह तस्वीर निकाली और भगवान का धन्यवाद किया। अगले दिन आनंद को स्टेशन पर एक बीमार वृद्धा मिली। उसने आनंद को टिकट लाने के लिए 500 रुपये दिए। जब आनंद टिकट लेकर लौटा, तब तक गाड़ी चलने लगी थी। उसने खिड़की से वृद्धा को टिकट थमाया, पर बाकी के 275 रुपये उसके हाथ में ही रह गए। वृद्धा ने इशारा किया कि वह पैसे आनंद रख ले। आनंद ने उन पैसों से हफ्ते भर का राशन खरीदा। उसे यकीन होने लगा कि यह सब उस तस्वीर वाले भगवान का चमत्कार है।

जब उसने माँ से पूछा कि ये कौन से भगवान हैं, तो माँ राशन देखकर इतनी खुश थी कि उसने ध्यान नहीं दिया। कुछ दिन बाद ट्रेन में सफाई करते समय उसने कुछ भक्तों को उसी तस्वीर के साथ 'हरे कृष्ण' का जाप करते देखा। पूछने पर एक महिला ने बताया, "बेटा, ये बांके बिहारी जी हैं। ये वृन्दावन के मालिक हैं और सबकी मनोकामना पूरी करते हैं।" आनंद ने भी वृन्दावन जाने की जिद की और वह उनके साथ चल दिया।

वृन्दावन पहुँचकर आनंद लोगों से बिहारी जी का पता पूछने लगा। एक सज्जन उसे मंदिर ले गए। मंदिर में भारी भीड़ थी। आनंद को दूर से ही बिहारी जी की झलक मिली और उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। तभी मंदिर की बत्ती (लाइट) चली गई। अंधेरे में उसे एक दिव्य रोशनी दिखी और महसूस हुआ कि कोई उसका हाथ खींच रहा है। एक छोटे बालक ने उसे कोने में ले जाकर कहा, "आनंद, मैं कब से तुम्हारी राह देख रहा हूँ।"

आनंद घबरा गया। बालक बोला, "मैं वही हूँ जिसकी तस्वीर तुम जेब में लिए घूमते हो। जिस दिन तुम्हारे आँसुओं ने मेरे पैर धोए थे, उसी दिन से तुम मेरी शरण में हो।" आनंद को अपने परिवार की चिंता हुई, तो बिहारी जी बोले, "चिंता मत कर। जिस बस्ती में तुम रहते थे, वहाँ एक सेठ को मंदिर बनाना था। उसने तुम्हारी झोपड़ी के बदले तुम्हारे परिवार को पक्का घर और खाने का प्रबंध कर दिया है। अब तुम यहीं रहो और मेरे लिए फूलों की माला बनाया करो।"

जब आनंद ने आँखें खोलीं, तो बालक गायब था और बिहारी जी अपनी जगह विराजमान थे। आनंद की आँखों से अश्रुधारा बह निकली और वह 'बांके बिहारी लाल की जय' पुकारने लगा।



                                                                                   


आज का पांचांग दिन रविवार दिनांक 19/04/2026



                  🌞सुप्रभातम🌞 

      ⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️

       दिनांक:- 19/04/2026, रविवार

*द्वितीया, शुक्ल पक्ष,*

*वैशाख*

(समाप्ति काल)


तिथि--------- द्वितीया 10:48:49      तक 

पक्ष------------------------- शुक्ल

नक्षत्र----------- भरणी 07:09:09

नक्षत्र‐-------- कृत्तिका 28:34:23

योग-------- आयुष्मान 20:01:02

करण---------- कौलव 10:48:49

करण----------- तैतुल 21:07:22

वार------------------------ रविवार

माह----------------------- वैशाख

माह------------------------ वैशाख

चन्द्र राशि------    मेष 12:30:16

चन्द्र राशि-----------------    वृषभ

सूर्य राशि---------------------   मेष

रितु-------------------------- वसंत

आयन------------------- उत्तरायण

संवत्सर-------------------- पराभव

संवत्सर (उत्तर)------------------- रौद्र

विक्रम संवत---------------- 2083

गुजराती संवत-------------- 2082 

शक संवत‐----------------- 1948 

कलि संवत----------------- 5127

सूर्योदय---------------05:52:13

सूर्यास्त--------------- 18:44:50

दिन काल------------- 12:52:37

रात्री काल------------- 11:06:24

चंद्रोदय--------------- 06:47:37

चंद्रास्त---------------- 21:09:28

लग्न----   मेष 4°45' , 4°45'

सूर्य नक्षत्र----------------- अश्विनी

चन्द्र नक्षत्र------------------ भरणी

नक्षत्र पाया------------------  स्वर्ण 


*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*


लो---- भरणी 07:09:09


अ---- कृत्तिका 12:30:16


ई---- कृत्तिका 17:51:24


उ---- कृत्तिका 23:12:43


ए---- कृत्तिका 28:34:23


*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*


        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद

============================

सूर्य=  मेष 04°12  ,     अश्वनी     2     चे

चन्द्र= कुम्भ   25°30 ,     भरणी   4     लो

बुध = मीन 11°52 '       उoभाo 3    झ

शु क्र= मेष  29°05,         कृतिका 1      अ

मंगल= मीन 12°03    उ oभाo   3      झ

गुरु= मिथुन  23°33    पुनर्वसु,     1       के 

शनि=मीन 13°13 '     उoभा o  , 3       झ

राहू=(व) कुम्भ 12°18  शतभिषा,      2  सा

केतु= (व) सिंह 12°18      मघा   4      मे 

============================


*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*


राहू काल 17:08 - 18:45 अशुभ

यम घंटा 12:19 - 13:55 अशुभ

गुली काल 15:32 - 17:08 अशुभ 

अभिजित 11:53 - 12:44 शुभ

दूर मुहूर्त 17:02 - 17:53 अशुभ

वर्ज्यम 17:51 - 19:17 अशुभ

प्रदोष 18:45 - 20:59.    शुभ


💮चोघडिया, दिन


उद्वेग 05:52 - 07:29 अशुभ

चर 07:29 - 09:05 शुभ

लाभ 09:05 - 10:42 शुभ

अमृत 10:42 12:19 शुभ

काल 12:19 13:55 अशुभ

शुभ 13:55-15:32 शुभ

रोग 15:32 - 17:08 अशुभ

उद्वेग 17:08 - 18:45 अशुभ


🚩चोघडिया, रात


शुभ 18:45-20:08 शुभ

अमृत 20:08 - 21:31 शुभ

चर 21:31 22:55 शुभ

रोग 22:55 - 24:18* अशुभ

काल 24:18*25:41* अशुभ

लाभ 25:41* - 27:05* शुभ

उद्वेग 27:05* - 28:28* अशुभ

शुभ 28:28* - 29:51* शुभ


💮होरा, दिन


सूर्य 05:52- 06:57

शुक्र 06:57- 08:01

बुध 08:01- 09:05

चन्द्र 09:05- 10:10

शनि 10:10 -11:14

बृहस्पति 11:14 -12:19

मंगल 12:19- 13:23

सूर्य 13:23- 14:27

शुक्र 14:27 -15:32

बुध 15:32 -16:36

चन्द्र 16:36- 17:40

शनि 17:40 -18:45


🚩होरा, रात


बृहस्पति 18:45- 19:40

मंगल 19:40 -20:36

सूर्य 20:36 -21:31

शुक्र 21:31- 22:27

बुध 22:27- 23:23

चन्द्र 23:23 -24:18

शनि 24:18-25:14

बृहस्पति 25:14-26:09

मंगल 26:09-27:05

सूर्य 27:05-28:00

शुक्र 28:00-28:56

बुध 28:56-29:51


*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 


मेष     > 05:50 से  07:26   तक     

वृषभ   > 07:26 से  09:26   तक

मिथुन  > 09:26 से 12:50    तक

कर्क    > 12:50  से 14:00   तक

सिंह    > 14:00 से  17:06    तक

कन्या  > 17:06  से  18:26  तक

तुला   >  18:26 से  20:48   तक

वृश्चिक > 20:48 से  22:54   तक

धनु     > 22:54  से  00:44   तक

मकर   > 00:44 से  02:44   तक

कुम्भ   > 02:44  से  04:16   तक

मीन    > 04:16  से  05:52   तक

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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*


       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट


*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।


*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*


*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*


  2 + 1 + 1 = 0  ÷ 4 = 0 शेष

 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l


*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*


सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है


सूर्य ग्रह मुखहुति


*💮    शिव वास एवं फल -:*


  2 + 2 + 5 = 9 ÷ 7 =  2 शेष


गौरी सान्निधौ = शुभ कारक


*🚩भद्रा वास एवं फल -:*


*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


*अक्षय तृतीया (आखातीज अबूझ मुहूर्त)*


*विप्र कुल शिरोमणि श्री भगवान परशुराम जन्मोत्सव*


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


श्रुत्वा धर्मं विजानाति श्रुत्वा त्यजति दुर्मतिम् ।

श्रुत्वा ज्ञानमवाप्नोति श्रुत्वा मोक्षमवाप्नुयात् ।।

।।चाoनीo।।


वण करने से धर्मं का ज्ञान होता है, द्वेष दूर होता है, ज्ञान की प्राप्ति होती है और माया की आसक्ति से मुक्ति होती है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:  आत्मसंयमयोग  अo-6


आत्मौपम्येन सर्वत्र समं पश्यति योऽर्जुन।

 सुखं वा यदि वा दुःखं स योगी परमो मतः॥


हे अर्जुन! जो योगी अपनी भाँति (जैसे मनुष्य अपने मस्तक, हाथ, पैर और गुदादि के साथ ब्राह्मण, क्षत्रिय, शूद्र और म्लेच्छादिकों का-सा बर्ताव करता हुआ भी उनमें आत्मभाव अर्थात अपनापन समान होने से सुख और दुःख को समान ही देखता है, वैसे ही सब भूतों में देखना 'अपनी भाँति' सम देखना है।) सम्पूर्ण भूतों में सम देखता है और सुख अथवा दुःख को भी सबमें सम देखता है, वह योगी परम श्रेष्ठ माना गया है

 ॥32॥


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

योजना फलीभूत होगी। मनमाफिक स्थानांतरण या पदोन्नति हो सकती है। कार्यस्थल पर सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दूर से अच्‍छी खबर मिल सकती है।


🐂वृष

डूबी हुई रकम प्राप्त होने के योग हैं। यात्रा लाभदायक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। कोई बुरी खबर मिल सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है।


👫मिथुन

ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च हो सकता है। भूमि व भवन आदि के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नौकरी में चैन रहेगा। शत्रु पस्त होंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सभी कार्य पूर्ण होंगे।


🦀कर्क

फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। धन की तंगी होगी। बेकार बातों पर ध्यान न दें। विचारों की स्पष्टता न होने से उलझनें रहेंगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। नौकरी में स्थानांतरण या परिवर्तन संभव है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक-ठीक चलेगा।


🐅सिंह

प्रियजनों के साथ बेवजह रिश्तों में खटास आ सकती है। लोगों की अपेक्षाएं बढ़ेंगी। हताशा का अनुभव होगा। मन की बात किसी को न बतलाएं। संवेदनशीलता बढ़ेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें।


🙍‍♀️कन्या

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। शैक्षणिक व शोध कार्य मनोनुकूल रहेंगे। किसी प्रबु‍द्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उत्साह व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।


⚖️तुला

नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। मेहनत का फल प्राप्त होगा। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबारी लाभ बढ़ेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देंगे।


🦂वृश्चिक

दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट से आशातीत लाभ होगा। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। तनाव व चिंता में कमी होगी। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। समय अनुकूल है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।


🏹धनु

चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि की संभावना है। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। बिना वजह कहासुनी हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। यात्रा यथासंभव टालें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। धैर्य रखें।


🐊मकर

राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। कोई रुका काम बन सकता है। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।


🍯कुंभ

आत्मसम्मान बना रहेगा। अच्छी खबर प्राप्त होगी। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। भूले-बिसरे साथी तथा रिश्तेदारों से मुलाकात होगी।


🐟मीन

भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। कारोबारी लाभ बढ़ेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें।


*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*अक्षय रहे सुख आपका 

अक्षय रहे घन आपका 

अक्षय रहे प्रेम आपका 

अक्षय रहे स्वास्थ आपका 

अक्षय रहे रिश्ता हमारा 

अक्षय तृतीया की और परशुराम जयंती की आपको और आपके सम्पूर्ण परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं🙏🏻🚩







You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
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2. Youtube:  B I News
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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

                                                                          आज का पञ्चांग,दिन,शनिवार,दिनांक 18/04/2026,




               *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 18/04/2026, शनिवार 
                 
*प्रथमा, शुक्ल पक्ष,*
*वैशाख*
(समाप्ति काल)

तिथि------- प्रतिपदा 14:10:08.     तक 
पक्ष------------------------- शुक्ल
नक्षत्र--------- अश्विनी 09:41:44
योग------------- प्रीति 23:55:07
करण-------------- बव 14:10:08
करण---------- बालव 24:30:09
वार----------------------- शनिवार
माह----------------------- वैशाख
चन्द्र राशि-------------------    मेष
सूर्य राशि--------------------    मेष
रितु-------------------------- वसंत
आयन------------------- उत्तरायण
संवत्सर-------------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)------------------- रौद्र
विक्रम संवत---------------- 2083 
गुजराती संवत-------------- 2082 
शक संवत------------------ 1948 
कलि संवत----------------- 5127
सूर्योदय--------------- 05:53:12
सूर्यास्त---------------- 18:44:18
दिन काल------------- 12:51:05
रात्री काल------------- 11:07:55
चंद्रोदय--------------- 06:12:24
चंद्रास्त---------------- 19:57:14
लग्न----   मेष 3°46' , 3°46'
सूर्य नक्षत्र----------------- अश्विनी
चन्द्र नक्षत्र----------------- अश्विनी
नक्षत्र पाया------------------- स्वर्ण 

*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*

ला----अश्विनी 09:41:44

ली---- भरणी 15:04:22

लू---- भरणी 20:26:22

ले---- भरणी 25:47:55

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
============================
सूर्य=  मेष 03°12  ,     अश्वनी     2     चे
चन्द्र= कुम्भ   10°30 ,     अश्वनी   4     ला
बुध = मीन 09°52 '       उoभाo 2    थ
शु क्र= मेष  28°05,         कृतिका 1      अ
मंगल= मीन 12°03    उ oभाo   3      झ
गुरु= मिथुन  23°33    पुनर्वसु,     1       के 
शनि=मीन 13°13 '     उoभा o  , 3       झ
राहू=(व) कुम्भ 12°20  शतभिषा,      2  सा
केतु= (व) सिंह 12°20      मघा   4      मे 
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 09:06 - 10:42 अशुभ
यम घंटा 13:55 - 15:32 अशुभ
गुली काल 05:53 - 07:30 अशुभ 
अभिजित 11:53 - 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 07:36 - 08:27 अशुभ
वर्ज्यम 06:06 - 07:32 अशुभ
प्रदोष 18:44 - 20:59.     शुभ

🚩गंड मूल 05:53 - 09:42 अशुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 05:53 07:30 अशुभ
शुभ 07:30 - 09:06 शुभ
रोग 09:06 - 10:42 अशुभ
उद्वेग 10:42 - 12:19 अशुभ
चर 12:19 13:55 शुभ
लाभ 13:55 - 15:32 शुभ
अमृत 15:32 - 17:08 शुभ
काल 17:08 18:44 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 18:44 - 20:08 शुभ
उद्वेग 20:08 - 21:31 अशुभ
शुभ 21:31 - 22:55 शुभ
अमृत 22:55 - 24:18* शुभ
चर 24:18*-25:42* शुभ
रोग 25:42* - 27:05* अशुभ
काल 27:05* - 28:29* अशुभ
लाभ 28:29* - 29:52* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 05:53 -06:57
बृहस्पति 06:57- 08:02
मंगल 08:02 -09:06
सूर्य 09:06 -10:10
शुक्र 10:10- 11:14
बुध 11:14 -12:19
चन्द्र 12:19- 13:23
शनि 13:23 -14:27
बृहस्पति 14:27 -15:32
मंगल 15:32 -16:36
सूर्य 16:36- 17:40
शुक्र 17:40- 18:44

🚩होरा, रात

बुध 18:44 -19:40
चन्द्र 19:40- 20:36
शनि 20:36- 21:31
बृहस्पति 21:31 -22:27
मंगल 22:27 -23:23
सूर्य 23:23 -24:18
शुक्र 24:18-25:14
बुध 25:14-26:10
चन्द्र 26:10-27:05
शनि 27:05-28:01
बृहस्पति 28:01-28:57
मंगल 28:57-29:52

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

मेष     > 05:54 से  07:30   तक     
वृषभ   > 07:30 से  09:30   तक
मिथुन  > 09:30 से 12:54    तक
कर्क    > 12:54  से 14:04   तक
सिंह    > 14:04 से  17:10    तक
कन्या  > 17:10  से  18:30  तक
तुला   >  18:30 से  20:52   तक
वृश्चिक > 20:52 से  22:58   तक
धनु     > 22:58  से  00:48   तक
मकर   > 00:48 से  02:48   तक
कुम्भ   > 02:48  से  04:20   तक
मीन    > 04:20  से  05:56   तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लोंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

  1 +7 + 1 = 9  ÷ 4 = 1 शेष
 पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

  1 + 1 + 5 = 7 ÷ 7 =  0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

*श्री महर्षि पाराशर जयंती*

*चंद्र दर्शन*

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

अध्वा जरा मनुष्याणां वाजिनां बंधनं जरा ।
अमैथुनं जरा स्त्रीणां वस्त्राणामातपं जरा ।।
।।चाoनीo।।

सतत भ्रमण करना व्यक्ति को बूढ़ा बना देता है. यदि घोड़े को हरदम बांध कर रखते है तो वह बूढा हो जाता है. यदि स्त्री उसके पति के साथ प्रणय नहीं करती हो तो बुढी हो जाती है. धुप में रखने से कपडे पुराने हो जाते है.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  आत्मसंयमयोग  अo-6

सर्वभूतस्थितं यो मां भजत्येकत्वमास्थितः।
 सर्वथा वर्तमानोऽपि स योगी मयि वर्तते॥

जो पुरुष एकीभाव में स्थित होकर सम्पूर्ण भूतों में आत्मरूप से स्थित मुझ सच्चिदानन्दघन वासुदेव को भजता है, वह योगी सब प्रकार से बरतता हुआ भी मुझमें ही बरतता है
 ॥31॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।

🐂वृष
घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

👫मिथुन
किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। अनावश्यक जोखिम न लें।

🦀कर्क
यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।

🐅सिंह
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

🙍‍♀️कन्या
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

⚖️तुला
सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।

🦂वृश्चिक
बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।

🏹धनु
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।

🐊मकर
घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।

🍯कुंभ
उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।

🐟मीन
किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*







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बिना AC घर को कैसे ठंडा रखें: क्रॉस वेंटिलेशन है जरूरी, आर्किटेक्ट से जानें 8 देसी हैक्स, घर रहेगा नेचुरली कूल

बिना AC घर को कैसे ठंडा रखें: क्रॉस वेंटिलेशन है जरूरी, आर्किटेक्ट से जानें 8 देसी हैक्स, घर रहेगा नेचुरली कूल
गर्मियों में घर को ठंडा रखना चैलेंजिंग होता है। हाई टेम्परेचर से छत और दीवारें गर्म हो जाती हैं। इससे ज्यादा गर्मी लगती है और थोड़ी देर भी रहना मुश्किल हो जाता है। लेकिन हर किसी के लिए एसी लगाना और उसे लगातार चलाना संभव नहीं होता है, क्योंकि इससे बिजली का बिल बढ़ता है।

हालांकि कुछ ऐसे आसान और देसी तरीके हैं, जो घर को नेचुरली ठंडा रखने में मदद करते हैं।

आज जरूरत की खबर में हम इस बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  1. कैसे घर को नेचुरली ठंडा रखें?
  2. घर में हीट जनरेशन को रोकने के लिए क्या करें?

तेज़ गर्मी में घर ठंडा रखने का आसान तरीका. छत ठंडी रखने के 4 देसी उपाय जो बिना AC भी राहत देंगे-

गर्मियों का मौसम शुरू होते ही सबसे बड़ी मुसीबत होती है छत का गर्म होना. भट्टी' जैसी गर्मी उगलती छत. अगर आप टॉप फ्लोर पर रहते हैं, तो दिन के वक्त कमरे में बैठना किसी सजा से कम नहीं लगता. पंखा भी गर्म हवा फेंकने लगता है और कूलर-AC भी फेल होने लगते हैं. ​लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान और सस्ते तरीकों से आप अपनी छत को ठंडा रख सकते हैं? जी हां, तो आइए जानते हैं वो घरेलू नुस्खे जिनसे आपकी छत रहेगी ठंडी और घर में बनी रहेगी ठंडक.



“तेज़ गर्मी में जब छत तपने लगती है, तो पूरा घर भट्ठी बन जाता है. AC हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, लेकिन कुछ देसी और सस्ते उपायों से आप छत को ठंडा रख सकते हैं और घर का तापमान कई डिग्री कम कर सकते हैं”


AC के बिना भी घर रहेगा ठंडा, बस छत पर अपनाएं ये 4 आसान उपाय

छत को ठंडा करने के लिए अपनाएं ये तरीके- (Follow these steps to cool your roof)

​​1. ग्रीन नेट-

​आपने नर्सरी या गार्डन में हरा जाल (Green Net) देखा होगा. इसे आप अपनी छत पर भी लगवा सकते हैं. ​यह सूरज की सीधी रोशनी को छत पर पड़ने से रोकता है. ​इसे लगाने से छत की सतह गर्म नहीं होती और नीचे वाले कमरे में तपिश कम महसूस होती है.

2. टेरेस गार्डन- 

​अगर आपको पौधों का शौक है, तो यह तरीका आपके लिए बेस्ट है. ​छत पर गमले रखें या छोटी सी क्यारी बनाएं. ​मिट्टी और पौधों की वजह से छत पर धूप का सीधा असर कम होता है. ​जब आप पौधों में पानी डालते हैं, तो वाष्पीकरण (Evaporation) की वजह से छत अपने आप ठंडी हो जाती है.

सवाल- गर्मी में घर में सबसे ज्यादा हीट कहां से और कैसे आती है?

जवाब- इस मौसम में बाहर की गर्म हवा और हाई टेम्परेचर के प्रभाव से घर का तापमान बढ़ जाता है। इसके कई साेर्स हैं-

  • खुली छत
  • पतली दीवारें
  • खुली खिड़कियां और दरवाजे
  • वेंटिलेशन की कमी
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल
  • पेड़ पौधे की कमी

सवाल- क्या अलग–अलग तरह के घर (फ्लैट, इंडिपेंडेंट हाउस) में हीटिंग का तरीका अलग होता है?

जवाब- आर्किटेक्ट प्रमोद कुमार मौर्य बताते हैं कि यह घर की लोकेशन, स्ट्रक्चर, और एयर फ्लो पर निर्भर करता है। पॉइंटर्स से समझिए-

1. फ्लैट

टॉप फ्लोर फ्लैट

  • सबसे ज्यादा गर्म होते हैं, क्योंकि सीधे छत से हीट आती है।

मिड फ्लोर फ्लैट

  • ऊपर-नीचे फ्लैट होने से हीट कम आती है।

साइड फ्लैट

  • अगर पश्चिम या दक्षिण की ओर है तो दीवारों से ज्यादा गर्मी आती है।

2. इंडिपेंडेंट हाउस

  • हर दिशा (छत, दीवारें, खिड़कियां) से हीट आ सकती है।

ग्राउंड फ्लोर

  • जमीन से थोड़ी ठंडक मिलती है, इसलिए ऊपरी फ्लोर की तुलना में कम गर्म होता है।

ऊपरी मंजिल

  • टॉप फ्लोर की वजह से ज्यादा गर्म होता है।

3. बिल्डिंग का मटेरियल और डिजाइन

  • कंक्रीट के घर ज्यादा गर्मी स्टोर करते हैं।
  • पुराने मिट्टी या पत्थर के घर कंक्रीट की तुलना में ठंडे रहते हैं। इनमें नेचुरल इंसुलेशन होता है।

4. आसपास का माहौल

  • आसपास ज्यादा बिल्डिंगों वाले एरिया में हीट ट्रैप होती है।
  • खुले, हरे-भरे एरिया के घर कम गर्म होते हैं।

सवाल- इनडोर और आउटडोर टेम्परेचर में कितना फर्क हो सकता है?

जवाब- इनडोर और आउटडोर तापमान में फर्क आमतौर पर 2 से 10°C तक हो सकता है। यह पूरी तरह घर की बनावट, वेंटिलेशन और कूलिंग उपायों पर निर्भर करता है।

सवाल- ‘ग्रीनहाउस इफेक्ट’ घर के अंदर कैसे काम करता है?

जवाब- घर के अंदर 'ग्रीनहाउस इफेक्ट' का मतलब है कि खिड़कियों की कांच से धूप अंदर तो आती है, लेकिन अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे कमरा ‘हीट ट्रैप’ बन जाता है। इसके असर से-

  • कमरे का तापमान तेजी से बढ़ता है।
  • शाम के बाद भी गर्मी बनी रहती है।
  • एसी/कूलिंग की जरूरत बढ़ जाती है।

सवाल- क्या गर्मियों में कूलर, एसी के बिना भी घर को ठंडा रखा जा सकता है?

जवाब- हां, बिल्कुल। इसके लिए नेचुरल तरीके अपनाने होेंगे। ये नेचुरल तरीके मुख्य रूप से तीन काम करते हैं-

  • हीट को अंदर आने से रोकते हैं।
  • अंदर की गर्मी को कम करते हैं।
  • हवा का सही फ्लो बनाए रखते हैं।

इससे घर के अंदर की गर्मी कम होती है और बिना AC के भी घर ठंडा रहता है।

सवाल- ये नेचुरल तरीके क्या हो सकते हैं?

जवाब- इसके लिए हीट को अंदर आने से रोकना और जो गर्मी अंदर है, उसे बाहर निकालना जरूरी है। ग्राफिक में इसके आसान तरीके देखिए-

बिना AC घर को कैसे ठंडा रखें: क्रॉस वेंटिलेशन है जरूरी, आर्किटेक्ट से जानें 8 देसी हैक्स, घर रहेगा नेचुरली कूल





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