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आपके बच्चे की सेहत आपके हाथ! मोटापा,हाई बीपी और डायबिटीज का कारण जंक फूड, हर तीसरा बच्चा जंक फूड का शिकार, 

क्या आपका भी बच्चा पिज्जा-बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का है शौकीन, तो आईसीएमआर-एनआईएन रिपोर्ट बढ़ा सकती है आपकी चिंता.

आपके बच्चे की सेहत आपके हाथ! मोटापा,हाई बीपी और डायबिटीज का कारण जंक फूड, हर तीसरा बच्चा जंक फूड का शिकार,

अगर आप उस बच्चे के माता-पिता हैं जो पिज्जा-बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का सेवन बहुत करते हैं, तो ये रिपोर्ट आपकी चिंता बढ़ा सकती है. आपको बता दें कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) की एक नई और चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक/जूस बच्चों की सेहत के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके हैं. रिपोर्ट के अनुसार, देश में 5 से 19 साल के करीब 4.1 करोड़ बच्चे अधिक वजन या मोटापे से परेशान हैं. हालत इतनी खराब है कि लगभग 10% बच्चे प्री-डायबिटीज के शिकार हैं. 1% किशोरों को डायबिटीज हो चुकी है. 5% किशोर हाई ब्लड प्रेशर (BP) से जूझ रहे हैं. आसान शब्दों में कहें तो आज हर तीसरा बच्चा किसी न किसी बीमारी का शिकार हो चुका है.

आपके बच्चे की सेहत आपके हाथ! मोटापा,हाई बीपी और डायबिटीज का कारण जंक फूड, हर तीसरा बच्चा जंक फूड का शिकार,













आखिर क्यों बच्चों का दुश्मन बन रहा है यह HFSS फूड?

जंक फूड को वैज्ञानिक भाषा में HFSS (High Fat, Sugar and Salt) कहा जाता है. यानी ऐसे खाने की चीजें जिनमें फैट, चीनी और नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. चिप्स, पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, मोमो, कोल्ड ड्रिंक और पैकेट बंद स्नैक्स में न्यूट्रिशन ना के बराबर होता है और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है. इन्हें रोज खाने से वजन तेजी से बढ़ता है. आगे चलकर यही मोटापा डायबिटीज, दिल की बीमारी, हाई बीपी और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों की वजह बनता है.

आपके बच्चे की सेहत आपके हाथ! मोटापा,हाई बीपी और डायबिटीज का कारण जंक फूड, हर तीसरा बच्चा जंक फूड का शिकार,

14 साल में 150% बढ़ गया जंक फूड का बाजार-

रिपोर्ट बताती है कि भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का मार्केट बहुत तेजी से फैला है. साल 2006 में जो बाजार सिर्फ 0.9 अरब डॉलर का था, वह 2019 तक बढ़कर 37.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया. 2009 से 2023 के बीच ऐसे अनहेल्दी खाने की बिक्री में 150 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है.

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विज्ञापन और बच्चों की जिद-

बच्चे खुद से दुकान पर जाकर जंक फ़ूड नहीं मांगते, बल्कि उन्हें टीवी, मोबाइल, क्रिकेट मैच और सोशल मीडिया के जरिए लगातार ये विज्ञापन दिखाए जाते हैं.
बच्चों के टीवी चैनलों पर आने वाले 90% विज्ञापन जंक फूड के होते हैं.
क्रिकेट मैचों के दौरान 80% से ज्यादा एड्स स्वीट ड्रिंक और अनहेल्दी खान-पान के होते हैं. 92.6% माता-पिता का मानना है कि स्कूल-कॉलेज के आसपास जंक फूड बहुत आसानी से मिल जाता है.

क्या कदम उठा रहे हैं बाकी देश?

  • दक्षिण कोरिया- टीवी पर जंक फूड के विज्ञापनों में 81% की कमी आई.
  • ब्रिटेन- बच्चों के सामने ऐसे विज्ञापनों का दिखना 37% कम हुआ.
  • नॉर्वे- 2026 से 18 साल से कम उम्र के बच्चों को टारगेट करने वाले डिजिटल विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगा दी है.

अब भारत सरकार क्या कर सकती है?

  1. ICMR-NIN ने सरकार को कुछ कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया है-
  2. हेल्थ टैक्स- सिगरेट और शराब की तरह ज्यादा फैट, चीनी और नमक वाले खाने पर भारी टैक्स लगाया जाए, ताकि जंक फूड महंगा हो और लोग पौष्टिक खाना चुनें.
  3. पैकेट पर बड़ी चेतावनियां- पैकेट के सामने साफ और बड़े अक्षरों में लिखा हो कि इसमें कितनी चीनी, फैट या नमक है.
  4. स्कूलों के पास रोक- स्कूल-कॉलेज के पास जंक फूड की बिक्री और विज्ञापनों पर सख्त पाबंदी लगाई जाए.

कौन सा जंक फूड देता है कौन सी बीमारी?

  1. चिप्स / फ्रेंच फ्राइज- हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा
  2. बर्गर / पिज्जा- मोटापा, दिल की बीमारी
  3. कोल्ड ड्रिंक- डायबिटीज, फैटी लिवर
  4. केक / पेस्ट्री- मोटापा, हाई ब्लड शुगर
  5. टॉफी / चॉकलेट- दांतों की सड़न, मोटापा
  6. इंस्टेंट नूडल्स- हाई ब्लड प्रेशर, किडनी पर असर

​World Health Organization (WHO) यह रिपोर्ट बताती है कि मीठे पेय और जंक फूड पर हेल्थ टैक्स लगाने से लोगों की खान-पान की आदतें कैसे सुधारी जा सकती हैं.

मेडिकल जर्नल 'द लैनसेट' की इस स्टडी अनुसार, 1990 से 2022 के बीच दुनिया भर के बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर चार गुना से अधिक बढ़ गई है. इस दौरान भारत में भी पांच से 19 वर्ष की आयु के लगभग 1.25 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे या अत्यधिक वजन की समस्या से पीड़ित पाए गए.

बिजली के बिल में नाम कैसे बदलें? जानिए BRPL और BYPL की आसान ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रिया-दिल्ली 

बिजली के बिल में नाम कैसे बदलें? जानिए BRPL और BYPL की आसान ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रिया-दिल्ली
अगर आपने दिल्ली में नया मकान या दुकान खरीदा है और BSES बिजली के बिल में नाम बदलवाना चाहते हैं, तो यह काम अब बेहद आसान हो गया है. आप घर बैठे ऑनलाइन या नजदीकी BSES कार्यालय जाकर आसानी से Name Transfer करा सकते हैं. जानिए आवश्यक दस्तावेज, सीए नंबर (CA Number) के जरिए आवेदन करने की प्रक्रिया और फीस से जुड़ी पूरी जानकारी.

BSES rajdhani name change online:  दिल्ली में संपत्ति खरीदने या पारिवारिक हस्तांतरण के बाद बिजली के बिल में सही मालिक का नाम दर्ज होना बेहद जरूरी है. यदि आप BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) या BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के उपभोक्ता हैं, तो अब आपको नाम बदलवाने (Name Transfer) के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है.

दरअसल, BSES ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है. आप अपनी सुविधा के मुताबिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए या नजदीकी डिवीजन ऑफिस जाकर नाम ट्रांसफर करा सकते हैं. आइए इसकी पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया जानते हैं.

आवेदन से पहले जुटा लें ये दस्तावेज

अगर आप अपने बिजली के कनेक्शन में नाम बदलवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी जरूरी  कागजातों की स्कैन कॉपी (PDF या JPEG फॉर्मेट) अपने पास जरूर रख लें. दरअसल, बिजली के बिल में नाम बदलवाने के लिए बिजली कंपनियां आवेदन के साथ कुछ दस्तावेजों की भी मांग करती है, जिसकी पूरी लिस्ट नीचे दी गई है. 

  •  पहचान पत्र (ID Proof): आवेदक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट.
  •  स्वामित्व का प्रमाण (Ownership Proof): प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री (Sale Deed), अलॉटमेंट लेटर, या म्यूटेशन सर्टिफिकेट.
  •  पुराना बिजली बिल: आखिरी जमा किया गया BSES बिजली का बिल.
  •  अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC): यदि संपत्ति के एक से अधिक संयुक्त मालिक हैं या जीवित व्यक्ति से नाम ट्रांसफर हो रहा है, तो पूर्व मालिक का NOC फॉर्म.
  •  मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): यदि पुराने कनेक्शन धारक की मृत्यु हो चुकी है, तो उनका डेथ सर्टिफिकेट और लीगल वारिस (Legal Heir) होने का प्रमाण पत्र.

ऑनलाइन नाम बदलने की प्रक्रिया

  • अगर आप अपने बिजली बिल में नाम बदलवाना चाहते हैं, तो अब आप घर बैठे BSES बिजली बिल में नाम अपडेट करने के लिए आवेदन कर सकते हैं, बस इसके लिए आपको इन नीचे दिए गए आसान स्टेप्स का पालन करना होता है. 
  • अपने क्षेत्र के अनुसार BSES Delhi की आधिकारिक वेबसाइट या BYPL/BRPL के चेंज रिक्वेस्ट पोर्टल पर जाएं.
  • अपने पंजीकृत यूजर आईडी (User ID) से लॉगिन करें या नए उपभोक्ता के तौर पर रजिस्टर करें.
  • मुख्य पृष्ठ पर 'Connection Services' सेक्शन में जाएं और 'Change Request' पर क्लिक करें.
  • अपना 9 अंकों का CA Number (Consumer Account Number) और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें. आपके मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके वेरीफाई करें.
  • 'Change Request Type' के ड्रॉपडाउन मेन्यू में जाकर 'Name Change' विकल्प को सिलेक्ट करें.
  • नए मकान मालिक की जानकारी भरें और मांगे गए सभी स्कैन किए गए दस्तावेजों को सही साइज में अपलोड करें.
  • यदि कोई प्रोसेसिंग फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट लागू होता है, तो उसका डिजिटल माध्यम से भुगतान करें.

प्रोसेसिंग का समय

आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट नंबर (Acknowledgement Number) मिलेगा. इसके बाद आवेदन के मुताबिक, दस्तावेजों के भौतिक या डिजिटल सत्यापन के बाद 20 से 30 दिनों के भीतर आने वाले नए बिल में नया नाम अपडेट होकर आ जाएगा. 

ऑनलाइन प्रक्रिया

यदि आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई तकनीकी परेशानी आ रही है, तो आप ऑफलाइन तरीका भी चुन सकते हैं. इसके लिए ऊपर बताए गए सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति और स्व-सत्यापित फोटोकॉपी साथ रखें. इसके बाद अपने क्षेत्र के नजदीकी BSES कस्टमर केयर सेंटर पर जाएं. वहां हेल्पडेस्क से 'Name Change Application Form' हासिल करें, उसे पूरा भरें और दस्तावेजों के साथ काउंटर पर जमा कर दें.

सत्यापन पूरा होने पर आपका आवेदन स्वीकार कर लिया जाएगा और अगली बिलिंग साइकिल में नाम अपडेट कर दिया जाएगा.

 रेलकर्मियों के मनचाहे ट्रांसफर पर गुड न्यूज, घर के बगल में मिल जाएगी पोस्टिंग, जानिए किन्हें मिलेगा फायदा

Railway on request transfer policy update: रेलकर्मियों के लिए गुड न्‍यूज है. वर्षों से अपने घर से काफी दूर काम कर रहे रेलवे के इंप्‍लाईज का ट्रांसफर अब उनके घर के पास हो सकेगा. इसके लिए रेलवे बोर्ड ने ऑन-रिक्‍वेस्‍ट ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किया है. पूरी खबर अंदर पढ़ें.


Railway Transfer Policy: रेलवे में काम करने वाले रेलकर्मियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. अपने घर, होमटाउन, राज्‍य से दूर नौकरी कर रहे रेलकर्मी अब अपने घर के करीब नौकरी कर सकते हैं. उनका ट्रांसफर ऐसी जगह हो सकता है, जो उनके घर के पास हो. या फिर ऐसी जगह, जहां वो वर्षों से जाना चाहते थे, वहीं उन्‍हें पोस्टिंग मिल सकती है. जी हां, रेलकर्मियों के लिए रेलवे बोर्ड ने ऑन-रिक्‍वेस्‍ट ट्रांसफर पॉलिसी में महत्‍वपूर्ण बदलाव किया है. इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के महाप्रबंधकों (GM) को पत्र भेजकर जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं. नई व्‍यवस्‍था के तहत हर महीने HRMS पोर्टल पर ट्रांसफर की योग्‍यता रखनेवाले कर्मचारियों की प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी. 

पूर्व मध्‍य रेलवे में 23 साल से कार्यरत एक अनुभवी रेलकर्मी ने बताया कि देशभर में हजारों ऐसे रेल कर्मचारी हैं जो 20-22 साल या उससे ज्यादा भी, अपने घर से काफी दूर सेवा देने के बावजूद अपने घर के पास यानी गृह मंडल में ट्रांसफर का इंतजार करते रहते हैं और रिटायर भी हो जाते हैं. एक उम्र के बाद रेलकर्मियों को भी घर के पास पोस्टिंग की जरूरत होती है, ताकि जरूरत पड़ने पर वो घर पर भी समय बिता पाएं. रेलवे की इस पॉलिसी में बदलाव का उद्देश्‍य ऐसे कर्मियों को राहत देना है. 

किन रेलकर्मियों को मिलेगा मनचाहा ट्रांसफर? 

रेलवे ने दूर-दराज क्षेत्रों में वर्षों से काम कर रहे वैसे रेलकर्मियों के लिए ऑनरिक्वेस्ट ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किया है जो 20 साल या उससे ज्‍यादा सेवा पूरी कर चुके हैं. यानी कम से कम 20 साल सर्विस कर चुके अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया है.  

रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से अपने गृह मंडल या घर-परिवार के पास ट्रांसफर का इंतजार कर रहे रेल कर्मचारियों को राहत देना है. रेलवे बोर्ड के डिप्‍टी डायरेक्‍टर संजय कुमार ने सभी जोन के GMs को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश दिए हैं.

ट्रांसफर के लिए HRMS पोर्टल पर जारी होगी लिस्‍ट!

नई व्यवस्था के तहत HRMS पोर्टल यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम वेबसाइट पर हर महीने, 20 वर्ष+ सेवा दे चुके कर्मचारियों की अलग प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी. इस लिस्‍ट में सबसे ज्‍यादा सर्विस कर चुके रेलकर्मी को सबसे पहले ट्रांसफर का मौका दिया जाएगा. 

नए सिस्‍टम की खासियत ये भी है कि ट्रांसफर स्वीकृत (Accept) होने के बाद किसी तरह के NOC यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी. HRMS के माध्यम से ही ऑटोमैटिकली ट्रांसफर का आदेश जारी हो जाएगा.

ट्रांसफर ऑर्डर जारी होते ही 15 दिन में रिलीविंग 

पॉलिसी में बदलाव को लेकर बताया जा रहा है कि ट्रांसफर आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित रेलकर्मी की रिलीविंग यानी उन्हें कार्यमुक्त करना जरूरी होगा. 

बहुत जरूरी हुआ तो भी विशेष परिस्थिति में कर्मचारी को एक महीने से ज्‍यादा समय तक नहीं रोका जा सकेगा और उन्‍हें रोकने के लिए भी संबंधित DRM यानी मंडल के रेल प्रबंधक की स्वीकृति चाहिए होगी.  

रेलवे कर्मचारी संगठनों ने बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है. बताया गया कि ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव की अधिसूचना, जारी होने के 2 महीने बाद से HRMS पोर्टल पर प्रभावी होगी. 

अदीना मस्जिद VS आदिनाथ मंदिरः बंगाल के मालदा में 653 साल पुरानी इमारत पर विवाद क्यों?

बंगाल के मालदा जिले में स्थित अदीना मस्जिद को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है. यहां आदिनाथ मंदिर होने का दावा करने वाले लोगों ने सावन में शिवलिंग की स्थापना और रुद्राभिषेक की तैयारी की है.

नई दिल्ली:

Adina Mosque Dispute Malda: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की ऐतिहासिक अदीना मस्जिद एक बार फिर विवादों में है. 27 जुलाई से शुरू हो रहे सावन के महीने में 'आदिनाथ पुरातन शिव मंदिर समिति' ने मस्जिद से करीब 50 मीटर दूर स्थित एक मंदिर में लगभग 3.6 फीट ऊंचे और डेढ़ टन वजनी शिवलिंग की स्थापना और रुद्राभिषेक का कार्यक्रम घोषित किया है. समिति का दावा है कि वर्तमान अदीना मस्जिद की जगह पहले आदिनाथ शिव मंदिर था. सोशल मीडिया पर शिवलिंग स्थापना की बात सामने आने के बाद तनाव बढ़ने लगा है. 

मंदिर समिति ने कहा- कानूनी प्रक्रिया से आगे बढ़ेंगे

समिति का कहना है कि भविष्य में अदालत की अनुमति मिलने पर संरक्षित परिसर के भीतर भी शिवलिंग स्थापित करने की मांग की जाएगी. हालांकि समिति का कहना है कि वो केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ेगी और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नहीं करेगी. 

अदीना मस्जिद VS आदिनाथ मंदिरः बंगाल के मालदा में 653 साल पुरानी इमारत पर विवाद क्यों?

पुरातत्व सर्वेक्षण का रिकॉर्ड- 1373 में सिकंदर शाह ने बनवाया मस्जिद

दूसरी ओर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार अदीना मस्जिद का निर्माण 1373 ईस्वी में बंगाल सल्तनत के सुल्तान सिकंदर शाह ने कराया था और ये प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक है.

शिवलिंग स्थापना की तैयारी के बीच पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

पुरातत्व सर्वेक्षण के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 653 साल पुराने इस इमारत को विवाद गहरा गया है. सोशल मीडिया पर शिवलिंग स्थापना से जुड़े कार्यक्रम की जानकारी सामने आने के बाद मालदा पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि संरक्षित स्मारक के भीतर बिना अनुमति किसी भी धार्मिक आयोजन, निर्माण या ढांचे में बदलाव की कोशिश कानून का उल्लंघन होगी और ऐसी स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सोशल मीडिया पर अदीना मस्जिद के पास शिवलिंग होने का दावा किया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर अदीना मस्जिद के पास शिवलिंग होने का दावा किया जा रहा है.

हुगली से शिवलिंग लाकर स्थापित करने की तैयारी

‘आदिनाथ पुरातन शिव मंदिर' समिति के सदस्यों ने हाल ही में संरक्षित स्मारक के पास पूजा-अर्चना की और घोषणा की कि हुगली जिले के तारकेश्वर से लाया गया 3.6 फुट ऊंचा और 1.5 टन वजन वाला शिवलिंग सावन के महीने के दौरान पास के एक मंदिर के अंदर स्थापित किया जाएगा.

संगठन ने अपने पुराने दावे को भी दोहराया कि मूल आदिनाथ मंदिर कभी उसी स्थान पर था जहां अब मस्जिद है. संगठन ने कहा कि वह अंततः संरक्षित स्मारक के अंदर शिवलिंग स्थापित करने के लिए कानूनी अनुमति मांगेगा.

अदीना मस्जिद VS आदिनाथ मंदिरः बंगाल के मालदा में 653 साल पुरानी इमारत पर विवाद क्यों?






मंदिर समिति के संरक्षक ने क्या कहा?

आदिनाथ पुरातन शिव मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक और भाजपा नेता काजल गोस्वामी ने को बताया, “हम सोमवार को अपने मंदिर के अंदर पूजा करेंगे और शिवलिंग स्थापित करेंगे. वर्तमान मस्जिद के निर्माण के लिए मूल आदिनाथ मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था. हम कानून का पालन करेंगे और कोई उपद्रव नहीं चाहते.”

उन्होंने कहा, “हम मस्जिद परिसर के अंदर शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन ऐसा उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने और किसी सक्षम अदालत से अनुमति मिलने के बाद ही करेंगे. हम किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे.”

अदीना मस्जिद VS आदिनाथ मंदिरः बंगाल के मालदा में 653 साल पुरानी इमारत पर विवाद क्यों?

गोस्वामी का दावा- मस्जिद परिसर में एक शिवलिंग सहित कई हिंदू और बौद्ध प्रतीक

समिति का दावा है कि मस्जिद परिसर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित मौजूदा आदिनाथ मंदिर लगभग 120 साल पुराना है और मूल मंदिर के अवशेष एएसआई-संरक्षित स्मारक के अंदर मौजूद हैं. गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मस्जिद परिसर के अंदर एक शिवलिंग के अलावा कई हिंदू और बौद्ध प्रतीक भी दिखाई देते हैं. 

पिछले साल सांसद यूसुफ पठान ने यहां का दौरा किया था, तब भी यह मामला उठा था.

पिछले साल सांसद यूसुफ पठान ने यहां का दौरा किया था, तब भी यह मामला उठा था.

सांसद यूसुफ पठान के दौरे से गरमाई थी राजनीति

यह मुद्दा पिछले साल चर्चा में आया था जब बहरामपुर के सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान ने इस स्मारक का दौरा करके सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा की थीं. पश्चिम बंगाल भाजपा ने इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया था कि यह मस्जिद नहीं बल्कि ऐतिहासिक आदिनाथ मंदिर था.

भाजपा के राज्यसभा सांसद समिक ने संसद में भी उठाया मामला

भाजपा के राज्यसभा सदस्य और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि मस्जिद का निर्माण पहले से मौजूद हिंदू और बौद्ध ढांचों की सामग्रियों का उपयोग करके किया गया था. स्थानीय परंपराओं और ऐतिहासिक विवरणों का हवाला देते हुए, उन्होंने दावा किया कि इस स्थान पर मूल रूप से भगवान शिव और भगवान विष्णु को समर्पित आदिनाथ मंदिर था.

अदीना मस्जिद की दीवारों पर गणेश की प्रतिमा होने का दावा.

अदीना मस्जिद की दीवारों पर गणेश की प्रतिमा होने का दावा.

कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर

इस वर्ष की शुरुआत में, कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एएसआई ने ढांचे में हिंदू देवी-देवताओं और प्रतीकों की कथित मौजूदगी के बावजूद संरक्षित स्मारक की पहचान गलत तरीके से अदीना मस्जिद के रूप में की थी.

मस्जिद के लिए मंदिर ध्वस्त किए जाने का दावा

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस स्थल को लेकर जनभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं. उन्होंने कहा, “राम मंदिर की तरह ही, इस मंदिर को भी मस्जिद बनाने के लिए कथित तौर पर ध्वस्त कर दिया गया था. इस स्थल से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, और ऐतिहासिक सच्चाई सामने आनी चाहिए.”

मालदा से 16 किमी दूर पांडुआ में स्थित है अदीना मस्जिद

मालदा शहर से लगभग 16 किलोमीटर उत्तर में पांडुआ में स्थित अदीना मस्जिद को 14वीं शताब्दी की भारत-इस्लामी वास्तुकला के सबसे बेहतरीन जीवित उदाहरणों में से एक माना जाता है. 260 पत्थर के खंभों और 387 गुंबददार मेहराबों वाले इस परिसर को कभी भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे बड़ी मस्जिद माना जाता था.

हालांकि एक भूकंप के कारण यह काफी क्षतिग्रस्त हो गई थी और 19वीं शताब्दी से वीरान पड़ी है, फिर भी यह स्मारक पश्चिम बंगाल के सबसे महत्वपूर्ण मध्यकालीन पुरातात्विक स्थलों में से एक बना हुआ है.

                                                                                       आज का पञ्चांग,दिन,रविवार ,दिनांक 26/07/2026,




              *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 26/07/2026, रविवार 
                  
   *आज का पञ्चांग*

*दिनाँक:-26/07/2026,रविवार*
*द्वादशी, शुक्ल पक्ष,*
*आषाढ*
(समाप्ति काल)

तिथि------- द्वादशी 13:57:11.    तक 
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र--------- ज्येष्ठा 07:33:45
योग------------ ऐन्द्र 22:04:00
करण--------' बालव 13:57:11
करण------- कौलव 27:06:59
वार---------------------- रविवार
माह---------------------  आषाढ
चन्द्र राशि---- वृश्चिक 07:33:45
चन्द्र राशि------------------- धनु
सूर्य राशि------- कर्क 07:33:45
रितु------------------------- वर्षा
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082 
शक संवत--------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127 
सूर्योदय------------- 05:40:26
दिन काल----------- 13:30:21
चंद्रोदय------------- 17:02:06
सूर्यास्त-------------- 19:10:48
रात्री काल----------- 10:30:10
चंद्रास्त-------------- 27:15:05
लग्न---- कर्क 8°50', 98°50'
सूर्य नक्षत्र------------------ पुष्य
चन्द्र नक्षत्र---------------- ज्येष्ठा
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र 

*💮🚩💮  पद, चरण  💮🚩💮*

यू ----ज्येष्ठा 07:33:45

ये---- मूल 14:17:55

यो---- मूल 21:01:41

भा---- मूल 27:44:56

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
============================
सूर्य=  कर्क 08°12  ,      पुष्य    2    हे
चन्द्र= वृश्चिक  29°30 , ज्येष्ठा   4     यू 
बुध = मिथुन  22°52 '    पुनर्वसु   1    के 
शु क्र= कर्क 24°05,     पूoफाo      4    टू
मंगल= वृषभ 24°17    मृगशिरा  1     वे 
गुरु= कर्क  11°33        पुष्प ,    3       हो
शनि=मीन 20°30 '        रेवती  , 2       दो 
राहू=(व) कुम्भ 07°06शतभिषा ,   1      गो
केतु= (व) सिंह 07°06      मघा   3      मू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*


राहू काल 17:30 - 19:11 अशुभ
यम घंटा 12:26 - 14:07 अशुभ
गुली काल 15:48 - 17:30 अशुभ 
अभिजित 11:59 - 12:53 शुभ
दूर मुहूर्त 17:23 - 18:17 अशुभ
प्रदोष 19:11 - 21:18.     शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र   अशुभ


💮चोघडिया,दिन 

उद्वेग 05:40 - 07:22 अशुभ
चर 07:22 - 09:03 शुभ
लाभ 09:03 - 10:44 शुभ
अमृत 10:44 - 12:26 शुभ
काल 12:26 14:07 अशुभ
शुभ 14:07 - 15:48 शुभ
रोग 15:48 - 17:30 अशुभ
उद्वेग 17:30 - 19:11 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 19:11 - 20:30 शुभ
अमृत 20:30 - 21:48 शुभ
चर 21:48 - 23:07 शुभ
रोग 23:07 - 24:26* अशुभ
काल 24:26*25:45* अशुभ
लाभ 25:45* - 27:03* शुभ
उद्वेग 27:03* - 28:22* अशुभ
शुभ 28:22* - 29:41* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 05:40- 06:48
शुक्र 06:48- 07:56
बुध 07:56 -09:03
चन्द्र 09:03- 10:11
शनि 10:11- 11:18
बृहस्पति 11:18 -12:26
मंगल 12:26- 13:33
सूर्य 13:33 -14:41
शुक्र 14:41 -15:48
बुध 15:48- 16:56
चन्द्र 16:56- 18:03
शनि 18:03- 19:11

🚩होरा, रात

बृहस्पति 19:11 -20:03
मंगल 20:03 -20:5
सूर्य 20:56- 21:48
शुक्र 21:48- 22:41
बुध 22:41- 23:33
चन्द्र 23:33- 24:26
शनि 24:26-25:18
बृहस्पति 25:18-26:11
मंगल 26:11-27:03
सूर्य 27:03-27:56
शुक्र 27:56 -28:48
बुध 28:48-29:41

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 
     
कर्क    > 05:12  से 07:28   तक
सिंह    > 07:28 से  09:44   तक
कन्या  > 09:44  से  12:00  तक
तुला   >  12:00 से  14:12   तक
वृश्चिक > 14:12 से  16:36   तक
धनु     > 16:36  से  18:40   तक
मकर   > 18:40 से  20:22   तक
कुम्भ   > 20:22  से  22:02  तक
मीन    > 22:02  से  23:30   तक
मेष     >  23:30 से  01:108  तक
वृषभ   > 01:08 से  02:54   तक
मिथुन  > 02:54 से 05:06    तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा  चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

  12 + 1 +  1 = 14  ÷ 4 = 2 शेष
 आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

 12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 =  1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

 *रवि प्रदोष व्रत (शिव पूजन)*

*सर्वार्थ सिद्धि योग 07:34 से* 

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

माता शत्रुः पिता वैरी येन बालो न पाठितः ।
न शोभते सभामध्ये हंसमध्ये वको यथा ।।
।।चाoनीo।।

जो माता व पिता अपने बच्चों को शिक्षा नहीं देते है वो तो बच्चों के शत्रु के सामान हैं। क्योंकि वे विद्याहीन बालक विद्वानों की सभा में वैसे ही तिरस्कृत किये जाते हैं जैसे हंसो की सभा मे बगुले।

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

अहं हि सर्वयज्ञानां भोक्ता च प्रभुरेव च।
 न तु मामभिजानन्ति तत्त्वेनातश्च्यवन्ति ते॥

क्योंकि संपूर्ण यज्ञों का भोक्ता और स्वामी भी मैं ही हूँ, परंतु वे मुझ परमेश्वर को तत्त्व से नहीं जानते, इसी से गिरते हैं अर्थात्‌ पुनर्जन्म को प्राप्त होते हैं
 ॥24॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। लाभ के मौके बार-बार प्राप्त होंगे। विवेक का प्रयोग करें। बेकार बातों में समय नष्ट न करें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में तरक्की के योग हैं। व्यापार की गति बढ़ेगी। लाभ में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

🐂वृषभ
कोई बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। किसी विशेष क्षेत्र में सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे।

👫मिथुन
व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लाभ में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। कोर्ट व कचहरी के अटके कामों में अनुकूलता आएगी।

🦀कर्क
जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे बाद में पछताना पड़े। जोखिम न लें। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। प्रतिद्वंद्विता कम होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे।

🐅सिंह
व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा। सभी काम पूर्ण होंगे। जल्दबाजी न करें। कोर्ट व कचहरी में लंबित कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा।

🙎‍♀️कन्या
संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझ्कर निवेश करें। संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। झंझटों से दूर रहें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। रोजगार में वृद्धि तथा बेरोजगारी दूर होगी। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे।

⚖️तुला
विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। प्रमाद न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी।

🦂वृश्चिक
प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में कमी रह सकती है। दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। बेवजह विवाद की स्थिति बन सकती है। दूसरों के उकसाने में न आकर महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लें, लाभ होगा।

🏹धनु
कुंआरों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। प्रमाद न करें। जल्दबाजी में कोई काम न करें। पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

🐊मकर
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में मनोनुकूल लाभ होगा। प्रमाद न करें। किसी भी निर्णय को लेने में जल्दबाजी न करें। भ्रम की स्थिति बन सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। थकान व कमजोरी महसूस होगी।

🍯कुंभ
घर-बाहर सहयोग प्राप्त होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। बेरोजगारी दूर होगी। अचानक कहीं से लाभ के आसार नजर आ सकते हैं। किसी बड़ी समस्या से निजात मिलेगी। निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है।

🐟मीन
चिंता तथा तनाव रहेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। जोखिम न लें। आंखों को चोट व रोग से बचाएं। हल्की हंसी-मजाक किसी से भी न करें। नकारात्मकता रहेगी। अकारण क्रोध होगा। फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तु गुम हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*








You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अभिजीत दीपके "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए..."

अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर से कहा 'जब मैं अमेरिका से निकला था, तब कहा जा रहा था क्या होगा. लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा.'हर दिन मुझसे सवाल पूछा जाता था कि इस्तीफा नहीं होगा. लेकिन सरकार झुक गई.

नई दिल्ली:

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन सामने आया है. प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके ने कहा कि झुकती है दुनिया बस झुकाने वाला चाहिए. CJP फाउंडर ने कहा, 'कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते. लेकिन इस्तीफा हुआ है. कहते थे कब तक बैठोगे. 36 दिन हर दिन मुझसे सवाल पूछा जाता था कि इस्तीफा नहीं होगा. लेकिन सरकार झुक गई. क्या कहते थे कि क्रांति नहीं होगी. लेकिन क्रांति हो गई.' अभिजीत दीपके और उनके समर्थक दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे हैं. विरोध प्रदर्शन स्थल पर खुशी का माहौल है.

धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा-दीपके

अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर से कहा 'जब मैं अमेरिका से निकला था, तब कहा जा रहा था क्या होगा. लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा.' अभिजीत दीपके और उनके साथी फिलहाल जंतर-मंतर पर जश्न मना रहे हैं. इससे पहले प्रधान ने इस्तीफा के साथ-साथ एक लेटर भी शेयर किया है. 

जंतर-मंतर पर खुशी से झूम उठे अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताते हुए एक्स पर पोस्ट में लिखा- 'लोकतंत्र की जीत हुई'. इसके साथ ही दीपके का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह फोन पर बात करते खुशी से झूमते दिखाई दे रहे हैं. उनके आसपास जश्न का शोर सुना जा सकता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि दीपके के हाथ में कैनुला लगा है.मंच से उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित भी किया. इस दौरान अन्य लोग भी मंच पर झूमते नजर आए. 

शिक्षा मंत्री ने पीएम मोदी को भेजा इस्तीफा

बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है. उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा, देश-विरोधी तत्व जंतर-मंतर और पूरे देश में स्थिति का फायदा न उठा सकें, देश एकजुट रहे, भारत के छात्र कानूनी मुश्किलों में न फंसें और अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, इसलिए मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है.

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