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क्षेत्रीय विधायक के अतिप्रिय डॉ समरदीप पाण्डेय की पहल से वार्ड 7 की कच्ची बस्ती में दूर होगी पेयजल की गंभीर समस्या, 
आज वार्ड नंबर 7 कच्ची बस्ती में पीने के पानी की गंभीर समस्या जिससे विगत कई वर्षों से जूझ रही क्षेत्रीय जनता ने भाजपा नेता विनय मालवीय को बताया। तब भाजपा नेता विनय मालवी के साथ क्षेत्रीय जनता इसी क्षेत्र में स्थित मिथिलेश क्लीनिक के संचालक जनरल फिजिशियन डॉक्टर समरदीप पाण्डेय समाजसेवी एवं मंडल मंत्री के पद पर हैं। उन्हें अवगत कराया तब उन्होंने क्षेत्रीय जनता के साथ लेकर किदवई नगर विधानसभा विधायक महेश त्रिवेदी को समस्या को अवगत कराया।
तब डॉक्टर समरदीप पाण्डेय ने हरदिल अज़ीज़ क्षेत्रीय विधायक माननीय महेश त्रिवेदी को अवगत कराया जैसे ही जानकारी प्राप्त हुई। विधायक महेश त्रिवेदी ने तत्काल पाइप लाइन के प्रस्ताव को अपनी सहमति प्रदान की।
जैसे ही यह सूचना क्षेत्रीय जनता को प्राप्त हुई तैसे ही क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया इस मौके पर डॉक्टर समरदीप पांडेय ने क्षेत्रीय जनता के साथ नारियल फोड़ कर उद्घाटन किया। जिसमें विधायक सहयोगी कमल त्रिवेदी, अंकित शर्मा, भाजपा नेता विनय मालवी, पंडित कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, विनोद शुक्ला,भीम, बृजेश सविता, टिंकू, समेत क्षेत्रीय गणमान्य लोग भारी संख्या में रहे महिलाएं बुजुर्ग उपस्थित भी पीछे नहीं रहे उन्होंने अपना आशीर्वाद डॉ समरदीप पाण्डेय को दिया और उनको अपना बेटा बताया।
🌞सुप्रभातम🌞
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दिनांक:- 03/07/2026, शुक्रवार
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स्कूल खुलने से पहले बदल दें बच्चों की ये आदत, वरना सुबह उठाना होगा मुश्किल
गर्मी की छुट्टियों में ज्यादातर बच्चों की पूरी दिनचर्या बदल जाती है. देर रात तक मोबाइल चलाना, टीवी देखना, खेलना और सुबह देर तक सोना आम बात है. लेकिन यही आदत स्कूल खुलने के बाद सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है. पहले दिन से ही बच्चों को जल्दी उठाना, तैयार करना और समय पर स्कूल भेजना कई घरों में रोज की जंग बन जाती है. अगर आप चाहते हैं कि स्कूल शुरू होते ही बच्चे बिना चिड़चिड़े हुए आसानी से उठ जाएं, तो अभी से उनकी एक आदत बदलना बहुत जरूरी है.
अगर बच्चा रात 11 या 12 बजे सो रहा है, तो स्कूल शुरू होने से एक-दो दिन पहले अचानक उसे रात 9 बजे सुलाना आसान नहीं होगा. इसलिए स्कूल खुलने से कम से कम एक हफ्ता पहले हर दिन थोड़ा जल्दी सुलाने और सुबह उसी हिसाब से जल्दी उठाने की कोशिश करें. इससे शरीर धीरे-धीरे नई दिनचर्या अपनाने लगता है और स्कूल खुलने के दिन तक बच्चे का रूटीन भी काफी हद तक ठीक हो जाता है.
सिर्फ सोने का समय बदलने से काम नहीं चलेगा. बच्चे का डिनर भी सही समय पर होना चाहिए. लेट डिनर करने से डाइजेशन पर असर पड़ता है और भारीपन की वजह से अच्छी नींद भी नहीं आती. कोशिश करें कि बच्चे को सोने से करीब दो घंटे पहले हल्का और हेल्दी डिनर दे दें.
अगर छुट्टियों में बच्चे दोपहर में दो-तीन घंटे सोने के आदी हो गए हैं, तो इस आदत को भी धीरे-धीरे बदलना शुरू करें. उनकी डे-नैप यानी दोपहर की एक्स्ट्रा नींद को पहले कुछ कम करें और फिर इसे बंद कर दें. इससे रात में जल्दी नींद आएगी और सुबह उठना भी आसान होगा.
सोने से ठीक पहले मोबाइल, टैबलेट, टीवी या दूसरे स्क्रीन देखने से बच्चों को जल्दी नींद आने में दिक्कत हो सकती है. कोशिश करें कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन बंद कर दी जाए. इसकी जगह कहानी सुनना, किताब पढ़ना या हल्की बातचीत जैसी आदतें अपनाई जा सकती हैं. इससे बच्चों को आराम महसूस होता है और नींद भी जल्दी आती है.
अगर बच्चा सुबह उठने में आनाकानी करता है, तो उसे डांटने की बजाय कुछ आसान मगर प्रैक्टिकल तरीके अपनाएं. जैसे, सुबह उठने के बाद कमरे के पर्दे खोल दें, हल्की धूप आने दें. बच्चे को तुरंत नहाने या मुंह धोने के बजाय पहले थोड़ा चलने-फिरने दें. इससे शरीर जल्दी एक्टिव होता है. एक्टिव होने के बाद बच्चा नहाने-धोने और नाश्ता करने का काम भी कुछ जल्दी कर सकेगा.
छुट्टियों के बाद नई दिनचर्या अपनाने में बच्चों को थोड़ा समय लगना बिल्कुल सामान्य है. ऐसे में अगर पहले कुछ दिन उन्हें जल्दी उठने में परेशानी हो, तो गुस्सा करने की बजाय उनका साथ दें. धीरे-धीरे जब सोने और उठने का समय नियमित हो जाएगा, तो स्कूल की सुबह भी पहले जैसी भागदौड़ वाली नहीं लगेगी.
"सिर्फ 2 रोटी खाता हूं, फिर भी क्यों निकल रहा है पेट?" जानिए कहां हो रही है गलती
अगर आपकी प्लेट में सिर्फ रोटी और सब्जी है, लेकिन दाल, दही, पनीर, अंडा या दूसरी प्रोटीन वाली चीजें कम हैं, तो जल्दी भूख लग सकती है. इससे बार-बार कुछ न कुछ खाने की आदत बन जाती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है.
यही नहीं, अगर रोज पर्याप्त नींद नहीं मिलती या तनाव लगातार बना रहता है, तो इसका असर शरीर के हार्मोन पर पड़ सकता है. कई रिसर्च बताती हैं कि ऐसी स्थिति में पेट के आसपास चर्बी जमा होने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए सिर्फ खाना कम करना काफी नहीं, अच्छी नींद और तनाव पर कंट्रोल भी उतना ही जरूरी है.
जैसे जैसे उम्र बढ़ती है शरीर की कैलोरी खर्च करने की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसलिए पहले जितना खाना खाते थे, वही अब वजन बढ़ाने की वजह बन सकता है. ऐसे में सिर्फ रोटी कम करने की बजाय पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.
तो अगर आप सच में पेट कम करना चाहते हैं, तो सिर्फ रोटी गिनना छोड़िए. संतुलित डाईट लें, प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं, रोज एक्टिव रहें, अच्छी नींद लें और बार-बार स्नैकिंग से बचें. याद रखिए, पेट सिर्फ दो रोटी से नहीं बढ़ता, बल्कि कई छोटी-छोटी आदतों का नतीजा होता है.
सावधान! मोबाइल पर आए इस मैसेज को भूलकर भी न करना ओपन, अकाउंट हो जाएगा खाली, गाजियाबाद की डॉक्टर हुईं शिकार
साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं.ताजा मामला राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद का है, जहां एक महिला डॉक्टर इन साइबर ठगों के जाल में फंस गईं और लाखों रुपये गंवा बैठीं. साइबर ठगों ने महिला डॉक्टर को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बना दिया. ठगों ने डॉक्टर को एपीके (APK) फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड करने के बाद उनके बैंक खाते से 6.24 लाख रुपये निकाल लिए गए.
जानकारी के मुताबिक, साहिबाबाद के राजेंद्र नगर निवासी डॉ. कुसुम गुप्ता के मोबाइल पर आईजीएल के नाम से एक फर्जी संदेश भेजा गया. संदेश में गैस सेवा से जुड़ा अपडेट बताकर एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया. फाइल इंस्टॉल करने के कुछ समय बाद साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बनाकर 6.24 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली.
ठगी का पता चलने पर डॉ. कुसुम गुप्ता ने गाजियाबाद साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है.
बता दें कि अब साइबर ठगी के लिए AI का इस्तेमाल भी होने लगा है. AI के जरिए लोगों को निवेश के नाम पर धोखा दिया जा रहा है. इस बढ़ते स्कैम को देखते हुए नेशनल साइबर इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. दरअसल, इस नए स्कैम में साइबर ठग खुद को AI एक्सपर्ट, इन्वेस्टमेंट सलाहकार या ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर लोगों से संपर्क करते हैं. दावा किया जाता है कि उनका AI ट्रेडिंग सिस्टम बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा देता है. कई बार वे 100% गारंटीड रिटर्न या पैसा दोगुना करने का वादा भी किया जाता है. इसी लालच में लोग उनकी बातों पर भरोसा कर लेते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं.