क्या स्मार्टफोन के प्रयोग से घट रहा हैं बर्थ रेट? गायनेकोलॉजिस्ट ने बताया कितना सही है और कितना गलत है यह दावा...
क्या स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से बर्थ रेट घट रहे हैं? इस सवाल पर गायनेकोलॉजिस्ट का कहना है कि असली वजह मोबाइल नहीं, बल्कि देर से शादी, करियर को प्राथमिकता, बढ़ती प्रेग्नेंसी उम्र और बच्चों की परवरिश का बढ़ता खर्च है.
आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का ऐसा हिस्सा बन चुका है जिसके बिना दिन की कल्पना करना भी मुश्किल लगता है. काम हो, पढ़ाई हो, बैंकिंग हो या मनोरंजन, हर चीज अब स्क्रीन पर सिमटती जा रही है. ऐसे में यह सवाल भी तेजी से उठ रहा है कि क्या स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल का असर लोगों की फैमिली प्लानिंग और बर्थ रेट पर पड़ रहा है? क्या लोग स्क्रीन पर इतना समय बिता रहे हैं कि रिश्तों और परिवार के लिए समय कम होता जा रहा है? इस विषय पर विशेषज्ञों की राय कुछ अलग है, जानिए डॉ. सबरीना बोकील से.
सिर्फ स्मार्टफोन नहीं, बदल रही है पूरी लाइफस्टाइल
ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, कहती हैं कि बर्थ रेट में गिरावट को केवल स्मार्टफोन से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. उनके अनुसार, पिछले तीन दशकों में कपल्स की प्रेग्नेंसी प्लान करने की उम्र में बड़ा बदलाव आया है.
वह बताती हैं कि पहले 20 से 25 साल की उम्र के कपल्स प्रेग्नेंसी के लिए आते थे, जबकि अब ज्यादातर कपल्स 30 से 35 साल की उम्र में परिवार बढ़ाने के बारे में सोचते हैं.
करियर और पढ़ाई बन रहे हैं प्राथमिकता
आज के युवा पहले अपनी शिक्षा पूरी करना चाहते हैं, फिर करियर में स्थिरता हासिल करना चाहते हैं. इस प्रक्रिया में शादी की उम्र बढ़ रही है. शादी के बाद भी कई कपल्स एक-दूसरे को बेहतर समझने और आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए कुछ साल इंतजार करते हैं. ऐसे में परिवार शुरू करने की उम्र पहले की तुलना में काफी आगे खिसक गई है.
एक बच्चे के बाद रुक रहे हैं कई कपल्स
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चो की शिक्षा, स्वास्थ्य और परवरिश का खर्च लगातार बढ़ रहा है. यही वजह है कि कई दंपति एक बच्चे तक ही सीमित रहने का फैसला कर रहे हैं. कुछ परिवारों के लिए दूसरे बच्चे की जिम्मेदारी उठाना चुनौतीपूर्ण लगने लगा है.
क्या स्मार्टफोन भी निभा रहा है भूमिका?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ मानते हैं कि स्मार्टफोन ने लोगों की जीवनशैली और सामाजिक व्यवहार को जरूर प्रभावित किया है. कई बार लोग स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे आमने-सामने बातचीत कम हो सकती है. हालांकि इसका असर इतना बड़ा नहीं माना जा सकता कि वही बर्थ रेट में गिरावट का मुख्य कारण बन जाए.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ के मुताबिक, तकनीक आगे भी बढ़ेगी और स्मार्टफोन हमारी जरूरत बने रहेंगे. लेकिन बर्थ रेट में बदलाव के पीछे असली वजहें देर से शादी, देर से प्रेग्नेंसी, करियर प्राथमिकताएं और बढ़ती आर्थिक जिम्मेदारियां हैं. इसलिए इस मुद्दे को समझते समय एक संतुलित नजरिया अपनाना जरूरी है.

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