झमाझम बारिश! आ गया मॉनसून, भारत मौसम विभाग ने किया ऐलान

झमाझम बारिश! आ गया मॉनसून, भारत मौसम विभाग ने किया ऐलान

Monsoon Rain Alert: मॉनसून केरल तट पर पहुंच गया है. भारत मौसम विभाग ने इसकी पुष्टि की है. हालांकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब जैसे इलाकों तक पहुंचने में अभी इसे करीब एक महीना लग सकता है.
झमाझम बारिश! आ गया मॉनसून, भारत मौसम विभाग ने किया ऐलान


नई दिल्ली:

भारत मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के केरल आने पर मुहर लगा दी है. गुरुवार को भारत मौसम विभाग में इसका औपचारिक ऐलान किया.भारत मौसम विभाग के निदेशक जनरल डॉक्टर एम महापात्र के मुताबिक, इस साल मॉनसून तय समय से 3 दिन की देरी से पहुंचा है. इससे पहले 15 मई को IMD ने  मॉनसून के आगमन पर पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा था - दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई को केरल पहुंच सकता है. लेकिन ये 10 दिन की देरी के साथ आया है. आम तौर पर मॉनसून सीजन 1 जून के आसपास शुरू होता है.पिछले साल मानसून 1 जून, 2025 से 8 दिन पहले, 24 मई को ही केरल तट पर पहुंच गया था और मॉनसून ने औसत से 9 दिन पहले 29 जून को ही पूरे देश को कवर भी कर लिया था.

मॉनसून रेन अलर्ट (Monsoon Rain Alert) 

भारत मौसम विभाग ने इस साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग ने कहा था कि चार महीनों के दरमियान औसतन 90 फीसदी तक बारिश हो सकती है. अलनीनो के असर के कारण बारिश में कमी की संभावना 60 फीसदी तक है. मॉनसून (Monsoon Core Zone) की बात करें तो जो मध्य भारत के ऊपर एक इलाका है, जहां ज्यादातर खेती बारिश पर ज्यादा निर्भर करती है, वहां भी सामान्य से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अलनीनो (El Nino) की स्थिति पैदा हो सकती है. मॉनसून की बारिश कृषि क्षेत्र, कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसका सीधा असर खरीफ सीजन के दौरान फसलों की बुआई पर पड़ता है.  

मॉनसून दिल्ली कब पहुंचेगा

मॉनसून अभी अंडमान निकोबार द्वीप समूह से होकर केरल तट पर पहुंचा है. लेकिन उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों या मध्य भारत तक पहुंचने में इसे करीब महीने भर का समय लग सकता है. मॉनसून आने के बाद अगले एक हफ्ते में केरल में भारी बारिश की चेतावनी है. केरल के साथ तमिलनाडु, कर्नाटक में भी भारी बारिश का अलर्ट है. हालांकि उत्तर भारत में भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी दो-तीन बारिश का अलर्ट है.

Monsoon Alert

Monsoon Alert

मॉनसून क्या है

बेमौसम किसी भी वक्त बारिश को मॉनसून नहीं कहा जा सकता. केरल में पहले से ही प्री मॉनसून रेन का दौर चल रहा है. केरल के अलपुझा, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और एर्नाकुलम समेत 4 जिलों में भारी बारिश हो रही थी. केरल के 14 मौसम केंद्रों में से 60 फीसदी सेंटर्स पर लगातार 2 दिन तक 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश होती है, तो इसे मॉनसून आने का अलर्ट माना जाता है. साथ ही हवा और गहरे बादल छाने का पैमाना भी पूरा करना होता है.

Monsoon Rain Alert

Monsoon Rain Alert

मॉनसून सामान्य कब होता है

जून से सितंबर के बीच अनुमानित वर्षा देश के लिए सामान्य सालााना बारिश (LPA) के 90-95 फीसदी तक होती है, तो मॉनसून को सामान्य से कम माना जाता है. लेकिन जब बारिश औसत 90 फीसदी से कम होती है तो मॉनसून में की कमी मानी जाती है. मौसम विभाग ने 13 अप्रैल को औसत 92 प्रतिशत बताया था, फिर इसे 90 प्रतिशत कर दिया.

भारत में कितनी मॉनसूनी बारिश कब

भारत में इस मौसम में 80 सेमी वर्षा होने के आसार हैं. देश में मॉनसून बारिश का दीर्घकालिक औसत (1971-2020) तक 50 वर्षों में 87 सेंटीमीटर रहा है. लेकिन इस बार ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होगी, सिर्फ पूर्वोत्तर में ज्यादा बारिश के आसार हैं. सामान्य से कम बारिश की वजह अल नीनो है, जिससे देश में कम बारिश होती है.इससे पहले 2002, 2009, 2015 और 2023 में अल नीनो मुसीबत बना था.

Rainy Season

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