UP में राहत राशि दोगुनी : प्राकृतिक आपदा में मौत पर अब 8 लाख, योगी सरकार गरीब-किसान के नुकसान की करेगी भरपाई
UP सरकार ने आपदा राहत सहायता के मानकों में बड़ा बदलाव करते हुए प्राकृतिक आपदा में मौत पर मिलने वाली सहायता राशि 4 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी है. किसानों की फसल, पशुधन और मकान नुकसान पर भी मुआवजा बढ़ाया गया है.
लखनऊ:उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत राशि में बड़ा इजाफा करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य आपदा मोचन निधि और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के तहत सहायता के नए मानक लागू किए गए हैं. इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अब 4 लाख रुपये की जगह 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. फसलों, पशुधन, कृषि भूमि और मकानों को हुए नुकसान पर भी राहत राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है.
10 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फायदा
NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार राहत राशि में बढ़ोतरी का लाभ प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों को मिलेगा. सरकार ने कहा कि नए मानक 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच हुई क्षति पर भी लागू होंगे, जिससे प्रभावित लोगों को अतिरिक्त राहत मिल सकेगी.
मृत्यु और पशुधन हानि पर बढ़ी सहायता
प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अब परिजनों को 4 लाख रुपये के बजाय 8 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. पशुधन नुकसान की स्थिति में भी राहत राशि बढ़ाई गई है.
- बड़े पशुओं की मौत पर सहायता 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये
- बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं पर 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये
- घोड़े, खच्चर जैसे भारवाहक पशुओं पर 20,000 से बढ़ाकर 25,400 रुपये
- मुर्गीपालकों को प्रति पक्षी 100 रुपये की जगह 130 रुपये सहायता
- बड़े पशुओं की मौत पर सहायता 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये
- बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं पर 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये
- घोड़े, खच्चर जैसे भारवाहक पशुओं पर 20,000 से बढ़ाकर 25,400 रुपये
- मुर्गीपालकों को प्रति पक्षी 100 रुपये की जगह 130 रुपये सहायता
फसल नुकसान पर 30 फीसदी तक बढ़ोतरी
कृषि क्षेत्र में राहत राशि में भी बड़ा संशोधन किया गया है. अब सिंचित भूमि में फसल नुकसान पर 17,000 से बढ़ाकर 22,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 8,500 से बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, बारहमासी फसल और कृषि वानिकी के नुकसान पर 22,500 से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि मिलेगी. इसके अलावा रेशम उत्पादक किसानों को भी अधिक सहायता दी जाएगी. एरी, शहतूत और टसर रेशम उत्पादन पर 6,000 से बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर, मूगा रेशम उत्पादन पर 7,500 से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर किया गया है.
कृषि भूमि और प्राकृतिक क्षति पर मदद
योगी सरकार ने कृषि भूमि के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए भी सहायता राशि बढ़ा दी है.
- खेतों से गाद हटाने पर 18,000 से बढ़ाकर 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
- भूस्खलन और हिमस्खलन से भूमि क्षति पर 47,000 से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
सूखे की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में 90 दिनों तक पेयजल सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है.
- खेतों से गाद हटाने पर 18,000 से बढ़ाकर 23,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
- भूस्खलन और हिमस्खलन से भूमि क्षति पर 47,000 से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
मकान और संस्थागत भवनों के लिए नए मानक
पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता राशि भी बढ़ाई गई है.
- मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान पर 1.85 लाख रुपये
- पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्ण क्षति पर 2.06 लाख रुपये
- मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों पर 93 हजार रुपये सहायता
इसके अलावा स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए भी नए मानक तय किए गए हैं. प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी. माध्यमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए 26 लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है. वहीं आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
- मैदानी क्षेत्रों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान पर 1.85 लाख रुपये
- पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्ण क्षति पर 2.06 लाख रुपये
- मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों पर 93 हजार रुपये सहायता
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