News
[news][column2]
ओवरस्पीड पर शिकंजा: कानपुर में 132 वाहनों के चालान, यातायात नियमों के उल्लंघन पर 858 पर कार्रवाई
एनएच-34, एनएच-19 और गंगा बैराज पर इंटरसेप्टर मोबाइल से निगरानी; वाहन चालकों से यातायात नियमों के पालन की अपील
कलाकारों ने फिल्म की कहानी, किरदारों और शूटिंग के अनुभव साझा किए, दर्शकों से सिनेमाघरों में पहुंचने की अपील
कानपुर। आगामी फिल्म ‘डियर हसबैंड’ के प्रमोशन के सिलसिले में शहर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान फिल्म के स्टार कलाकारों ने मीडिया से खास बातचीत की। इस दौरान कलाकारों ने फिल्म की कहानी, अपने किरदारों, शूटिंग के अनुभव और फिल्म से जुड़ी खास यादों को पत्रकारों के साथ साझा किया।
प्रेस वार्ता में कलाकारों ने बताया कि ‘डियर हसबैंड’ मनोरंजन के साथ-साथ रिश्तों और पारिवारिक भावनाओं को भी खूबसूरती से प्रस्तुत करने वाली फिल्म है। फिल्म में दर्शकों को हास्य, भावनाओं और रिश्तों से जुड़े कई दिलचस्प पहलू देखने को मिलेंगे।
स्टार कलाकारों ने कहा कि फिल्म की कहानी दर्शकों को अपनेपन का अहसास कराएगी और इसमें कई ऐसे दृश्य हैं, जिनसे दर्शक खुद को जोड़ पाएंगे। कलाकारों ने फिल्म की शूटिंग के दौरान के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि पूरी टीम ने मिलकर फिल्म को बेहतर बनाने के लिए काफी मेहनत की है।
इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने कलाकारों से फिल्म के किरदारों, कहानी, शूटिंग और आगामी योजनाओं को लेकर कई सवाल किए, जिनका कलाकारों ने बेबाकी से जवाब दिया। कलाकारों ने दर्शकों से फिल्म को सिनेमाघरों में देखने और अपना प्यार एवं समर्थन देने की अपील की।
प्रेस वार्ता के दौरान फिल्म की टीम ने कहा कि ‘डियर हसबैंड’ को लेकर पूरी टीम उत्साहित है और उन्हें उम्मीद है कि फिल्म दर्शकों का मनोरंजन करने में सफल रहेगी।
डायरेक्टर का प्रोड्यूसर की जुबानी
“Dear Husband” के बारे में अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह एक Hindi relationship-based thriller है, जिसमें पति-पत्नी के रिश्ते, प्यार, इंतज़ार, पारिवारिक तनाव और एक खतरनाक मोड़ को कहानी में जोड़ा गया है। �
Central Board of Film Certification +1
🎬 Dear Husband — मुख्य बातें
निर्देशक: धर्मेंद्र कुमार
निर्माता: रोहित राजावत
प्रोडक्शन: Shooting Sense
कहानी: अजीत गोस्वामी
मुख्य कलाकार: अजीत गोस्वामी, पूर्णिमा शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, बिस्वजीत मैती, रोहित राजावत और सतीश त्रिपाठी। �
Central Board of Film Certification
फिल्म की शूटिंग मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, खासकर गोंडा के मानिकपुर और टिकरी के जंगलों में हुई है।
कहानी में रमन और सिया का रिश्ता केंद्र में है। रमन शहर में नौकरी करने जाता है और सिया उसके लौटने का इंतज़ार करती है। इसके बाद रमन के लौटने के दौरान एक खतरनाक घटना कहानी को thriller की दिशा में ले जाती है।
IMDb +1
फिल्म को CBFC से UA 16+ प्रमाणपत्र मिला है।
नाली में मिला 50 वर्षीय व्यक्ति का शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
कानपुर। बाबूपुरवा थाना क्षेत्र में जंगले वाली मस्जिद के पास लोको यार्ड की दीवार के निकट नाली में एक व्यक्ति के पड़े होने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यक्ति को नाली से बाहर निकलवाया। जांच के दौरान उसकी पहचान सफीकुर्रहमान (करीब 50 वर्ष), निवासी बेगमपुरवा के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि सफीकुर्रहमान को पूर्व से मिर्गी के दौरे आते थे। हालांकि, उनकी मौत किस कारण हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने आवश्यक पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृत्यु के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस के मुताबिक मौके पर फिलहाल कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या नहीं है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कबाड़ की दुकान में चोरी के बाद पुलिस का एक्शन, चार टीमें व सर्विलांस टीम गठित
कानपुर। थाना चकेरी क्षेत्र में कबाड़ की दुकान से कॉपर वायर, लैपटॉप और नगदी चोरी होने के मामले में पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
सहायक पुलिस आयुक्त चकेरी श्री आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि घटना के शीघ्र अनावरण के लिए सर्किल स्तर से चार टीमों के साथ सर्विलांस टीम गठित की गई है। पुलिस की टीमें घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसीपी चकेरी के मुताबिक, अभियुक्तों की गिरफ्तारी और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के जल्द खुलासे के लिए टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
मोबाईल रिचार्ज में किया बड़ा फेर बदल, सरकार ने मानी राघव चड्ढा की बहुत सी बात,अब 13 नहीं 12 रिचार्ज होंगे
उन्होंने बताया कि 30 दिन के रिचार्ज प्लान से साल में 13 बार रिचार्ज कराने की जरूरत घटकर 12 बार रह जाएगी. इसके अलावा, सिर्फ वॉइस और एसएमएस वाले प्लान होंगे, उन लोगों के लिए, जिन्हें डेटा की जरूरत नहीं है. कम बजट वाले ग्राहकों के लिए अधिक सही विकल्प होंगे, जिन्हें मुख्य रूप से बेसिक वॉइस कॉल की जरूरत होती है.
अपनी पोस्ट में राघव चड्ढा ने कहा कि आप में से कई लोगों ने सीमित और इंफ्लेक्सिबल रिचार्ज विकल्पों के बारे में अपनी चिंताएं मेरे साथ साझा की थीं. मैंने 11 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया था और ग्राहकों के लिए अधिक विकल्प और सस्ते प्लान की मांग की थी. ग्राहकों की बेहतर पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन चिंताओं का समाधान करने के लिए मैं भारत सरकार और ट्राई का आभारी हूं.
सांसद ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने ट्राई की ओर से टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026 जारी होने के बाद अपनी खुशी जताई और कहा कि सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है.
बता दें कि राघव चड्ढा ने 11 मार्च 2026 को मैंने संसद में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स की समस्याओं को उठाया था. उन्होंने कहा था कि साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिन के रिचार्ज के माध्यम से 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है. साथ ही, कहा था कि बहुत से उपभोक्ता डेटा का इस्तेमाल नहीं करते हैं. साथ ही, राघव चड्ढा ने यह समस्या संसद में रखी की कि रिचार्ज खत्म होने के बाद आउटगोइंग के साथ इनकमिंग भी बंद हो जाती है.
30 Days Validity Cheap Recharge Plans: नए नियमों के तहत अब रिलायंस जियो, एयरटेल, बीएसएनएल और वोडाफोन आइडिया जैसी सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को पूरे 30 दिन की वैधता (Validity) वाले प्लान्स के साथ-साथ बिना डेटा वाले किफायती Voice Only पैक्स पेश करने होंगे. ट्राई के इस कदम का स्वागत करते हुए भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इसे भारत सरकार और नियामक का एक जनहितैषी और ऐतिहासिक फैसला करार दिया है.
1- ट्राई के नए रेगुलेशंस लागू होने के बाद प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों को दो मुख्य मोर्चों पर सीधी बचत और सस्ती सुविधा मिलेगी. पहला ये कि अब साल में 13 नहीं, बल्कि 12 बार ही रिचार्ज कराने होंगे. दरअसल 28 दिनों की वैधता वाले प्लान की वजह से अब तक ग्राहकों को एक साल यानी 365 दिन में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था.
2- वहीं, अब 30 दिन की पूरी कैलेंडर वैलिडिटी वाले प्लान्स आने से ग्राहकों को साल में सिर्फ 12 बार ही रिचार्ज कराना होगा, जिससे एक पूरे महीने के रिचार्ज का खर्च बचेगा. इसके अलावा, सिर्फ वॉयस और एसएमएस प्लान्स भी टेलीकॉम कंपनियों को पेश करने होंगे. इससे ऐसे उपभोक्ताओं को फायदा होगा, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं है. उन्हें अब डेटा पैक का अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा. कंपनियों को सिर्फ वॉयस कॉलिंग और SMS आधारित बेहद सस्ते प्लान पेश करने होंगे.
टेलीकॉम कंपनियों की ओर से महीने में 30 या 31 दिन होने के बावजूद 28 दिन की वैलिडिटी देने की इस टेलिकॉम कंपनियों के खिलाफ संसद में पुरजोर आवाज उठाई गई थी. 11 मार्च को राज्यसभा में सांसद राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से दखल देने और उपभोक्ताओं के आर्थिक शोषण से बचाने की मांग की थी. लिहाजा, उपभोक्ताओं की इस लंबे समय से चली आ रही शिकायत और संसद में उठी मांग को स्वीकार करते हुए सरकार और ट्राई ने यह नया नियम बनाकर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है.
देश में स्मार्टफोन और 5G सेवाओं के विस्तार के बावजूद आज भी लगभग 30 करोड़ लोग फीचर फोन यानी कीपैड मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. दरअसल, बुजुर्गों को महंगे डेटा पैक की जरूरत नहीं होती है. उनके लिए कॉलिंग ओनली प्लान सबसे मुफीद साबित होते हैं. इसके अलावा, कुछ लोग दूसरा सिम सिर्फ बैंक OTP या इनकमिंग कॉल्स के लिए चालू रखते हैं. ऐसे उपभोक्ताओं और ग्रामीण परिवारों अब काफी राहत मिलेगी.
फीलखाना पुलिस और सर्विलांस सेल की बड़ी कामयाबी, 24 किलो से अधिक चोरी की सिल्लियों के साथ वांछित अभियुक्त गिरफ्तार