EV गाड़ी को चार्ज करते हुए हादसा, EV चार्जिंग करते समय यह गलती तो नहीं कर रहे हैं आप?
भारत में ईवी चार्जिंग की मुख्य समस्याओं में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमीए धीमी गति (8.24 घंटे), और घर पर 3KW से अधिक लोड की आवश्यकता शामिल है। चार्जर केबल का गर्म होनाए प्लग ढीला होना, और एक्सटेंशन कॉर्ड के इस्तेमाल से शॉर्ट सर्किट का खतरा भी प्रमुख समस्याएं हैं।
आज हम आपको ऐसी जरूरी टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान किसी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल को चार्ज करते समय जरूर रखना चाहिए. आइए जानते हैं...
आज हम आपको ऐसी जरूरी टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान किसी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल को चार्ज करते समय जरूर रखना चाहिए. आइए जानते हैं...
हमेशा कंपनी का दिया हुआ चार्जर का करें इस्तेमाल
ईवी चार्जिंग के लिए हमेशा कंपनी द्वारा चार्जर का इस्तेमाल करना चाहिए. दरअसल, निर्माता द्वारा दिए गए चार्जर व्हीकल के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के साथ काम करने के लिए बनाया जाता है, जिससे चार्जिंग फास्ट और सुरक्षित रूप से होती है. इसके अलावा वाहन को चार्ज करने के लिए कभी भी गलती से थर्ड पार्टी चार्जर का उपयोग नहीं करना चाहिए, वरना ओवरहीटिंग जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं.
चार्जिंग के लिए ऐसी जगह चुनें
ईवी चार्ज करने के लिए हमेशा ड्राई और वेंटिलेटेड जगह चुननी चाहिए. खासतौर से मानसून के सीजन में जगह का खास ध्यान रखना चाहिए. इस समय पानी की वजह से शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बना रहता है.
क्या एक्सटेंशन बोर्ड का कर सकते हैं इस्तेमाल?
कई लोग ईवी चार्ज करने के लिए एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में समय-समय पर एक्सटेंशन बोर्ड चेक करते रहें. दरअसल, काफी समय तक चार्ज होने से ओवरहीटिंग की समस्या हो सकती है. अगर एक्सटेंशन बोर्ड हीट होना शुरू कर दे, तो तुरंत चार्जिंग ऑफ कर दें.
चार्जिंग केबल का रखें ध्यान
कई बार चार्जिंग केबल पुरानी हो जाने की वजह से कट जाती है या फिर गर्म होना शुरू कर देती है. इसके चलते समय-समय पर केबल चेक करते रहें और अगर किसी भी तरह की खराबी नजर आती है, तो नई खरीद लें. सुरक्षित रूप से ईवी चार्ज करने से बैटरी की लाइफ बढ़ती है और किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता है.
- इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी: सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन अभी भी पर्याप्त नहीं हैं, खासकर लंबी यात्राओं के लिए।
- धीमा चार्जिंग समय: लेवल 1 (सामान्य घरेलू सॉकेट) से चार्ज करने में 8-24 घंटे तक लग सकते हैं, जो असुविधाजनक है।
- बिजली का लोड: फास्ट या लेवल 2 चार्जर के लिए घर पर 3 kW या उससे अधिक का पावर लोड और सही वायरिंग की आवश्यकता होती है।
- तकनीकी खराबी (Technical Problems): चार्जिंग केबल का गर्म होना, प्लग ढीला होना, या कनेक्टर में धूल होने के कारण चार्जिंग रुक जाना, एक प्रतिष्ठित अखबार के अनुसार के अनुसार।
- सुरक्षा के जोखिम: एक्सटेंशन बोर्ड का उपयोग करने से आग लगने का खतरा बढ़ता है।
समाधान और सुझाव:- सुरक्षित चार्जिंग-: कभी भी एक्सटेंशन केबल का उपयोग न करें और सुनिश्चित करें कि सॉकेट सही अर्थिंग के साथ हो।
- सही केबलर -: चार्जर केबल को समय-समय पर चेक करें, कटी हुई या ढीली केबल का उपयोग न करें।
- चार्जिंग स्तर-: बैटरी को 100% तक चार्ज करने से बचें; 20% से 80% के बीच चार्ज करना बैटरी लाइफ के लिए सबसे अच्छा होता है, According to Consumer Reports
- घरेलू बिजली की जाँच-: यदि चार्जर बार-बार ट्रिप हो रहा है, तो बिजली की आपूर्ति और सर्किट ब्रेकर की जाँच कराएं।
- सुरक्षित चार्जिंग-: कभी भी एक्सटेंशन केबल का उपयोग न करें और सुनिश्चित करें कि सॉकेट सही अर्थिंग के साथ हो।
- सही केबलर -: चार्जर केबल को समय-समय पर चेक करें, कटी हुई या ढीली केबल का उपयोग न करें।
- चार्जिंग स्तर-: बैटरी को 100% तक चार्ज करने से बचें; 20% से 80% के बीच चार्ज करना बैटरी लाइफ के लिए सबसे अच्छा होता है, According to Consumer Reports
- घरेलू बिजली की जाँच-: यदि चार्जर बार-बार ट्रिप हो रहा है, तो बिजली की आपूर्ति और सर्किट ब्रेकर की जाँच कराएं।
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