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कानपुर पूर्वी जोन में चली ट्रांसफर एक्सप्रेस कई पुलिसकर्मी के साथ चौकियों के बदले चौकी इंचार्ज 

कानपुर पूर्वी जोन में चली ट्रांसफर एक्सप्रेस कई पुलिसकर्मी के साथ चौकियों के बदले चौकी इंचार्ज

कानपुर नगर। कमिश्नरेट कानपुर नगर के पूर्वी जोन में स्थानांतरण एवं तैनाती व्यवस्था में बदलाव किया गया है। गठित स्थापना बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में 10 पुलिसकर्मियों को उनके वर्तमान तैनाती स्थल से स्थानांतरित कर विभिन्न चौकियों एवं थानों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जारी प्रेस नोट के अनुसार उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह को पूर्वी जोन से चौकी कचहरी, थाना कोतवाली का प्रभारी बनाया गया है। वहीं उपनिरीक्षक अजय कुमार को थाना चकेरी से चौकी सरसैयाघाट, थाना कोतवाली तथा एक अन्य उपनिरीक्षक अजय कुमार को चौकी जेल, थाना कोतवाली भेजा गया है।

उपनिरीक्षक जितेन्द्र कुमार को थाना कलक्टरगंज से बीट चौबेगोला, थाना मूलगंज की जिम्मेदारी दी गई है। उपनिरीक्षक अमित कुमार को प्रभारी चौकी टौंस, थाना नर्वल से स्थानांतरित कर प्रभारी चौकी सिरकी मोहाल, थाना कलक्टरगंज बनाया गया है।

इसी क्रम में महिला उपनिरीक्षक वैशाली भदौरिया को थाना कोतवाली से प्रभारी चौकी गंगाघाट, थाना छावनी भेजा गया है। उपनिरीक्षक सन्दर्भ शेखर को पूर्वी जोन से प्रभारी चौकी नयागंज, थाना कलक्टरगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उपनिरीक्षक राहुल कुमार को सर्विलांस सेल पूर्वी जोन से प्रभारी चौकी श्यामनगर, थाना चकेरी, जबकि उपनिरीक्षक अरविन्द कुमार को थाना कलक्टरगंज से प्रभारी चौकी टौंस, थाना नर्वल भेजा गया है। वहीं उपनिरीक्षक अजय कुमार को थाना चकेरी से प्रभारी चौकी शिवगोदावरी, थाना जाजमऊ की जिम्मेदारी दी गई है।

पुलिस विभाग के इस स्थानांतरण से विभिन्न चौकियों पर नई तैनाती के साथ स्थानीय पुलिस व्यवस्था में बदलाव हुआ है।

कानपुर को मिला नया कप्तान नहीं, नया प्रशासनिक मुखिया—महेंद्र सिंह तंवर ने संभाली DM की कमान

कानपुर को मिला नया कप्तान नहीं, नया प्रशासनिक मुखिया—महेंद्र सिंह तंवर ने संभाली DM की कमान

कार्यभार ग्रहण करने के बाद कलेक्ट्रेट का किया निरीक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों से लिया परिचय

     कानपुर नगर।

नवागत जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने आज कोषागार में कानपुर नगर के 59वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न पटलों एवं कार्यालयों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए जनपद में कार्य की प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि कानपुर नगर की आवश्यकताओं को समझते हुए विकास कार्यों और जनसुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय और टीम भावना से कार्य करते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।

*2015 बैच के आईएएस, कानपुर नगर तीसरा जिला*

श्री महेंद्र सिंह तंवर 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जिलाधिकारी के रूप में कानपुर नगर उनका तीसरा जिला है। इससे पहले वह संतकबीरनगर और कुशीनगर में जिलाधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। अपने प्रशासनिक करियर में वह गाजियाबाद के नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और शाहजहांपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त एटा और बहराइच में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।

*कलेक्ट्रेट के पटलों पर पहुंचे डीएम, लिया जायजा*

कलेक्ट्रेट परिसर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों एवं कार्यालयों में पहुंचकर कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव और प्रकरणों के निस्तारण की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि शासकीय कार्यों का निष्पादन समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। कार्यालय आने वाले लोगों की समस्याओं एवं प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी

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अभिनव जे. जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर श्री अनुभव सिंह, आईएएस श्री संदीप कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर श्री सौरभ सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री विवेक चतुर्वेदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

                                                                                                आज का पञ्चांग,दिन,मंगलवार ,दिनांक 22/09/2026,




              *|| 🕉️ ||*
         *🌞सुप्रभातम🌞*
         *आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 22/09/2026, मंगलवार                                       
एकादशी, शुक्ल पक्ष, 
भाद्रपद
"""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि‐---- एकादशी 21:42:43. तक 
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र------- उoषाo 07:05:55
योग-------- अतिगंड 16:28:17
करण-------- वणिज 08:55:29
करण------ विष्टिभद्र 21:42:43
वार-------------------- मंगलवार 
माह--------------------  भाद्रपद
चन्द्र राशि----------------- मकर
सूर्य राशि------------------ कन्या
रितु------------------------ शरद
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)----------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083 
गुजराती संवत------------ 2082 
शक संवत---------------- 1948 
कलि संवत--------------- 5127 

वृन्दावन 
सूर्योदय------------- 06:08:41
दिन काल----------- 12:06:06
चंद्रोदय-------------- 15:43:56
सूर्यास्त‐------------- 18:14:48
रात्री काल----------- 11:54:20
चंद्रास्त-------------- 26:41:56

लग्न----कन्या 4°49', 154°49'

सूर्य नक्षत्र-------- उत्तरा फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र------------ उत्तराषाढा
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र 

*💮🚩💮  पद, चरण  💮🚩💮*

जी---- उत्तराषाढा 07:05:55

खी---- श्रवण 13:39:37

खू---- श्रवण 20:11:19

खे---- श्रवण 26:40:54

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद
============================
सूर्य=  कन्या 04°30 , उoफाo    3      पा
चन्द्र= मकर    09°30 ,  उoषाo  4       जी 
बुध = कन्या  23°52 '    चित्रा  1        पे
शु क्र= तुला 11°05,      स्वाति     2      रे
मंगल= कर्क  02°17    पुनर्वसु   4      ही
गुरु= कर्क  23°33   आश्लेषा ,    3       डे
शनि=मीन 18°10 '        रेवती  , 1       दे 
राहू=(व) कुम्भ 04°02  धनिष्ठा ,   4      गे
केतु= (व) सिंह 04°02      मघा   2      मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 15:13 - 16:44 अशुभ
यम घंटा 09:10 - 10:41 अशुभ
गुली काल 12:12 - 13:43 अशुभ 
अभिजित 11:48 - 12:36 शुभ
दूर मुहूर्त 08:34 - 09:22 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:00 - 23:49 अशुभ
वर्ज्यम 11:26 - 13:10 अशुभ
प्रदोष 18:15 - 20:40.    शुभ

💮चोघडिया, दिन

रोग 06:09 - 07:39 अशुभ
उद्वेग 07:39 - 09:10 अशुभ
चर 09:10 10:41 शुभ
लाभ 10:41 12:12 शुभ
अमृत 12:12 - 13:43 शुभ
काल 13:43 15:13 अशुभ
शुभ 15:13 16:44 शुभ
रोग 16:44 - 18:15 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

काल 18:15-19:44 अशुभ
लाभ 19:44 21:13 शुभ
उद्वेग 21:13 - 22:43 अशुभ
शुभ 22:43 - 24:12* शुभ
अमृत 24:12* - 25:41* शुभ
चर 25:41* - 27:11* शुभ
रोग 27:11* - 28:40* अशुभ
काल 28:40* - 30:09* अशुभ

💮होरा, दिन

मंगल 06:09- 07:09
सूर्य 07:09- 08:10
शुक्र 08:10- 09:10
बुध 09:10 10:11
चन्द्र 10:11-11:11
शनि 11:11 -12:12
बृहस्पति 12:12- 13:12
मंगल 13:12- 14:13
सूर्य 14:13- 15:13
शुक्र 15:13- 16:14
बुध 16:14- 17:14
चन्द्र 17:14 -18:15

🚩होरा, रात

शनि 18:15 -19:14
बृहस्पति 19:14 -20:14
मंगल 20:14- 21:13
सूर्य 21:13- 22:13
शुक्र 22:13- 23:12
बुध 23:12- 24:12
चन्द्र 24:12-25:12
शनि 25:12-26:11
बृहस्पति 26:11- 27:11
मंगल 27:11-28:10
सूर्य 28:10-29:10
शुक्र 29:10-30:09

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 
     
कन्या  > 05:56  से  08:12 तक
तुला   >  08:12 से  10:20  तक
वृश्चिक > 10:20 से  12:48   तक
धनु     > 12:48  से  14:48   तक
मकर   > 14:48 से  16:34   तक
कुम्भ   > 16:34  से  18:12  तक
मीन    > 18:12  से  19:42   तक
मेष     >  19:42 से  21:16  तक
वृषभ   > 21:16 से  23:06   तक
मिथुन  > 23:06 से 01:18    तक
कर्क    > 01:18  से 03:28   तक
सिंह    > 03:28 से  05:52   तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।*
 *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,* 
*राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,*
 *अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

  11 + 3 + 1 =  15 ÷ 4 = 3 शेष
 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास,फल एवं परिहार -:*

*श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।*
*शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।*
*हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।*
*सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।*
*शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।*
*नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।*

   11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 =  6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

08:55 से 21:42 तक समाप्त 

पाताल लोक  =  धनलाभ कारक 

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

 *परिवर्तिनी एकादशी व्रत (सर्वेषां)

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

विप्रयोर्विप्रह्नेश्च दम्पत्यॊः स्वामिभृत्ययोः ।
अन्तरेण न गन्तव्यं हलस्य वृषभस्म च ।।
।।चाoनीo।।

 इन दोनों के मध्य से कभी ना जाए..
१. दो ब्राह्मण.
२. ब्राह्मण और उसके यज्ञ में जलने वाली अग्नि.
३. पति पत्नी.
४. स्वामी और उसका चाकर.
५. हल और बैल.

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  विश्वरूपदर्शन योग अo-11

तत्रैकस्थं जगत्कृत्स्नं प्रविभक्तमनेकधा।
 अपश्यद्देवदेवस्य शरीरे पाण्डवस्तदा॥

पाण्डुपुत्र अर्जुन ने उस समय अनेक प्रकार से विभक्त अर्थात पृथक-पृथक सम्पूर्ण जगत को देवों के देव श्रीकृष्ण भगवान के उस शरीर में एक जगह स्थित देखा
 ॥13॥

*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*

*देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।*
*नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।*
*विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।*
*जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।*

🐏मेष
कार्यस्थल पर आपकी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। व्यापार में उन्नति होगी। नए प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं। लव पार्टनर के साथ संबंध सामान्य और मधुर रहेंगे। आय में सुधार होगा, फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, कार्य में व्यस्तता बनी रहेगी।

🐂वृषभ
किस्मत का साथ मिलेगा। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। कारोबारी हैं तो लंबी दूरी की यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता के योग हैं। जीवनसाथी के साथ वैचारिक तालमेल बेहतर रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा, नया निवेश कर सकते हैं। मानसिक रूप से शांति और प्रसन्नता का अनुभव होगा।

👫मिथुन
कार्यस्थल पर विवादों से दूर रहें। गुप्त शत्रु परेशानी खड़ी कर सकते हैं। व्यापार में कोई भी नया जोखिम न उठाएं, उधारी देने से बचें। पार्टनर के साथ किसी बात पर मतभेद हो सकता है, शांत रहें। अचानक धन खर्च बढ़ सकता है, बजट बनाकर चलें। पेट या पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है, खानपान का ध्यान रखें।

🦀कर्क
दैनिक रोजगार में वृद्धि होगी, सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापारिक साझेदारी में लाभ होगा। नए अनुबंध या सौदे फाइनल हो सकते हैं। वैवाहिक जीवन में मिठास बनी रहेगी। लव पार्टनर के साथ सुखद समय बीतेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे, वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी। स्वास्थ्य सामान्य और अनुकूल रहेगा।

🐅सिंह
नौकरी-पेशा जातकों को कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी। विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी। कारोबारी हैं तो कोर्ट-कचहरी या पुराने विवादों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। लव लाइफ में संतुलन बनाए रखें, काम की व्यस्तता रहेगी। फिजूलखर्चों पर रोक लगेगी, रुका हुआ धन वापस मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा, ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा।

🙎‍♀️कन्या
नौकरी-पेशा को बौद्धिक और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। छात्रों के लिए दिन अच्छा है। कारोबारी हैं तो शेयर बाजार या सट्टेबाजी जैसे जोखिमभरे निवेश से आज बचें। लव पार्टनर के साथ गलतफहमी हो सकती है, संवाद बनाए रखें। आय सामान्य रहेगी, नए निवेश के लिए जल्दबाजी न करें। संतान पक्ष की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है।

⚖️तुला
कार्यस्थल पर काम का बोझ अधिक रहेगा, मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। कारोबारी को संपत्ति या वाहन संबंधी निर्णयों को आज के लिए टालना बेहतर रहेगा। पारिवारिक मामलों में शांति बनाए रखें, बहस से बचें। अकारण खर्च बढ़ सकते हैं, सोच-समझकर धन खर्च करें। सीने में जकड़न या माता की सेहत को लेकर सतर्कता बरतें।

🦂वृश्चिक
आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। छोटी दूरी की व्यापारिक यात्राएं लाभदायक साबित होंगी। लव पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे, कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। आर्थिक लाभ के योग हैं, प्रयास सफल रहेंगे। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा।

🏹धनु
दफ्तर में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, आपकी बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है। पैसों के लेनदेन में सावधानी बरतें। धन संचय पर ध्यान दें। पारिवारिक मामलों में संयम से काम लें, रिश्तेदारों से अनबन हो सकती है। आय बनी रहेगी, लेकिन आकस्मिक खर्च भी सामने आ सकते हैं। आंखों में जलन या दांत दर्द की समस्या हो सकती है।

🐊मकर
आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। सभी कार्य समय पर पूरे होंगे। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे, मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लव लाइफ शानदार रहेगी, पार्टनर के साथ समझ बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, रुका हुआ पैसा मिल सकता है। मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करेंगे, सेहत अच्छी रहेगी।

🍯कुंभ
कार्यस्थल पर अनचाहा काम करना पड़ सकता है, धैर्य रखें। विदेश से जुड़े व्यापार में लाभ हो सकता है, लेकिन स्थानीय व्यापार में सतर्क रहें। जीवनसाथी की सेहत चिंता का कारण बन सकती है। अनावश्यक खर्चों की अधिकता रहेगी, बजट बिगड़ सकता है। अनिद्रा या पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है।

🐟मीन
कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी, बड़े अधिकारियों का प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार में बड़ा धन लाभ होने के प्रबल योग हैं। लव पार्टनर से सरप्राइज या उपहार मिल सकता है। आमदनी के नए रास्ते खुलेंगे, संचित धन में वृद्धि होगी। सेहत उत्तम रहेगी, दिनभर स्फूर्ति बनी रहेगी।
आपका दिन मंगलमय हो



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You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


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🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 7 काम, नाराज हो सकते हैं पितर?

पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 7 काम, नाराज हो सकते हैं पितर?
पितृपक्ष में पूर्वजों के श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है. आचार्य मदनमोहन ने बताया कि इन दिनों शुभ काम, मांस-मदिरा, कलह, अपशब्द और असहायों को परेशान करने से बचना चाहिए. जानें पितृपक्ष के 7 जरूरी नियम.


हिंदू धर्म में पितृपक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और स्मरण का समय माना जाता है. इस दौरान लोग अपने पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों घर के वातावरण को शांत और सात्विक रखना चाहिए. आचार्य मदनमोहन ने बताया कि पितृपक्ष में कुछ ऐसे काम हैं जिन्हें करने से बचने की सलाह दी जाती है. आइए जानते हैं वे कौन-से 7 काम हैं.







शुभ काम करने से बचें

आचार्य मदनमोहन ने बताया कि पितृपक्ष को पूर्वजों को समर्पित समय माना जाता है. इसलिए इस दौरान शादी, सगाई, गृह प्रवेश या नया कारोबार शुरू करने जैसे शुभ कामों को टालने की धार्मिक मान्यता है. इसी तरह नई गाड़ी, प्रॉपर्टी या कोई बड़ी खरीदारी करने से भी बचने की सलाह दी जाती है. साथ ही पितृपक्ष में सादगी और मनन-चिंतन का भाव रखने की परंपरा है. इसलिए इस दौरान नए कपड़े खरीदने या पहनने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि, दान करने के लिए वस्त्र खरीदे जा सकते हैं.

मांस-मदिरा से रखें दूरी

आचार्य के मुताबिक, पितृपक्ष में सात्विक भोजन करने की परंपरा है। इसलिए मांस और मदिरा जैसे तामसिक माने जाने वाले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. इन दिनों घर का माहौल शांत रखने पर जोर दिया जाता है. परिवार के सदस्यों को आपसी विवााद, गुस्सा और झगड़े से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृपक्ष में सकारात्मक और शांत वातावरण रखनाा शुभ माना जाता है.

असहाय और पशु-पक्षियों को न सताएं

आचार्य मदनमोहन के अनुसार, इस दौरान किसी असहाय व्यक्ति को परेशान नहीं करना चाहिए. पशु-पक्षियों के प्रति भी दया और करुणा का व्यवहार रखने की सलााह दी जाती है. साथ ही पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व माना गया है. परिवार की परंपरा के अनुसार पूर्वजों का श्राद्ध करनाा इस अवधि का प्रमुख धार्मिक कर्म है.

अपशब्द और झूठ बोलने से बचें

पितृपक्ष में वाणी और व्यवहार को संयमित रखने की सलाह दी जाती है. किसी को अपशब्द कहना, झूठ बोलना या जानबूझकर किसी को दुख पहुंचााना धार्मिक रूप से उचित नहीं मानाा जाता है.

नीम करौली बाबा की बेटी ने 15 बार देखी 'हनुमान अंश' हर बार रो पड़ीं, प्रोड्यूसर रागिनी बोलीं- बाबा की झलक दिखती है

'हनुमान अंश' इस साल की सबसे बड़ी बॉक्स-ऑफिस सरप्राइज फिल्मों में से एक बन गई है, जिसने दुनिया भर में 329.30 करोड़ की कमाई की. 'स्क्रीन' के साथ एक इंटरव्यू में रागिनी ने नीम करौली बाबा की बेटी गिरिजा जी (जिन्हें वह अम्मा जी कहती हैं) से मिलने के बारे में विस्तार से बात की.
नीम करौली बाबा की बेटी ने 15 बार देखी 'हनुमान अंश' हर बार रो पड़ीं, प्रोड्यूसर रागिनी बोलीं- बाबा की झलक दिखती है


नई दिल्ली:

हनुमान अंश (Hanuman Ansh) इस साल की सबसे बड़ी बॉक्स-ऑफिस सरप्राइज फिल्मों में से एक बन गई है, जिसने दुनिया भर में 329.30 करोड़ की कमाई की. हालांकि, प्रोड्यूसर रागिनी सोना के लिए फिल्म का सफर उन आध्यात्मिक अनुभवों से अलग नहीं किया जा सकता जो इसके बनने के दौरान हुए थे. 'स्क्रीन' के साथ एक इंटरव्यू में रागिनी ने नीम करौली बाबा की बेटी गिरिजा जी (जिन्हें वह अम्मा जी कहती हैं) से मिलने के बारे में विस्तार से बात की. प्रोड्यूसर ने बताया कि कैसे फिल्म रिलीज होने से पहले टीम ने उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनसे संपर्क किया था और कैसे वह बातचीत बाद में बहुत निजी हो गई.







'हनुमान अंश' ने नीम करौली बाबा में नई दिलचस्पी जगाई है. अब UP कैंची धाम जैसा मेकओवर करने की योजना बन रही है. रागिनी ने यह भी बताया कि अम्मा जी ने कई बार फिल्म देखी है और उनका मानना ​​है कि 'हनुमान अंश' की सफलता में नीम करौली बाबा का आशीर्वाद शामिल है. रागिनी ने बताया कि उन्होंने और फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म रिलीज होने से पहले नीम करौली बाबा की बेटी से संपर्क करने की कोशिश की थी. रागिनी ने कहा, "मैं नीम करौली बाबा की बेटी गिरिजा जी से मिली. हमने उनका कॉन्टैक्ट नंबर ढूंढने की कोशिश की और उनसे मिलने गए क्योंकि विशाल भी चाहते थे कि हम एक बार उनका आशीर्वाद लें. "उन्होंने याद किया कि बाद में उन्होंने विशाल और अम्मा जी ने फोन पर बात की और पूछा कि क्या वह फिल्म देखना चाहेंगी.





रागिनी ने दावा किया और उन्होंने कहा, 'हां, मैं फिल्म तब देखूंगी जब मुझे लगेगा कि सही समय आ गया है.' आज तक बाबा की बेटी ने फिल्म लगभग 15 बार देखी है और हर बार वह रोई हैं."प्रोड्यूसर के अनुसार, अम्मा जी ने पूछा कि उन्हें नीम करौली बाबा पर फिल्म बनाने की प्रेरणा कैसे मिली. रागिनी ने छह साल की उम्र में बाबा से मिलने की अपनी यादें साझा कीं, जबकि विशाल ने इस प्रोजेक्ट के लिए की गई रिसर्च के बारे में बताया.‘उन्होंने मेरे पिता का नाम लिया और मुझे उनका पता बताया इसके बाद रागिनी ने एक घटना बताई जिसे उन्होंने "चमत्कार" कहा. उन्होंने कहा उनके पिता कभी नैनीताल में पोस्टेड थे. रागिनी के अनुसार, अम्मा जी ने तुरंत उनके परिवार के बारे में ऐसी जानकारी दी जो उन्हें पहले नहीं बताई गई थी. रागिनी ने कहा, "अम्मा जी ने तुरंत मेरे पिता का नाम लिया, आगरा में मेरे पिता के घर की सही जगह बताई और यह लगभग 50 साल पुरानी बात है."

उन्होंने आगे कहा कि अम्मा जी ने उनके बड़े भाई का नाम भी लिया. मैं इससे बड़े चमत्कार के बारे में सोच भी नहीं सकती और बताया कि कॉल के दौरान विशाल भी मौजूद थे. रागिनी ने याद किया कि उन्होंने पूछा था कि अम्मा जी को ये बातें कैसे पता चलीं. उन्होंने कहा, मैं रो रही थी और मैंने उनसे पूछा, 'आपको यह सब कैसे पता?' इस पर अम्मा जी ने जवाब दिया, 'मेरे पास तुम्हारे सवाल का कोई जवाब नहीं है, लेकिन मैं सब कुछ देख सकती थी. रागिनी के लिए उस बातचीत ने उनके इस विश्वास को और मजबूत किया कि उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए चुना गया था. उन्होंने आगे कहा, इस अनुभव के बाद मुझे यकीन हो गया कि बाबा ने ही मुझे इतने बड़े काम का हिस्सा बनने के लिए चुना था.  


 





गिरिजा जी में नीम करौली बाबा की झलक दिखी

रागिनी ने गिरिजा जी से आमने-सामने हुई मुलाकात के बारे में भी बात की और कहा कि उन्हें उनमें और नीम करौली बाबा में काफी समानता महसूस हुई. उन्होंने कहा, फिल्म बनाने से पहले हमें पता भी नहीं था कि बाबा की बेटी अभी भी जीवित हैं. और जब हम उनसे मिले, तो हमने देखा कि वह बिल्कुल बाबा जैसी ही हैं. मुझे ऐसा लगा जैसे उनमें खुद बाबा ही मौजूद हों. प्रोड्यूसर ने आगे कहा कि गिरिजा जी आज भी बाबा की शिक्षाओं का पालन करती हैं, खासकर इस संदेश का: "सबको प्यार करो, सबको खाना खिलाओ."रागिनी ने उनके घर पर खाना खाने का अनुभव भी साझा किया और उसे बेहद आध्यात्मिक बताया.उन्होंने कहा, "उनके घर पर जो खाना हमने खाया, उसका स्वाद बहुत ही दिव्य था और उसकी मात्रा अपने आप बढ़ जाती थी. मैं वहां बाबा की मौजूदगी को बहुत गहराई से महसूस कर सकती थी."

टीम नीम करौली बाबा के पोते से भी मिली

रागिनी ने बताया कि 'हनुमान अंश' की टीम हाल ही में नीम करौली बाबा के पोते धनंजय जी से भी मिली. उन्होंने कहा, "हाल ही में, हम बाबा के पोते धनंजय जी से भी मिले. वे बाबा की तरह ही बहुत सरल लोग हैं. वे बहुत प्यार करने वाले लोग हैं और हम बाबा जी के आभारी हैं कि ये लोग अभी भी हमारे बीच हैं और हमें उनका आशीर्वाद मिला.  उन्होंने कहा, धनंजय जी को भी मेरा नमन, क्योंकि वे बाबा का असली अंश हैं. रागिनी ने बाबा के बारे में लोगों में उत्सुकता जगाने का श्रेय विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को दिया. रागिनी ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस कपल को अपने गहरे निजी अनुभव रहे होंगे, हालांकि ऐसी बातों को शब्दों में बयां करना हमेशा आसान नहीं होता.   लेकिन कई बार लोग इसके बारे में खुलकर बात नहीं करते क्योंकि इसे शब्दों में नहीं, बल्कि सिर्फ महसूस किया जा सकता है." रागिनी के लिए, 'हनुमान अंश' अब लोगों के लिए नीम करौली बाबा के बारे में जानने का एक और जरिया बन गया है.  

वेश्यावृत्ति करो या फिर 7 साल की उम्र में शादी तय; गुजरात के इस गांव में लड़कियों के पास बचते हैं दो ही रास्ते

लोककथाओं के अनुसार, सारणिया समुदाय एक खानाबदोश जनजाति है, जो कभी मेवाड़ के महाराणा प्रताप की सेना के साथ यात्रा करती थी. जहां पुरुष ढाल और तलवार जैसे हथियारों को धार देते थे.







बच्ची की 'सगाई' या वेश्यावृत्ति. इस 'वेश्याओं के गांव' की लड़कियों के सामने यही कड़वा विकल्प है. यहां लड़कियों की शादी सात साल की उम्र में ही तय कर दी जाती है ताकि वे उस जाल से बच सकें, जिसमें उनकी मांएं और दादी-नानियां फंस गईं थीं.

गुजरात के बड़े शहर अहमदाबाद से 200 किलोमीटर दूर और जेंडर इक्वालिटी (स्त्री-पुरुष समानता) की चाह रखने वाले भारत से बिल्कुल अलग, वाडिया गांव की महिलाएं इतिहास से थोपी गई भूमिकाओं से आजाद होने के लिए संघर्ष कर रही हैं. पीढ़ियों से, खानाबदोश जनजाति वाले इस गांव की महिलाओं को जबरन देह-व्यापार में धकेला जाता रहा है, जबकि पुरुष उनके एजेंट का काम करते हैं. यह सिलसिला आज भी जारी है.

धीरे-धीरे आ रहा बदलाव

एक परेशान करने वाली रस्म के तहत, बनासकांठा जिले के इस 750 लोगों वाले गांव के पुरुष हर सुबह पालनपुर-थराद हाईवे पर जाते हैं. वे हाईवे पर काम की तलाश में नहीं, बल्कि ट्रक ड्राइवरों, राहगीरों और आस-पास के गांवों व शहरों के पुरुषों को अपने गांव की महिलाओं के लिए ग्राहक बनाने के लिए लाइन में खड़े होते हैं.





अपनी बेटियों की सगाई करवाना यहां एक सुरक्षा-कवच माना जाता है; यह उन्हें देह-व्यापार में धकेले जाने से पहले गांव से बाहर शादी करने का एक मौका देता है. गांव में पली-बढ़ी 19 साल की एक लड़की इस टकराव की मिसाल है. उसकी मां और दादी, दोनों ही सेक्स वर्कर हैं. वह दूर के एक कॉलेज में नर्स बनने की पढ़ाई कर रही है.यह एक ऐसा सपना था, जो कभी नामुमकिन लगता था. उसकी शादी भी हो चुकी है; उसके दूल्हे का चुनाव तब किया गया था जब वह सिर्फ 11 साल की थी.

लड़की ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि, "मैं अपने पिता और चाचा को अपनी मां और दादी के लिए ग्राहक लाते हुए देखकर बड़ी हुईं हूं, जब तक कि वे ग्राहकों की इच्छाएं पूरी करने के 'लायक' नहीं रह गईं. मेरी मां ने मुझे बताया कि उन्हें इसके लिए मजबूर नहीं किया गया था, बल्कि यह एक आम बात थी, जिसे गरीबी की वजह से हर कोई मानता था. इसी वजह से मेरी मां को यह भी पक्का नहीं था कि मेरे पिता ही मेरे असली पिता हैं या नहीं. लेकिन मेरी मां ने तय किया कि वह मुझे इस काम में नहीं धकेलेंगी... 11 साल की उम्र में एक सामूहिक समारोह में मेरी सगाई हुई और 18 साल की उम्र में शादी हो गई." वह ऐसी कई लड़कियों में से एक है.

पीढ़ियों से भोग रहीं ये दंश

समाज सेवकों और कुछ परिवारों की पहल पर, आस-पास के गांवों या रिश्तेदारों की 7 से 12 साल की लड़कियों की सगाई तय की जाती है. गांव वालों ने एक बिना लिखा नियम माना है - जिन लड़कियों की सगाई 






या शादी हो चुकी है, उन्हें वेश्यावृत्ति में नहीं धकेला जाता. बाहर से आने वालों पर कड़ी नजर रखी जाती है. एक ग्रामीण ने बताया कि जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल ज्यादातर औरतें घर के अंदर ही रहती हैं, जबकि परिवार के मर्द या दलाल उनके लिए ग्राहक लाते हैं. गांव के 750 निवासियों में लगभग 350 औरतें हैं.

पिता का पता न होने के कलंक की वजह से, वाडिया की औरतें पीढ़ियों तक कुंवारी ही रहीं.

चंद्रा सरानिया ने बताया, "जब मैं अपनी बेटी की शादी करना चाहती थी, तो मुझसे कहा गया कि इसे यहां की लड़कियों की किस्मत मानकर स्वीकार कर लूं और बगावत न करूं. मैंने अपनी बेटी की सगाई 12 साल की उम्र में और शादी 18 साल की उम्र में की. लड़के वालों ने सगाई पक्की करने के लिए हमें 1 रुपया और मेरी बेटी को कुछ कपड़े दिए." चंद्रा को महज 15 साल की उम्र में वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया था और अब वह एक छोटी सी डेयरी चलाती हैं.

सरकार ने 1963 में उनके परिवार को खेती की जमीन दी थी, लेकिन गांव में सिंचाई की सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें सेक्स वर्क (देह व्यापार) में उतरना पड़ा. चंद्रा ने सेक्स ट्रेड से हुई कमाई से तीन बच्चों - दो बेटों और एक बेटी - की परवरिश की, लेकिन वह पक्का इरादा कर चुकी थीं कि उनके अतीत की परछाई उनके बच्चों, खासकर उनकी बेटी के भविष्य पर न पड़े.

2012 से आया बदलाव

2012 में बदलाव की एक उम्मीद जगी, जब पहला सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया. इससे पहले NGO ने कुछ परिवारों को अपनी बेटियों को जिस्मफरोशी के धंधे में न धकेलने के लिए मना लिया था. तब से, वाडिया में हर साल ऐसी शादियां या सगाई होती रही हैं.

NGO 'विचर्ता समुदाय समर्थन मंच' (VSSM) की संस्थापक मित्तल पटेल, जिन्होंने सामूहिक विवाह आयोजित करने की पहल की थी, ने कहा कि इस प्रथा ने कई लड़कियों को जबरदस्ती वेश्यावृत्ति में धकेले जाने से बचाया है.

पटेल ने कहा, "परिवारों को अपनी बेटियों को इस धंधे में धकेलने से रोकना, साहूकार बनकर घूमने वाले दलालों का सामना करना, समाज को इस घिनौनी प्रथा के बारे में जागरूक करना, माता-पिता को बच्चों को पढ़ाने के लिए मनाना, गांव में पहली बार सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करना, 160 में से 90 परिवारों को यह धंधा छोड़ने के लिए राजी करना... यह बदलाव बिल्कुल भी आसान नहीं था."

मित्तल ने PTI को बताया, "एक बार जब लड़कियों की सगाई हो जाती है, तो लड़के का परिवार भी उनकी सुरक्षा करने लगता है. बोरवेल और झीलों को फिर से चालू करने, खेती की जमीन को उपजाऊ बनाने और परिवारों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए बिना ब्याज के लोन देने जैसी कोशिशों से यहां रोजगार के दूसरे जरिया बने हैं. हम इसे 12-13 साल की कम उम्र की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेले जाने से रोकने के एक तरीके के तौर पर देखते हैं."

पटेल के मुताबिक, कुछ एक्टिविस्ट ने बाल विवाह को बढ़ावा मिलने पर चिंता जताई है, लेकिन वेश्यावृत्ति की तुलना में बच्चे की सगाई बेहतर है, और आखिरकार बिना शादी या सम्मानजनक जिंदगी जीने से तो यह कहीं बेहतर है. कुछ माता-पिता के लिए, यह अपनी बेटी को शिक्षा और बेहतर जिंदगी देने का एक जरिया भी है. जैसे रमेशभाई सारणिया, जिनकी दो बेटियां हैं; एक की सगाई आठ साल की उम्र में और दूसरी की 11 साल की उम्र में हुई थी.

सारणिया ने कहा, "अब दोनों की शादी हो चुकी है और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई भी पूरी कर ली है. मैंने अपने भाई से भी लड़ाई की थी ताकि उसकी बेटियां इस धंधे में न पड़ें. आज भी हमें अपनी लड़कियों के लिए दूल्हे ढूंढने में मुश्किल होती है क्योंकि गांव के नाम के साथ एक कलंक जुड़ा है, लेकिन फिर भी यह उनके जिस्मफरोशी के धंधे में पड़ने से बेहतर है."

सारणिया समुदाय का इतिहास

लोककथाओं के अनुसार, सारणिया समुदाय एक खानाबदोश जनजाति है जो कभी मेवाड़ के महाराणा प्रताप की सेना के साथ यात्रा करती थी. जहां पुरुष ढाल और तलवार जैसे हथियारों को धार देते थे, वहीं महिलाएं सैनिकों का मनोरंजन करती थीं. कहा जाता है कि जब 1947 में भारत को आजादी मिली, तो सारणिया लोगों का काम छूट गया और कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण वे गुजारा करने के लिए वेश्यावृत्ति के धंधे में लौट आए. 'वेश्याओं के गांव' का ठप्पा हटाने के लिए संघर्ष कर रहे वाडिया गांव के लोगों को वर्तमान की लड़ाई और भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए, अभी भी अपने अतीत से निपटना है.

Note: इस खबर को दिखाने का मुख्य आशय सामाज में जागरुकता को बढ़ावा देना है जिससे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की बजाए उनके भविष्य को सुाक्षित किया जा सके।

त्योहारों के इस मौसम में सबसे सस्ती कार घर लाने के लिए, 4.69 लाख से कीमत शुरू, Tiago से Creta तक शामिल

भारत में आप सस्ते में भी Electric Cars खरीद सकते हैं. इसके लिए आपको BaaS (Battery-as-a-Service) का ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा. इस लिस्ट में Tata Tiago EV से Creta EV और Maruti e Vitara तक शामिल हैं. इस दिवाली आप इन कारों के ऑप्शन को देख सकते हैं.

त्योहारों के इस मौसम में सबसे सस्ती कार घर लाने के लिए, 4.69 लाख से कीमत शुरू, Tiago से Creta तक शामिल

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) की डिमांड लगातार बढ़ रही है. दिवाली भी पास आ रही है. ऐसे में अगर आप भी EV कार खरीदना चाह रहे हैं तो अब सही समय आ गया है. हालांकि, कई लोगों के मन में होता है कि इसके 

लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होते हैं. लेकिन, ऐसा नहीं है. ज्यादातर कंपनियां  Battery-as-a-Service (BaaS) का ऑप्शन देती है. इससे आप कम बजट में ही अपने लिए इलेक्ट्रिक कार खरीद सकते हैं. Tata से लेकर Maruti तक के ऑप्शन आपके पास हैं. बैटरी-एज-ए-सर्विस पर गाड़ी खरीदने से पहले से आइए समझते हैं, क्या होता है ये और कैसे करता है काम. 






बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) कार बैटरी पैक के लिए एक सब्सक्रिप्शन या 'किराए' का प्लान है. इसके तहत ग्राहक को कार खरीदते समय बैटरी की भारी-भरकम कीमत नहीं चुकानी पड़ती है. इसका फायदा ये होता है कि कार का ऑन-रोड दाम काफी हद तक कम हो जाता है. ग्राहक को केवल गाड़ी खरीदने के बाद उसके तय किए गए किलोमीटर के हिसाब से बैटरी का रेंट देना पड़ता है. 

Tata Tiago EV: कम कीमत में नई शुरुआत

BaaS शुरुआती कीमत: 4.69 लाख रुपये + 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर

अगर बिना BaaS के खरीदना चाहते हैं तो आपको इसके लिए 6.99 लाख की शुरुआती कीमत खर्च करनी होगी. Tata Tiago EV भारत की सबसे सस्ती और प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिक हैचबैक कार है. बिना बैटरी के (BaaS स्कीम के तहत) 






इसकी शुरुआती कीमत सीधे 2.30 लाख रुपये कम होकर केवल 4.69 लाख रुपये रह जाती है. हालांकि, इसके बाद ग्राहकों को बैटरी इस्तेमाल करने के एवज में प्रति किलोमीटर केवल 2.6 रुपये की दर से सब्सक्रिप्शन फीस देनी होती है.

MG Comet EV: शहरों के लिए छोटी गाड़ी


BaaS शुरुआती कीमत: 4.99 लाख रुपये + 3.2 रुपये प्रति किलोमीटर 

बिना BaaS के इसकी कीमत 7.63 लाख रुपये से शुरू होती है. MG की यह कॉम्पैक्ट और स्टाइलिश टू-डोर इलेक्ट्रिक कार शहरों में काफी पॉपुलर हो रही है. इसके बेस वेरिएंट्स में 17.3kWh और हाई वेरिएंट्स में 17.4kWh की बैटरी मिलती है. BaaS के तहत इसकी शुरुआती कीमत सीधे 2.64 लाख कम होकर 4.99 लाख रुपये रह जाती है. इसके बाद ग्राहकों को प्रति किलोमीटर 3.2 रुपये का बैटरी किराया चुकाना होता है. आपको बता दें कि जब MG ने पहली बार इस कार को BaaS के साथ पेश किया था, तब इसकी शुरुआती सब्सक्रिप्शन दर काफी कम यानी 2.5 रुपये प्रति किलोमीटर थी.

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