परिजनों ने बताया कि दस्तावेजों में सुधार करवाने के लिए पूजा कई दिनों से ई-मित्र के चक्कर लगा रही थी. जब सुधार नहीं हो पाया तो वह डिप्रेशन में आ गई. पढ़िए ये खास रिपोर्ट.
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक कॉलेज छात्रा ने दस्तावेजों में नाम की गड़बड़ी से परेशान होकर जहर खा लिया. दानपुर थाना क्षेत्र के सालरा पाड़ा गांव की रहने वाली छात्रा पूजा (दस्तावेजों में अलग-अलग नाम दर्ज) का कॉलेज में एडमिशन नहीं हो पा रहा था. इसकी वजह उसके 2 दस्तावेजों में अलग-अलग नाम होना था. छात्रा का मार्कशीट में सही नाम दर्ज था, लेकिन आधार कार्ड में नाम गलत होने से उसे परेशानी का सामना करना पड़ा. इसे ठीक कराने के लिए वह लगातार कोशिश कर रही थी, लेकिन फिर भी आधार में सुधार नहीं हो पाया.
मार्कशीट में नाम 'पूजा', लेकिन आधार में 'उषा'
परिजनों के मुताबिक, उसके आधार कार्ड में नाम उषा दर्ज है, जबकि अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों में उसका नाम पूजा लिखा हुआ है. अलग-अलग दस्तावेजों में 2 अलग नाम होने के पर कॉलेज प्रशासन ने आपत्ति जाहिर की. इसकी वजह से कॉलेज प्रशासन ने एडमिशन देने से इनकार कर दिया.
ई-मित्र के चक्कर लगा रही थी छात्रा
परिजनों के मुताबिक, छात्रा पिछले कई दिनों से इस समस्या को ठीक कराने के लिए लगातार ई-मित्र केंद्रों के चक्कर लगा रही थी, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी. इसके चलते उसकी पढ़ाई के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ. इसी तनाव में आकर छात्रा ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया.
लड़की की हालत गंभीर, इलाज जारी
घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई. तुरंत एंबुलेंस की मदद से उसे छोटी सरवन अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर एमजी अस्पताल बांसवाड़ा रेफर किया गया, फिलहाल छात्रा का इलाज जारी है.
Post a Comment