बिना जिद किए आपकी हर बात मानेगा बच्चा, बस कर लें पीडियाट्रिशियन के बताए ये 8 काम
बिना जिद किए आपकी हर बात मानेगा बच्चा, बस कर लें पीडियाट्रिशियन के बताए ये 8 काम
पीडियाट्रिशियन कहते हैं, बच्चे को कुछ भी कहने से पहले यह देखें कि वह आपकी बात सुन भी रहा है या नहीं. उसके पास जाएं, उसकी आंखों के बराबर बैठें, प्यार से उसका नाम लें और फिर अपनी बात कहें. जब बच्चा आपका पूरा ध्यान महसूस करेगा, तो वह आपकी बात भी ध्यान से सुनेगा.
नंबर 2- छोटी और आसान भाषा में बात करेंबच्चों को लंबी बातें या बड़े-बड़े समझाने वाले वाक्य जल्दी समझ नहीं आते हैं. इसलिए बच्चे से हमेशा छोटे और आसान शब्दों में बात करें. अपनी बात सीधे-सीधे बच्चे से कहें. जैसे, 'अपने खिलौने उठाकर रख दो.' इससे बच्चा जल्दी समझ जाएगा कि उसे क्या करना है.
नंबर 3- एक बार में एक ही काम कहेंअगर आप एक साथ कई बातें बोल देंगे, तो बच्चा कंफ्यूज हो सकता है. पहले एक काम करने के लिए कहें. जब वह पूरा हो जाए, तब दूसरा काम बताएं. इससे बच्चे पर दबाव भी नहीं पड़ेगा और वह आसानी से आपकी बात मानेगा.
नंबर 4- हमेशा शांत रहें
अगर बच्चा तुरंत बात नहीं मानता, तो उस पर गुस्सा करने की बजाय शांत रहें. प्यार से समझाने का असर डांटने से ज्यादा होता है. जब आप हर बार एक जैसी टोन में और शांत तरीके से बच्चे से अपनी बात कहेंगे, तो बच्चा धीरे-धीरे खुद नियमों को समझने लगेगा.
नंबर 5- बच्चे को अपनी पसंद चुनने का मौका दें
जहां हो सके, बच्चे को ऑप्शन दें. जैसे, 'आज लाल टी-शर्ट पहनोगे या नीली?' या 'पहले आप पढ़ना पसंद करोगे या थोड़ी देर रेस्ट के बाद पढ़ाई करोगे?' इससे बच्चे को लगेगा कि उसकी राय भी जरूरी है. ऐसे में वह जिद कम करेगा और आपकी बात आसानी से मान लेगा.
नंबर 6- नियम बनाएं तो उन्हें हमेशा मानें
अगर आपने कोई नियम बनाया है, तो उसे हर बार एक जैसा लागू करें. इससे बच्चा भी उन्हें जरूरी समझकर फॉलो करेगा.
नंबर 7- अच्छे काम की तारीफ जरूर करें
जब बच्चा आपकी बात माने या अच्छा काम करे, तो उसकी तारीफ करें. इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है, साथ ही वह आगे भी अच्छा व्यवहार करने की कोशिश करता है.
नंबर 8- हर दिन बच्चे के साथ समय बिताएं
बच्चे उन लोगों की बात ज्यादा सुनते हैं, जिनसे उनका रिश्ता मजबूत होता है. इसलिए रोज कुछ समय सिर्फ बच्चे के साथ बिताएं. उसके साथ खेलें, बातें करें, उसकी बातें सुनें और उसे महसूस कराएं कि वह आपके लिए खास है.
पीडियाट्रिशियन बी आई न्यूज़ से बात करते हुए बताया कि, बच्चों को सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि प्यार और अच्छे व्यवहार से भी बहुत कुछ सिखाया जा सकता है. इसलिए हर छोटी बात पर डांटने की बजाय धैर्य रखें, बच्चे की तारीफ करें और उसके साथ अच्छा समय बिताएं. यही छोटी-छोटी आदतें बच्चे की अच्छी परवरिश और उसके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बनाती हैं.
पीडियाट्रिशियन
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