भारतीय Hockey Team की जर्सी का रंग क्यों बदला गया? भगवा किट पर Hockey India ने दिया जवाब
भारतीय Hockey Team की जर्सी का रंग क्यों बदला गया? भगवा किट पर Hockey India ने दिया जवाब
Hockey India changed national team jerseys from blue to saffron: भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच विश्व कप में पारंपरिक नीली जर्सी नहीं बल्कि भगवा रंग की जर्सी पहनेगी, जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं, अब हॉकी इंडिया ने इस फैसले पर रिएक्ट किया है और बताया है कि आखिर जर्सी बदलने का फैसला क्यों लिया गया है.

हॉकी इंडिया ने इस बारे में कहा, "हम आपको बताना चाहते हैं कि जर्सी का रंग बदलने का फ़ैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सलाह और उनसे हुई विस्तृत बातचीत के आधार पर लिया गया था. मुख्य वजह तकनीकी थी. देखा गया कि नीले रंग की प्लेइंग यूनिफॉर्म, नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह के साथ घुल-मिल जाती थी. यह सतह अब इंटरनेशनल हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है. इस एक जैसे दिखने की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर साफ-साफ देखने में दिक्कत होती थी".
हॉकी इंडिया ने आगे कहा, "इसे देखते हुए, कोच और खिलाड़ियों ने पीले या केसरिया जैसे दूसरे रंगों का सुझाव दिया. अच्छी तरह सोचने-विचारने के बाद, केसरिया रंग को फाइनल किया गया. तकनीकी जरूरत पूरी करने के अलावा, केसरिया रंग का गहरा महत्व भी है क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में से एक है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है".
यह भी ध्यान दिया जा सकता है कि भारतीय हॉकी में जर्सी का रंग बदलना कोई नई बात नहीं है. समय-समय पर, जरूरत और अन्य कारणों से राष्ट्रीय टीम की प्लेइंग किट का रंग बदला जाता रहा है.

उदाहरण के लिए, 2014 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान टीम की जर्सी का रंग पीला कर दिया गया था और 2018 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान रंग बदलकर आसमानी नीला कर दिया गया था, साथ ही डिजाइन भी पूरी तरह से अलग था. केसरिया रंग में यह बदलाव कोच और खिलाड़ियों से मिले तकनीकी फ़ीडबैक और राष्ट्रीय ध्वज का हिस्सा होने के कारण इस रंग के प्रतीकात्मक महत्व, दोनों को ध्यान में रखकर किया गया था.
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