200₹ बाइक को और 2000₹ तक कार को का ही मिलेगा पेट्रोल-डीजल, तेल संकट की अफवाहों के बीच, कोल्हापुर में नियम सख्त

200₹ बाइक को  और 2000₹ तक कार को   का ही मिलेगा पेट्रोल-डीजल, तेल संकट की अफवाहों के बीच, कोल्हापुर में नियम सख्त

मिडिल ईस्ट युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट से तेल आपूर्ति बाधित होने से ग्लोबल पैनिक की स्थिति बन रही है. ऐसे में भारत में भी पैनिक बाइंग शुरू हुई है, जिस पर लगाम कसने के लिए कोल्हापुर प्रशासन ने ईंधन बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं.

200₹ बाइक को  और 2000₹ तक कार को   का ही मिलेगा पेट्रोल-डीजल, तेल संकट की अफवाहों के बीच, कोल्हापुर में नियम सख्त
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के हालात के चलते वैश्विक स्तर पर तेल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. हालांकि भारत सरकार बार-बार स्पष्ट कर चुकी है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, बावजूद इसके कई इलाकों में पैनिक बाइंग देखी जा रही है.इसी स्थिति से निपटने और अफवाहों के चलते हो रही जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से कोल्हापुर जिला प्रशासन ने ईंधन बिक्री को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं. ये प्रतिबंध 31 मार्च तक प्रभावी रहेंगे.

B.I.फाउण्डेशन की अपील : गैर जिम्मेदार और कुटिल राजनीति के चलते कुछ लोगों द्वारा भ्रामक प्रचार कर देश में लागों को पैनिक होने पर मजबूर कर दिया है, वहीं सरकार लोगों को गुमराह न होने की अपील कर रही है समय समय पर तेल कम्पनियों द्वारा पर्यापत स्टॉक होने की भी पुष्टि की जा रही है वहीं बी.आई.फाउण्डेशन के साथ ही बहुत सी गैर सरकारी संगठनों द्वारा जगह- जगह प्रचार के माध्यम से लोगों को पैनिक ना होने की सलाह दी जा रही है।

एक जिम्मेदार व्यक्ति होने के नाते मैं  लोगों से यह अपील करता हूॅ कि ये समय घबराने का नहीं, समझदारी से काम लेने का और लोगों के बहकावे में अफवाहों से दूर रहने का है सच पर ही भरोसा करें, संकट की घड़ी में संयम ही सबसे बड़ी ताकत होती है।अमित अवस्थी, प्रधानाचार्य, इन्द्राणी देवी बालिका इण्टर कॉलेज सतॉव रायबरेली

एक सजग नागरिक होने के नाते जनता से की शांत रहने की अपील,कहा कि पैनिक नहीं, सतर्कता ही इस समय की जरूरत है।अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें,मिलकर धैर्य से काम लेंगे तो हर मुश्किल आसान होगी। 

जो कोरोना से बचा लाया वो इस विपदा से भी बचा लेगा, आशुतोष पाण्डेय, 

एक जिम्मेदार नागरिक होने के कारण अमित बाजपेई लोगों से अपील करते हैं कि बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है, साथ यह भी कहा कि संकट के समय अफवाह नहीं, समझदारी जरूरी है। प्रशासन पर भरोसा रखें और नियमों का पालन करें शांत रहकर ही हर परिस्थिति पर काबू पाया जा सकता है।
अमित बाजपेई LIC एजेंट


एक जागरूक व्यक्ति एवं एक चिकित्सक होने के नाते जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूॅए और ये कहना चाहता हॅू कि घबराहए नहीं, सही जानकारी ही सबसे बड़ा सहारा है।अफवाहों से दूरी बनाएं और जिम्मेदारी से व्यवहार करें, एकजुट होकर ही हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।
डा0 समरदीप पाण्डेय जनरल फिजीशियन


बाइक चालकों को मिलेगा सिर्फ 200 रुपये का पेट्रोल 

सूत्रों के अनुसार, नए आदेश के तहत अब दुपहिया वाहनों को अधिकतम ₹200 का ही पेट्रोल-डीजल दिया जाएगा. चार पहिया वाहनों को अधिकतम ₹2000 तक का ही ईंधन मिलेगा.

बोतल या कैन में भी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

इसके अलावा प्रशासन ने कैन, बोतल या ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. जिला प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है.

पैनिक बाइंग न करने की अपील, अफवाहों का बाजार गर्म

प्रशासन को आशंका है कि अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कृत्रिम किल्लत की स्थिति बन रही है. इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और सामान्य जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें, ताकि सभी को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

जंग ने बढ़ाई लोगों की टेंशन

बता दें कि मौजूदा संकट की बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर बना तनाव है. मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बंद होने या बाधित होने से यह दिक्कत पैदा हो रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है, जहां से प्रतिदिन वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है. इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई और कीमतों पर पड़ता है.

इसी आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है और कई देशों में सप्लाई को लेकर बेचैनी बढ़ी है. भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देशों में इसका असर मानसिक दबाव और अफवाहों के तौर पर दिख रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक कमी भले न हो, लेकिन होर्मुज को लेकर बनी अनिश्चितता ने पैनिक बाइंग को बढ़ावा दिया है, जिस पर काबू पाने के लिए कोल्हापुर जैसे जिलों में प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े हैं.

GAS PETROL

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