सिया ने मंगेतर केतन अग्रवाल से शॉपिंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये लिए और प्रेमी चेतन को दे दिए थे: सूत्र
पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि सिया ने अपने मंगेतर से 1 करोड़ रुपये लेकर चेतन को दे दिए थे ताकि वह अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक कर सके. बता दें कि चेतन चौधरी के पिता की किराने की दुकान है.
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. केतन की हत्या की आरोपी सिया ने उससे शादी की शॉपिंग के लिए 1 करोड़ रुपये लिए थे. फिर उसने यह रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी, जिसके साथ मिलकर उसने हत्याकांड को अंजाम दिया. केतन अग्रवाल को दोनों ने मिलकर लोहागढ़ किले से नीचे एक गहराई खाई में धकेल दिया था. यह रकम शादी की खरीददारी के नाम पर ऐंठी गई थी. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिया गोयल (20) ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी (22) के साथ मिलकर न केवल केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई थी बल्कि उन्होंने अपने भविष्य की भी प्लानिंग तैयार की थी, जिसमें अपराध के कुछ साल बाद शादी करने की योजना थी ताकि उन पर कोई शक न हो.बता दें कि सिया गोयल और केतन चौधरी को 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले से केतन को एक चट्टान से नीचे धकेलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.इस योजना के तहत सिया गोयल ने कथित तौर पर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी की खरीदारी के बहाने लगभग 1 करोड़ रुपये लिए बाद में यह पैसा चेतन चौधरी को सौंप दिया.
सिया ने चेतन को दे दिए थे 1 करोड़ रुपये
केतन ने सिया को शादी की तैयारियों के लिए ये रकम दी थी. सिया ने उस रकम का इस्तेमाल शादी की शॉपिंग करने के बजाय पूरी रकम चेतन चौधरी को दे दी ताकि वह अपने करियर और कारोबार में आगे बढ़ सके, क्योंकि चेतन आर्थिक रूप से कमजोर था. इसलिए चेतन ने सिया से कहा था कि उसे आर्थिक रूप से स्थिर होने में कम से कम तीन साल लगेंगे.
तीन साल बाद शादी की योजना
सिया और चेतन ने तय किया था कि केतन की हत्या के बाद तीन साल तक शादी नहीं करेंगे ताकि उन पर किसी को शक न हो. चेतन की आर्थिक स्थिति भी तब तक मजबूत हो जाएगी और जब ये मामला पूरी तरह से ठंडा पड़ जाएगा वे दोनों शादी कर लेंगे. जांचकर्ताओं का कहना है कि ये योजना जांच से बचने और आखिर में परिवार की सहमति से शादी करने की रणनीति का हिस्सा थी.
सिया ने बैठकर किया था केतन की जान लेने के लिए चेतन को इशारा
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देने के लिए सिया ने बैठने का इशारा किया ताकि चेतन उसे धक्का दे सके और ये भी सुनिश्चित हो सके कि केतन के गिरने के दौरान वह उसकी पहुंच से पूरी तरह बाहर रहे.अधिकारी ने बताया कि योजना के मुताबिक- गोयल को बैठकर संकेत देना था, जिसके बाद चेतन चौधरी को आकर अग्रवाल को धक्का देना था. दोनों ने तय किया था कि वह या तो पानी पीने के बहाने या अपने जूते के फीते बांधने के बहाने बैठेगी. ये सिग्नल सिया की सुरक्षा के लिए जानबूझकर चुना गया था ताकि धक्का देते समय केतन की पहुंच से सिया बाहर रहे. उन्हें डर था कि अगर चेतन ने केतन को धक्का दिया तो केतन कहीं गिरते समय सिया को न पकड़ ले. इससे वह भी खाई में गिर सकती थी. अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि ये योजना सिया की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थी.
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