कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दक्षिण जोन में मृत पाए गए 22 हिस्ट्रीशीटर, रिकॉर्ड से हटाई गईं हिस्ट्रीशीट

कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दक्षिण जोन में मृत पाए गए 22 हिस्ट्रीशीटर, रिकॉर्ड से हटाई गईं हिस्ट्रीशीट

कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दक्षिण जोन में मृत पाए गए 22 हिस्ट्रीशीटर, रिकॉर्ड से हटाई गईं हिस्ट्रीशीट
कमिश्नरेट कानपुर नगर के दक्षिण जोन में अपराध नियंत्रण और बेहतर कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा अपराधियों का भौतिक सत्यापन (Verification) अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के तहत जब अलग-अलग थानों में दर्ज हिस्ट्रीशीटरों के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कुल 22 हिस्ट्रीशीटर ऐसे मिले जिनकी मौत हो चुकी थी, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में वे अब भी सक्रिय थे।

जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियमानुसार इन सभी 22 मृत अपराधियों की हिस्ट्रीशीट को हमेशा के लिए नष्ट (बंद) कर दिया गया है।
अभिलेखों को अपग्रेड करने की कवायद
हिस्ट्रीशीट क्या होती है?
  • पुलिस रिकॉर्ड: यह थाने में रखी जाने वाली एक विशेष पंजी या फाइल होती है, जिसमें अपराधी का पूरा कच्चा-चिट्ठा (नाम, पता, फोटो, पहचान, पिछले अपराध, कोर्ट के चालान और फैसले) दर्ज होता है।
  • निगरानी (Surveillance): पुलिस ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखती है। थानेदार की रिपोर्ट पर एसपी (SP) या एसएसपी (SSP) के आदेश से हिस्ट्रीशीट खोली जाती है।
  • नियमित हाजिरी: हिस्ट्रीशीटरों को अक्सर थाने में समय-समय पर जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी पड़ती है।
हिस्ट्रीशीट के प्रकार (Categories)
उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य राज्यों के नियमों के अनुसार हिस्ट्रीशीट मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है
  1. वर्ग 'क' (Class-A / कैटेगरी अ):
    • इसमें डकैत, सेंधमार, पशु चोर, और रेलवे या चोरी-लूट-डकैती से जुड़े अपराधी आते हैं

वर्ग 'ख' (Class-B / कैटेगरी ब):                
  •  इसमें पेशेवर अपराधी (Professional criminals), ज़हरखुरान, जेबकतरे, तस्कर, गुंडे और ऐसे शातिर अपराधी आते हैं जो किसी विशेषज्ञ गैंग से जुड़े होते हैं।  

दक्षिण जोन पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुलिस रिकॉर्ड को पूरी तरह से अपडेट (अद्यतन) और व्यवस्थित रखना है। अपराधियों से जुड़े दस्तावेजों की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि थानों के पास मौजूद डाटा बिल्कुल सटीक हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटरों और अन्य संदिग्धों का नियमित भौतिक सत्यापन लगातार जारी रहेगा। इससे अपराधियों पर प्रभावी ढंग से नजर रखने और पुलिसिंग को और ज्यादा मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
इन 22 मृत अपराधियों के रिकॉर्ड किए गए नष्ट:
  1. साजिद (पुत्र स्व. सादिक) - बेगमपुरवा, थाना बाबूपुरवा
  2. इरशाद (पुत्र अमीर हसन) - अम्बेडकर नगर, थाना किदवई नगर
  3. देवनाथ (पुत्र बाबूलाल कहार उर्फ रघुनाथ कहार) - ग्राम इमलीपुर, थाना सेन पश्चिम पारा
  4. सुरेश उर्फ बलालू (पुत्र अंगनू कुम्हार) - ग्राम इमलीपुर, थाना सेन पश्चिम पारा
  5. सुनील पासवान (पुत्र वलिराम) - बिनगवां, थाना सेन पश्चिम पारा (मूल निवासी फतेहपुर)
  6. राजेश सिंह (पुत्र रामगोपाल यादव) - यशोदा नगर, थाना सेन पश्चिम पारा (मूल निवासी कानपुर देहात)
  7. अरविन्द कुमार उर्फ कल्लू (पुत्र देवी प्रसाद) - बीबीपुर, थाना सजेती
  8. जेहली (पुत्र झुन्ना) - रामपुर, थाना सजेती
  9. राजेन्द्र सचान (पुत्र चम्मीलाल) - चतौली, थाना सजेती
  10. अरविन्द कुमार उर्फ कल्लू (पुत्र देवी प्रसाद) - बीबीपुर, थाना सजेती
  11. सुरेश कुमार सोनकर (पुत्र मैकूलाल) - ग्राम बौहार, थाना साढ़
  12. फूल सिंह (पुत्र स्व. गंगाचरन यादव) - ग्राम महेलिया, थाना साढ़
  13. रज्जू उर्फ सब्बा (पुत्र हीरालाल रैदास) - ग्राम देवपुरा, थाना साढ़
  14. बन्ने उर्फ नसीमुद्दीन (पुत्र मिनहाजुद्दीन) - सफेद कालोनी बेगमपुरवा, थाना बाबूपुरवा
  15. राजकिशोर शुक्ला उर्फ पुलंदी (पुत्र गौपीचरन शुक्ला) - ग्राम साढ़, थाना साढ़
  16. रामप्रकाश उर्फ बुआ सरकार (पुत्र कामता सिंह) - ग्राम राजेपुर, थाना साढ़
  17. इन्द्रकरन सिंह (पुत्र जगन्नाथ सिंह) - चिरला, थाना साढ़
  18. चन्द्र पाल तेली (पुत्र होरी लाल) - कंधरा, थाना साढ़
  19. शकील अहमद (पुत्र अनीस अहमद) - बेगमपुरवा, थाना बाबूपुरवा
  20. नन्दराम (पुत्र गोवर्धन लोहार) - ग्राम कुशलपुर, थाना बिधनू
  21. रामजीवन (पुत्र जगन्नाथ) - ग्राम मटियारा, थाना बिधनू
  22. रजोल सिंह उर्फ सत्येन्द्र सिंह (पुत्र स्व. रामचंद्र) - ग्राम जामू, थाना बिधनू

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