रेलवे ने दशकों बाद रिजर्वेशन टिकट में किया बड़ा बदलाव, PNR सीरीज बदली, अब सभी ट्रेन में होगा लागू

रेलवे ने दशकों बाद रिजर्वेशन टिकट में किया बड़ा बदलाव, PNR सीरीज बदली, अब सभी ट्रेन में होगा लागू

दिसंबर महीने से देश की सभी ट्रेनों के टिकट बुक करने पर मिलने वाले PNR नंबर की शुरुआत 1, 3, 5 या 7 अंकों से होगी. दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक देश की सभी ट्रेनों में नई PNR व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.

रेलवे ने दशकों बाद रिजर्वेशन टिकट में किया बड़ा बदलाव, PNR सीरीज बदली, अब सभी ट्रेन में होगा लागू
भारतीय रेलवे ने दशकों बाद ट्रेन टिकट में बड़ा बदलाव किया है. रेलवे ने पुराने कंप्यूटरीकृत रिजर्वेशन सिस्टम को मॉर्डन बनाने की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव किया है. रेलवे ने रिजर्वेशन टिकटों पर प्रिंट होने वाले 10 अंकों के पैसेंजर नाम रिकॉर्ड (PNR) की पुरानी सीरीज को बदलकर 'माइग्रेटेड पीएनआर' में बदलने की तैयारी कर ली है. इस नए अपग्रेडेशन के बाद, आगामी दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक देश की सभी ट्रेनों में नई PNR व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.








फिलहाल, रेलवेन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश के लखनऊ से चलने वाली ट्रेन संख्या 14210 के PNR सीरीज में बदलाव किया है, इस ट्रेन के टिकट पर अब PNR 500 सीरीज से शुरू हो रहे हैं.

PNR सीरीज में क्या होने वाला बदलाव

रेलवे की ओर मिली जानकारी के अनुसार, दिसंबर महीने से देश की सभी ट्रेनों के टिकट बुक करने पर मिलने वाले PNR नंबर की शुरुआत 1, 3, 5 या 7 अंकों से होगी. अब तक पुरानी व्यवस्था में देश के चार प्रमुख डेटाबेस सेंटरों के हिसाब से नंबर तय होते थे, जैसे दिल्ली सेंटर से बुक ट्रेनों के PNR 2 से, कोलकाता के PNR 6 से, मुंबई के PNR 8 से और चेन्नई सेंटर की ट्रेनों के PNR 4 अंक से शुरू होते थे. अब यह दशकों पुरानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी. यानी पहले PNR नंबर इवेन नंबर से शुरू होते थे अब यह ODD नंबर से शुरू होंगे.







क्यों हो रहा है PNR सीरीज में बदलाव?

बताया गया है कि सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) ने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को 'नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम' में अपग्रेड किया है. इस नए सिस्टम से काउंटर और ऑनलाइन टिकट बुकिंग की रफ्तार काफी बढ़ गई है. टिकट बनाते समय गलत नाम होने पर तुरंत करेक्शन, सीटों की अवेलेबिलिटी, लोअर बर्थ पोजीशन, सटीक किराया जैसी जानकारियों एक क्लिक पर मिल जाती है.

इसके अलावा यह भी बताया गया है कि पुराने सीरीज के नंबर इस मॉर्डन सॉफ्टवेयर के संचालन में बाधा बन रहे थे, इसलिए नंबरों को माइग्रेट किया जा रहा है.

पुराने टिकट बुक कराने वालों को हो सकती है परेशानी

अगर किसी यात्री ने पुराने सिस्टम के तहत एडवांस में टिकट बुक कराया है और वह यात्रा की तारीख में बदलाव (मॉडिफिकेशन) नए सिस्टम के आने के बाद करना चाहता है, तो उन्हें अपना पुराना टिकट कैंसिल कराकर नए सिरे से टिकट बनवाना होगा. ऐसे में पुराने टिकट बुक कराने वालों को परेशानी हो सकती है.

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